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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री गोपाल कृष्ण गोखले की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी, समाज सुधारक और प्रखर विचारक श्री गोपाल कृष्ण गोखले की पुण्यतिथि (19 फरवरी) पर उन्हें नमन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोखले जी ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की बौद्धिक और नैतिक नींव को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके विचारों और आदर्शों ने राष्ट्र की दिशा को नई ऊर्जा दी और अनेक स्वाधीनता सेनानियों को भी राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व बलिदान करने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि गोपाल कृष्ण गोखले जी का जीवन त्याग, निःस्वार्थ सेवा और चारित्रिक दृढ़ता का प्रतीक था। उन्होंने आत्मिक विकास और नैतिक मूल्यों को राजनीति और समाज सुधार के केंद्र में रखा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोखले जी का देश के प्रति योगदान भारतीय इतिहास में अमिट रहेगा और वे युवा पीढ़ी के लिए सदैव महान पथप्रदर्शक बने रहेंगे।

छत्‍तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट पकड़ाया

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छत्‍तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट पकड़ाया है। पुलिस ने मामले में पश्चिम बंगाल से एक दलाल समेत 11 आरोपियों को अरेस्‍ट कर इस बड़े सेक्‍स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस रैकेट में कई राज्यों की लड़कियों को छापेमारी (Raipur Sex Racket Busted) के बाद पुलिस ने अरेस्‍ट किया है। मुखबिरी से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने छापामार कार्रवाई की थी। पुलिस ने तेलंगाना, झारखंड और बंगाल में रेड मारी है, जहां से सेक्‍स रैकेट के तार जुड़े होने की आशंका है। जानकारी यह भी सामने आई है कि विदेशों से लड़कियां बुलाई जा रही थीं।

लंबे समय से चल रहा था सेक्‍स रैकेट

जानकारी के अनुसार रायपुर में लंबे समय से सेक्‍स रैकेट (Raipur Sex Racket Busted) चल रहा था। इसी मामले में 11 लोगों को अरेस्‍ट किया गया है। इस मामले के और खुलासे को लेकर पुलिस की टीम अलग-अलग राज्‍यों में भेजी गई हैं। टीम के द्वारा जल्द ही कुछ और हाई प्रोफाइल लोगों को अरेस्‍ट किया जा सकता है। इस सेक्‍स रैकेट में प्रभावी लोगों की संलिप्‍तता होने की संभावना है।

विदेशों से बुलाई जा रही थी लड़कियां

इस मामले में यह भी जानकारी सामने आई है कि विदेशों (Raipur Sex Racket Busted) से भी छत्तीसगढ़ में लड़कियों को लाया जाता है। ये लड़कियां बुलाने पर छत्‍तीसगढ़ में आती हैं। पुलिस ने बताया कि घटना और हंगामे के बाद रूसी लड़की और भावेश आचार्य (लोक अभियोजक डीआरआई) से पूछताछ की गई। जांच में पता चला कि तेलीबांधा और सरस्वती नगर स्थित होटलों में लड़कियों को जबरन वेश्यावृत्ति के धंधे में धकेला जा रहा था। वे Locanto ऐप के जरिए ग्राहकों को लड़कियों की फोटो और रेट भेजते थे।

प्रयागराज कुंभ सड़क हादसे के मृतकों को उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने दी श्रद्धांजलि

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प्रयागराज कुंभ स्नान के लिए जा रहे कोरबा जिले के दर्री क्षेत्र के कलमीडुग्गु और प्रगतिनगर के 10 लोगों की एक भीषण सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई। रविवार देर रात सभी मृतकों के पार्थिव शरीर को कोरबा लाया गया, जिसके बाद सोमवार सुबह वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने शोक संतप्त परिवारों के निवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों को ढांढस बंधाया।

मंत्री श्री देवांगन ने अपने स्वेच्छानुदान मद से प्रत्येक मृतक के परिवार को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह एक हृदयविदारक घटना है और राज्य सरकार प्रभावित परिवारों की हरसंभव सहायता करेगी। मीडिया से चर्चा के दौरान मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि शोकाकुल परिवारों की मदद के लिए सभी जरूरी प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि पीड़ित परिवारों को आवश्यक सहयोग दिया जाए। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि जिला प्रशासन एवं सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।

मंत्री श्याम बिहारी के गढ़ में भाजपा की बड़ी हार, खड़गवां के दोनों जिला पंचायत क्षेत्र में कांग्रेस ने किया कब्जा

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मनेंद्रगढ़ जिला पंचायत चुनाव में कांग्रेस ने शानदार जीत हासिल की है। खड़गवां के दोनों जिला पंचायत क्षेत्रों में कांग्रेस ने बाजी मारी, जिससे पार्टी ने क्षेत्र में अपनी मजबूत स्थिति को और प्रबल किया है।.

इस चुनाव में मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के क्षेत्र में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा, जो एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर है। मंत्री के प्रभाव वाले इलाके में भाजपा की उम्मीदें पूरी नहीं हो पाई, जबकि कांग्रेस ने अपनी स्थिति को मजबूत किया।

कांग्रेस की ममता सिंह और प्रिया मसराम ने क्षेत्र क्रमांक 9 और 10 से जीत हासिल की है, जिससे पार्टी का जोश और बढ़ गया है। वहीं, क्षेत्र क्रमांक 9 से जिला पंचायत अध्यक्ष रही रेणुका सिंह और क्षेत्र क्रमांक 10 से जनपद अध्यक्ष रही सोनमति उर्रे को हार का सामना करना पड़ा, जो भाजपा के लिए एक बड़ा झटका है।

ज्ञानेश कुमार भारत के नए मुख्य चुनाव आयुक्त बने

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ज्ञानेश कुमार भारत के नए मुख्य चुनाव आयुक्त बने। उनकी नियुक्ति विवादित है, कांग्रेस ने प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। मीडिया में कुमार की नियुक्ति की अटकलें लग रही थीं।

एक बार फिर सस्ता हुआ पेट्रोल और डीजल, अब लीटर ईंधन के लिए देने होंगे महज इतने रुपए, वित्त मंत्रालय ने जारी किया आदेश

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लगातार की जा रही कोशिशों के बावजूद महंगाई कम होने का नाम नहीं ले रही है। खासकर, खाने-पीने की चीजों के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है।

देशभर में बढ़ती महंगाई ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को कठिन बना दिया है। सब्जियाँ, दाल, तेल, अनाज जैसी बुनियादी खाद्य वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं, जिससे आम नागरिकों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। इस बीच अब पाकिस्तान सरकार ने एक बार फिर अपनी जनता को राहत दी है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों को कम करने का ऐलान किया है।

Petrol Diesel Latest Price दरअसल, पाकिस्तान सरकार के वित्त मंत्रालय ने एक आदेश जारी किया है, जिसमें उन्होंने पेट्रोल-डीजल समेत अन्य ईंधन के दाम को कम करने का ऐलान किया है। सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक डीजल की कीमत 4 रुपए कम की गई है। इसके बाद अब डीजल की कीमत 267.95 रुपए से कम होकर 263.95 रुपए हो गई है। वहीं पेट्रोल की कीमतों में एक रुपए की कटौती की गई है।

बात करें वैश्विक बाजार में जहां शुक्रवार को क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल दर्ज किया गया तो वहीं शनिवार को एक बार फिर से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। शनिवार को डब्ल्यूटीआई क्रूड के दाम 0.77 फीसदी यानी 0.55 डॉलर गिरकर ,70.74 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए, जबकि ब्रेंट क्रूड का भाव 0.37 प्रतिशत यानी 0.28 डॉलर टूटकर 74.74 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए। यही वजह है कि पाकिस्तानी सरकार ने ईंधन के दाम कम करने का ऐलान किया है।

पत्रकार ने वीआईपी गाड़ी रोक डीएम को जड़ा थप्पड़, सुरक्षा और प्रशासन पर उठे सवाल

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महाकुंभ 2025 के दौरान एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पत्रकार ने जिला अधिकारी (डीएम) को थप्पड़ मार दिया। यह घटना तब हुई जब डीएम वीआईपी गाड़ियों के प्रवेश को लेकर व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महाकुंभ मेले में भारी भीड़ के बीच एक वीआईपी गाड़ी ने प्रवेश करने की कोशिश की, जिससे तीर्थयात्रियों में असंतोष फैल गया। एक पत्रकार, जो भगवा वस्त्र धारण किए हुए थे, ने माइक हाथ में लेकर गाड़ी के चालक से सवाल किया, “आदमी के आने-जाने की जगह नहीं है, आप गाड़ी कैसे घुसा दी?” जब चालक ने बताया कि गाड़ी में डीएम बैठे हैं, तो पत्रकार ने कहा, “भगवान के यहां कोई वीआईपी नहीं होता है।”

इसके बाद, डीएम ने हस्तक्षेप करते हुए कहा, “मैं जिला अधिकारी हूं,” जिस पर पत्रकार ने माइक हाथ में रखते हुए डीएम को थप्पड़ मार दिया और कहा, “भगवान के सामने कोई वीआईपी नहीं होता है।” इस घटना के तुरंत बाद, सुरक्षा कर्मियों ने पत्रकार को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह भीड़ का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा।

इस घटना ने महाकुंभ मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। डीएम पर हमला होना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है, विशेषकर जब यह घटना एक पत्रकार द्वारा की गई हो। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी की तलाश शुरू की, लेकिन भीड़ के कारण उसे पकड़ने में असफल रहे।

प्रशासन ने इस घटना की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की है। डीएम ने मीडिया से बातचीत में कहा, “यह घटना निंदनीय है। हम सुनिश्चित करेंगे कि दोषी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।”

वीआईपी संस्कृति पर बहस

यह घटना महाकुंभ जैसे धार्मिक आयोजनों में वीआईपी संस्कृति पर एक नई बहस छेड़ती है। भगवान के दर्शन के लिए आए सामान्य श्रद्धालुओं के बीच वीआईपी गाड़ियों का प्रवेश अक्सर असंतोष का कारण बनता है। कई लोग मानते हैं कि ऐसे आयोजनों में सभी को समान अधिकार मिलना चाहिए और वीआईपी विशेषाधिकारों को समाप्त किया जाना चाहिए।

धार्मिक विद्वान डॉ. रमेश शर्मा कहते हैं, “महाकुंभ जैसे आयोजनों का मूल उद्देश्य सभी को समान रूप से भगवान के दर्शन का अवसर प्रदान करना है। वीआईपी संस्कृति इस उद्देश्य के विपरीत है और इसे समाप्त किया जाना चाहिए।”

राज्य में त्रि-स्तरीय पंचायत निर्वाचन: नक्सलवाद पर लोकतंत्र की ऐतिहासिक जीत, दशकों बाद बस्तर के गांवों में गूंजेगा लोकतंत्र का स्वर

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जनता ने चुना विकास का मार्ग, हिंसा को दिखाया बाहर का रास्ता – मुख्यमंत्री श्री साय

छत्तीसगढ़ में त्रि-स्तरीय पंचायत निर्वाचन के प्रथम चरण में लोकतंत्र ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। बस्तर संभाग, जो दशकों तक नक्सलवाद के साए में रहा, अब लोकतंत्र के उजाले की ओर बढ़ रहा है। सुकमा और बीजापुर जिले के अनेक मतदान केंद्रों पर पहली बार अनेक दशकों के बाद ग्रामीण पंचायत चुनाव में मतदान कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर में जनता ने विकास का मार्ग चुना है और  हिंसा को बाहर का रास्ता दिखाया है। उन्होंने कहा कि यह  परिवर्तन राज्य और केंद्र सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति, सतत विकास कार्यों और सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था का परिणाम है। यह केवल एक चुनाव नहीं, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लोकतंत्र के प्रति बढ़ते विश्वास और भयमुक्त समाज की दिशा में बढ़ते कदमों का प्रमाण है।

बस्तर में पंचायत चुनावों का नक्सलियों द्वारा कोई विरोध नहीं किया जाना क्षेत्र में 40 से अधिक नवीन सुरक्षा कैंपों की स्थापना और सरकार द्वारा ग्रामीणों में विश्वास बहाल करने की रणनीति का परिणाम है। उल्लेखनीय है कि बस्तर में नक्सली कमांडर हिड़मा के गांव पूवर्ती में भी इस बार ग्रामीण मतदान के लिए उत्साहित हैं। यह एक ऐतिहासिक बदलाव है और लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत को दर्शाता है।

राज्य में मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, दंतेवाड़ा और गरियाबंद जिलों में भी मतदान को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया। बीजापुर के पुसनार, गंगालूर, चेरपाल, रेड्डी, पालनार जैसे क्षेत्रों में ग्रामीणों ने निर्भीक होकर मतदान किया।

बस्तर में लोकतंत्र की मजबूत जड़ें, नक्सलवाद के अंत की ओर ऐतिहासिक कदम

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे की प्रक्रिया अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। राज्य सरकार बस्तर के नागरिकों को विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने के लिए संकल्पित है। बस्तर में सड़कें, पुल, स्कूल, अस्पताल और रोजगार परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे ग्रामीणों का शासन और लोकतंत्र पर विश्वास बढ़ा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर कहा कि बस्तर में गनतंत्र के ऊपर गणतंत्र की विजय हो रही है। यह उन सभी ग्रामीणों की जीत है, जिन्होंने भय को त्यागकर लोकतंत्र को अपनाया। यह सुरक्षाबलों के परिश्रम, सरकार की दूरदृष्टि और जनभागीदारी का प्रतिफल है।

लोकतंत्र की इस जीत में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी मतदान प्रक्रिया का सफल और शांतिपूर्ण आयोजन यह साबित करता है कि लोकतंत्र के प्रति आमजन की आस्था दिनों-दिन मजबूत हो रही है। लोकतंत्र की इस सफलता में हर नागरिक की भागीदारी महत्वपूर्ण है, और राज्य के मतदाताओं ने यह दिखा दिया कि वे अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह जागरूक हैं।

इस शानदार जीत के साथ भाजपा जन-जन के कल्याण के अपने संकल्पों को पूरा करके कांग्रेस मुक्त प्रदेश बनाएंगे : सवन्नी

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प्रदेश की जनता का बहुत बहुत आभार: भूपेंद्र सवन्नी

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष व नगरीय निकाय चुनाव समिति के प्रदेश संयोजक भूपेन्द्र सिंह सवन्नी ने कहा कि निकाय चुनावों में इस शानदार जीत के साथ भाजपा सर्वतोमुखी विकास के साथ-साथ जन-जन के कल्याण के अपने संकल्पों को पूरा करके पूरे प्रदेश को अन्याय, आतंक, भ्रष्टाचार और छल-कपट के कांग्रेसी टूलकिट-एजेंडे से मुक्त प्रदेश बनाने का काम करेगी। भाजपा की जीत के लिए प्रदेश की जन-शक्ति का आभार मानते हुए श्री सवन्नी ने कहा कि कांग्रेसी-दुराग्रह को जनता ने पूरी तरह खारिज कर दिया है।

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्री सवन्नी ने उपचुनाव के नतीजे को भाजपा के विश्वास के अनुरूप बताते हुए कहा कि कांग्रेस ने जिस दोहरे राजनीतिक चरित्र का प्रदर्शन करके प्रदेश के नगरीय निकायों को अराजकता की दिशा में धकेलने का षड्यंत्र रचा था, जनता ने उसका करारा जवाब कांग्रेस को दे दिया है और कांग्रेस की दुर्गति उसी का परिणाम है। भाजपा के विकास और सुशासन के प्रति अगाध समर्थन की प्रचंड आंधी में कांग्रेस एक बार फिर तिनके की तरह उड़ गई है। अब छत्तीसगढ़ में भाजपा की ट्रिपल इंजन की सरकार और अधिक ताकत के साथ न केवल युवाओं, महिलाओं की प्रतिभा के अनुरूप उनके विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ाएगी, अपितु उनकी संभावनाओं के आकाश पर उनके सपनों को उड़ान भरने का पूरा मौका देगी। श्री सवन्नी ने कहा कि भाजपा की यह जीत जनता-जनार्दन के संकल्पों की जीत है। जनता ने भाजपा के अटल विश्वास पत्र पर जो भरोसा जताया है, भाजपा की सरकार विकास का विजन, जनकल्याणकारी नीति और सेवा व सुशासन की नीयत के साथ प्रदेश को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी। इसके लिए हमारी प्रतिबद्धता असंदिग्ध है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दिव्यांगजनों के सामूहिक विवाह समारोह में नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद के द्वारा आयोजित दिव्यागजन सामूहिक विवाह समारोह में 31 दिव्यांग जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने सभी नवविवाहित जोड़ों के सुखी वैवाहिक जीवन की मंगलकामना करते हुए कहा कि यह आयोजन सामाजिक समरसता और दिव्यांगजनों के उत्थान का उत्कृष्ट उदाहरण है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था कि नर सेवा ही नारायण सेवा है। यह आयोजन भी देवतुल्य दिव्यांगजनों की सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने परिषद द्वारा विगत अनेक वर्षों से इस आयोजन को सफलतापूर्वक संचालित करने की सराहना की और इसे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाली पहल बताया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दिव्यांगजनों के सामूहिक विवाह आयोजन को समाज में समावेशिता और समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दिव्यांगजनों की सेवा केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि यह सबसे बड़ा पुण्य का कार्य है।  उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल 31 नवविवाहित दिव्यांग जोड़ों के लिए नई शुरुआत का प्रतीक है, बल्कि यह समाज को दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग की प्रेरणा भी देता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना चलाई जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक जोड़े को 50,000 रुपये की सहायता दी जाती है। यदि पति-पत्नी दोनों दिव्यांग हैं, तो दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत उन्हें एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के कमजोर वर्गों, विशेष रूप से दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।

महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक इस योजना की 12 किश्तें जारी की जा चुकी हैं, जिससे प्रदेश की माताओं और बहनों को आर्थिक संबल मिला है।

उन्होंने कहा कि बेटियां समाज का आधार स्तंभ हैं। वे न केवल परिवार को जोड़ती हैं, बल्कि संस्कारों की वाहक भी होती हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना ने एक दशक पूरा कर लिया है, जिससे बालिकाओं के सशक्तिकरण में अभूतपूर्व सफलता मिली है।

सामूहिक विवाह: सामाजिक समरसता की मिसाल

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सामूहिक विवाह अब सामाजिक परंपरा का हिस्सा बन गए हैं और इससे समाज में जागरूकता बढ़ रही है। उन्होंने इस आयोजन में कान्य कुब्ज ब्राह्मण समाज, मारवाड़ी युवा मंच, सीनियर सिटीजन वेलफेयर फोरम जैसी विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के योगदान की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकजुटता और सहयोग की भावना को बढ़ावा देते हैं।

मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और निःशक्तजनों की सेवा करना एक सौभाग्य की बात है। उन्होंने सभी स्वयंसेवी संगठनों को इस तरह के सामाजिक समरसता बढ़ाने वाले आयोजनों के लिए प्रेरित किया और आयोजन समिति को भव्य और प्रेरणादायक कार्यक्रम के लिए बधाई दी।

नवविवाहित जोड़ों को मुख्यमंत्री का आशीर्वाद

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा, “आपका दांपत्य जीवन सुखमय रहे, आप प्रेम और विश्वास के साथ आगे बढ़ें। मैं सभी नवविवाहित जोड़ों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।”

विशेष आकर्षण: दिव्यांग बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुति

इस अवसर पर ‘कोपलवाणी’ के मूक-बधिर दिव्यांग बच्चों ने छत्तीसगढ़ी गीतों पर सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया। उनकी प्रतिभा ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्यमंत्री श्री साय एवं उपस्थित अतिथियों ने बच्चों की कला की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद के कार्यों की सराहना की और कहा कि सरकार दिव्यांगजनों के पुनर्वास, चिकित्सा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी।

इस अवसर पर परिषद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. विनय पाठक ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और कहा कि जनसहयोग से दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में परिषद लगातार कार्य कर रही है।