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चुनाव जीतते ही बिलासपुर की मेयर का पूरा प्लान आया सामने, ऐसे होगा शहर का विकास

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छत्तीसगढ़  के दूसरे सबसे बड़े शहर बिलासपुर  में निकाय चुनाव  में बीजेपी (BJP) की महिला प्रत्याशी पूजा विधानी ने कांग्रेस  के मेयर प्रत्याशी प्रमोद नायक  को 66 हजार के भारी मतों से हराकर नगर निगम बिलासपुर में मेयर की कुर्सी अपने नाम किया!

पूजा विधानी भारतीय जनता पार्टी की एक समर्पित और सक्रिय नेता हैं, जिन्होंने बिलासपुर नगर निगम के महापौर पद के लिए पार्टी की उम्मीदवार के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए अपनी जीत का परचम लहराया. इस जीत के साथ 16 साल बाद नगर निगम बिलासपुर को फिर से एक महिला महापौर के रूप में शहर की जनता ने अपना आशीर्वाद इन्हें दिया.

वादों को अमली जामा पहनाने का किया ऐलान

चुनाव जीतने के बाद मेयर ने बिलासपुर को स्वच्छ और सुंदर शहर बनाने के लिए विस्तृत योजनाओं की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि मैं अपने वादों के मुताबिक बिलासपुर के विकास को प्राथमिकता दूंगी और पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में रुके हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाऊंगी. उन्होंने कहा कि विशेष रूप शहर में पानी की आपूर्ति और अरपा नदी के संरक्षण और संवर्धन के साथ स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने, महिलाओं के लिए शहर के सभी 70 वार्डों में पिंक टॉयलेट बनाने, प्रधानमंत्री आवास योजना, युवाओं के बेरोजगारी भत्ते और महिलाओं के कल्याण से संबंधित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जनता से किए वादों

नामांकन प्रक्रिया के दौरान, उनके जाति प्रमाण पत्र को लेकर विपक्ष ने आपत्ति दर्ज कराई थी, लेकिन निर्वाचन आयोग ने उनकी उम्मीदवारी को वैध ठहराया था. पूजा विधानी ने इस चुनौती का सामना दृढ़ता से किया और चुनावी मैदान में मजबूती से डटी रहीं. पूजा का राजनीतिक सफर 1996 में भाजपा की सक्रिय सदस्यता से शुरू हुआ और 1998 में वे पहली बार पार्षद चुनी गईं. इसके बाद उन्होंने भाजपा महिला मोर्चा में दो बार प्रदेश महामंत्री और एक बार प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने संगठन को मजबूत करने में अहम योगदान दिया!

Airtel का सबसे सस्ता 149 रुपए महीना वाला रिचार्ज प्लान, मिलेगा फ्री अनलिमिटेड कॉलिंग और डेटा का मजा

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आजकल मोबाइल रिचार्ज प्लान्स के चुनाव में सही निर्णय लेना एक चुनौतीपूर्ण काम हो सकता है, खासकर तब जब आपको किफायती और सभी सुविधाएं चाहिए हों। यदि आप भी ऐसे प्लान की तलाश में हैं, जिसमें कम कीमत में ज्यादा लाभ मिल सके, तो Airtel का 149 रुपए महीना वाला रिचार्ज प्लान आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है।

एयरटेल का 149 रुपए वाला रिचार्ज प्लान एक शानदार और किफायती ऑप्शन है, जो अनलिमिटेड कॉलिंग और डेटा जैसी सुविधाएं प्रदान करता है। इस प्लान का उद्देश्य उन ग्राहकों को सस्ती कीमत पर अधिकतम फायदे देना है, जो बिना ज्यादा खर्च किए अपने मोबाइल को पूरी तरह से इस्तेमाल करना चाहते हैं।

प्लान की कीमत और वैधता

इस रिचार्ज प्लान की कीमत केवल 149 रुपए है, और इसकी वैधता पूरे महीने की होती है। इसमें आपको फ्री अनलिमिटेड कॉलिंग, पर्याप्त डेटा, और SMS की सुविधा मिलती है। यह प्लान उन उपयोगकर्ताओं के लिए आदर्श है जो अपनी मोबाइल जरूरतों के लिए एक सस्ता और प्रभावी विकल्प चाहते हैं। एयरटेल ने यह प्लान खासकर उन ग्राहकों के लिए डिजाइन किया है, जो महीने भर में कम खर्च में अधिक सेवाएं चाहते हैं।

 

गरीबों के लिए 80 किलोमीटर रेंज वाली जियो इलेक्ट्रिक साइकिल बेहद कम कीमत में हुई लॉन्च

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जीयो जल्द ही बाजार में एक इलेक्ट्रिक साइकिल लाने जा रहा है, जो एक बार पूरी तरह चार्ज करने पर 400 किलोमीटर तक चलने में सक्षम होगी। किफायती कीमत के साथ-साथ आधुनिक तकनीक और स्टाइलिश डिज़ाइन वाली यह ई-साइकिल आपकी रोजमर्रा की यात्रा को और अधिक आसान और पर्यावरण के अनुकूल बना देगी।

आइए इस नई इलेक्ट्रिक साइकिल की सभी विशेषताओं और कीमत के बारे में विस्तार से जानते हैं।

जियो इलेक्ट्रिक साइकिल का डिज़ाइन और फीचर्स

जियो की नई इलेक्ट्रिक साइकिल न केवल किफायती होगी, बल्कि अपने स्टाइलिश लुक और आधुनिक डिज़ाइन के कारण भी लोगों का ध्यान आकर्षित करेगी। स्पोर्टी और ट्रेंडी डिज़ाइन वाली यह साइकिल महिलाओं के लिए भी उपयुक्त होगी। इसमें शामिल हैं –

स्टाइलिश एलईडी लाइट और डिजिटल डिस्प्ले
डायमंड फ्रेम डिज़ाइन, जो साइकिल को और आकर्षक बनाता है
उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री से बनी होने के कारण यह आरामदायक और मज़बूत है
शक्तिशाली लिथियम-आयन बैटरी के साथ 400 किलोमीटर तक की रेंज
इको-मोड से लेकर हाई-स्पीड मोड तक कई विकल्प

जियो इलेक्ट्रिक साइकिल की कीमत और लॉन्च डेट

इस जियो इलेक्ट्रिक साइकिल की संभावित कीमत 25,000 से 35,000 के बीच हो सकती है, जिससे यह बाजार की सबसे किफायती ई-साइकिल में से एक बन जाएगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, जियो इस इलेक्ट्रिक साइकिल को 2025 की शुरुआत में लॉन्च कर सकता है। लॉन्च ऑफर के तहत शुरुआती ग्राहकों को विशेष छूट और अतिरिक्त वारंटी मिल सकती है। यदि आप बजट-फ्रेंडली, लंबी रेंज और हाई-परफॉर्मेंस वाली ई-साइकिल खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो जियो की यह इलेक्ट्रिक साइकिल आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प हो सकती है।

नगर पालिका की पूर्व अध्यक्ष भाजपा नेत्री अंजू जैन का निधन, दो दिन पहले ही पति अशोक जैन के नया अध्यक्ष बनने पर नगर में मनाया गया था जीत का जश्न

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नगर पालिका बलौदाबाजार की पूर्व अध्यक्ष अंजु जैन का लंबी बीमारी के बाद बीती रात रायपुर के निजी हास्पिटल में निधन हो गया. वे वर्तमान में नवनिर्वाचित नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन की धर्मपत्नी थीं !

दो दिन पहले ही अशोक जैन के अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद नगर में जीत का जश्न मनाया गया था और भव्य विजय आभार रैली निकाली गई थी, जिसमें परिवार के लोग शामिल हुए थे. अंजू जैन के निधन की खबर आते ही नगर में शोक की लहर है.

आज होगा अंतिम संस्कार

नगर पालिका चुनाव के पूर्व ही अचानक अंजु जैन की तबीयत बिगड़ी थी और उन्हें रायपुर के निजी हास्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज जारी था. रविवार को तबीयत ज्यादा बिगड़ी और देर रात उनका निधन हो गया. उनका पार्थिव शरीर आज बलौदाबाजार आएगा और उनके घर से दोपहर एक बजे अंतिम यात्रा निकलेगी. रायपुर रोड स्थित मोक्षधाम में अंतिम संस्कार किया जाएगा !

मंत्री टंकराम वर्मा ने जताया शोक

बलौदाबाजार के विधायक एवं राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने अंजू जैन के निधन पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि उनका जाना नगर के लिए अपूर्णीय क्षति है. अंजू काफी मिलनसार व जनहित के लिए कार्य करने वाली महिला थी. ईश्वर उन्हें श्रेष्ठ स्थान दे और इस गहन दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे.

 

 

फैक्ट्री में कैसे बनता है अमूल दूध? जानकर उड़ जाएंगे होश।

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डेली प्रोडक्शन के सेगमेंट में अमूल दूध का नाम कौन नहीं जानता। वर्तमान समय में अमूल की कुल कीमत 52 हजार करोड रुपए है। गुजरात से शुरू हुआ अमूल दूध का उत्पादक, आज 60 से भी ज्यादा देशों में बिकता है।

आपको जानकर हैरानी होगी कि अमूल दूध सिर्फ भारत देश में ही 1 दिन में 2.5 करोड़ दूध की थैलियां बेच देता है। इसके अलावा 15 लाख से ज्यादा Amul की टेट्रा पैक बिकते हैं।

अगर आप भी किसी शहर या कस्बे में रहते हैं। तो मुमकिन है कि आपके यहां भी अमूल की जानी पहचानी पैकेट रोज सुबह पहुंच जाती होगी। लेकिन दोस्तों क्या कभी आपने सोचा है कि यह दूध देश के अलग-अलग किसानों के घरों से अमूल मिल्क प्लांट से होकर और फिर आपके घर तक का सफर कैसे तय करता है। अगर आप भी नहीं जानते हैं तो इस आर्टिकल को पढ़ते रहे।

दूध को कलेक्ट करना

मैकेनिकल वैक्यूम दुग्ध मशीनों का उपयोग करके एक डेयरी गायों को दिन में दो बार दुग्ध किया जाता है। गायों का जो कच्चा दूध होता है वह स्टेनलेस स्टील या फिर गिलास पाइप के माध्यम से दूध के टैंक में एकत्र किया जाता है। जहां यह लगभग 40 डिग्री फारेनहाइट (4.4 डिग्री सेल्सियस) तक ठंडा किया जाता है, फिर आगे उस दूध को डेयरी लाया जाता है। फिर उसे ठंडा करके स्टोर कर दिया जाता है। फिर आगे उसे छानकर साफ किया जाता है जिससे की गंदगी निकल जाती है। इसके बाद दूध को पक्षाकृत किया जाता है, जिससे कि रोगजनक बैक्टीरिया भी निकल जाते हैं। इस प्रकार सभी जगह से दूध एकत्र किया जाता है।

अमूल कंपनी सिर्फ दूध ही नहीं बचता है इसके अलावा दूध से घी, बटर, लस्सी, आइसक्रीम जैसे कई तरह की चीज बनती है। इसका सही रेट डालकर भारतीय बाजार के साथ-साथ अन्य देशों में बेचा जाता है।

आप सभी को बता दे की 3.50 लाख किसान, 60 लाख मवेशी, 50 लाख लीटर दूध, हाईटेक प्रोसेसिंग प्लांट, इन सभी को आपस में मिलने पर तो बनता है एशिया का सबसे बड़ा डेयरी कोऑपरेटिव, और इसका टर्नओवर लगभग 75 अरब 52 करोड रुपए से भी ज्यादा का है।

भोरमदेव शक्कर कारखाना द्वारा गन्ना किसानों को 44.99 करोड़ रुपये का भुगतान

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राज्य शासन के निर्देशानुसार भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित, कवर्धा ने पेराई सत्र 2024-25 के अंतर्गत अब तक गन्ना किसानों को कुल 44 करोड़ 99 लाख रुपये का भुगतान किया है। कारखाना प्रबंधन ने गन्ना उत्पादक किसानों से अपील की है कि वे परिपक्व, साफ-सुथरा, बिना अगवा और बिना जड़ वाला गन्ना आपूर्ति करें। इससे शक्कर की रिकवरी दर में वृद्धि होगी, जिससे किसानों को बेहतर लाभ मिलेगा।

अपनी स्थापना से अब तक भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना गन्ना किसानों को समर्थन मूल्य, रिकवरी और बोनस मिलाकर लगभग 1210 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुका है, जिससे क्षेत्र के किसानों की आर्थिक और सामाजिक उन्नति को नई दिशा मिली है। कारखाना प्रबंधन का मुख्य उद्देश्य किसानों के हितों को प्राथमिकता देना और उनके आर्थिक सशक्तिकरण को सुनिश्चित करना है। समय पर भुगतान मिलने से किसानों का कारखाने और शासन-प्रशासन पर विश्वास लगातार बढ़ रहा है।

वर्तमान पेराई सत्र 2024-25 में, कारखाने ने अब तक 2.72 लाख मीट्रिक टन गन्ने की पेराई कर 2.48 लाख क्विंटल शक्कर का उत्पादन किया है। इस उपलब्धि का श्रेय गन्ना उत्पादक किसानों के सहयोग, उनकी मेहनत और कारखाना प्रबंधन के कुशल संचालन को जाता है। कारखाना प्रबंधन ने गन्ना किसानों से अपील की है कि वे अपने गन्ने की आपूर्ति सीधे शक्कर कारखाने में करें, ताकि उन्हें समय पर उचित मूल्य प्राप्त हो सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीमद्भागवत कथा में किया श्रीकृष्ण-सुदामा प्रसंग का श्रवण, छत्तीसगढ़ की समृद्धि और खुशहाली की कामना की

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के डुंडा स्थित अशोका पाम मिडोज कॉलोनी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए। इस पावन अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराधा रानी से समस्त छत्तीसगढ़वासियों की सुख-समृद्धि, शांति और मंगलमय जीवन की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने व्यासपीठ का नमन करते हुए कथाव्यास पंडित श्री कृष्ण गौड़ शास्त्री से आशीर्वाद लिया और श्रीकृष्ण-सुदामा प्रसंग का श्रवण किया।

भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद हम सभी पर बना रहे – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री साय ने कथाव्यास पंडित श्री कृष्ण गौड़ शास्त्री का माता कौशल्या की पावन भूमि छत्तीसगढ़ में हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण अत्यंत सौभाग्य की बात है। यह न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है, बल्कि हमें धर्म, प्रेम और कर्तव्य के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देता है। मैं आशा करता हूँ कि सभी श्रद्धालु इस कथा के दिव्य संदेश को आत्मसात करेंगे और इसे अपने जीवन में अपनाएंगे। भगवान श्रीकृष्ण हम सभी को शक्ति दें कि हम पूरे समर्पण और निष्ठा के साथ छत्तीसगढ़ की जनता की सेवा कर सकें।

छत्तीसगढ़ – भगवान श्रीराम की वनवास स्थली, रामभक्तों के लिए महाकुंभ में विशेष व्यवस्था

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान श्रीराम के वनवास काल का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में बीता, और यहां उन्हें “भांचा” के रूप में सम्मान दिया जाता है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने “श्रीरामलला दर्शन योजना” के तहत अब तक 20,000 से अधिक रामभक्तों को अयोध्या धाम में श्रीरामलला के दर्शन का सौभाग्य प्रदान किया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रयागराज महाकुंभ के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि 144 वर्षों बाद यह शुभ संयोग आया है, और छत्तीसगढ़ सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए महाकुंभ में ‘छत्तीसगढ़ पवेलियन’ की विशेष व्यवस्था की है। इस पवेलियन में निःशुल्क आवास, भोजन और अन्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि छत्तीसगढ़ से जाने वाले श्रद्धालु सुविधापूर्वक स्नान, दर्शन और धार्मिक अनुष्ठान कर सकें।

मुख्यमंत्री ने श्रीमद्भागवत कथा के सफल आयोजन के लिए सभी आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और धार्मिक चेतना का संचार करते हैं।

इस अवसर पर श्री भूपेंद्र सवन्नी, श्री राजीव अग्रवाल, श्री सरल मोदी सहित श्रीमद्भागवत कथा के आयोजकगण, स्थानीय गणमान्यजन और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

राजिम कुंभ में पंचकोशी यात्रा की झांकी श्रद्धालुओं को कर रही आकर्षित

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राजिम कुंभ कल्प मेला में इस बार पहले से अधिक भव्य और आकर्षक रूप में आयोजित किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की आस्था, भक्ति और संस्कृति का संगम इस मेले में देखने को मिल रहा है। मेले में दिनभर भजन-कीर्तन की गूंज के साथ देशभर के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी जा रही हैं। इस बार पंचकोशी यात्रा की थीम पर बनी झांकी मेलार्थियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, जो आस्था और संस्कृति की झलक प्रस्तुत कर रही है।

चौबेबांधा के नए मेला मैदान में पंचकोशी यात्रा की झांकी बनाई गई है, जो मेलार्थियों को विशेष रूप से आकर्षित कर रही है। श्रद्धालु इस झांकी के समक्ष श्रद्धाभाव से शीश झुकाकर पुण्य लाभ ले रहे हैं। इस झांकी के माध्यम से पंचकोशी यात्रा के पांचों महादेव मंदिरों, यात्रा मार्ग और उनकी दूरी की जानकारी दी जा रही है।

छत्तीसगढ़ में राजिम मेला से एक माह पूर्व पंचकोशी यात्रा निकाली जाती है, जिसमें हजारों श्रद्धालु क्षेत्र के प्रमुख शिव मंदिरों की पदयात्रा कर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं। यह यात्रा राजिम त्रिवेणी संगम में स्थित श्री कुलेश्वर महादेव मंदिर से आरंभ होती है और वहीं समाप्त होती है।

श्रद्धालु पाँच प्रमुख शिवलिंगों के दर्शन करते हुए यह यात्रा पूर्ण करते हैं। यात्रा के मुख्य पड़ाव इस प्रकार हैं। पटेश्वर महादेव मंदिर (पटेवा), राजिम से 5 किमी दूर, यहाँ भगवान शिव अन्नब्रह्मा के रूप में पूजे जाते हैं। चंपेश्वर महादेव (चंपारण) मंदिर राजिम से 14 किमी उत्तर स्थित है, जहाँ स्वयंभू शिवलिंग विराजमान है। ब्रम्हनेश्वर महादेव (बम्हनी, महासमुंद) चंपेश्वर से 9 किमी दूर, यहाँ भगवान शिव का अघोर रूप उकेरा गया है। फणीकेश्वर महादेव (फिंगेश्वर, गरियाबंद) यहाँ शिवलिंग की ईशान रूप में पूजा की जाती है, और माता अंबिका इनकी अर्धांगिनी हैं। कोपेश्वर महादेव (कोपरा, गरियाबंद) यहाँ भगवान शिव वामदेव रूप में पूजे जाते हैं, और माता भवानी आनंद का प्रतीक मानी जाती हैं। यात्रा के समापन पर श्रद्धालु त्रिवेणी संगम स्थित श्री कुलेश्वर महादेव के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करते हैं।

श्रद्धालु अपने सिर पर रोजमर्रा के सामान लादकर ’महादेव’ और ’राम सिया राम’ का जाप करते हुए यात्रा करते हैं। यह यात्रा अध्यात्मिक शांति, पुण्य अर्जन और काम, क्रोध, मोह, लोभ और मद जैसे विकारों से मुक्ति दिलाने में सहायक मानी जाती है। हथखोज स्थित शक्ति लहरी माता के दरबार में श्रद्धालु परसा पान, नारियल, अगरबत्ती और धूप समर्पित करते हैं। मकर संक्रांति के दिन श्रद्धालु नदी में सूखा लहर लेते हैं। इससे पहले रेत से शिवलिंग बनाकर उनकी पूजा-अर्चना की जाती है।

नगर निकाय चुनाव: महापौर के सभी 10 पदों पर भाजपा का कब्जा, बाकी निकायों में भी कांग्रेस का सूपड़ा साफ

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भाजपा की सुनामी में डूबी कांग्रेस

राज्य गठन के बाद से निकाय चुनावों में भाजपा का सबसे शानदार प्रदान

सीएम विष्णुदेव साय और उनकी सरकार पर शहरी मतदाताओं ने भी जताया भरोसा

35 नगर पालिका परिषदों और 8। नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद पर जीती भाजपा

त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में भी भाजपा को मिलेगा इस जीत का फायदा

जनता ने हमारे 13 महीनों के सुशासन को सराहा : साथ

नगर निकाय चुनावों में भाजपा के प्रदर्शन की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे ऐतिहासिक दिन करार दिया और कहा कि यह छत्तीसगढ़ के राजनीतिक इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित होगा. साय ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘आज का दिन भाजपा और छत्तीसगढ़ सरकार के लिए ऐतिहासिक है. यह छत्तीसगढ़ के राजनीतिक इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित होगा क्योंकि भाजपा ने नगर निकाय चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है.’’

ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने सपरिवार किया ताजमहल का दीदार, यात्रा को बताया शानदार

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ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक शनिवार को अपने परिवार के साथ ताजमहल का दीदार करने पहुंचे. सुनक ने अपने परिवार के साथ ताजमहल परिसर का भ्रमण किया, जिसमें उनकी पत्नी अक्षता, बेटियां कृष्णा और अनुष्का और सास सुधा मूर्ति भी शामिल थीं.

ताजमहल के वरिष्ठ संरक्षण सहायक प्रिंस बाजपेयी ने बताया कि आगरा के दो दिवसीय दौरे पर आये ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री सुनक ने पहले दिल अपने परिवार के साथ ताजमहल परिसर का भ्रमण किया.

ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ने ताजमहल के विजिटर बुक पर भी हस्ताक्षर किए. ऋषि सुनक ने ताजमहल की यात्रा के बारे में कहा कि यह वाकई एक शानदार यात्रा थी. दुनिया में कुछ ही जगहें ताजमहल की तरह एक दूसरे को जोड़ती हैं. हमारे बच्चे इसे कभी नहीं भूलेंगे. हम गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए बहुत आभारी हैं. हमारे पूरे परिवार के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव. धन्यवाद.” उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति ने भी इस अनुभव को संजोया और लिखा, “युगों तक एक स्मृति”.