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Quinoa Farming: विदेशी अनाज की खेती से मालामाल हो सकते हैं किसान, बाजार में बढ़ रही है डिमांड…

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मार्केट में सुपरफूड किनोवा की डिमांड बहुत हाई है. कम लागत और कम पानी और कम मेहनत में तैयार होने वाली यह विदेशी फसल पारंपरिक खेती के मुकाबले कई गुना ज्यादा मुनाफा देती है.

आज के मार्केट में हेल्थ और फिटनेस को लेकर लोग बहुत ज्यादा कॉन्शियस हो गए हैं. इसी वजह से एक विदेशी अनाज की डिमांड इंटरनेशनल और लोकल मार्केट में अचानक बहुत तेजी से बढ़ गई है. इस जादुई अनाज का नाम है किनोवा. अपनी जबरदस्त न्यूट्रिशनल वैल्यू के कारण इसे सुपर मदर ग्रेन भी कहा जाता है. पारंपरिक फसलों जैसे गेहूं, धान और सरसों के मुकाबले इसकी खेती किसानों के लिए एक बहुत ही प्रॉफिटेबल बिजनेस साबित हो रही है.

खास बात यह है कि किनोवा की खेती में लागत बहुत कम आती है और यह कम समय में तैयार होकर बंपर मुनाफा देती है. अगर हमारे देश के किसान भाई लीक से हटकर कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं, तो किनोवा की एडवांस फार्मिंग उनके लिए अमीर बनने का सबसे बेस्ट शॉर्टकट बन सकती है.

क्या है किनोवा

मूल रूप से अमेरिका की एंडीज पहाड़ियों पर उगने वाला किनोवा दिखने में भले ही हमारे देश के बथुआ कुल का पौधा लगता है. लेकिन यह उससे काफी अलग है. जहां बथुआ की पत्तियों का इस्तेमाल होता है वहीं किनोवा के बीजों को बिल्कुल गेहूं और धान की तरह यूज किया जाता है. इसे एक कूट अनाज माना जाता है जो न्यूट्रिशन का पावरहाउस है.

क्यों है इसकी इतनी डिमांड?

इसके छोटे-छोटे बीजों के अंदर भरपूर मात्रा में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, हेल्दी फैट्स, विटामिन्स और जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं. आजकल के दौर में डॉक्टरों से लेकर डाइटिशियन तक हर कोई फिट रहने के लिए इसे खाने की सलाह दे रहा है. खासतौर पर बड़े शहरों और अमीर लोगों के बीच इस सुपरफूड का क्रेज सिर चढ़कर बोल रहा है जिससे इसकी कीमतें मार्केट में बहुत हाई रहती हैं.

खेती करने का सही तरीका 

इस विदेशी फसल की खेती का तरीका हमारे यहां के पारंपरिक तौर-तरीकों से थोड़ा अलग है. इसकी अच्छी ग्रोथ के लिए भुरभुरी मिट्टी और 18 से 24 डिग्री सेल्सियस का बढ़िया तापमान सबसे बेस्ट माना जाता है. खेत तैयार करते समय मिट्टी की क्वालिटी पर विशेष ध्यान देना पड़ता है ताकि बीजों का अंकुरण सही से हो सके. इसकी फसल में लाल, हरे और बैंगनी रंग के पौधे आपके पूरे खेत को शानदार लुक देते हैं.

इतनी होती है कमाई

किनोवा की सबसे अच्छी बात यह है कि यह कम पानी और कम देखरेख में भी बहुत बेहतरीन पैदावार दे देती है. इंटरनेशनल मार्केट में भारी डिमांड होने के कारण इसकी फसल बहुत महंगे दामों पर बिकती है जिससे किसानों को अपनी लागत के मुकाबले कई गुना ज्यादा रिटर्न मिलता है.

US Iran Talks: ईरान से डील पर फाइनल बातचीत से पहले ट्रंप की धमकी….

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ परमाणु समझौते को लेकर बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है.

US Iran Talks: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ चल रही बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और दोनों देशों के बीच एक संभावित समझौते की संभावना बन रही है. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी समझौते की सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह होगी कि ईरान परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा.

फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वार्ता आगे बढ़ रही है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है. उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए सबसे बड़ी गारंटी यह है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे और उन्होंने इस बात पर सहमति जताई है.’

बहुत अच्छे समझौते के करीब हैं

डोनाल्ड ट्रंप

ने वार्ता को लेकर आशावाद जताते हुए कहा कि जल्दबाजी में कोई अच्छा समझौता नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि धैर्य के साथ बातचीत आगे बढ़ रही है और अमेरिका अपनी अपेक्षाओं के अनुरूप परिणाम हासिल करने की दिशा में बढ़ रहा है.

ट्रंप ने कहा, ‘हम एक बहुत अच्छे समझौते के करीब हैं. यदि आप जल्दबाजी करेंगे तो अच्छा समझौता नहीं कर पाएंगे. धीरे-धीरे हम उस दिशा में बढ़ रहे हैं जो हम चाहते हैं. अगर हमें वह नहीं मिला जो हम चाहते हैं, तो हम इसे किसी दूसरे तरीके से समाप्त करेंगे.’

तनाव के बीच जारी है कूटनीतिक प्रयास

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब पिछले कई महीनों से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और संघर्ष की स्थिति बनी हुई है. इसके बावजूद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक समाधान तलाशने की कोशिशें जारी हैं और बातचीत के जरिए समझौते का रास्ता खोजा जा रहा है.

ईरानी सेना को पूरी तरह निशाना नहीं बनाया गया

इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य संरचना को पूरी तरह नष्ट करने के बजाय सीमित कार्रवाई की रणनीति अपनाई थी. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान की नौसेना और वायुसेना को गंभीर नुकसान पहुंचाया, लेकिन सेना के कुछ हिस्सों को जानबूझकर पूरी तरह निशाना नहीं बनाया गया क्योंकि उन्हें अपेक्षाकृत संतुलित और मध्यम रुख वाला माना गया.

ट्रंप ने कहा, ‘उनकी नौसेना पूरी तरह खत्म हो चुकी है, सौ प्रतिशत. उनकी वायुसेना भी पूरी तरह खत्म हो चुकी है. लेकिन हमने उनकी सेना को कुछ हद तक छोड़ दिया, क्योंकि हमें लगता है कि सेना का एक हिस्सा अपेक्षाकृत मध्यम सोच रखता है.’

हर चीज खत्म कर देना हमेशा सही रणनीति नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि किसी देश की पूरी व्यवस्था को खत्म कर देना लंबे समय में गंभीर परिणाम पैदा कर सकता है. उन्होंने कहा कि युद्धों में अतीत में ऐसी गलतियां हुई हैं, जिनके कारण संबंधित देश दशकों तक सामान्य स्थिति में नहीं लौट पाए.

ट्रंप ने कहा, ‘हमने उनके नेतृत्व के विभिन्न हिस्सों को निशाना बनाया, लेकिन सेना को पूरी तरह नहीं छुआ. लोगों को यह सुनकर आश्चर्य होगा. युद्धों में ऐसी गलतियां हुई हैं जहां सब कुछ खत्म कर दिया गया और फिर वह देश 40 वर्षों तक दोबारा खड़ा नहीं हो सका. आप इराक का उदाहरण देख सकते हैं.’

Internet Users: भारत नहीं, यह देश बना इंटरनेट यूजर्स का सबसे बड़ा गढ़! आंकड़े जानकर रह जाएंगे हैरान…

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2025 के अंत तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, चीन में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या करीब 1.3 अरब तक पहुंच चुकी है.

Internet Users: इंटरनेट आज दुनिया की सबसे बड़ी जरूरतों में शामिल हो चुका है. अरबों लोग रोजाना ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में सबसे ज्यादा इंटरनेट यूजर किस देश में हैं? दिलचस्प बात यह है कि सबसे अधिक आबादी वाला देश बनने के बावजूद भारत इस सूची में पहले स्थान पर नहीं है. यह रिकॉर्ड चीन के नाम है जहां इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या दुनिया में सबसे ज्यादा है.

चीन के पास है दुनिया का सबसे बड़ा इंटरनेट यूजर बेस

2025 के अंत तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, चीन में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या करीब 1.3 अरब तक पहुंच चुकी है. यह संख्या इतनी बड़ी है कि दुनिया के कुल इंटरनेट यूजर्स में हर पांचवां व्यक्ति चीन का निवासी है.

देश की इंटरनेट पहुंच (Internet Penetration Rate) भी 80 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है यानी अधिकांश आबादी अब ऑनलाइन दुनिया से जुड़ चुकी है. दूसरी ओर भारत लगभग 80.6 करोड़ इंटरनेट यूजर्स के साथ दूसरे स्थान पर मौजूद है जबकि अमेरिका करीब 32.2 करोड़ यूजर्स के साथ तीसरे नंबर पर है.

कई विकसित देशों की आबादी से भी ज्यादा हैं चीन के इंटरनेट यूजर

चीन के इंटरनेट

उपयोगकर्ताओं की संख्या इतनी विशाल है कि यह अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों की कुल ऑनलाइन आबादी को जोड़ने पर भी उससे अधिक है. यह दिखाता है कि डिजिटल दुनिया में चीन की मौजूदगी कितनी मजबूत हो चुकी है. चीन के आधिकारिक इंटरनेट नियामक संस्थान के मुताबिक, 2025 के अंत तक देश में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या 1.12 अरब से अधिक दर्ज की गई और इंटरनेट पहुंच दर 80.1 प्रतिशत तक पहुंच गई.

चीन का इंटरनेट बाकी दुनिया से अलग क्यों है?

चीन की डिजिटल दुनिया काफी हद तक बाकी देशों से अलग है. वहां कई लोकप्रिय विदेशी प्लेटफॉर्म जैसे Google और Amazon उपलब्ध नहीं हैं. ऐसे में घरेलू कंपनियों ने इस खाली जगह को भर दिया है. आज चीन में Alibaba, Tencent और Baidu जैसे प्लेटफॉर्म प्रमुख भूमिका निभाते हैं. वहीं सोशल मीडिया और वीडियो प्लेटफॉर्म की बात करें तो WeChat, Weibo और Kuaishou का दबदबा देखने को मिलता है जहां अन्य देशों में Facebook, X (Twitter) और YouTube ज्यादा लोकप्रिय हैं.

मोबाइल पेमेंट में भी चीन सबसे आगे

चीन केवल इंटरनेट यूजर्स की संख्या में ही नहीं बल्कि डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भी अग्रणी है. 2025 के मध्य तक ऑनलाइन पेमेंट का इस्तेमाल करने वालों की संख्या 1.02 अरब से अधिक पहुंच गई थी. इसका मतलब है कि लगभग 91 प्रतिशत इंटरनेट यूजर किसी न किसी रूप में डिजिटल पेमेंट सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं. रिटेल खरीदारी, टैक्सी बुकिंग, बिल भुगतान और अन्य सेवाओं में मोबाइल पेमेंट वहां की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है.

AI अपनाने में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है चीन

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भी चीन तेजी से विस्तार कर रहा है. दिसंबर 2025 तक देश में लगभग 60.2 करोड़ लोग जनरेटिव AI टूल्स का इस्तेमाल कर रहे थे. यह संख्या यूरोपीय संघ की कुल आबादी से भी ज्यादा बताई जाती है. चीन की इंटरनेट आबादी में जनरेटिव AI अपनाने की दर 42.8 प्रतिशत तक पहुंच गई जो एक साल पहले की तुलना में काफी अधिक है. मार्च 2025 तक चीन में 346 जनरेटिव AI सेवाएं आधिकारिक रूप से पंजीकृत की जा चुकी थीं.

इंटरनेट का केंद्र अब एशिया की ओर

चीन और भारत को मिलाकर देखें तो इन दोनों देशों में मौजूद इंटरनेट यूजर्स की संख्या दुनिया के शीर्ष 20 देशों के कुल इंटरनेट उपयोगकर्ताओं से भी अधिक है. यह संकेत देता है कि इंटरनेट और डिजिटल तकनीक का वैश्विक केंद्र धीरे-धीरे पश्चिमी देशों से हटकर एशिया और ग्लोबल साउथ की ओर बढ़ रहा है. आने वाले वर्षों में इंटरनेट, डिजिटल भुगतान और AI तकनीक के विस्तार के साथ चीन और भारत की भूमिका वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में और भी महत्वपूर्ण होने वाली है.

मराठा आरक्षण आंदोलन के बीच मनोज जरांगे ने पानी पीकर तोड़ा अनशन…

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मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख चेहरा मनोज जरांगे पाटिल ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है. खराब स्वास्थ्य के बीच उन्होंने पानी पीकर उपवास तोड़ा.

मराठा आरक्षण की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से आमरण अनशन पर बैठे मराठा आंदोलन के प्रमुख नेता मनोज जरांगे पाटिल ने आखिरकार रविवार (31 मई) अपना अनशन समाप्त कर दिया. राज्य सरकार और आंदोलन के प्रतिनिधियों के बीच हुई सकारात्मक बातचीत के बाद कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी, जिसके बाद जरांगे पाटिल ने पानी पीकर अपना उपवास तोड़ा.

हालांकि अनशन खत्म होने के कुछ समय बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें इलाज के लिए छत्रपति संभाजीनगर के गैलेक्सी अस्पताल में भर्ती कराया गया.

रविवार को राज्य सरकार की ओर से मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल, विधायक प्रसाद लाड और अन्य प्रतिनिधियों ने मनोज जरांगे पाटिल से मुलाकात की. दोनों पक्षों के बीच कई घंटों तक चर्चा चली. बातचीत के दौरान सरकार ने मराठा समाज की कई प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया और आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया.

बैठक के बाद मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने मनोज जरांगे पाटिल को पानी पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया. इस दौरान बड़ी संख्या में आंदोलनकारी और मराठा समाज के लोग मौजूद रहे.

कुनबी प्रमाणपत्र और वैधता को लेकर बड़ा फैसला

बैठक के बाद मनोज जरांगे पाटिल ने बताया कि सरकार ने 58 लाख कुनबी रिकॉर्ड के आधार पर पात्र लोगों को कुनबी प्रमाणपत्र देने पर सहमति जताई है. साथ ही जिन लोगों को प्रमाणपत्र मिल चुका है, उन्हें वैधता प्रमाणपत्र भी उपलब्ध कराया जाएगा.

उन्होंने कहा कि किसी पात्र व्यक्ति को प्रमाणपत्र देने में अधिकारी लापरवाही करते हैं या जानबूझकर देरी करते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. सरकार ने इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी करने का भरोसा दिया है.

जरांगे पाटिल ने कहा कि सातारा गजेटियर लागू करने की मांग भी सरकार के सामने रखी गई है. इस मामले में सरकार को एक महीने का समय दिया गया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार तय समय के भीतर इस दिशा में जरूरी कदम उठाएगी.

इसके अलावा वैधता प्रमाणपत्र से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए एक विशेष हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जाएगा, ताकि लोगों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें.

दो-तीन दिन में जारी होगा शासन निर्णय

मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने कहा कि मुंबई आंदोलन के बाद सरकार द्वारा लिए गए कई फैसलों पर पहले से काम चल रहा है. हालांकि कुछ मुद्दों को लेकर समाज में भ्रम और शंकाएं बनी हुई थीं, जिसके कारण दोबारा आंदोलन शुरू हुआ.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में सरकार मराठा समाज के हित में काम कर रही है. अब जो प्रस्ताव स्वीकार किया गया है, उसके आधार पर अगले दो से तीन दिनों के भीतर शासन निर्णय (जीआर) जारी कर अमल की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.

हालांकि मनोज जरांगे पाटिल ने साफ कर दिया कि यदि सरकार ने तय समय के भीतर शासन निर्णय जारी नहीं किया, तो वे फिर से आंदोलन और अनशन का रास्ता अपनाएंगे. उन्होंने कहा कि सरकार और मुख्यमंत्री की ओर से मिले सकारात्मक आश्वासन के बाद ही उन्होंने फिलहाल अपना आंदोलन स्थगित किया है.

भुजबल पर साधा निशाना, नार्को टेस्ट की मांग

बैठक के दौरान मनोज जरांगे पाटिल ने बिना नाम लिए छगन भुजबल पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति उन पर गलत आरोप लगा रहा है तो दोनों का नार्को टेस्ट कराया जाना चाहिए, जिससे सच्चाई जनता के सामने आ सके.

तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती

अनशन समाप्त होने के बाद मनोज जरांगे पाटिल की तबीयत अचानक बिगड़ गई. डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें छत्रपति संभाजीनगर के गैलेक्सी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है. फिलहाल डॉक्टर उनकी सेहत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.

मराठा आरक्षण आंदोलन के इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बाद फिलहाल आंदोलन स्थगित हो गया है, लेकिन अब सभी की नजरें सरकार के अगले कदम और आगामी शासन निर्णय पर टिकी हुई हैं. यदि सरकार अपने वादों को समय पर पूरा करती है तो लंबे समय से चल रहा यह विवाद सुलझने की दिशा में आगे बढ़ सकता है.

Nuatapa: 25 मई से 2 जून 2026 तक नौतपा रहेगा.विज्ञान प्रकृति के हीट बैलेंस सिस्टम और मानसून चक्र का महत्वपूर्ण हिस्सा…

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Nautapa 2026: 25 मई से 2 जून 2026 तक नौतपा रहेगा. ज्योतिष में नौतपा के 9 दिनों को सूर्य की प्रबल ऊर्जा का समय, जबकि विज्ञान प्रकृति के हीट बैलेंस सिस्टम और मानसून चक्र का महत्वपूर्ण हिस्सा माना है.

Nautapa 2026: नौतपा यानी नौ दिनों तक गर्म हवा, लू, तपिश, सूर्य की तेज किरणें और बारिश भी. भारतीय परंपरा में नौतपा या नवतपा को लेकर कहा गया है कि, ‘जितना तपेगा नौतपा, उतनी अच्छी होगी वर्षा’. लेकिन नौतपा के नौ दिनों की तपिश और बारिश का सिर्फ धार्मिक या ज्योतिष ही नहीं बल्कि इसका कारण वैज्ञानिक भी है.

प्रकृति का हीट बैलेंस है नौतपा

तेज गर्मी के कारण समुद्र और नदियों का पानी तेजी से वाष्पित होता है. यही जलवाष्प बादलों का निर्माण करती है और बाद में मानसून के रूप में बारिश होती है. इसलिए कहा जाता है कि अगर नौतपा के दिनों में पर्याप्त गर्मी न पड़े तो मानसून कमजोर पड़ सकता है और फिर इसका असर खेती, जलस्तर और पर्यावरण पर भी देखने को मिलता है. यही वजह है कि, नौतपा को प्रकृति के हीट बैलेंस सिस्टम के रूप में देखा जाता है.

ज्योतिष में नौतपा का महत्व

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य का गोचर जब रोहिणी नक्षत्र में होता है, तब नौतपा लगता है. इस साल नौतपा 25 मई से 2 जून 2026 तक रहेगा.  सूर्य को आत्मा, ऊर्जा और जीवन शक्ति का कारक ग्रह है. इसलिए नौतपा के दौरान सूर्य की ऊर्जा चरम पर होती है और प्रचंड गर्मी पड़ती है. इसलिए इन दिनों में सूर्य उपासना, जल अर्पण, दान और तप आदि का विशेष महत्व शास्त्रों में बताया गया है.

मान्यता है कि नौतपा के दौरान किए गए पुण्य कार्यों से कई गुना फल मिलता है. नौतपा में लोग गर्मी से राहत देने वाली चीजों जैसे शीतल पानी, छाता, सत्तू, आम, खरबूजा और मिट्टी के घड़े आदि का दान करते हैं.

नौतपा को लेकर क्या कहता है विज्ञान

विज्ञान भी ऐसा मानता है कि, मई के अंतिम दिनों में सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं. इससे लू की स्थिति बनती है. गर्म हवाएं वातावरण में कम दबाव पैदा करती हैं, जिससे समुद्री हवाएं भारतीय भूभाग की ओर बढ़ती हैं. यही प्रक्रिया मानसून को भारत तक लाने में मदद करती है.

वैज्ञानिक यह भी मानते हैं कि नौतपा के दौरान तेज गर्मी कई हानिकारक बैक्टीरिया और कीटों को खत्म करने में मदद करती है. इससे वातावरण की प्राकृतिक सफाई भी होती है.

नौतपा की प्राचीन मान्यताएं

पुराने समय में जब मौसम की जानकारी (Weather Forecast) देखने के लिए लोगों के हाथ में मोबाइल फोन नहीं हुआ करते या टीवी आदि जैसे माध्यम नहीं होते थे, lब किसान नौतपा के तापमान को देखकर ही बारिश का अनुमान लगाया करते थे. माना जाता था कि यदि नौतपा में आंधी, बारिश या बादल ज्यादा रहें तो मानसून कमजोर हो सकता है. वहीं तेज धूप और लू को अच्छी वर्षा का संकेत माना जाता था.

प्रकृति का संतुलन है नौतपा

नौतपा का नाम सुनते ही आमतौर पर लोग डर जाते हैं, क्योंकि इन दिनो प्रचंड गर्मी पड़ती है. गर्मी से यदि बचाव न किया जाए तो इसका असर सेहत पर भी पड़ता है. आज आधुनिक समय में गर्म हवा या गर्मी से बचने के लिए एयर कंडीशनर (AC), कूलर और आधुनिक तकनीक का उपयोग कर लेते हैं, लेकिन प्रकृति का यह चक्र यानी नौतपा आज के समय के लिए भी उतना ही महत्वपूर्ण है. नौतपा केवल गर्मी नहीं, बल्कि धरती के जल, वायु और मौसम संतुलन की एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जो इन 9 दिनों में आने वाले मानसून की नींव भी तैयार करती है.

MP में बदला मौसम का मिजाज, रविवार को भी हल्की बारिश का अनुमान, बिजली गिरने की भी संभावना….

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MP Weather Update: मौसम विभाग के अनुसार खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, सिवनी, मंडला और डिंडोरी जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है.

पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से आने वाली नमी के प्रभाव से मध्यप्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शनिवार देर रात हल्की बारिश हुई और लोगों को लू की स्थिति से राहत मिली है. मौसम विभाग के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी. मौसम विभाग ने रविवार को भी राज्य के कई क्षेत्रों में हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है. 25 मई के बाद से उत्तरी और मध्य भारत में गर्मी का सबसे भीषण दौर माने जाने वाले नौ दिन की अवधि ‘नौतपा’ के दौरान लोगों को मौसम में हुए इस बदलाव से राहत मिली है.

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के भोपाल कार्यालय के ड्यूटी अधिकारी एच.एस. पांडे ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि सागर संभाग को छोड़कर राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है. उन्होंने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव और अरब सागर से नमी आने के कारण मौसम में बदलाव हुआ है, जिससे राज्य लू की चपेट से बाहर निकल आया है. अधिकतम तापमान भी सामान्य से एक से तीन डिग्री सेल्सियस तक नीचे दर्ज किया गया है.

अधिकारी के अनुसार खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, सिवनी, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, बैतूल और डिंडोरी जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है. पांडे ने बताया कि मौसम में यह बदलाव शनिवार मध्यरात्रि के बाद शुरू हुआ, जब भोपाल में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं के कारण पेड़ों की शाखाएं टूट गईं और राज्य की राजधानी के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई. आईएमडी के अनुसार, मध्यरात्रि के बाद सीहोर जिले में सबसे अधिक 94 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा दर्ज की गई. इसके बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की बारिश भी हुई.

Kedarnath Yatra: खराब मौसम के कारण अस्थायी रूप से रुकी केदारनाथ धाम यात्रा….

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उत्तराखंड में खराब मौसम और लगातार हो रही बारिश के कारण केदारनाथ धाम यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई है. एहतियातन के तौर पर श्रद्धालुओं को बीच में ही रोककर सुरक्षित ठहराया गया है.

उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और खराब मौसम के कारण केदारनाथ धाम यात्रा को फिलहाल अस्थायी रूप से रोक दिया गया है. मौसम विभाग द्वारा ऑरेंज अलर्ट के बाद प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए यह फैसला लिया है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें यात्रा मार्ग और होल्डिंग क्षेत्रों में ठहराया गया है.

केदारनाथ धाम में लगातार भारी बारिश और कमजोर भौगोलिक संरचना के कारण लैंडस्लाइड का खतरा बना रहता है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा यह फैसला लिया है. बताया जा रहा है कि, मौसम सामान्य होने पर यात्रा फिर से बहाल की जाएगी.

गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप के अनुसार, भारी बारिश और ऑरेंज अलर्ट के कारण यात्रियों को बीच में ही रोका गया है. यात्रियों को ऋषिकेश और श्रीगनगर में रुकने का आदेश दिया गया है. वाहन चालकों और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि, वे जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें.

मौसम विभाग (IMD Alert) की ओर से भी आगामी घंटों में भारी बारिश, आंधी, तूफान की संभावना जताई गई है. ऐसे में संभावित खतरे को देखते हुए केदारनाथ धाम यात्रा को रोकने का फैसला लिया गया है, जिससे कि श्रद्धाओं को किसी प्रकार का खतरा न हो. इस बीच श्रीनगर क्षेत्र में केदारनाथ धाम की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही भी रोक दी गई है, जिससे किसी प्रकार की दुर्घटना न हो. वहीं श्रद्धालुओं को गुप्तकाशी, फाटा, रामपुर, शेरसी, सोनप्रयाग और गौरीकुंड स्थित सुरक्षित होल्डिंग क्षेत्रों में रोका गया है.

केदारनाथ धाम यात्रा का महत्व

उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. चारधाम में केदारनाथ धाम तीसरे स्थान पर आता है, जो भगवान शिव को समर्पित है. धार्मिक मान्यता है कि, केदारनाथ ज्योतिर्लिंग (Kedarnath Jyotirlinga) के दर्शन से भक्तों के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है.

समुद्र तल से करीब 11,755 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह पवित्र धाम श्रद्धा, तप और आस्था का केंद्र है. हर साल लाखों भक्त कठिन पहाड़ी रास्तों को पार कर बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. इस वर्ष 22 अप्रैल 2026 को केदारनाथ धाम के कपाट भक्तों के दर्शन के लिए खोले गए थे, जो अगले 6 महीने तक खुला रहेगा.

इस साल तो केदारनाथ में यात्रियों के पहुंचने का नया रिकॉर्ड भी बना था. खबरों की माने तो अबतक 10 लाख से अधिक श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं. हाल ही में लैंडस्लाइड के कारण भी यात्रा बाधित हुई थी. अब एक बार फिर से खराब मौसम के कारण यात्रा रोकी गई है.

8th Pay Commission पर बड़ा अपडेट, मेमोरेंडम जमा करने की डेडलाइन पूरे 15 दिनों के लिए बढ़ा दी गई…

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8th Pay Commission: आठवां वेतन आयोग कर्मचारियों को अपनी बात रखने का एक और मौका दे रहा है. इसके तहत, मेमोरेंडम जमा करने की डेडलाइन पूरे 15 दिनों के लिए बढ़ा दी गई है.

देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है. दरअसल, 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) कर्मचारी संगठनों के लिए मेमोरेंडम (ज्ञापन) जमा करने की समय सीमा को बढ़ाकर 15 जून, 2026 कर दिया है.

जबकि पहले इस मेमोरेंडम को ऑनलाइन जमा करने की डेडलाइन 31 मई, 2026 तय की गई थी. इसे अब आधिकारिक तौर पर बढ़ा दिया गया है यानी कि कर्मचारियों को अपनी बात रखने का एक और मौका दिया गया है. नए नियम के तहत, कर्मचारी यूनियन और पेंशनर्स एसोसिएशन 15 जून तक अपने सुझाव और मांगें आयोग को सौंप सकते हैं.

यह एक आखिरी मौका

आयोग के मुताबिक, यह कर्मचारी यूनियनों के लिए आयोग के समक्ष अपनी मांगें रखने का आखिरी मौका होगा क्योंकि इसके बाद समय सीमा में और विस्तार नहीं किया जाएगा. सभी आवेदनों और ज्ञापनों को केवल 8वें वेतन आयोग के आधिकारिक पोर्टल 8cpc.gov.in पर जाकर ही तय फाॅर्मेट में जमा कराना होगा. ऑफलाइन पोस्ट या हाथ से लिखी गई प्रतियां या पीडीएफ फॉर्मेट में भेजे गए मेमोरेंडम स्वीकार नहीं किए जाएंगे.

आयोग की अगली बैठकें

मेमोरेंडम जमा करने की प्रक्रिया के साथ-साथ आयोग अलग-अलग राज्यों का दौरा कर कर्मचारी यूनियनों के साथ बैठकर उनकी मांगें सुन रही हैं, बातचीत कर रही है. आने वाले दिनों में भी कई जगह बैठक होने वाले हैं:-

जम्मूकश्मीर और लद्दाख 1 से 4 जून (श्रीनगर/जम्मू) और 8 जून लद्दाख में बैठक होगी.

उत्तर प्रदेश (लखनऊ)- 22-23 जून

ओडिशा (भुवनेश्वर)- 6-7 जुलाई

पश्चिम बंगाल (कोलकाता)- 9-10 जुलाई

मेमोरेंडम में कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

  • बेसिक सैलरी को 18000 से बढ़ाकर 69000 प्रति महीना करना.
  • फिटमेंट फैक्टर को 7वें वेतन आयोग के 2.57 से बढ़ाकर 3.83 करना.
  • हर साल मिलने वाले इंक्रीमेंट को 3% से बढ़ाकर 6% करना.
  • NPS की जगह Old pension scheme को बहाल करना.

RCB vs GT Final: RCB और GT के बीच IPL 2026 का फाइनल, जानें फाइनल मुकाबले की A टू Z डिटेल्स….

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RCB vs GT Final, IPL 2026: आज आईपीएल 2026 का फाइनल मुकाबला खेला जाना है. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच खिताबी भिड़ंत होगी. यहां जानें फाइनल मुकाबले की A टू Z डिटेल्स.

28 मार्च से शुरू हुई जंग आज खत्म होगी. यह जंग 10 टीमों के बीच एक ट्रॉफी को लेकर चल रही थी, जिसमें अब मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच होगा. आरसीबी के पास लगातार दूसरी बार खिताब जीतने का मौका है. वहीं शुभमन गिल कप्तान के तौर पर अपनी पहली आईपीएल ट्रॉफी जीतना चाहेंगे. दोनों ही टीमों ने लीग स्टेज में टॉप-2 में फिनिश किया था. इसके बाद क्वालीफायर-1 में आरसीबी ने गुजरात को हरा दिया था. अब फाइनल में एक बार फिर दोनों टीमें आमने-सामने हैं.

आईपीएल 2026 का फाइनल मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा. शाम सात बजे इस मैच का टॉस होगा, वहीं साढ़े सात बजे मैच की शुरुआत होगी. यह मैदान गुजरात टाइटंस का गढ़ जरूर है, लेकिन यहीं आरसीबी ने पिछले साल अपनी पहली ट्रॉफी जीती थी. कुछ भी हो, इस खिताबी मैच में कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है.

हेड टू हेड में कौन आगे?

आरसीबी और गुजरात टाइटंस के बीच हेड टू हेड में रजत पाटीदार की टीम 5-4 की बढ़त बनाए हुए हैं. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आंकड़ा 1-1 का है. इस सीजन गुजरात ने इस मैदान पर ही आरसीबी को हराया था. अपने घर पर गुजरात का रिकॉर्ड शानदार रहा है. आईपीएल 2026 में यहां गुजरात टाइटंस ने सात में से पांच मुकाबले जीते हैं.

नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच रिपोर्ट 

आरसीबी और गुजरात के बीच एक हाई स्कोरिंग और रोमांचक मैच हो सकता है. टॉस जीतने वाली टीम पहले बल्लेबाजी करने का फैसला ले सकती है. पेपर पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु मजबूत टीम लग रही है, लेकिन उन्हें इस मैदान पर खेले गए पिछले मैच में गुजरात से हार का सामना करना पड़ा था. मिक्स सॉयल की पिच पर यह मैच खेला जाना है. पिच पर अच्छा बाउंस रहेगा. ऐसे में तेज गेंदबाज हावी रह सकते हैं.

मैच प्रिडिक्शन 

हमारा मैच प्रिडिक्शन मीटर बता रहा है कि इस मैच में कांटे की टक्कर होगी. विजेता का प्रिडिक्शन करना मुश्किल है, लेकिन आज डिफेंड की उम्मीद ज्यादा है. फाइनल मैच है, ऐसे में पहले बैटिंग करने वाली टीम की जीत की उम्मीद ज्यादा है.

आरसीबी की संभावित प्लेइंग इलेवन वेंकटेश अय्यर, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, रसिख सलाम डार, जैकब डफी, रोमारियो शेफर्ड

गुजरात टाइटंस की संभावित प्लेइंग इलेवन साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), निशांत सिंधु, वाशिंगटन सुंदर, जेसन होल्डर, राशिद खान, राहुल तेवतिया, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, अरशद खान/आर साई किशोर

CG: प्रधानमंत्री आवास योजना को मिली रफ्तार, जिलों को 2677 करोड़ रुपये हुए जारी…

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छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आवास निर्माण कार्यों को गति देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा वित्तीय आवंटन किया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सभी जिलों को केंद्रीय और राज्यांश मद से कुल 2677.15 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत आवास निर्माण कार्यों को गति देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा वित्तीय आवंटन किया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सभी जिलों को केंद्रीय और राज्यांश मद से कुल 2677.15 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इस राशि का उपयोग पात्र हितग्राहियों के पक्के आवासों का निर्माण समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए किया जाएगा।

राज्य सरकार के अनुसार, आवास निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गति बनाए रखने के लिए राशि एसएनए स्पर्श मॉड्यूल के माध्यम से जिलों को उपलब्ध कराई गई है। इससे निर्माण कार्यों की निगरानी और भुगतान प्रक्रिया को भी अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य जारी हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान में प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के आवासों का निर्माण किया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों के दौरान 10.60 लाख से ज्यादा आवास पूरे किए जा चुके हैं। वहीं वर्ष 2025-26 में ही 6 लाख से अधिक मकानों का निर्माण कर छत्तीसगढ़ ने देश के अग्रणी राज्यों में अपनी जगह बनाई है।

योजना के क्रियान्वयन में महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही है। निर्माण सामग्री की आपूर्ति और अन्य कार्यों से जुड़कर हजारों महिलाएं आजीविका अर्जित कर रही हैं। इनमें 10 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान बना चुकी हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण और आर्थिक स्वावलंबन को भी बढ़ावा मिला है।

आवास योजना के तहत नवाचार के रूप में 1.5 लाख से अधिक मकानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए गए हैं। वहीं शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन 1800-233-1290 संचालित की जा रही है। ग्राम पंचायत स्तर पर क्यूआर कोड की व्यवस्था भी की गई है, जिससे हितग्राहियों को योजना संबंधी जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके। सरकार का दावा है कि योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को सिर्फ आवास ही नहीं, बल्कि सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर जीवन का आधार भी उपलब्ध कराया जा रहा है।