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CG: महतारियों के स्वाभिमान और स्वावलंबन का ‘संकल्प’.. बजट के इन प्रावधानों से खिले महतारियों के चेहरे, CM विष्णु देव साय को दिया धन्यवाद…

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छत्तीसगढ़ बजट 2026-27 में महिलाओं के लिए रानी दुर्गावती योजना, संपत्ति छूट और महतारी सदन की घोषणा।

छत्तीसगढ़ की संवेदनशील विष्णुदेव साय की सरकार ने विधानसभा में बजट 2026-27 पेश किया है। वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने 1.72 लाख करोड़ का ‘संकल्प बजट’ प्रस्तुत किया है। सरकार के अनुसार यह बजट प्रदेश की महिलाओं, युवाओं, छात्रों, किसानों और सर्ववर्ग को समर्पित है।

साय सरकार ने अपने मंशानुरूप इस बजट के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं तक शासन की योजनाओं को पहुंचाने, सभी क्षेत्र में उनकी सहभागिता बढ़ाने, उन्हें स्वावलम्बी बनाने और उन्हें रोगारोन्मुखी योजनाओं का लाभ दिलाना है। यही वजह है कि, इस भारी-भरकम बजट में सरकार ने महिलाओं के लिए कई बड़े घोषणाओं को शामिल किया है। सरकार का दावा है कि, इस योजनाओं, कार्यक्रमों और विकास कार्यों का सीधा फायदा राज्य के युवा-उधमी महिलाओं, गृहणी, छात्राओं और बुजुर्ग महिलाओं को मिलेगा।

छत्तीसगढ़ के बजट में प्रदेश की महिलाओं के लिए क्या है बड़े फैसले?

  1. रानी दुर्गावती योजना

छत्तीसगढ़ के बजट में महिलाओं के लिए किए गए बड़े ऐलान केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे महिलाओं को शिक्षा, स्वामित्व, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के माध्यम से आगे बढ़ाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं। ये घोषणाएं प्रदेश में महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में कई स्तरों पर मदद कर सकती हैं।

सबसे पहले, रानी दुर्गावती योजना जैसी पहल, जिसमें 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर बालिकाओं को 1.5 लाख रुपये देने का प्रावधान है, लड़कियों को उच्च शिक्षा, कौशल विकास या स्वरोजगार की दिशा में मजबूत आधार दे सकती है। इससे बाल विवाह की प्रवृत्ति पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी और परिवारों में बेटियों को बोझ नहीं बल्कि अवसर के रूप में देखने की सोच विकसित होगी।

  1. संपत्ति के पंजीकरण शुल्क में महिलाओं को 50% की छूट

दूसरा, संपत्ति के पंजीकरण शुल्क में 50% की छूट महिलाओं को संपत्ति का मालिक बनने के लिए प्रोत्साहित करेगी। जब घर या जमीन महिला के नाम पर होगी, तो उनकी आर्थिक सुरक्षा बढ़ेगी, बैंक से ऋण लेने में सुविधा होगी और परिवार में उनका निर्णयात्मक अधिकार मजबूत होगा। यह कदम दीर्घकाल में लैंगिक समानता को बढ़ावा देगा।

  1. महतारी सदन और ओबीसी गर्ल्स हॉस्टल की घोषणा

छत्तीसगढ़ के दो सबसे बड़े शहरों रायपुर और बिलासपुर में कामकाजी महिलाओं की सुरक्षित एवं सस्ते आवास की बड़ी जरूरत जल्द पूरी होगी। केन्द्रीय वित्त मंत्रालय ने राज्यों के लिए विशेष पूंजीगत सहायता योजना  के अंतर्गत रायपुर, बिलासपुर और नया रायपुर में छह कामकाजी महिला छात्रावासों के लिए 202 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इस राशि से रायपुर नगर निगम द्वारा तेलीबांधा और टाटीबंध में 250-250 सीटर तथा भैंसथान में 223 सीटर महिला छात्रावास बनाए जाएंगे। वहीं बिलासपुर के तिफरा और सिरगिट्टी में सीएसआईडीसी द्वारा 224-224 सीटर छात्रावास का निर्माण किया जाएगा। नया रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण नया रायपुर में एक हजार सीटर छात्रावास बनाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शहरों में कामकाजी महिलाओं के सुरक्षित एवं सस्ते आवास के लिए राशि मुहैया कराने भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि सुशासन के साथ-साथ महिला सशक्तीकरण तथा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य को हासिल करने राज्य शासन ने वर्किंग वीमेन हॉस्टल बनाने के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव प्रेषित किया था।उन्होंने इसकी मंजूरी मिलने पर राज्य की महिलाओं की ओर से भारत सरकार को धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने कहा कि छात्रावासों के निर्माण से तीनों शहरों में कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवास मिलेगा।

केन्द्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा विशेष पूंजीगत सहायता के तहत नया रायपुर में एक हजार सीटर महिला छात्रावास के लिए 103 करोड़ 22 लाख रुपए, रायपुर के टाटीबंध और तेलीबांधा में 250-250 सीटर छात्रावास के लिए क्रमशः 15 करोड़ 10 लाख रुपए और 15 करोड़ पांच लाख रुपए मंजूर किए हैं। रायपुर के ही भैंसथान में 223 सीटर छात्रावास के लिए 17 करोड़ 23 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। भारत सरकार द्वारा बिलासपुर के तिफरा और सिरगिट्टी में 224-224 सीटर छात्रावास के लिए क्रमशः 26 करोड़ 15 लाख रुपए और 25 करोड़ 25 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।

  1. मातृ एवं बाल कल्याण कार्यक्रम और आंगनवाड़ी सेवाओं का विस्तार

इसके अलावा, मातृ एवं बाल कल्याण कार्यक्रमों और आंगनवाड़ी सेवाओं का विस्तार महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण को मजबूत करेगा। स्वस्थ मां ही स्वस्थ पीढ़ी का निर्माण करती है, इसलिए इन योजनाओं से महिलाओं की शारीरिक और सामाजिक स्थिति बेहतर होगी।

कुल मिलाकर, ये बजटीय घोषणाएं महिलाओं को आर्थिक सहायता, संपत्ति का अधिकार, शिक्षा के अवसर और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करके उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम हैं। यदि इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो यह प्रदेश में महिलाओं की भागीदारी शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और नेतृत्व के क्षेत्र में उल्लेखनीय रूप से बढ़ा सकता है।

अन्य क्षेत्र में सरकार की बड़ी घोषणाएं

महिलाओं के लिए विकास और कल्याण के द्वार खोलने के साथ ही साय सरकार ने अपने बजट में सभी वर्गों की चिंता की है। 2026-27 के इस संकलप बजट में बुनियादी ढाँचे और कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग के लिए ₹9,450 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसका मुख्य फोकस सड़कों के विस्तार और सुधार पर है। ‘मुख्यमंत्री त्वरित सड़क कनेक्टिविटी योजना’ के लिए ₹200 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जिससे दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ा जा सके। इसके साथ ही सिंचाई और ग्रामीण जलापूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए जल संसाधन योजनाओं के तहत ₹3,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। क्षेत्रीय हवाई अड्डों-बिलासपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर-के विस्तार के लिए भी समर्पित फंड दिया गया है, ताकि प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी बेहतर हो सके। ऊर्जा क्षेत्र में नए सब-स्टेशनों की स्थापना और रूफटॉप सोलर पहलों के माध्यम से विद्युत अवसंरचना का विस्तार किया जाएगा।

कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत ₹10,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसका उद्देश्य कृषि उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाना है। मतनार और देउरगाँव बैराज जैसी ₹2,024 करोड़ की सिंचाई परियोजनाएं विशेष रूप से उन क्षेत्रों में सिंचाई का दायरा बढ़ाने के लिए तैयार की गई हैं, जो अब तक अछूते रहे हैं। साथ ही भूमिहीन कृषि परिवारों को सहायता प्रदान कर उनकी आजीविका सुरक्षा को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।

जनजातीय और क्षेत्रीय संतुलित विकास के तहत बस्तर और सरगुजा जैसे ऐतिहासिक रूप से वंचित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इन इलाकों में बुनियादी ढाँचे, आजीविका, शिक्षा और बस्तर-सरगुजा ओलंपिक जैसी सांस्कृतिक पहलों के माध्यम से लक्षित उत्थान की योजना बनाई गई है। शांति और विकास को बढ़ावा देने के लिए बस्तर फाइटर्स में 1,500 नए पदों सहित अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की भी घोषणा की गई है।

औद्योगिक विकास और आर्थिक विस्तार को गति देने के लिए 23 नए औद्योगिक पार्क स्थापित करने हेतु ₹250 करोड़ का प्रावधान किया गया है। MSME, स्टार्टअप और निवेश मिशनों को मजबूत करने पर जोर दिया गया है, ताकि रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें। आर्थिक अवसरों के विविधीकरण के लिए मैनपाट सहित अन्य पर्यटन स्थलों के विकास के लिए विशेष कोष की व्यवस्था की गई है। साथ ही आर्थिक नियोजन में पर्यावरण संरक्षण और हरित पहलों को भी शामिल किया गया है, जिससे सतत विकास को बढ़ावा मिल सके।

CG: किसानों के सम्मान और समृद्धि के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय…

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मुख्यमंत्री श्री साय ने बटन दबाकर किसानों के खातों में की 10 हजार 324 करोड़ रुपए की राशि अंतरित’

263.17 करोड़ के 89 कार्यों के लोकार्पणशिलान्यास से जिले को मिलेगी विकास की नई रफ्तार’

होली से पहले किसानों को मिली बड़ी सौगात’

बिलासपुर के रहंगी से मुख्यमंत्री ने किया प्रदेशभर के किसानों से वर्चुअल संवाद’

सतनामी एवं आदिवासी समाज के सामुदायिक भवन के लिए 50-50 लाख रुपए की घोषणा’

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बिल्हा विकासखण्ड के रहंगी में कृषक उन्नति योजना अंतर्गत आयोजित आदान सहायता राशि वितरण समारोह एवं वृहद किसान सम्मेलन में  प्रदेश के 25.28 लाख किसानों के खातों में 10 हजार 324 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का अंतरण किया। इनमें बिलासपुर जिले के 1 लाख 25 हजार 352 किसान शामिल हैं, जिनके खातों में 494.38 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई।

मुख्यमंत्री ने जिले के विकास को नई गति देते हुए 15.99 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण हुए 7 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 247.18 करोड़ रुपए की लागत के 82 विकास कार्यों का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सहित अन्य अतिथियों का खुमरी और नांगर भेंटकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में ‘कृषक उन्नति योजना का वरदान, छत्तीसगढ़ का हर किसान धनवान’ थीम पर आधारित वीडियो का विमोचन भी किया गया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज का दिन किसान भाइयों के सम्मान का दिन है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 25 लाख 28 हजार से अधिक किसानों ने धान बेचा है और कृषक उन्नति योजना के माध्यम से आज 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि किसानों के खातों में अंतरित की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसान भाई होली का त्योहार अच्छे से मनाएं, इसलिए होली के पूर्व यह राशि प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार किसान हितैषी सरकार है और किसानों की चिंता करते हुए उनके लिए प्रगतिशील योजनाएं लाई गई हैं।इस बार किसानों को बारदाने की कोई समस्या नहीं हुई और किसानों के खातों में राशि भी समय पर पहुंची है। उन्होंने कहा कि सरकार ने शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को ऋण लेने की सुविधा प्रदान की है और आज लाखों किसान किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों को धान की सर्वाधिक कीमत देने की व्यवस्था की गई है, जो अन्यत्र कहीं नहीं है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भूमिहीन कृषि मजदूरों के खातों में भी राशि अंतरित की जा रही है। खाद में सब्सिडी, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार सहित किसानों की समृद्धि के लिए हर स्तर पर कार्य किया जा रहा है तथा सहकारिता को लाभकारी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों को 6000 रुपए सम्मान निधि की राशि प्रदान की जा रही है। इस वर्ष के बजट में कृषि के लिए 13 हजार करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता को दर्शाता है। किसानों को खेतों में पर्याप्त पानी मिले, इसके लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नक्सलवाद बस्तर क्षेत्र से समाप्ति की ओर है और इस दिशा में हम सफल हो रहे हैं। निश्चित रूप से मार्च 2026 तक  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी का संकल्प पूरा होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों से परिपूर्ण राज्य है और खनिजों का समुचित दोहन कर राज्य को विकास के पथ पर आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। राज्य में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए एनडीडीबी से समझौता किया गया है और अब छत्तीसगढ़ में भी दुग्ध क्रांति आने वाली है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सभी गारंटियों को पूरा करने के लिए पूरी तत्परता से कार्य किया है और विगत दो वर्षों के कार्यकाल में अधिकांश वादों को पूरा कर लिया गया है। राज्य में सरकार बनते ही पहली कैबिनेट में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18 लाख गरीब परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है तथा प्रशासन में पारदर्शिता लाने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने सभी की सहभागिता से विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के संकल्प को दोहराया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने चकरभाटा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन करने, मंगला में माध्यमिक शाला को हाई स्कूल में उन्नयन तथा रहंगी के खेल मैदान में बाउंड्रीवॉल एवं स्टेज निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री साय ने सतनामी समाज के सामुदायिक भवन के लिए 50 लाख रुपए तथा पत्थरखान में आदिवासी समाज के सामुदायिक भवन के लिए 50 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की।

कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि उन्नति योजना का लाभ देने के लिए मुख्यमंत्री जी किसानों के बीच आए हैं, यह बहुत ही ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने आज 10 हजार 300 करोड़ रुपए से अधिक की राशि किसानों के खातों में सीधे अंतरित की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हर साल किसानों के खातों में धान की राशि अंतरित की जा रही है। उन्होंने किसानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि धान से अधिक लाभ दलहन एवं तिलहन फसलों के उत्पादन में है और किसानों को फसल विविधीकरण अपनाना चाहिए।

कृषि मंत्री ने कहा कि खेती-किसानी में नवाचार और परिवर्तन से ही किसानों के जीवन में समृद्धि आएगी। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन एवं मत्स्यपालन को बढ़ावा देने के लिए भी कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने किसानों को मिश्रित कृषि तथा जैविक खेती को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया तथा राशि अंतरित करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने किसानों का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय किसानों के दर्द और मेहनत को समझते हैं और होली से पहले किसानों की मेहनत और पसीने की सौगात देने के लिए आज उनके बीच उपस्थित हुए हैं। अन्नदाताओं की मेहनत के कारण ही छत्तीसगढ़ खुशहाल है। विगत तीन वर्षों में चार लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी हुई है तथा 1 लाख 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि किसानों के खातों में अंतरित की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में सड़क, सिंचाई सहित विकास के सभी आयामों में बेहतर कार्य हुआ है और विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना के साथ प्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है।

कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शाहला निगार ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत किसानों को आदान सहायता प्रदान की जाती है, जिसका उद्देश्य उनकी आजीविका को सुदृढ़ करना और आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में 25 लाख से अधिक किसानों को 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए किसानों को धान के साथ दलहन एवं तिलहन फसलों की ओर प्रोत्साहित किया गया है।

मुख्यमंत्री से संवाद कर किसानों ने जताया आभार

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने वर्चुअली जुड़कर प्रदेश के किसान हितग्राहियों से संवाद किया। जगदलपुर की महिला हितग्राही बसंती कश्यप ने बताया कि उनके खाते में 36 हजार रुपए की राशि आई है, जिससे वे होली का त्योहार अच्छे से मनाएंगे। कोरबा जिले के पहाड़ी कोरवा हितग्राही सुखन साय ने बताया कि उन्होंने 73 क्विंटल धान बेचा था और 53 हजार रुपए की राशि प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि इस राशि  को वे घर बनाने में खर्च करेंगे। जांजगीर जिले के किसान समर्थ सिंह ने बताया कि उन्हें 1 लाख 41 हजार रुपए अंतर की राशि मिली है, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय को धन्यवाद दिया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण भी किया।

कार्यक्रम में विधायक सर्वश्री श्री अमर अग्रवाल, श्री सुशांत शुक्ला, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, पूर्व विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, छत्तीसगढ़ राज्य पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पाण्डेय, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित के अध्यक्ष श्री रजनीश सिंह, महापौर श्रीमती पूजा विधानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शाहला निगार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानंद, संचालक कृषि श्री राहुल देव, कमिश्नर श्री सुनील जैन, आईजी श्री रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

CG: स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार राज्य की प्रगति और सशक्त होते आधारभूत ढांचे का प्रमाण : मुख्यमंत्री श्री साय…

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मुख्यमंत्री श्री साय ने 200 बिस्तरीय अत्याधुनिक श्री बालाजी कैंसर अस्पताल का किया शुभारंभ’

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित श्री बालाजी हॉस्पिटल परिसर में 200 बिस्तरीय अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भगवान बालाजी की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि और आरोग्य की कामना की। साथ ही उन्होंने कैंसर अस्पताल के नवनिर्मित इकाइयों का शुभारंभ कर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार राज्य की प्रगति और सशक्त होते आधारभूत ढांचे का स्पष्ट प्रमाण है। प्रदेश निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर हम रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं और राज्य गठन के समय जहां प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं बीते वर्षों में 14 से 15 मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं, जो स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि अपने दो वर्ष के कार्यकाल में उन्होंने 5 से 6 नए अत्याधुनिक अस्पतालों का शुभारंभ किया है, जिससे आमजन को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि कैंसर अपस्ताल में मरीजों को आयुष्मान योजना का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक दिक्कतें भी कम होगी।

इस अवसर पर अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. तेजस नायक, मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. नीता नायक, श्री आर. के. नायक, श्रीमती सत्यवती नायक तथा अस्पताल प्रबंधन और अधिकारी-कर्मचारी और आमजन उपस्थित थे।

CG: युवाओं को अध्यात्म से जोड़ने का अभिनव प्रयास है भजन क्लबिंग – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय…

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मुख्यमंत्री माधवास रॉक बैंड केबिगेस्ट भजन क्लबिंगकार्यक्रम में हुए शामिल’

मुख्यमंत्री श्री साय ने भक्तों के संग खेली फूलों की होली’

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज शाम राजधानी रायपुर स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित माधवास रॉक बैंड के ‘बिगेस्ट भजन क्लबिंग’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भजन क्लबिंग युवाओं को अध्यात्म से जोड़ने का एक अभिनव और सकारात्मक प्रयास है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है और युवाओं के कंधों पर ही देश एवं प्रदेश का भविष्य टिका हुआ है। ऐसे आयोजन युवाओं को भारतीय संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रसिद्ध भजन बैंड माधवास रॉक बैंड की संगीतमयी प्रस्तुति से पूरा वातावरण भक्ति भाव से सराबोर हो गया। राधा-कृष्णमय माहौल में मुख्यमंत्री श्री साय ने भी भक्तों के साथ फूलों की होली खेली। कार्यक्रम का आयोजन सामाजिक चेतना मंच द्वारा किया गया था।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमें अपनी जड़ों और प्राचीन परंपराओं को कभी नहीं भूलना चाहिए। भारत विश्व का सबसे युवा राष्ट्र है और यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है कि इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा उपस्थित हैं। उन्होंने कहा कि जब युवा अध्यात्म से जुड़ते हैं तो उनमें सकारात्मक ऊर्जा, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना और अधिक सशक्त होती है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के किसानों के हित में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और राज्य की लगभग 80 प्रतिशत आबादी कृषि से जुड़ी है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है, जो किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज प्रदेश के 25 लाख 28 हजार से अधिक अन्नदाता किसानों के खातों में 10 हजार 324 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई है। प्रदेश के 146 विकासखंडों में राशि अंतरण कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने बताया कि वे स्वयं बिल्हा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि होली से पहले किसानों के खातों में राशि पहुंचने से उनके परिवारजन हर्षोल्लास के साथ त्योहार मना सकेंगे।

इस अवसर पर विधायक श्री अनुज शर्मा, श्री अजय जामवाल, श्री आलोक डंगस, सामाजिक चेतना मंच के अध्यक्ष श्री उज्ज्वल दीपक सहित अन्य पदाधिकारी, इस्कॉन रायपुर से स्वामी सुलोचन प्रभुजी, स्वामी तमाल कृष्ण प्रभुजी, स्वामी निखिलापति प्रभुजी, स्वामी रघुपति दास तथा बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित थे।

खरगे ने केजरीवाल पर साधा निशाना, अन्याय के खिलाफ लड़ाई की दी सलाह…

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आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल के भावुक होने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि उन्हें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की तरह अन्याय के खिलाफ संघर्ष करना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि केवल रोने-धोने से कुछ हासिल नहीं होगा। खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों नेताओं को धोखेबाज करार दिया और लोगों को सलाह दी कि उन्हें इनका अनुसरण नहीं करना चाहिए।

किसान महाचौपाल में खरगे का भाषण

पंजाब के बरनाला में कांग्रेस के किसान महाचौपाल को संबोधित करते हुए खरगे ने कहा कि केवल आंसू बहाने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने केजरीवाल की भावनाओं का मजाक उड़ाते हुए कहा कि अगर वे सच में नेक इंसान हैं, तो उन्हें इसकी घोषणा करने की आवश्यकता नहीं है। खरगे ने यह भी कहा कि जिस तरह से केजरीवाल बोल रहे हैं, वैसा ही पहले नरेंद्र मोदी भी करते थे।

दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले में बरी होने के बाद केजरीवाल की प्रतिक्रिया

अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले में बरी होने के बाद अदालत के बाहर भावुक होकर कहा कि वे भ्रष्ट नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अदालत ने उन्हें और मनीष सिसोदिया को ईमानदार बताया है। खरगे ने पंजाब में बढ़ते अपराधों का मुद्दा उठाते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को भाजपा की बी टीम करार दिया।

पंजाब में अपराधों की बढ़ती संख्या

खरगे ने कहा कि पंजाब की धरती सामाजिक न्याय के लिए जानी जाती है, लेकिन आज यहां अपराध बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चुप है और यह भाजपा की बी टीम की तरह काम कर रही है।

मोदी पर आरोप

खरगे ने अमेरिका-भारत व्यापार समझौते पर भी प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा, इसे भाजपा सरकार का आत्मसमर्पण बताया। उन्होंने कहा कि मोदी देश को बेचने की कोशिश कर रहे हैं और पंजाब सरकार भी इसी दिशा में चल रही है।

ट्रेन से लेकर जेब तक… 1 मार्च से बदल जाएंगे ये नियम, आपकी जेब पर होगा सीधा असर…

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1 मार्च 2026 से रोजमर्रा की जिंदगी में कई ऐसे बदलाव लागू होने जा रहे हैं. जिनका असर सीधे आपकी जेब पर दिखेगा. सफर, रसोई, मोबाइल, बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट.

लगभग हर जरूरी हिस्से में नए नियम लागू होंगे. इन बदलावों के बाद आपको अपनी कुछ आदतें बदलनी पड़ेंगी. अगर पहले से तैयारी नहीं की तो छोटी सी लापरवाही भी आपकी जेब खाली कर सकती है, चलिए आपको एक-एक करके बताते हैं कि क्या-क्या बदलने वाला है.

एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में उतार-चढ़ाव

हर महीने की तरह इस बार भी 1 मार्च को एलपीजी सिलेंडर के नए रेट जारी होंगे. घरेलू और कमर्शियल दोनों कैटेगरी में बदलाव होने के आसार है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर गैस के दाम बढ़ या घट सकते हैं. अगर दरें बढ़ती हैं तो सीधे रसोई का बजट जरूर बदलेगा होगा. मिडिल क्लास परिवारों के लिए यह बड़ा फैक्टर है क्योंकि गैस खर्च महीने के तय खर्च का हिस्सा होता है. होटल और छोटे कारोबार भी कमर्शियल सिलेंडर के दाम से प्रभावित जरूर होंगे.

ट्रेन टिकट बुकिंग का नया सिस्टम

सबसे बड़ा अपडेट रेलवे यात्रियों के लिए है. 1 मार्च से भारतीय रेलवे अनारक्षित और जनरल टिकट बुकिंग के लिए पुराने सिस्टम को बंद कर देगा. अब यूटीएस ऐप की जगह नया रेलवन ऐप पूरी तरह एक्टिव रहेगा. प्लेटफॉर्म टिकट भी इसी से लेना होगा. यानी स्टेशन पर लंबी लाइन में लगने या पुराने ऐप पर निर्भर रहने का ऑप्शन लगभग खत्म हो जाएगा. जिन यात्रियों को रोजाना लोकल या शॉर्ट डिस्टेंस सफर करना होता है. उनके लिए यह बदलाव बेहद अहम है. वक्त रहते नया ऐप डाउनलोड करके उसपर रजिस्ट्रेशन कर लें. नहीं तो सफर के दिन परेशानी हो सकती है.

सिम कार्ड और मैसेजिंग ऐप्स पर सख्ती

डिजिटल फ्रॉड को रोकने लगाने के लिए दूरसंचार विभाग सिम बाइंडिंग को जरूरी करने जा रहा है. 1 मार्च से मैसेजिंग ऐप्स को एक्टिव सिम से लिंक करना जरूरी होगा. उदाहरण के तौर पर WhatsApp और Telegram जैसे प्लेटफॉर्म पर अकाउंट तभी पूरी तरह काम करेंगे जब वह वैलिड मोबाइल नंबर से जुड़े हों. मल्टी डिवाइस यूज और वेब लॉगिन पर भी एक्सट्रा वेरिफिकेशन लागू हो सकता है. इसका मकसद फेक अकाउंट और साइबर धोखाधड़ी को रोकना है.

बैंकिंग और यूपीआई नियमों में बदलाव

बैंकिंग सेक्टर में भी कुछ अहम अपडेट सामने आ सकते हैं. कई बैंक मिनिमम बैलेंस से जुड़े नियमों को संशोधित कर सकते हैं. जिससे सेविंग अकाउंट होल्डर्स पर सीधा असर पड़ेगा. अगर बैलेंस तय लिमिट से कम हुआ तो पेनल्टी बढ़ सकती है. इसके अलावा यूपीआई ट्रांजैक्शन में अतिरिक्त सुरक्षा लेयर जोड़ी जा सकती है. जैसे ओटीपी वेरिफिकेशन या ट्रांजैक्शन लिमिट में बदलाव. कुछ बैंक क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड स्ट्रक्चर और चार्जेस भी अपडेट कर सकते हैं.

सीएनजी और पीएनजी रेट्स बढ़ सकते हैं

हर महीने की शुरुआत में सीएनजी और पीएनजी की कीमतें रिव्यू होती हैं और 1 मार्च को नए रेट लागू हो सकते हैं. अगर नेचुरल गैस की लागत बढ़ी तो सीएनजी से चलने वाली कार और ऑटो चलाना महंगा पड़ सकता है. वहीं पीएनजी कनेक्शन वाले घरों में खाना पकाने का खर्च भी बढ़ सकता है. जिन परिवारों ने ईंधन बचत के लिए सीएनजी या पीएनजी ऑप्शन चुना है, उनके लिए यह बदलाव अहम रहेगा. ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने पर रोजमर्रा की चीजों के दाम भी प्रभावित हो सकते हैं.

Stock Market Holidays in March: पूरे 12 दिन BSE, NSE पर नहीं होगी ट्रेडिंग, जानें मार्च में कब-कब बंद रहेगा शेयर बाजार?

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भारतीय शेयर बाजार आमतौर पर शनिवार और रविवार को बंद रहता है ये बात तो सभी को पता है. अब निवेशक इस बात को लेकर कंफ्यूज हो रहे होंगे कि कल से शुरू हो रहे मार्च के महीने में शेयर बाजार किस-किस दिन बंद रहने वाला है.

आपको बता दें कि मार्च 2026 में स्टॉक मार्केट पूरे 12 दिनों के लिए बंद रहेगा. इसकी खबर शेयर बाजार निवेश से जुड़े हर इंसान को होनी चाहिए. इस पूरे महीने में वीकेंड की छुट्टियों के अलावा तीन ट्रेडिंग हॉलिडे भी है. यानी कि कुल मिलाकर महीने के 40 परसेंट समय तक स्टॉक मार्केट में कोई एक्टिविटी नहीं होगी.

मार्च के महीने में 3 ट्रेडिंग हॉलिडे

साल 2026 के मार्च के महीने में चार शनिवार और पांच रविवार है. इस तरह नौ दिन स्टॉक मार्केट बंद रहेगा. इन नौ दिनों की छुट्टियों के अलावा भी मार्च में तीन बड़े त्योहार है, जिसके चलते मार्केट में कोई ट्रेडिंग नहीं होगी. इस दौरान इक्विटी से लेकर कमोडिटी, डेरिवेटिव्स, करेंसी मार्केट सारे के सारे सेगमेंट्स बंद रहेंगे आइए जानते हैं ये ट्रेडिंग हॉलिडे कौन-कौन से हैं:-

3 मार्च को होली की छुट्टी रहेगी, जो भारत के बड़े त्योहारों में से एक है.

26 मार्च को राम नवमी की छुट्टी होगी.

31 मार्च को श्री महावीर जयंती की छुट्टी रहेगी.

इस तरह से बाजार 12 दिनों के लिए बंद रहेगा. अमूमन भारतीय शेयर बाजार में इतने दिनों की छुट्टियां नहीं होती हैं.

होलिका दहन के दिन बंद या खुला रहेगा बाजार?

मंगलवार, 3 मार्च 2026 को होली के दिन मार्केट में छुट्टी रहेगी. यह छुट्टी होलिका दहन के साथ ही है. 4 मार्च को स्टॉक मार्केट खुला रहेगा, जब देश के ज्यादातर हिस्सों में रंग खेले जा रहे होंगे. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में 4 मार्च को नॉर्मल ट्रेडिंग फिर से शुरू होगी. मार्केट हमेशा की तरह सुबह 9:15 बजे खुलेगा और दोपहर 3:30 बजे तक खुला रहेगा.

8th Pay Commission: 50 परसेंट DA को बेसिक सैलरी में मिला दें, सरकारी कर्मचारियों की नई डिमांड आई सामने…

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वक्त जैसे-जैसे बीतता जा रहा है आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर भी नई-नई खबरें सामने आ रही हैं. अब एक और नया अपडेट सामने आया है, जो केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए काम की बात है.

दरअसल, सरकारी कर्मचारियों पर महंगाई का बोझ कम करने के लिए अब एक और बड़ी मांग उठी है.

फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशन्स (FNPO) ने 8th Pay Commission की चेयरपर्सन जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को एक लेटर भेजा है. FNPO सरकार से 50 परसेंट महंगाई भत्ता (DA) को बेसिक सैलरी (Basic Pay) में मिलाने की मांग की है. इसने इसे 1 जनवरी, 2026 से ‘अंतरिम राहत’ के तौर पर लागू करने का सुझाव दिया है.

DA को बेसिक पे के साथ मर्ज करने के पीछे तर्क

भारत में डाक विभाग के कर्मचारियों के लिए बने संगठन FNPO का कहना है कि पिछले कुछ सालों में खाने-पीने की चीजों की कीमतें बढ़ी हैं. मेडिकल ट्रीटमेंट पर खर्च बढ़ा है. पेट्रोल-डीजल की कीमत में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है. कर्मचारियों और पेंशनर्स की जेबों पर इसका दबाव पड़ा है.

बताया गया कि पहले भी DA जब 50 परसेंट के आंकड़े को पार गया, तब , पे कमीशन ने महंगाई के असर को कम करने के लिए इसके एक हिस्से को बेसिक पे के साथ मर्ज करने की सलाह दी है.

FNPO ने यह भी बताया कि चूंकि HRA (हाउस रेंट अलाउंस), ट्रांसपोर्ट अलाउंस और ग्रेच्युटी जैसे बेनिफिट्स बेसिक पे पर निर्भर करते हैं, इसलिए DA को मर्ज करने से ये बेनिफिट्स भी बढ़ जाएंगे। इससे कर्मचारियों को लंबे समय में पैसे का फायदा होगा.

यह भी तर्क दिया गया कि 8वें पे कमीशन की आखिरी सिफारिशों की घोषणा और उन्हें लागू होने में काफी समय लग सकता है. तब तक कर्मचारियों को राहत देने के लिए यह अंतरिम कदम जरूरी है.

सैलरी स्ट्रक्चर में होगा बड़ा बदलाव

अगर सरकार कर्मचारियों की यह मांग मान लेती है, तो एक तो HRA में इजाफा होगा. जैसे-जैसे बेसिक पे बढ़ेगी, आपका हाउस रेंट अलाउंस भी बढ़ेगा. रिटायर होने वाले कर्मचारियों के लिए यह फायदेमंद साबित होगा क्योंकि पेंशन और ग्रेच्युटी की गिनती बदले हुए बेसिक पे के आधार पर कर दी जाएगी, जिससे पेमेंट बढ़कर मिलेगा. इसके साथ दूसरे सारे पे-लिंक्ड अलाउंस भी बढ़ेंगे.

मान लीजिए अगर आपकी बेसिक सैलरी 20000 रुपये है और DA 50 परसेंट है, तो आपको 10000 DA मिलेगा. DA बेसिक पे में मर्ज होने से आपकी टोटल सैलरी 30000 हो जाएगी. यानी कि DA के तहत मिला 10000 रुपया आपकी बेसिक सैलरी से जुड़ जाएगा. बेसिक सैलरी बढ़ेगी, तो बाकी सारे अलाउंस भी अपने आप ही बढ़ जाएंगे. HRA के अलावा PF कंट्रीब्यूशन बढ़ेगा, रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली ग्रैच्युटी बढ़ेगी.

सोना महंगा हुआ तो बदला ट्रेंड, 18 कैरेट और चांदी की ज्वेलरी बन रही लोगों की पहली पसंद; जानिए इसकी वजह…

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देश में सोने-चांदी के दाम भले ऊपर-नीचे हो रहे हों, लेकिन ग्राहकों की पसंद में भी बदलाव देखने को मिल रहा है. ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक अब ज्वेलरी को सिर्फ सुरक्षित निवेश नहीं, बल्कि पर्सनल स्टाइल और पहचान का हिस्सा माना जा रहा है.

कीमतें बढ़ने के कारण लोग चांदी और 18 कैरेट जैसे कम कीमत वाले सोने की ओर रुख कर रहे हैं. डिजाइन में आधुनिक होने और बजट फ्रेंडली होना इन्हें लोगों की पसंद बना रहा है. आइए जानते हैं, इस बारे में….

महंगे सोने ने बदली ग्राहकों की पसंद

सोने की तेजी से बढ़ती कीमतों ने खरीदारों को नई सोच अपनाने पर मजबूर कर दिया है. बाजार जानकारों के अनुसार अब भारी-भरकम 22 कैरेट गहनों की जगह 18 कैरेट ज्वेलरी की मांग बढ़ रही है. इसकी बड़ी वजह दोनों के दाम में करीब 15 से 20 प्रतिशत तक का फर्क है.

जिससे बजट पर दबाव कम पड़ता है. साथ ही 18 कैरेट में हल्के और मॉडर्न डिजाइन मिलने लगे हैं. जिन्हें रोज ऑफिस या किसी फंक्शन में पहनना ज्यादा आसान और सुरक्षित माना जा रहा है. इसी कारण लोग अब 18 कैरेट गहनों की तरफ आकर्षित हो रहे हैं.

सिल्वर और डायमंड ज्वेलरी बन रही लोगों की पसंद

एक समय ऐसा था जब, गहनों की बात होते ही सोना की बात दिमाग में आती थी. हालांकि, अब समय बदल रहा है. अब चांदी सिर्फ सस्ता ऑप्शन नहीं है, बल्कि नए डिजाइन और स्टर्लिंग सिल्वर लोगों की पसंद बनते जा रहे हैं.

साथ ही, अब लोग डायमंड ज्वेलरी भी खरीद रहे हैं. हालांकि, डायमंड की तरफ झुकाव अभी शुरुआती चरण में है. लेकिन चांदी अपनी जगह लोगों के घरों में बना रही है. जिससे सोने की मांग में बदलाव दिख सकता है.

निवेशकी की पसंद बनी चांदी

चांदी की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों का ध्यान भी अपनी ओर खींचा है. चांदी ने पिछले एक साल में निवेशकों को तगड़ा मुनाफा कमाने का अवसर दिया है. यहीं कारण है कि, चांदी अब निवेशकों के बीच काफी प्रसिद्ध हो रही हैं.

PM मोदी के कांग्रेस को राष्ट्रविरोधी बताने वाले बयान से नाराज अशोक गहलोत, बोले- ‘यह नैतिक पतन…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आज (28 फरवरी) अजमेर में कांग्रेस को ‘राष्ट्र विरोधी’ बताने वाले बयान पर सियासत गरमा गई है. इस बयान पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तीखा पलटवार किया है.

गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर नाराजगी जताई और कई सवाल उठाते हुए कहा कि अजमेर में प्रधानमंत्री का बयान उनकी राजनीतिक हताशा को दर्शाता है. आज अजमेर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कांग्रेस पार्टी को लेकर की गई टिप्पणियां उनकी राजनीतिक बेचैनी और हताशा का प्रतीक हैं.

साथ ही अशोक गहलोत ने कहा कि जिस विचारधारा का देश की आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं रहा, उसका आजादी के आंदोलन का नेतृत्व करने वाली कांग्रेस पार्टी पर देश को बांटने जैसे गंभीर आरोप लगाना न केवल हास्यास्पद है, बल्कि यह नैतिक पतन को भी दर्शाता है.

स्वयं को राष्ट्र से बड़ा समझने की भूल न करें मोदी- अशोक गहलोत

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आगे कहा कि पीएम मोदी को यह याद रखना चाहिए कि उनका विरोध करना देश का विरोध नहीं होता. स्वयं को राष्ट्र से बड़ा समझने की भूल न करें. यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आपने एक आधिकारिक सरकारी मंच का उपयोग केवल संकीर्ण राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया. जनता को आपसे उम्मीद थी कि आप मेरे पत्र में उठाए गए जनहित के मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे. क्या आप नहीं चाहते कि पूरे देश की जनता को राजस्थान की तरह ‘राइट टू हेल्थ’ का अधिकार मिले. क्या आपको गिग वर्कर्स वेलफेयर एक्ट और शहरी रोजगार गारंटी जैसे ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कानूनों में कोई रुचि नहीं है. बीजेपी सरकार ने ईआरसीपी का नाम तो बदल दिया, लेकिन जमीनी स्तर पर इस परियोजना पर कोई काम नहीं किया. राजस्थान की जनता सच्चाई भली-भांति जानती है.

पेपर लीक जैसे मुद्दों पर राजनीति न करें सरकार- गहलोत

पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय आपको राजस्थान के उस सख्त कानून की सराहना करनी चाहिए थी. जिसमें आजीवन कारावास, 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना और दोषियों की संपत्ति जब्त करने जैसे कठोर प्रावधान शामिल हैं. यह कानून आज पूरे देश के लिए एक उदाहरण बन चुका है. युवाओं को गुमराह करने की राजनीति करने के बजाय आपको केंद्र सरकार के स्तर पर ऐसा ही सख्त कानून लागू करने की बात करनी चाहिए थी.

जनता के सामने ‘डबल जीरो’ हुआ ‘डबल इंजन’ का नारा- गहलोत

यह भी चिंताजनक है कि बीजेपी सरकार अपने ही कार्यकाल में राजस्थान में हुए ओएमआर शीट घोटाले की जांच कराने का साहस तक नहीं जुटा पा रही है. बेहतर होता कि आप विधानसभा चुनावों के दौरान दी गई अपनी गारंटी पर खरे उतरते और आज मुख्यमंत्री को कांग्रेस सरकार की बंद की गई. जनकल्याणकारी योजनाओं को पुनः शुरू करने के निर्देश देते. क्योंकि अब राजस्थान में आपका खोखला ‘डबल इंजन’ का नारा जनता के सामने ‘डबल जीरो’ साबित हो रहा है.