प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आज (28 फरवरी) अजमेर में कांग्रेस को ‘राष्ट्र विरोधी’ बताने वाले बयान पर सियासत गरमा गई है. इस बयान पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तीखा पलटवार किया है.
गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर नाराजगी जताई और कई सवाल उठाते हुए कहा कि अजमेर में प्रधानमंत्री का बयान उनकी राजनीतिक हताशा को दर्शाता है. आज अजमेर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कांग्रेस पार्टी को लेकर की गई टिप्पणियां उनकी राजनीतिक बेचैनी और हताशा का प्रतीक हैं.
साथ ही अशोक गहलोत ने कहा कि जिस विचारधारा का देश की आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं रहा, उसका आजादी के आंदोलन का नेतृत्व करने वाली कांग्रेस पार्टी पर देश को बांटने जैसे गंभीर आरोप लगाना न केवल हास्यास्पद है, बल्कि यह नैतिक पतन को भी दर्शाता है.
स्वयं को राष्ट्र से बड़ा समझने की भूल न करें मोदी- अशोक गहलोत
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आगे कहा कि पीएम मोदी को यह याद रखना चाहिए कि उनका विरोध करना देश का विरोध नहीं होता. स्वयं को राष्ट्र से बड़ा समझने की भूल न करें. यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आपने एक आधिकारिक सरकारी मंच का उपयोग केवल संकीर्ण राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया. जनता को आपसे उम्मीद थी कि आप मेरे पत्र में उठाए गए जनहित के मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे. क्या आप नहीं चाहते कि पूरे देश की जनता को राजस्थान की तरह ‘राइट टू हेल्थ’ का अधिकार मिले. क्या आपको गिग वर्कर्स वेलफेयर एक्ट और शहरी रोजगार गारंटी जैसे ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कानूनों में कोई रुचि नहीं है. बीजेपी सरकार ने ईआरसीपी का नाम तो बदल दिया, लेकिन जमीनी स्तर पर इस परियोजना पर कोई काम नहीं किया. राजस्थान की जनता सच्चाई भली-भांति जानती है.
पेपर लीक जैसे मुद्दों पर राजनीति न करें सरकार- गहलोत
पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय आपको राजस्थान के उस सख्त कानून की सराहना करनी चाहिए थी. जिसमें आजीवन कारावास, 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना और दोषियों की संपत्ति जब्त करने जैसे कठोर प्रावधान शामिल हैं. यह कानून आज पूरे देश के लिए एक उदाहरण बन चुका है. युवाओं को गुमराह करने की राजनीति करने के बजाय आपको केंद्र सरकार के स्तर पर ऐसा ही सख्त कानून लागू करने की बात करनी चाहिए थी.
जनता के सामने ‘डबल जीरो’ हुआ ‘डबल इंजन’ का नारा- गहलोत
यह भी चिंताजनक है कि बीजेपी सरकार अपने ही कार्यकाल में राजस्थान में हुए ओएमआर शीट घोटाले की जांच कराने का साहस तक नहीं जुटा पा रही है. बेहतर होता कि आप विधानसभा चुनावों के दौरान दी गई अपनी गारंटी पर खरे उतरते और आज मुख्यमंत्री को कांग्रेस सरकार की बंद की गई. जनकल्याणकारी योजनाओं को पुनः शुरू करने के निर्देश देते. क्योंकि अब राजस्थान में आपका खोखला ‘डबल इंजन’ का नारा जनता के सामने ‘डबल जीरो’ साबित हो रहा है.



