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CG: किसानों को मिलेगा जमीन का मुआवजा! मंत्री टंकराम वर्मा ने सदन से किया बड़ा ऐलान…

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नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने सदन में उठाया जमीन मुआवजा का मुद्दा

मंत्री टंक राम वर्मा ने राजस्व विभाग और NHAI की संयुक्त जांच टीम बनाने की घोषणा की

जिन किसानों को मुआवजा नहीं मिला, उन्हें प्राथमिकता से राहत दिलाने का भरोसा

छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र जारी है। आज सदन में अलग-अलग विषयों पर ध्यानाकर्षण किया गया। इस दौरान सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान जमीन मुआवजा का मुद्दा उठा। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक ने जमीन मुआवजा से जुड़ा मुद्दा उठाया।जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य मंत्री टंक राम वर्मा ने तुरंत कार्रवाई का भरोसा दिया।

इस दौरान मंत्री ने घोषणा की कि इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक संयुक्त टीम बनाई जाएगी। यह टीम राजस्व विभाग और एनएचआई (NHAI) के अधिकारियों की होगी, जो जमीन अधिग्रहण और मुआवजा वितरण से जुड़े मामलों की जांच करेगी।

मंत्री टंक राम वर्मा ने साफ कहा कि जिस किसान को अब तक जमीन का मुआवजा नहीं मिला है, उसके मामले को प्राथमिकता से देखा जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि ऐसे मामलों में जल्द से जल्द मुआवजा दिलाने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसानों के हितों के साथ है और किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

CG: कृषक उन्नति योजना : जिले के 92493 किसानों के खाते में आएंगे 372 करोड़ 67 लाख रूपए…

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय 28 फरवरी को करेंगे किसानों के खातों में राशि का अंतरण’

प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी कृषक उन्नति योजना के तहत खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान बेचने वाले जिले के किसानों के खातों में अंतर की राशि को अंतरित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय शनिवार 28 फरवरी को बिलासपुर के बिल्हा विकासखण्ड के ग्राम रहंगी के खेल मैदान में आयोजित समारोह में दोपहर 12 बजे प्रदेश भर के किसानों के खातों में योजनांतर्गत राशि अंतरित करेंगे।

कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान बेचने वाले जिले के 92 हजार 493 किसानों के बैंक खातों में कुल 372 करोड़ 67 लाख 20 हजार रूपए की राशि अंतरित की जाएगी। इन किसानां के द्वारा वर्तमान खरीफ विपणन वर्ष में 50 लाख 98 हजार 696 क्विंटल धान बेचा गया है, जिनकी अंतर राशि 70 बैंक शाखाओं में शनिवार 28 फरवरी को अंतरित की जाएगी।

CG: जल जीवन मिशन: घर-घर नल कनेक्शन से 1135 ग्रामीणों को मिल रहा स्वच्छ पेयजल…

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शासन की महत्वकांक्षी जल जीवन मिशन अंतर्गत जिले में कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार हर घर जल पहुंचाने लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में पथरिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम करही में 254 घरों और लगभग 01 हजार 135 से अधिक ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है।

इस गांव में जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन ने पेयजल व्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। जो गांव कभी 05 हैंडपंप और 05 पावर पंप पर निर्भर था, आज वहां प्रत्येक घर में नल से नियमित, स्वच्छ और पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है। अब ग्राम करही में पानी के लिए न कतार है, न भागदौड़ और न ही चिंता।

पूर्व में जलस्तर कम होने पर गांव में पानी की भारी किल्लत हो जाती थी। विशेषकर गर्मी के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती थी। महिलाओं को दूरस्थ स्थानों तक पानी लाने जाना पड़ता था और लंबी कतारों में घंटों इंतजार करना पड़ता था। इससे घरेलू कार्यों में देरी होती थी और मजदूरी तथा खेती-किसानी का कार्य भी प्रभावित होता था।

गांव की महिलाओं के लिए यह केवल पानी की समस्या नहीं थी, बल्कि समय, श्रम और सम्मान से जुड़ा प्रश्न था, लेकिन जब से जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूरे गांव में पाइपलाइन का विस्तार कर प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन पहुंचाया गया है, तब से सभी परिवारों को घर बैठे स्वच्छ पेयजल मिल रहा है। पानी के लिए होने वाली रोज़मर्रा की भागदौड़ समाप्त हो गई है और ग्रामीणों की दिनचर्या व्यवस्थित हो गई है।

ग्राम की निवासी अंजीरा राजपूत, जानकी नेताम, गणेशिया यादव और सुखमनी यादव ने कहा कि अब उन्हें पानी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता। वे अपने घरेलू कार्य समय पर पूरा कर पा रही हैं और खेतों व मजदूरी कार्यों के लिए भी समय पर निकल पाती हैं।

ग्राम की सरपंच श्रीमती कमलेश बंजारे के अनुसार योजना के सफल संचालन और संधारण के लिए जल कर संग्रह की व्यवस्था की गई है।

नियमित देखरेख और सामुदायिक सहभागिता से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी ग्रामीणों को समय पर और पर्याप्त पानी मिलता रहे। पथरिया के जनपद सदस्य श्री संजीव नेताम ने कहा कि अब ग्रामीणों के दरवाजे पर ही पानी उपलब्ध है, जिससे वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का समाधान हो गया है।

उन्होंने इस योजना को ग्राम करही के लिए वरदान बताते हुए इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

CG: चार जिलों में संशोधित गाइडलाइन दरें 27 फरवरी से लागू…

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रायपुर: छत्तीसगढ़ में दिनांक 20 नवम्बर 2025 से नवीन गाइडलाइन दरें लागू की गई हैं। राज्य शासन द्वारा जिला मूल्यांकन समितियों को निर्देश जारी किए गए थे कि स्थानीय परिस्थितियों एवं आवश्यकताओं के अनुसार गाइडलाइन दरों में संशोधन संबंधी प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजे जा सकते हैं।

उक्त निर्देशों के अनुरूप दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा तथा बलरामपुर-रामानुजगंज जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों से संशोधित प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन प्रस्तावों पर विचार हेतु महानिरीक्षक पंजीयन की अध्यक्षता में केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिलों से प्राप्त प्रस्तावित गाइडलाइन दरों का परीक्षण कर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में समग्र परीक्षण के पश्चात केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा एवं बलरामपुर-रामानुजगंज जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों से प्राप्त गाइडलाइन दरों के प्रस्तावों का अनुमोदन प्रदान किया गया।

केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा अनुमोदित नवीन गाइडलाइन दरें उपरोक्त चारों जिलों में दिनांक 27 फरवरी 2026 से प्रभावशील होंगी। आम नागरिक एवं संबंधित हितधारक नवीन दरों की जानकारी संबंधित जिला पंजीयन कार्यालयों तथा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं।अन्य जिलों की संशोधित गाइडलाइन दरें भी शीघ्र जारी की जाएंगी।

CG: राष्ट्रीय बागवानी मिशन से किसानों को संबल : उन्नत तकनीक से टमाटर खेती में बढ़ा उत्पादन और मुनाफा…

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रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों से जोड़ने और केंद्र व राज्य शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सतत प्रयास कर रही है। इसी क्रम में राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के माध्यम से किसानों को आधुनिक बागवानी पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।

जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत टेम्पू के किसान श्री सुनील भगत ने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में टमाटर की उन्नत खेती कर सफलता हासिल की है। उन्होंने विभागीय परामर्श के बाद जीके देशी किस्म का टमाटर लगाया, जिससे प्रति एकड़ लगभग 9 टन उत्पादन प्राप्त हुआ।

किसान श्री भगत ने बताया कि वे मौसम के अनुसार सब्जी फसलों की खेती करते हैं। वर्तमान सीजन में उन्होंने लगभग 85 हजार 500 रुपये का टमाटर विक्रय किया। कुल लागत व्यय निकालने के बाद उन्हें 55 हजार 500 रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। वे अन्य विभागीय योजनाओं का भी लाभ ले रहे हैं और अब ड्रिप सिंचाई एवं मल्चिंग जैसी उन्नत तकनीकों को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

श्री सुनील भगत की सफलता से ग्राम पंचायत टेम्पू सहित आसपास के गांवों के किसान भी प्रेरित हुए हैं। कई किसान अब उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने और विभागीय योजनाओं से जुड़ने के लिए आगे आ रहे हैं, ताकि कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर आय प्राप्त कर सकें।

राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य के किसानों को न केवल आधुनिक खेती की दिशा मिल रही है, बल्कि वे आर्थिक रूप से अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर भी बन रहे हैं।

‘इसे मेरा या तुम्हारा कश्मीर मत कहिए…’, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन की छात्रों को बड़ी सीख…

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युवाओं में बढ़ते ड्रग्स के इस्तेमाल और सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल के खिलाफ बोलते हुए, भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा है कि मजबूत और एकजुट भारत के लिए सिर्फ शिक्षा ही जरूरी है.

उन्होंने ग्रेजुएट हो रहे स्टूडेंट्स से कहा कि वे कश्मीर को ‘मेरा कश्मीर’, ‘तुम्हारा कश्मीर’ न कहें, बल्कि हमेशा ‘हमारा कश्मीर’ कहें.

वाइस प्रेसिडेंट सीपी राधाकृष्णन आज (गुरुवार, 26 फरवरी) कश्मीर यूनिवर्सिटी के 21वें कॉन्वोकेशन में शामिल हुए और कहा कि कश्मीर एकजुट भारत के दिल में है. उप राष्ट्रपति ने आगे कहा, “मैं आखिर में सिर्फ तीन लाइन कहना चाहता हूं. मेरा कश्मीर नहीं, तुम्हारा कश्मीर नहीं, हमारा कश्मीर, यही मैं आप सभी से चाहता हूं.”

युवाओं के विकास में पीएम स्कॉलरशिप का योगदान

कश्मीर में युवाओं की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए PM स्कॉलरशिप स्कीम जैसी खास एजुकेशनल स्कीम की तारीफ करते हुए, सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि ऐसी कोशिशें युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करती हैं और देश भर के इंस्टीट्यूशन में युवाओं की पढ़ाई को आसान बनाकर नेशनल इंटीग्रेशन को भी बढ़ावा देती हैं, जिससे सोशल इंटीग्रेशन होता है.

सीपी राधाकृष्णन ने याद किए राज्यपाल कार्यकाल के दिन

इस बात पर जोर देते हुए कि देश की एकता उसकी विविधता और एक-दूसरे की भावनाओं के प्रति सहनशीलता में है, सीपी राधाकृष्णन ने झारखंड में कश्मीरी छात्रों के दौरे से जुड़ी एक घटना का जिक्र किया, जब वे गवर्नर के तौर पर काम कर रहे थे.

सीपी राधाकृष्णन ने कहा, “जब मैं झारखंड का गवर्नर था, तो कश्मीरी छात्रों का एक ग्रुप ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ प्रोग्राम के तहत दौरे पर आया था. यह जानते हुए कि उनमें से ज़्यादातर नॉन-वेजिटेरियन थे, मैंने लोक भवन (तब राज भवन) से कश्मीरी छात्रों को नॉन-वेजिटेरियन खाना या उनकी पसंद का खाना परोसने के लिए कहा, भले ही मैं वेजिटेरियन हूं.”

‘हमें दूसरों की भावनाओ का सम्मान करना होगा’

सीपी राधाकृष्णन ने कहा, “हम डेमोक्रेट हैं. हमें दूसरों की भावनाओं को मानना होगा. हमें अपनी भावनाओं पर गर्व होना चाहिए, लेकिन हम दूसरों की भावनाओं को नीचा नहीं दिखा सकते. यह अच्छा नहीं है. कोई भी डेमोक्रेट ऐसा नहीं करेगा.”

186 महिला स्कॉलर्स को मिले मेडल्स

आज के कॉन्वोकेशन में 59558 डिग्रियां, 44910 अंडरग्रेजुएट, 13545 पोस्टग्रेजुएट, 465 MD, M.S.M.Ch, 638 MPhil, 168 PhD डिग्रियां दी गईं. कुल 239 गोल्ड मेडल दिए गए. इनमें से 186 मेडल महिला स्कॉलर्स को मिले हैं, जिसकी वाइस प्रेसिडेंट ने तारीफ की.

इस दौरान उप राष्ट्रपति ने कहा, ‘मैं आज तीन वजहों से सबसे खुश इंसान हूं. हमारे राज्य की एजुकेशन मिनिस्टर एक महिला हैं. दूसरा, यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर एक महिला हैं और तीसरा, ज़्यादातर गोल्ड मेडल जीतने वाली भी महिलाएं हैं. मेरी और खुशी यह है कि देश के वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर यह मेरा पहला दौरा है. यूनिवर्सिटी की असली विरासत इसके ग्रेजुएट होने वाले स्टूडेंट्स हैं: वे जो कैरेक्टर देते हैं और समाज में जो योगदान देते हैं.’

सहारा इंडिया का रिफंड पोर्टल फिर से खुला, 10 लाख तक कर सकते हैं क्लेम, जानें फुल प्रोसेस…

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देशभर में ऐसे लाखों लोग हैं जिन्होंने सहारा समूह की सहकारी समितियों में अपनी जमा-पूंजी निवेश की थी. लंबे समय से लोग अपने पैसे की वापसी का इंतजार कर रहे थे. अब उनके लिए राहत की खबर है.

केंद्र सरकार का शुरू किया गया CRCS-Sahara Refund Portal फिर से खोल दिया गया है. खास बात यह है कि जिन लोगों का पहले क्लेम रिजेक्ट हो गया था या जिनके आवेदन में कोई कमी रह गई थी, वे अब दोबारा अपना दावा जमा यानी रीसबमिट कर सकते हैं. सरकार का कहना है कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से की जा रही है, ताकि असली निवेशकों को उनका पैसा सीधे बैंक खाते में मिल सके.

क्या है सहारा रिफंड पोर्टल?

यह पोर्टल Ministry of Cooperation ने शुरू किया गया है. इसका उद्देश्य सहारा समूह की चार सहकारी समितियों में निवेश करने वाले लोगों को उनका पैसा वापस दिलाना है. यह कदम Supreme Court of India के आदेश के बाद उठाया गया, जिसके तहत सरकार को निवेशकों का पैसा लौटाने की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी. रिफंड की राशि सीधे निवेशक के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है.

किन समितियों के निवेशकों को मिलेगा फायदा?

अगर आपने Sahara Credit Cooperative Society Ltd, Saharayan Universal Multipurpose Society Ltd, Humara India Credit Cooperative Society Ltd या Stars Multipurpose Cooperative Society Ltd जैसी सहकारी समितियों में पैसा जमा किया था, तो आप इस रिफंड के लिए आवेदन कर सकते हैं. इन समितियों में पैसा जमा करने वाले सभी पात्र निवेशक आधार और बैंक डिटेल के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.

10 लाख रुपये तक का क्लेम कर सकते हैं दोबारा

रीसबमिशन पोर्टल पर अभी 10 लाख रुपये तक के दावों को दोबारा जमा करने की सुविधा दी गई है. अगर आपके क्लेम में कोई कमी पाई गई थी या आपका आवेदन वेरीफीकेशन में पास नहीं हुआ था तो आपको पोर्टल के माध्यम से इसकी सूचना दी गई होगी. अब आप उन कमियों को सुधार कर अपना आवेदन फिर से जमा कर सकते हैं. दोबारा सही तरीके से क्लेम जमा करने के बाद उसे 45 वर्किंग डेज के भीतर प्रोसेस किया जाएगा.

अभी तक 50,000 रुपये तक के क्लेम हुए प्रोसेस

सरकार ने पहले चरण में 50,000 रुपये तक की राशि जारी करने की प्रक्रिया शुरू की है. जिन निवेशकों के दस्तावेज सही पाए गए, उन्हें 50,000 रुपये या उससे कम की राशि सीधे बैंक खाते में भेजी गई है. जिनके आवेदन में कमी थी, उन्हें मैसेज के जरिए जानकारी दी गई है ताकि वे दोबारा सही दस्तावेज अपलोड कर सकें. जानकारी के अनुसार, पात्र निवेशकों को मार्च 2026 से 50,000 रुपये तक की पहली किस्त मिलने की संभावना है. जिन लोगों के आवेदन पहले से स्वीकृत हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी.

रीसबमिशन कैसे करें?

आधिकारिक रिफंड रीसबमिशन पोर्टल पर mocresubmit.crcs.gov.in/resubmission जाएं.

आधार से लिंक मोबाइल नंबर दर्ज करें.

OTP डालकर लॉगिन करें.

अपने निवेश से जुड़े सर्टिफिकेट आदि अपलोड करें.

बैंक खाता विवरण भरें.

फॉर्म सबमिट करें और रसीद डाउनलोड कर लें, लेकिन आपका बैंक खाता आधार से लिंक होना जरूरी है, तभी DBT के जरिए पैसा ट्रांसफर होगा.

सहायता के लिए कहां करें संपर्क?

अगर आपको तकनीकी दिक्कत आ रही है या जानकारी चाहिए, तो आप हेल्पलाइन नंबर 011-20909044 या 011-20909045 पर संपर्क कर सकते हैं. हालांकि सरकार ने साफ किया है कि सिर्फ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन जमा किए गए क्लेम ही स्वीकार किए जाएंगे. ऑफलाइन आवेदन या किसी एजेंट के माध्यम से किया गया दावा मान्य नहीं होगा. पोर्टल को चरणबद्ध तरीके से खोला जा रहा है ताकि एक साथ ज्यादा लोड न पड़े.

सुप्रीम कोर्ट ने रूह अफजा को माना फ्रूट ड्रिंक, अब 12.5 प्रतिशत नहीं सिर्फ 4 प्रतिशत टैक्स देगा हमदर्द…

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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (25 फरवरी, 2026) को एक फैसले में कहा है कि शरबत रूह अफजा को एक फ्रूट ड्रिंक माना जाना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि मार्केटिंग लेबल किसी उत्पाद की टैक्स कैटेगरी निर्धारित नहीं कर सकते.

उन्होंने कहा कि ‘रूह अफजा’ एक फल आधारित पेय पदार्थ है जिसे पानी या दूध में मिलाकर पतला करके पिया जाता है. कोर्ट ने कहा कि इस पर वैट (Value Added Tax) की दर 12.5 प्रतिशत नहीं, बल्कि कम दर वाला 4 प्रतिशत वैट लागू होगा.

लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार कोर्ट ने कहा कि हमदर्द (WAKF) के शरबत रूह अफजा को उत्तर प्रदेश वैट एक्ट के तहत फ्रूट ड्रिंक की श्रेणी में रखा जाए. उन्होंने कहा कि भले ही इसे शरबत के रूप में बेचा जाता है, जिन पर 12.5 प्रतिशत टैक्स लगता है, लेकिन इसे फ्रूट ड्रिंक ही माना जाए और 4 प्रतिशत टैक्स कैटेगरी में रखा जाए.

जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने कहा, ‘एक बार यह सिद्ध हो जाने पर कि उत्पाद फलों से बना पेय पदार्थ है जिसका पतला करके सेवन किया जाना है, तो इसे एंट्री 103 के अंतर्गत फ्रूट ड्रिंक के रूप में वर्गीकृत करने का उचित और ठोस आधार बनता है.’ बेंच ने हमदर्द लेबोरेटरीज की अपील को स्वीकार करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के उन फैसलों को रद्द कर दिया, जिनमें रूह अफजा को 12.5 प्रतिशत ​​की वैट दर के तहत रखा गया था.

रूह अफजा को लेकर मुद्दा ये था कि इसमें 10 प्रतिशत फलों का रस, हर्बल अर्क और चीनी सिरप होता है तो इस पर टैक्स फ्रूट ड्रिंक के तौर पर लगाया जाए या अनक्लासीफाइड आइटम्स की तरह 12.5 प्रतिशत वैट लगाया जाए. इनकम टैक्स अधिकारियों ने इसके लेबल पर दी गई जानकारी कि यह नॉन-फ्रूट सिरप या शरबत है, इसको खाद्य नियमों के तहत उच्च दर वाले आइटम्स में वर्णित किए जाने के आधार पर 12.5 प्रतिशत ​​वैट लगाने को उचित ठहराया.

सुप्रीम कोर्ट ने माना कि किसी उत्पाद के टैक्स वर्गीकरण में उसका असली व्यवसायिक और वास्तिवक स्वरूप मायने रखता है. न कि सिर्फ उसका मार्केटिंग लेबल या नाम. कोर्ट ने आवश्यक विशेषता टेस्ट लागू करते हुए माना कि भले ही रूह अफजा में शुगर सिरप मात्रा में अधिक है, लेकिन यह एक कैरियर और प्रीजरवेटिव के रूप में काम करता है. भले ही इनवर्ट शुगर सिरप की मात्रा लगभग 80 प्रतिशत होती है, लेकिन इसका मुख्य काम ड्रिंक में मिठास बढ़ाना है और यह उसकी व्यावसायिक या पेय पहचान निर्धारित नहीं करता है.

उन्होंने कहा कि इसका स्वाद, फ्लेवर और पेय गुण फलों के रस और उससे प्राप्त आसुत पदार्थों से आते हैं, जो मिलकर उत्पाद को एक सुगंधित शरबत के रूप में विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं. कोर्ट ने कहा कि इसका वर्गीकरण उस घटक के आधार पर होना चाहिए जो इसको उसका आवश्यक पेय गुण प्रदान करता है. इसके अलावा, कोर्ट ने इस बात पर भी गौर किया कि कई राज्यों, जैसे दिल्ली, गुजरात, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश ने रूह अफजा को फल आधारित फ्रूट ड्रिंक की श्रेणी में रखा है.

NCP की ‘बॉस’ बनीं सुनेत्रा पवार, राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी अध्यक्ष नियुक्त…

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दिवंगत अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार अब एनसीपी की नई ‘बॉस’ हैं. गुरुवार (26 फरवरी) को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में उन्हें अध्यक्ष चुना गया. पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने सुनेत्रा पवार के नाम की घोषणा की.

चर्चा है कि सुनेत्रा पवार के बेटे पार्थ पवार को भी बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है. पार्टी की बैठक में प्रफुल्ल पटेल ने अध्यक्ष पद के सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव रखा जिसे सभी ने स्वीकार लिया.

28 जनवरी को अजित पवार का हुआ था निधन

एनसीपी की बैठक में सुनेत्रा पवार, सुनील तटकरे, प्रफुल्ल पटेल, पार्थ पवार और छगन भुजबल सहित कई नेता मौजूद रहे. प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि 28 जनवरी को अजित दादा का निधन हो गया, ये हम सभी के लिए सदमा है. हमारे सामने ये सवाल था कि हम अब क्या करेंगे. हमारी पार्टी सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में काम करेगी.

हमने सही समय पर सही फैसला लिया- प्रफुल्ल पटेल

प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि बीते महीने हमने देखा कि कुछ लोग तरह-तरह की बातें कर रहे थे जिनका हमारी पार्टी से कोई लेना देना नहीं. लेकिन हमने सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाया. हमने सही समय पर सही फैसला लिया. अब हम नए अध्यक्ष के नेतृत्व में आगे बढ़ेंगे. हम सब यहां साथ आए हैं.

प्रफुल्ल पटेल ने आगे कहा कि अजित पवार ने उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया. उन्होंने बहुत भरोसा किया. हमने पार्टी और महाराष्ट्र के हित में काम किया. पटेल ने कहा, “तटकरे, छगन भुजबल, हसन मुश्रीफ और मेरी जिम्मेदारी है कि हम पार्टी को आगे ले जाए. अजित पवार के साथ 35 सालों की दोस्ती है. मैं आज घोषणा करता हूं कि सुनेत्रा पवार पार्टी की अध्यक्ष होंगी.”

बता दें कि सुनेत्रा पवार अभी महाराष्ट्र के किसी सदन की सदस्य नहीं हैं. वो राज्यसभा की सांसद थीं. उनकी जगह उनके बेटे पार्थ पवार को एनसीपी राज्यसभा भेजेगी. राज्यसभा के लिए 16 मार्च को चुनाव होने हैं.

CG: रंगों से बदलते जीवन के रंग ”हर्बल गुलाल” खुशहाली के नए रंग, होली का त्यौहार रंगों की उमंग और खुशियों का संदेश…

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होली का त्यौहार रंगों की उमंग और खुशियों का संदेश लेकर आता है। इस बार छत्तीसगढ़ की बिहान दीदियां प्राकृतिक रंगों से न केवल होली को सुरक्षित बना रही हैं, बल्कि अपने जीवन में खुशहाली के नए रंग भी भर रही हैं।

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ी महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर स्व-सहायता समूहों के माध्यम से हर्बल गुलाल तैयार कर रही हैं। प्राकृतिक फूलों, सब्जियों से बने ये रंग पूरी तरह सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल हैं। सुगंध के लिए गुलाबजल और प्राकृतिक इत्र का उपयोग किया जाता है, जिससे रंगों की महक भी मन को भा जाती है।

कांकेर जिले में आत्मसमर्पित माओवादियों के समूह ने भी पुनर्वास नीति के तहत हर्बल गुलाल निर्माण का कार्य शुरू किया है। पुनर्वास शिविर में मानकी नेताम, सामको नुरूटी और डाली सलाम जैसे सदस्य पूरे उत्साह से गुलाल तैयार कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह कार्य उन्हें आत्मसम्मान और स्थायी आजीविका दोनों दे रहा है। शासन की पुनर्वास नीति से भटके युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में यह सराहनीय पहल है।

प्रदेश के रायपुर, कबीरधाम, गरियाबंद, जांजगीर-चांपा, नारायणपुर और कांकेर सहित अनेक जिलों में स्व-सहायता समूह हर्बल गुलाल का उत्पादन कर रहे हैं। कई समूह मंदिरों में अर्पित फूलों को एकत्र कर सुगंधित गुलाल बना रहे हैं। अबुझमाड़ जैसे आदिवासी क्षेत्रों में महिलाओं ने इसे अपनी पहचान बना ली है। बिहान योजना के तहत महिलाएं सरस मेला एवं क्षेत्रीय मेलों में स्टॉल लगाकर उत्पादों की बिक्री कर रही हैं। इससे उन्हें 40 से 60 हजार रुपये तक का सीधा लाभ मिल रहा है। कई महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल गढ़ रही हैं।

हर्बल गुलाल के अनेक लाभ हैं। यह त्वचा और आंखों के लिए सुरक्षित है, एलर्जी या जलन की आशंका नहीं होती। यह बायोडिग्रेडेबल है और पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाता। हल्दी में एंटी-बैक्टीरियल गुण और पलाश में रक्त-शोधक विशेषताएं होती हैं, जो इसे और भी उपयोगी बनाती हैं। बाजार में इसकी कीमत 80 से 250 रुपये प्रति किलो तक है, जिससे यह आमजन के लिए भी सुलभ है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार वर्ष 2026 को महिला गौरव वर्ष के रूप में मना रही है। राज्य सरकार के प्रयास से 5 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिलाओं को आर्थिक संबल देने के लिए चलाई जा रही महतारी वंदन योजना से लगभग 69 लाख से अधिक महिलाओं को हर माह एक-एक हजार रूपए की राशि भी दी जा रही है। चालू बजट में लखपति दीदीयों को एक्सपोजर विजिट के लिए नई योजना भी लाई गई है। महिलाओं के सशक्तिकरण का यह प्रयास विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को पूरा करने में सार्थक भूमिका निभाएगा।