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Petrol-Diesel Price: बीते 15 दिनों में पड़ोसी देशों में कितने बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, भारत में कितना हुआ महंगा..

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Petrol-Diesel Price: पिछले 15 दिनों में सिर्फ भारत ही नहीं दुनियाभर में तेल से हाहाकार मचा हुआ है. यहां हम आपको अपने देश के साथ पड़ोसी देश के हालात के बारे में भी विस्तार से समझा रहे हैं.

Petrol-Diesel Price: पिछले 15 दिनों में तेल की कीमतों ने पूरे दक्षिण एशिया में हलचल मचा दी है. कहीं दाम तेजी से बढ़े हैं तो कहीं सरकारों ने लोगों को राहत देने के लिए कटौती भी की है. भारत में जहां लगातार पेट्रोल-डीजल महंगा हुआ है, वहीं पाकिस्तान और कुछ अन्य देशों में स्थिति थोड़ी अलग रही है. मिडिल ईस्ट में तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि सभी पड़ोसी देशों पर पड़ा है. फर्क सिर्फ इतना है कि हर देश ने अपनी अर्थव्यवस्था के हिसाब से अलग फैसला लिया है. यहां से आप अपने देश और पड़ोसी देशों का हाल जान सकते हैं.

भारत में क्या हुआ बदलाव?

भारत में पिछले 15 दिनों के अंदर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 7 से 8 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी देखी गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सिर्फ 10 से 12 दिनों में ही 4 बार दाम बढ़ाए गए हैं, जिससे आम लोगों का बजट बिगड़ गया है. पेट्रोल तो कई शहरों में 100 से 110 रुपये के पार पहुंच गया है और डीजल भी लगातार महंगा होता जा रहा है. ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा की चीजों की कीमतें भी बढ़ी हैं.

पाकिस्तान में राहत

पाकिस्तान में स्थिति काफी उतार-चढ़ाव वाली रही है. कुछ समय पहले ही वहां पेट्रोल और डीजल में 50 रुपये+ (PKR में भारी बढ़ोतरी) की बड़ी उछाल देखने को मिली थी, जिससे कीमतें 320 PKR प्रति लीटर के आसपास पहुंच गई थीं. लेकिन बाद में सरकार ने अंतरराष्ट्रीय दबाव और घरेलू महंगाई को देखते हुए कुछ राहत भी दी. शुरुआत में तेज बढ़ोतरी दिखी थी फिर बाद में मामूली कटौती हुई. हालांकि, कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं.

बांग्लादेश में ऊंचे हैं दाम

बांग्लादेश में पिछले 15 दिनों में तेल की कीमतों में कोई बहुत बड़ा बदलाव नहीं हुआ, लेकिन दाम पहले से ही ऊंचे स्तर पर हैं. इस देश में ईंधन पर सब्सिडी सीमित है, इसलिए कीमतें स्थिर रहते हुए भी आम जनता के लिए महंगी बनी हुई हैं

नेपाल में हुई बढ़ोतरी

नेपाल में तेल की कीमतें भारत की तुलना में ज्यादा आयात निर्भरता के कारण प्रभावित होती हैं. पिछले 15 दिनों में हल्की बढ़ोतरी दर्ज हुई. ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा की लागत पर असर हुआ. सरकार कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है.

श्रीलंका में सुधार 

श्रीलंका, जो हाल ही में आर्थिक संकट से गुजरा है, वहां तेल बाजार अब धीरे-धीरे स्थिर हो रहा है. कीमतों में बहुत बड़ा बदलाव नहीं हुआ. IMF सपोर्ट के बाद नियंत्रण की कोशिश चल रही है, लेकिन अभी भी कीमतें सामान्य से ज्यादा हैं.

चीन में नहीं पड़ता है बोझ

चीन में तेल की कीमतें सरकार के नियंत्रण में रहती हैं, इसलिए वहां बड़े उतार-चढ़ाव कम देखने को मिलते हैं. पिछले 15 दिनों में हल्का बदलाव दिखा है. सरकार सब्सिडी और कंट्रोल के जरिए स्थिरता बनाए रखती है. वहां आम जनता पर अचानक बोझ नहीं पड़ता है.

भारत बनाम पड़ोसी, जानें क्या है अंतर?

अगर ध्यान से देखें तो भारत में हालिया बढ़ोतरी सबसे ज्यादा तेज रही है. इसके पीछे कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, रुपये की कमजोरी, टैक्स स्ट्रक्चर और ऑयल कंपनियों की लागत एडजस्टमेंट ही कारण है. वहीं पाकिस्तान और श्रीलंका जैसे देश कभी राहत देते हैं तो कभी अचानक बढ़ोतरी करते हैं, क्योंकि उनकी अर्थव्यवस्था ज्यादा अस्थिर रहती है. पिछले 15 दिनों का ट्रेंड साफ दिखाता है कि दक्षिण एशिया में तेल की कीमतें पूरी तरह वैश्विक बाजार पर निर्भर हो गई हैं. भारत में जहां लगातार बढ़ोतरी ने आम आदमी की जेब पर असर डाला है, वहीं बाकी देशों में कहीं राहत तो कहीं अस्थिरता बनी हुई है.

Punjab Politics: पंजाब विधासनभा चुनाव से पहले बीजेपी का बड़ा फैसला, बदला गया अध्यक्ष…

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पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा फैसला लिया है. बीजेपी ने सुनील जाखड़ की जगह केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब इकाई का अध्यक्ष बनाया गया है.

पंजाब में अगले वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में बड़ा बदलाव किया है. पार्टी ने पंजाब इकाई की जिम्मेदारी अब केवल सिंह ढिल्लों को दी है.वह बरनाला से दो बार विधायक रह चुके हैं और पंजाब की राजनीति में विकासवादी छवि वाले नेता के तौर पर पहचाने जाते हैं.

उन्होंने वर्ष 2022 में संगरूर लोकसभा उपचुनाव और 2024 में बरनाला विधानसभा उपचुनाव भारतीय जनता पार्टी की ओर से चुनाव लड़ा.

बीजेपी ने आधिकारिक पत्र में क्या कहा?

केवल सिंह ढिल्लों एक संपन्न और प्रभावशाली परिवार से संबंध रखते हैं, जिसे पंजाब और देश के बड़े उद्योगपति परिवारों में गिना जाता है. वह पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के करीबी माने जाते रहे हैं. बरनाला को जिला बनाए जाने का श्रेय भी काफी हद तक केवल सिंह ढिल्लों के प्रयासों को दिया जाता है.

उनका पैतृक गांव टल्लेवाल भी बरनाला जिले में स्थित है.

इस संबंध में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह ने द्वारा हस्ताक्षरित एक पत्र में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से जारी नियुक्ति पत्र में कहा गया है कि केवल सिंह ढिल्लों को तत्काल प्रभाव से बीजेपी पंजाब प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। औपचारिक घोषणा जारी की.

NEET Leak के बाद फिर न हो चूक, सरकार अब उठाएगी बड़ा कदम…

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NEET Paper Leak: भविष्य में प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई और संरक्षण की जिम्मेदारी सेना को दी जा सकती है, ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके.

NEET पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को और सुरक्षित बनाने के लिए बड़ा कदम उठाने पर विचार कर रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, भविष्य में प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई और संरक्षण की जिम्मेदारी सेना को दी जा सकती है, ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके और परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनी रहे.

नीट परीक्षा को और सुरक्षित बनाने पर मंथन
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर नीट परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने को लेकर अहम बैठक हुई. बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ CBSE और NTA के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. सूत्रों के मुताबिक, छात्रों को हो रही परेशानियों को कम करने, परीक्षा प्रक्रिया को फुलप्रूफ बनाने और भविष्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई.

कोचिंग सेंटर के संस्थापक की सीबीआई हिरासत एक दिन के लिए बढ़ाई
उधर, दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को नीट परीक्षा के पेपर लीक मामले में कोचिंग सेंटर के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर की सीबीआई हिरासत को एक दिन के लिए बढ़ा दिया. सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने हिरासत की अवधि बढ़ा दी.एजेंसी ने अदालत को बताया कि अन्य सह-आरोपियों से आमना-सामना कराने, महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद करने और आरोपी की भूमिका स्थापित करने के लिए आगे की हिरासत में पूछताछ आवश्यक है. रेणुकाई करियर सेंटर के संस्थापक मोटेगांवकर को 17 मई की शाम को लातूर में गिरफ्तार किया गया था और अदालत ने अगले दिन उन्हें नौ दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया था.

क्या कहा सीबीआई ने?
सीबीआई ने अपने हिरासत आवेदन में कहा था, ‘वह नीट-स्नातक परीक्षा 2026 के प्रश्न पत्रों के लीक होने और प्रसारित होने में शामिल है और अन्य आरोपियों के साथ साजिश रचकर उसने परीक्षा से पहले यानी 23 अप्रैल, 2026 को रसायन विज्ञान के प्रश्न और उत्तर प्राप्त कर लिए थे.’ सीबीआई ने इस मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. मोटेगांवकर गिरफ्तार होने वाले दसवें व्यक्ति थे.

21 जून को फिर से होगी परीक्षा
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने 12 मई को फैसला लिया कि तीन मई को चिकित्सा स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिये आयोजित की गयी राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक होने के आरोपों के कारण स्थगित किया जाए. पुन: परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी.

भारत के सामने मंडरा रहा डबल खतरा? डरा रही IISS की 150 पन्नो की रिपोर्ट…

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IISS की नई रिपोर्ट में चीन और पाकिस्तान को भारत की सबसे बड़ी सुरक्षा चुनौती बताया गया है. रिपोर्ट में Surgical Strikes और एशिया में बढ़ते तनाव का जिक्र किया गया है.

सिंगापुर में इस सप्ताहांत में होने वाले एक अंतरराष्ट्रीय रक्षा संवाद से पहले जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत की पारंपरिक सुरक्षा चिंताओं का केंद्र पाकिस्तान और चीन बने रहेंगे. रिपोर्ट में कहा गया है कि भविष्य में यदि कोई ‘‘बड़ा पारंपरिक युद्ध’’ होता है तो वह स्थानीय स्तर तक सीमित रहेगा. इसमें उल्लेख किया गया है कि भारत ने अब तक केवल पाकिस्तान के खिलाफ ही ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की हैं.

रिपोर्ट लंदन स्थित ‘इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज’ (आईआईएसएस) ने प्रकाशित की है. आईआईएसएस की 28 मई की ‘एशिया-प्रशांत क्षेत्रीय सुरक्षा आकलन’ रिपोर्ट के अनुसार, भारत अपने दोनों परमाणु-संपन्न पड़ोसी देशों के साथ लंबे समय से जारी सीमा विवादों के कारण अपनी सेना को बड़े पैमाने पर पारंपरिक युद्ध अभियानों के लिए तैयार कर रहा है. रिपोर्ट में कहा गया कि चीन के साथ भारत के सीमा संघर्ष अपेक्षाकृत पारंपरिक प्रकृति के रहे हैं और इनके भारत-पाकिस्तान संघर्षों जैसी गंभीर स्थिति तक पहुंचने की आशंका कम है.

भारत की बड़ी चुनौती चीनपाक कीहाइब्रिड जंग
150 पन्नों की इस रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘ऐसे में भारत की चीन और पाकिस्तान दोनों के साथ सैन्यीकृत सीमाएं बनी रहेंगी.’’ इसमें कहा गया है कि भारत के हिंद महासागर क्षेत्र से आगे व्यापक एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सक्रिय सैन्य भूमिका निभाने की संभावना नहीं है और वह ताइवान को लेकर अमेरिका-चीन संघर्ष में पड़ने से बचना चाहेगा. रिपोर्ट के अनुसार, भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती चीन और पाकिस्तान के साथ ‘‘न युद्ध, न शांति’’ जैसी ‘‘हाइब्रिड’’ स्थिति है. इसमें कहा गया है कि कई युद्धों के अनुभवों ने भारत की सैन्य रणनीति को आकार दिया है, खासकर पाकिस्तान के संदर्भ में. रिपोर्ट में कहा गया कि नयी दिल्ली की राजनीतिक इच्छा शक्ति ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसके तहत उसने सीमा पार आतंकवाद के प्रति ‘‘स्वीकार्य सैन्य प्रतिक्रिया’’ को बदला है.

सर्जिकल स्ट्राइक से बदली रणनीति
रिपोर्ट में कहा गया कि 2016, 2019 और 2025 में पाकिस्तान के खिलाफ की गईं ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ इस बात का संकेत देती हैं कि सैन्य अभियानों की कार्यप्रणाली किस तरह रणनीतिक सिद्धांतों को आकार दे सकती है. रिपोर्ट में अमेरिका और चीन की सैन्य रणनीतियों में ताइवान पर विशेष ध्यान दिए जाने का भी उल्लेख है. इसमें कहा गया कि अमेरिका, ताइवान की स्थायी रक्षा और लचीलापन चाहता है, जबकि चीन ऐसी प्रतिरोधी रणनीति की कल्पना करता है जिससे अमेरिका और उसके सहयोगियों को दूर रखा जा सके.

मलक्का जलडमरूमध्य, शंगरीला संवाद
रिपोर्ट में हिंद महासागर क्षेत्र के अन्य महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक केंद्रों जैसे मलक्का जलडमरूमध्य का भी रणनीतिक प्रतिस्पर्धा और द्वीपीय देशों के हितों के नजरिए से विश्लेषण किया गया है. इसमें कहा गया है कि क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य क्षमता के साथ सैन्य उपस्थिति को लेकर प्रतिस्पर्धा भी बढ़ रही है. यहां 29 से 31 मई तक आयोजित होने वाले वार्षिक शंगरी-ला संवाद में रक्षा मंत्रियों सहित कई अंतरराष्ट्रीय रक्षा प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है.

बीजेपी संगठन में बड़ा फेरबदल, हरियाणा समेत इन 4 राज्यों के बदले प्रदेश अध्यक्ष…

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बीजेपी संगठन में बड़ा फेरबदल हुआ है. बीजेपी ने चार राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष का ऐलान किया है. सरदार केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब भाजपा अध्यक्ष बनाया गया. अभिषेक देवराय त्रिपुरा बीजेपी अध्यक्ष बने.

बीजेपी ने गुरुवार (28 मई) को चार राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष बदलने का ऐलान किया है. दिल्ली में वीरेंद्र सचदेवा की जगह केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा को कमान सौंपी गई है. इसके अलावा, अर्चना गुप्ता को हरियाणा, केवल सिंह ढिल्लो को पंजाब और अभिषेक देबरॉय को त्रिपुरा के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई.

बीजेपी राष्ट्रीय महासचिव ने कहा, ‘भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, भारतीय जनता पार्टी दिल्ली प्रदेश का अध्यक्ष नियुक्त किया है. उनकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी.’

कौन हैं दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा?

हर्ष मल्होत्रा बीजेपी के सीनियर नेता और दिल्ली से सांसद हैं. वह अभी तक केंद्र सरकार में मंत्री पद संभाल रहे हैं. लंबे समय से संगठनात्मक राजनीति में सक्रिय मल्होत्रा ने दिल्ली भाजपा में कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं. वह जनसंपर्क, संगठन क्षमता और विकास से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका के लिए जाने जाते हैं.

अर्चना गुप्ता बनीं हरियाणा की प्रदेश अध्यक्ष

डॉ. अर्चना गुप्ता को हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी गई है, डॉ. अर्चना गुप्ता हरियाणा की सक्रिय भाजपा नेता हैं. संगठनात्मक राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है. उन्होंने पार्टी में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं और महिला नेतृत्व को मजबूत करने में भूमिका निभाई. प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उनसे संगठन विस्तार और कार्यकर्ताओं को मजबूत करने की उम्मीद की जा रही है.

कौन हैं पंजाब बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष

केवल सिंह ढिल्लों बरनाला से दो बार विधायक रह चुके हैं. उन्होंने 2022 की संगरूर लोकसभा की उपचुनाव और 2024 में बरनाला विधानसभा की उपचुनाव बीजेपी के टिकट पर लड़ा था. ढिल्लों देश और पंजाब के एक बड़े उद्योगपति हैं. वह कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी रहे हैं, उन्हें बरनाला के लोग विकास पुरुष के तौर पर जानते हैं, उन्होंने अपनी राजनीति हमेशा विकास के मुद्दे पर लड़ी है, जबकि विरोधी खेमे के नेताओं के साथ कभी भी विवाद की राजनीति में वह नहीं पड़े.

कौन हैं त्रिपुरा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक देबरॉय?

अभिषेक देबरॉय त्रिपुरा भाजपा के सक्रिय नेता हैं, जिन्हें अब पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है. वे लंबे समय से संगठन में कार्य कर रहे हैं और पार्टी के विभिन्न अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं. पार्टी नेतृत्व को उनसे त्रिपुरा में संगठन मजबूत करने और जनाधार बढ़ाने की उम्मीद है.

रितेश देशमुख का खास शख्स के नाम इमोशनल पोस्ट, शेयर की ‘राजा शिवाजी’ के बिहाइंड द सीन की फोटोज…

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रितेश देशमुख ने फिल्म ‘राजा शिवाजी’ से बिहाइंड द सीन पिक्स शेयर की हैं. साथ ही इमोशनल पोस्ट शेयर की है. उन्होंने सिनेमेटोग्राफर संतोष सिवान के लिए पोस्ट कर आभार जताया.

एक्टर रितेश देशमुख इन दिनों फिल्म ‘राजा शिवाजी’ को लेकर चर्चा में हैं. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है. अब रितेश देशमुख ने  सिनेमेटोग्राफर संतोष सिवान के लिए खास पोस्ट शेयर की है. उन्होंने इस पोस्ट के साथ बिहाइंड द सीन पिक्स शेयर की और संतोष सिवान को ‘मेंटर’ और ‘नॉर्थ स्टार’ कहा.

रितेश देशमुख का इमोशनल पोस्ट

रितेश देशमुख ने पोस्ट कर लिखा, ‘डियर संतोष सिवान सर, शुरुआत से आपने न सिर्फ मेरे सपनों के सपोर्ट किया बल्कि आपने उसे प्यार और विश्वास के साथ संभाला,  जैसे आपके अपने सपने हों. इस तरह के विश्वास ने मेरे लिए सबकुछ बदल दिया. क्योंकि आप हमेशा मेरे साथ खड़े रहे. मुझे निडर बनने की हिम्मत मिली. मैं बड़े रिस्क उठा सकता था, ये जानते हुए कि अगर मुझे लगा कि मैं भटक गया हूं या मुश्किल में हूं तो आपके सपोर्ट और गाइड मुझे रास्ता दिखाएगी.’

आगे रितेश ने लिखा, ‘कई बार ऐसे पल आए जब बहुत हैवी फील हुआ लेकिन उस हर पल में मुझे याद है मैं अकेला नहीं था. आपने इस जर्नी को खूबसूरत बनाया है. आपने हमारी फिल्म ‘राजा शिवाजी’ को जीवंत, स्पेशल और पर्सनल महसूस कराया. मेरे मेंटर, मुझे राह दिखाने वाले, मेरे नॉर्थ स्टार का जितना शुक्रियाअदा करूं उतना कम है. मैं पूरे दिल से आपसे प्यार करता हूं. आपकी इज्जत करता हूं. मैं हमेशा आपका ऋणी रहूंगा. बहुत आभार और प्यार रितेश.’

‘राजा शिवाजी’ की बात करें तो फिल्म को रितेश देशमुख ने डायरेक्ट किया है. इस फिल्म में रितेश देशमुख लीड रोल में हैं. वहीं जेनेलिया देशमुख उनकी पत्नी के रोल में हैं. फिल्म में अभिषेक बच्चन, संजय दत्त, विद्या बालन जैसे स्टार्स हैं. इस फिल्म में सलमान खान ने कैमियो रोल प्ले किया. सलमान खान के कैमियो को बहुत सराहा गया. फिल्म में रितेश देशमुख के 10 साल के बेटे राहिल भी हैं.

शुभेंदु अधिकारी के एक्शन पर बोले केंद्रीय गृह मंत्री…

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अमित शाह ने कहा कि हमारी सरकार का संकल्प है कि देश से एक-एक घुसपैठिए को चुनकर बाहर निकाला जाए. इसलिए सरकार ने डेमोग्रैफिक बदलाव को लेकर एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार (28 मई, 2026) को पश्चिम बंगाल में घुसपैठ की समस्या को लेकर राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी पर जोरदार निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि आज अखबारों में खबरें आ रही हैं कि पहले ममता सरकार के शासन में हर रोज पश्चिम बंगाल में घुसपैठ होती थी, लेकिन अब घुसपैठ करने वाले अपने आप वापस जाने लगे हैं.

शुभेंदु अधिकारी के एक्शन पर बोले केंद्रीय गृह मंत्री

गुजरात के अहमदाबाद दौरे पर गए अमित शाह ने बंगाल में घुसपैठियों पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की कार्रवाई पर कहा, ‘शुभेंदु जी और भाजपा की बंगाल सरकार ने घुसपैठियों के लिए डिटेंशन सेंटर बनाए हैं, मगर हम सब चाहते हैं कि जो लोग अवैध तरीके से घुसपैठ कर आए हैं, वे अपने आप ही वहीं वापस चले जाए, जहां से वे आए हैं.’

उन्होंने कहा, ‘अगर वे अपने आप चले जाते हैं, तो बंगाल सरकार उन पर कोई केस नहीं करेगी और जाने में उनकी सहायता भी करेगी. मैं आशा रखता हूं कि पहचान अभियान शुरू होने से पहले ही बहुत सारे लोग अपने आप वापस चले जाएंगे.’

घुसपैठ रोकने के लिए केंद्र सरकार ने बनाई हाई लेवल कमेटीः शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘हमारी सरकार का संकल्प है कि देशभर से एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर बाहर निकाला जाए. इसी दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की घोषणा के अनुरूप सरकार ने डेमोग्रैफिक बदलाव को लेकर एक उच्च स्तरीय कमेटी (High-Level Committee on Demographic Change) का गठन किया है.’

उन्होंने कहा, ‘यह कमेटी देशभर में जनसंख्या में हो रहे कृत्रिम बदलावों, उनके कारणों और उन्हें रोकने के उपायों का व्यापक अध्ययन करेगी. इसके लिए अगर कोई कानून बनाने की जरूरत होगी, तो उसकी भी सिफारिश करेगी. यह कमेटी एक साल में अपनी रिपोर्ट देगी और कृत्रिम जनसांख्यिकीय बदलाव को रोकने का काम हमारी सरकार पूरी मजबूती से करेगी.’

BSF के लिए जमीन देने पर बोले अमित शाह

पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के लिए जमीन देने के मामले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘हमने बंगाल चुनाव में कहा था कि अगर आप हमें शासन की धुरा देंगे, तो हम बांग्लादेश सीमा पर बचा हुआ फेंसिंग का काम कुछ ही दिनों में शुरू करेंगे.’

उन्होंने कहा, ‘मैं बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी जी को बधाई देना चाहता हूं कि उन्होंने सिर्फ 7 दिनों में 600 हेक्टेयर भूमि BSF को सौंपने का काम कर दिया. इसके साथ ही चिकन नेक की 121 हेक्टेयर भूमि भी BSF को सौंप दी गई.’

 

Nenua Farming Tips: कम लागत में बंपर मुनाफे के लिए नेनुआ की खेती…

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Nenua Farming Tips: कम लागत में बंपर मुनाफे के लिए नेनुआ की खेती बेस्ट है. महज 50 दिनों में तैयार होने वाली यह फसल बाजार में अच्छे दाम दिलाती है. कम खर्च में भी इससे लाखों की तगड़ी कमाई की जा सकती है.

कम लागत और बंपर मुनाफे के लिए आजकल सब्जियों की स्मार्ट फार्मिंग का क्रेज बहुत तेजी से बढ़ रहा है. अगर आप भी पारंपरिक फसलों के जाल से निकलकर कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं, तो नेनुआ की खेती आपके लिए सबसे बेस्ट ऑप्शन साबित हो सकती है. सिर्फ एक एकड़ जमीन पर वैज्ञानिक तरीके से नेनुआ उगाकर आप बहुत कम समय में अपनी लागत से कई गुना ज्यादा का बंपर रिटर्न ले सकते हैं.

यह एक ऐसी नकदी फसल है जिसकी डिमांड लोकल मार्केट से लेकर बड़े शहरों की मंडियों तक पूरे साल बनी रहती है. अगर सही सूझबूझ और एडवांस तौर-तरीकों से इसकी प्लानिंग की जाए तो बहुत कम खर्च में भी लाखों रुपये का मुनाफा बहुत आसानी से कमाया जा सकता है. जान लें पूरा हिसाब.

इस तकनीक से पाएं पांच गुना ज्यादा पैदावार

नेनुआ की फसल से रिकॉर्ड तोड़ और बेहतरीन पैदावार लेने के लिए पारंपरिक तरीके से जमीन पर बेल फैलाने की गलती बिल्कुल न करें. इसके बजाय आधुनिक मचान विधि (ट्रेलिस सिस्टम) का इस्तेमाल करना सबसे समझदारी भरा फैसला होता है. बांस और मजबूत तारों के सहारे बनाए गए इस ऊंचे ढांचे की वजह से नेनुआ के फल जमीन की नमी और मिट्टी के सीधे संपर्क में नहीं आते. जिससे उनके सड़ने या दाग-धब्बे लगने का खतरा एकदम खत्म हो जाता है.

इतने दिन में फसल तैयार

इस जादुई तकनीक की बदौलत फसल महज 45 से 50 दिनों के भीतर तोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाती है. मचान पर लटके होने के कारण फल एकदम सीधे, लंबे और चमकदार होते हैं जिन्हें देखते ही व्यापारी अच्छे दाम देने को तैयार हो जाते हैं.

कम लागत में बंपर कमाई 

इस मुनाफेदार खेती के गणित की बात करें तो एक एकड़ में बीज, मचान के ढांचे और खाद-पानी को मिलाकर कुल खर्च 30 हजार के करीब आता है. जबकि पूरे सीजन में होने वाली कुल कमाई आसानी से एक लाख के पार पहुंच जाती है. नेनुआ की यह फसल लगातार तीन महीनों तक ताबड़तोड़ प्रोडक्शन देती है. जिससे बाजार में हर हफ्ते फसल बेचकर आपके पास रेगुलर कैश आता रहता है.

इन बातों का ध्यान रखें

हालांकि इस बंपर मुनाफे को बनाए रखने के लिए फसल की स्पेशल केयर करना बहुत जरूरी है. खासकर लीफ माइनर जैसे खतरनाक कीटों और फंगस वाली बीमारियों से पौधों को बचाने के लिए समय-समय पर जरूरी दवाओं का छिड़काव करते रहें. सही मैनेजमेंट से यह खेती वाकई किसी लॉटरी से कम नहीं है.

NEET UG 2026 NEET परीक्षा के बाद शुरू हुआ रिफंड मामला, 13 लाख छात्रों ने भरी जानकारी…

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NEET UG 2026 उम्मीदवारों को बड़ी राहत देते हुए NTA ने फीस रिफंड के लिए बैंक डिटेल जमा करने की अंतिम तारीख 22 जून तक बढ़ा दी है. छात्र NEET पोर्टल पर लॉगिन करके अपनी बैंक जानकारी अपडेट कर सकते हैं.

देशभर के लाखों NEET UG छात्रों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने परीक्षा फीस रिफंड से जुड़ी प्रक्रिया के लिए छात्रों को एक और मौका दे दिया है. अब उम्मीदवार अपने बैंक खाते की जानकारी 22 जून 2026 तक जमा कर सकेंगे. पहले इसकी आखिरी तारीख 27 मई तय की गई थी.

NTA के इस फैसले से उन छात्रों को बड़ी राहत मिली है, जो किसी कारण समय पर अपनी बैंक डिटेल अपडेट नहीं कर पाए थे. एजेंसी ने साफ कहा है कि अभी भी कई ऐसे उम्मीदवार हैं जिन्होंने रिफंड प्रक्रिया पूरी नहीं की है. इसी वजह से अंतिम तारीख को आगे बढ़ाया गया है.

NEET परीक्षा के बाद शुरू हुआ रिफंड मामला

दरअसल, NEET UG 2026 परीक्षा इस साल 3 मई को आयोजित हुई थी. परीक्षा के बाद कई तरह की दिक्कतों और प्रक्रियाओं को लेकर NTA ने फीस रिफंड की सुविधा शुरू की थी. इसी के तहत छात्रों से बैंक खाते की जानकारी मांगी गई ताकि रिफंड की रकम सीधे उनके खाते में भेजी जा सके. NTA ने इससे पहले 12 मई और 22 मई 2026 को भी इस बारे में नोटिस जारी किए थे. इसके बाद 22 मई से 27 मई तक छात्रों के लिए पोर्टल खोला गया था, जहां वे अपनी बैंक डिटेल जमा कर सकते थे.

13 लाख छात्रों ने भरी जानकारी

NTA के मुताबिक अब तक करीब 13 लाख उम्मीदवार अपने बैंक खाते की जानकारी अपडेट कर चुके हैं. लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में छात्र ऐसे हैं जिन्होंने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है.एजेंसी का कहना है कि कई छात्रों को जानकारी देर से मिली, जबकि कुछ तकनीकी परेशानी के कारण फॉर्म पूरा नहीं कर पाए. ऐसे में किसी भी छात्र का नुकसान न हो, इसलिए तारीख को लगभग एक महीने तक बढ़ा दिया गया है.

एक बार जमा की गई जानकारी बदली नहीं जाएगी

NTA ने छात्रों को एक अहम चेतावनी भी दी है. एजेंसी ने साफ कहा है कि बैंक खाते की जानकारी जमा करने के बाद उसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. यानी अगर छात्र गलत अकाउंट नंबर, IFSC कोड या दूसरे बैंक डिटेल भर देते हैं, तो बाद में उसे सुधारने का मौका नहीं मिलेगा. इसलिए छात्रों को सलाह दी गई है कि वे सभी जानकारी ध्यान से जांचने के बाद ही सबमिट करें.

22 जून तक खुला रहेगा पोर्टल

NTA के मुताबिक बैंक खाते की जानकारी जमा करने की सुविधा अब 22 जून 2026 रात 11:50 बजे तक उपलब्ध रहेगी. एजेंसी ने साफ कहा है कि सभी योग्य छात्र समय रहते यह प्रक्रिया पूरी कर लें ताकि उन्हें उनका रिफंड बिना किसी परेशानी के मिल सके.

कैसे जमा करें बैंक डिटेल?

उम्मीदवारों को NEET UG 2026 के रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर जाकर लॉगिन करना होगा. लॉगिन करने के बाद रिफंड लिंक पर क्लिक करके बैंक खाते की जानकारी भरनी होगी. सही जानकारी देने के लिए छात्र चाहें तो कैंसल चेक भी अपलोड कर सकते हैं.

सिद्धारमैया ने कर्नाटक के सीएम पद से इस्तीफा, इस्तीफा देते हुए सिद्धारमैया हुए भावुक…

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सिद्धारमैया ने कर्नाटक के सीएम पद से इस्तीफा

सिद्धारमैया ने कर्नाटक के सीएम पद से इस्तीफा देकर बीते कुछ दिनों से चल रही सभी राजनीतिक अटकलों पर पूर्ण विराम लगा दिया. इस्तीफा देने के बाद उन्होंने कहा, हाई कमान ने जैसा बोला मैंने वैसा किया. पार्टी आलाकमान ने मुझे पहली ही इस्तीफा देने के लिए कहा था. मुझे पूरा भरोसा है कि जब राज्यपाल आएंगे तो वे इसे स्वीकार कर लेंगे, क्योंकि संविधान के अनुसार ऐसा ही किया जाना चाहिए. कर्नाटक के राज्यपाल अभी राज्य में नहीं हैं इसलिए सिद्धारमैया ने राज्यपाल के सचिव को इस्तीफा सौंपा.

इस्तीफा देते हुए सिद्धारमैया हुए भावुक

उन्होंने 2006 में पार्टी में शामिल होने के बाद से मिले समर्थन के लिए सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस कार्यकर्ताओं, विधायकों और सांसदों का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा, ‘संविधान सर्वोच्च है और हमने उसके दिखाए रास्ते पर चलने की कोशिश की है. हमने संविधान में तय किए गए सिद्धांतों के अनुसार बात करने की कोशिश की है. हमने उन संवैधानिक सिद्धांतों के अनुसार बोलने की कोशिश की है. लोगों ने हमें समर्पित अनुयायियों की तरह माना. हमारे समर्थक और प्रशंसक हमारे साथ खड़े रहे.’

उन्होंने कहा, ‘मुझे कर्नाटक के सात करोड़ लोगों की सेवा करने का अवसर मिला है. मुझे दो बार मुख्यमंत्री बनने का अवसर भी मिला है. मुझे दो बार विपक्ष का नेता बनने का अवसर मिला. मैं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और हमारे अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को ये अवसर देने के लिए धन्यवाद देता हू, जिन्होंने मुझे यह अवसर प्रदान किया है, नहीं तो मैं सीएम नहीं बन पाता.’

7 करोड़ लोगों की सेवा करने को मिला मौका: सिद्धारमैया

मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता (LoP) के तौर पर अपने कार्यकाल को याद करते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि उन्हें कर्नाटक के 7 करोड़ लोगों की सेवा करने का अवसर मिला. विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि गलत जानकारी फैलाई गई थी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल थे कि कांग्रेस की गारंटियों से राज्य का खजाना खाली हो जाएगा.’

सिद्धारमैया ने कहा, ‘मैंने पहले भी कहा है कि जब भी हाई कमान मुझे निर्देश देगा, मैं इस्तीफा दे दूंगा इसलिए मैं आज ही अपना इस्तीफा सौंप रहा हूं. ऐसा समझा जा रहा है कि अगले मुख्यमंत्री के लिए रास्ता बनाया जा रहा है. हमारे प्रति और हमारे कल्याण के प्रति उनकी जिम्मेदारी बनी रहेगी. इसमें कोई निराशा नहीं है. हमारी पार्टी ने 135+1 सीटों के साथ जीत हासिल की. ​​इसके साथ ही, दो निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी हमारी सरकार का समर्थन किया.’