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CG: खुशहाली की खुशहोली, किसानों को मिलेगी धान की एकमुश्त अंतर राशि…

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समय पर सहायता से मजबूत होगा किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था’

रायपुर: होली का त्योहार इस बार  किसानों के लिए सिर्फ रंगों की नहीं, बल्कि समृद्धि और खुशहाली की सौगात लेकर आया है। राज्य सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अंतर राशि होली से पहले एकमुश्त देने के निर्णय ने गांव-गांव में उत्साह का माहौल बना दिया है। यह राशि किसानों के जीवन में आर्थिक राहत के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ा रही है।

कबीरधाम जिले के ग्राम खिरशाली के किसान श्री मूलचंदन पाटिल के लिए यह निर्णय किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने इस वर्ष धान खरीदी केंद्र में 31.20 क्विंटल धान बेचा था, जिसकी समर्थन मूल्य की राशि उन्हें समय पर बैंक खाते में मिल गई। अब अंतर राशि भी होली से पहले मिलने की खबर से उनके परिवार में खुशियों की लहर दौड़ गई है। श्री पाटिल बताते हैं कि इस बार खरीदी केंद्र में पूरी प्रक्रिया सहज और व्यवस्थित रही, जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। वे कहते हैं कि इस राशि से वे अपने बच्चों के लिए नए कपड़े, घर की आवश्यक सामग्री और त्योहार के लिए रंग-गुलाल खरीद सकेंगे।

ग्राम छांटा के किसान श्री भोलाराम चंद्रवंशी ने बताया कि 5.57 एकड़ में धान तथा शेष भूमि में गन्ने की खेती करते हैं। इस सीजन उन्होंने 84.40 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर बेचा। वे बताते हैं कि समय पर भुगतान मिलने से उन्हें आर्थिक चिंता नहीं रही और अब होली से पहले अंतर राशि मिलने से घर की आवश्यक जरूरतें पूरी करने के साथ-साथ खेती के कामों में भी सुविधा होगी। उनका कहना है कि त्योहार के समय यह राशि मिलना परिवार के लिए बहुत बड़ी राहत है।

इसी तरह ग्राम मोटियारी के किसान श्री मेलनराम जायसवाल ने भी सरकार के इस निर्णय पर प्रसन्नता जताई है। उन्होंने इस वर्ष लगभग 212 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर बेचा है। मूल भुगतान उन्हें पहले ही मिल चुका है, लेकिन अंतर राशि होली से पहले मिलने की घोषणा ने उनकी आर्थिक योजनाओं को नया बल दिया है। उनका कहना है कि होली के बाद खेती का नया सीजन शुरू हो जाता है, ऐसे में यह राशि पारिवारिक जरूरतों के साथ-साथ खेती-किसानी के कार्यों में बहुत उपयोगी साबित होगी। वे इस राशि से ट्रैक्टर ट्रॉली खरीदने की योजना बना रहे हैं, जिससे खेती का काम आसान होगा और आय के नए अवसर भी बढ़ेंगे।

किसानों ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय उनकी जरूरतों को पूरा करती है। होली से पहले आर्थिक सहायता मिलने से न केवल त्योहार की खुशियां दोगुनी हुई हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। यह पहल से समय पर मिला सहयोग किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। इससे त्योहार भी खुशहाल, खेती भी सशक्त और भविष्य भी सुरक्षित होगी।

CG: प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए अधोसंरचना और अवसरों का विस्तार हमारी प्राथमिकता — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय…

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से पूर्व क्रिकेट कप्तान कपिल देव ने की सौजन्य मुलाकात, खेल विकास पर हुई सार्थक चर्चा’

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज नया रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने श्री कपिल देव को बेल मेटल से बनी प्रतिकृति, पुण्यभूमि छत्तीसगढ़ कॉफी टेबल बुक भेंट कर उनका अभिनंदन किया। मुलाकात के दौरान दोनों के बीच प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने, आधुनिक खेल अधोसंरचना के विकास, अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण केंद्र तथा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार करने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह  उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य सरकार द्वारा खेलों के प्रोत्साहन और खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए अधोसंरचना, प्रशिक्षण और अवसरों का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है।

पूर्व कप्तान कपिल देव ने छत्तीसगढ़ में हो रहे सकारात्मक परिवर्तनों की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षा, विश्वास और विकास के इस माहौल में प्रदेश की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट मंच प्राप्त होगा तथा छत्तीसगढ़ सुरक्षित, समृद्ध और विकसित राज्य के रूप में आगे बढ़ेगा।

CG: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से प्रेस क्लब प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात…

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रंगोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में किया आमंत्रित’

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से रायपुर प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने आज सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में प्रेस क्लब अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी, महासचिव श्री गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष श्री दिलीप साहू सहित पत्रकार श्री सौरभ सिंह परिहार शामिल थे।

प्रतिनिधिमंडल ने प्रेस क्लब द्वारा आयोजित किए जाने वाले रंगोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को औपचारिक आमंत्रण दिया। साथ ही पत्रकार हित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए सकारात्मक पहल की अपेक्षा व्यक्त की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना तथा सभी विषयों पर समुचित पहल करने का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास  तथा मीडिया प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

‘मानवता कभी संघर्ष की शिकार नहीं होनी चाहिए’, गाजा पीस प्लान पर बोले PM मोदी, कहा- भारत का समर्थन…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा का आज (26 फरवरी) को दूसरा दिन है. पीएम मोदी ने यरूशलम में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया.

इस दौरान उन्होंने दौरान गाजा पीस प्लान को लेकर बड़ा बयान दिया है. पीएम मोदी ने कहा कि मानवता को कभी भी संघर्ष का शिकार नहीं होना चाहिए.

पीएम मोदी ने गाजा की स्थिति को लेकर कहा, ‘गाजा पीस प्लान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने मंजूरी दी है. इसके जरिए शांति का रास्ता खुला है. उन्होंने कहा,भारत इस पहल का समर्थन करता है. भविष्य में भी सभ देशों के साथ सहयोग और बातचीत जारी रखेगा.’

इजरायली संसद में भी पीस प्लान का किया था समर्थन

इससे पहले बुधवार (25 फरवरी) को इजरायल की संसद क्नेसेट में भी प्रधानमंत्री ने गाजा पीस प्लान के समर्थन की बात कही थी. उन्होंने इजरायली संसद में अपने संबोधन के दौरान कहा, ‘गाजा पीस इनिशिएटिव को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने मंजूरी दी थी. यह शांति का रास्ता दिखाता है. भारत ने इस पहल का समर्थन किया है. हमारा मानना ​​है कि यह सभी लोगों के लिए शांति का वादा है, जिसमें फ़िलिस्तीन मुद्दे को सुलझाना भी शामिल है. हमारी सभी कोशिशें समझदारी, हिम्मत और इंसानियत से चलें. शांति का रास्ता हमेशा आसान नहीं होता, लेकिन भारत इस इलाके में बातचीत, शांति और स्थिरता के लिए आपके और दुनिया के साथ है.’

‘आतंकवाद के खिलाफ जारी रखेंगे लड़ाई’

इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आतंकवाद को लेकर रुख स्पष्ट करते हुए कहा, आतंकवाद के खिलाफ भारत और इजरायल का रुख एक जैसा है. उन्होंने साफ किया कि दुनिया में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है. इसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता है. प्रधानमंत्री ने आगे कहा, हम आतंकवाद और इसका समर्थन करने वालों के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे.

ईडी हर साल जब्त करती है करोड़ों और अरबों की प्रॉपर्टी, क्या इसे बेच भी सकती है जांच एजेंसी?

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प्रवर्तन निदेशालय यानी प्रवर्तन निदेशालय ने रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी के मुंबई स्थित बंगले ‘एबोड’ को कुर्क कर लिया है. इस संपत्ति की कीमत करीब 3,716 करोड़ रुपये आंकी गई है.

यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून, यानी Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत की गई है. मामला उनकी ग्रुप कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी से संबंधित है. इस केस में करीब 40 हजार करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड की जांच चल रही है. आइए जानें कि क्या ईडी किसी की जब्त संपत्ति को बेच सकता है कि नहीं.

बंगले की खास बातें

‘एबोड’ नाम का यह बंगला मुंबई के पाली हिल इलाके में स्थित है, जो शहर के सबसे महंगे और पॉश इलाकों में गिना जाता है. यह इमारत करीब 66 मीटर ऊंची है और इसमें 17 फ्लोर हैं. इसे देश के महंगे रिहायशी घरों में शामिल किया जाता है. ईडी ने इस संपत्ति को कुर्क करने के लिए प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया है. इसका मतलब है कि फिलहाल मालिक इस संपत्ति को बेच या ट्रांसफर नहीं कर सकता है.

कुर्की और जब्ती में क्या अंतर है?

PMLA के तहत ईडी पहले प्रोविजनल अटैचमेंट करती है. धारा 5 के तहत अगर एजेंसी को लगता है कि कोई संपत्ति अपराध की कमाई से जुड़ी है, तो वह उसे अस्थायी रूप से अटैच कर सकती है. इस दौरान संपत्ति मालिक के पास रह सकती है, लेकिन वह उसे बेच या गिरवी नहीं रख सकता है. इसके बाद मामला न्यायनिर्णायक प्राधिकरण के पास जाता है. अगर वह अटैचमेंट को सही मानता है, तो कुर्की जारी रहती है. अंतिम फैसला विशेष अदालत में ट्रायल के बाद होता है.

क्या ईडी कुर्क संपत्ति बेच सकती है?

हां, लेकिन सीधे नहीं बेची जा सकती है. ईडी किसी संपत्ति को तभी संपत्ति बेच सकती है जब अदालत अपराध की पुष्टि कर दे और जब्ती का अंतिम आदेश दे दे. जब विशेष अदालत यह तय कर देती है कि संपत्ति अपराध की आय यानी Proceeds of Crime से जुड़ी है, तब उसे केंद्र सरकार के नाम जब्त कर दिया जाता है. इसके बाद सरकार उस संपत्ति को सार्वजनिक नीलामी या टेंडर के जरिए बेच सकती है. जब तक अदालत का अंतिम आदेश नहीं आता, तब तक ईडी संपत्ति को बेच नहीं सकती है.

बिक्री की प्रक्रिया कैसे होती है?

अंतिम जब्ती आदेश के बाद संपत्ति पूरी तरह केंद्र सरकार के अधिकार में चली जाती है. इसके बाद उसकी कीमत का आकलन कराया जाता है. आमतौर पर बिक्री सार्वजनिक नीलामी के जरिए की जाती है ताकि पारदर्शिता बनी रहे. बिक्री से मिली रकम सरकार के पास जाती है. अगर किसी बैंक या अन्य वित्तीय संस्था का बकाया है, तो कानूनी प्रक्रिया के तहत उस पर भी विचार किया जाता है.

PM मोदी ने रचा इतिहास, इंस्टाग्राम पर 10 करोड़ फॉलोअर्स वाले विश्व के पहले नेता बने…

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PM Narendra Modi Instagram Followers: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंस्टाग्राम पर 100 मिलियन फॉलोअर्स पार करने वाले दुनिया के पहले नेता और राजनेता बन गए जो उनकी ग्लोबल डिजिटल मौजूदगी में एक नया मील का पत्थर है.

2014 में PM Modi मेटा के इस प्लेटफॉर्म से जुड़े थे और अब उनके US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के दोगुने से भी ज्यादा फॉलोअर्स हैं. 43.2 मिलियन फॉलोअर्स के साथ ट्रंप दूसरे नंबर पर हैं.

इंडोनेशिया के प्रेसिडेंट Prabowo Subianto 15 मिलियन फॉलोअर्स के साथ तीसरे पायदान पर हैं, जबकि ब्राज़ील के प्रेसिडेंट 14.4 मिलियन फॉलोअर्स चौथे नंबर पर हैं. तुर्की के प्रेसिडेंट Tayyip Erdogan के 11.6 मिलियन फॉलोअर्स हैं और अर्जेंटीना के प्रेसिडेंट Javier Milei के 6.4 मिलियन फॉलोअर्स हैं. इन पांच नेताओं के कुल फॉलोअर्स की गिनती मोदी की अलग-अलग गिनती से कम है.

राहुल गांधी से इतने आगे हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

भारत में भी मोदी और दूसरे नेताओं के बीच का अंतर बहुत ज्यादा है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 16.1 मिलियन फॉलोअर्स हैं, जबकि कांग्रेस MP और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के लगभग 12.6 मिलियन फॉलोअर्स हैं.

इसके अलावा, सर्वे से पता चलता है कि PM मोदी दुनिया के कुछ चुने हुए नेताओं में ग्लोबल अप्रूवल रेटिंग में भी सबसे आगे हैं. Statista के अनुसार, दिसंबर 2025 तक PM मोदी की अप्रूवल रेटिंग 70 फीसदी थी, जिससे वह लिस्ट में सबसे ऊपर थे.

US की बिजनेस इंटेलिजेंस फर्म मॉर्निंग कंसल्ट के 2 फरवरी से 8 फरवरी 2026 के बीच किए गए सर्वे के आधार पर जारी लेटेस्ट डेटा के मुताबिक, मोदी 67 फीसदी अप्रूवल रेटिंग के साथ पहले नंबर पर हैं. चेक रिपब्लिक के Andrej Babis 59 फीसदी के साथ दूसरे नंबर पर हैं. Sanae Takaichi 56 फीसदी के साथ पांचवें नंबर पर जबकि ट्रंप 40 फीसदी अप्रूवल रेटिंग के साथ 11वें नंबर पर हैं.

जिस इजराइल दौरे पर हैं पीएम मोदी, वहां से कितना होता है भारत का व्यापार…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय दौरे पर इजराइल में हैं. वह बुधवार को वहां पहुंचे जहां प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने उनका स्वागत किया. उसके बाद पीएम मोदी ने इजराइल की संसद में भी अपना संबोधन दिया.

इजराइल के साथ भारत के रिश्ते बेहतर स्थिति में हैं. दोनों देशों के बीच ट्रेड भी काफी अच्छा-खासा होता है. आइए हम आपको बताते हैं कि पीएम मोदी जिस देश के दौरे पर हैं. वहां से भारत के व्यापारिक रिश्ते कैसे हैं?

सितंबर 2025 में भारत और इजराइल के बीच व्यापार में भारत को फायदा हुआ. उस महीने भारत ने इजराइल को 178 मिलियन डॉलर का सामान निर्यात किया, जबकि वहां से 121 मिलियन डॉलर का आयात किया. यानी भारत का व्यापार संतुलन 56.8 मिलियन डॉलर के फायदे में रहा. अगर सितंबर 2024 से तुलना करें तो सितंबर 2025 में इजराइल को होने वाला भारत का निर्यात करीब 5.19% घट गया. यह 188 मिलियन डॉलर से घटकर 178 मिलियन डॉलर रह गया, यानी लगभग 9.74 मिलियन डॉलर की कमी आई.

वहीं आयात में और ज्यादा गिरावट देखने को मिली. इजराइल से भारत का आयात करीब 20% घटकर 152 मिलियन डॉलर से 121 मिलियन डॉलर पर आ गया. यानी आयात में करीब 31.1 मिलियन डॉलर की कमी दर्ज हुई.

इन चीजों का होता है ट्रेड

इजराइल और भारत के बीच 2024 में व्यापार में थोड़ी कमी जरूर आई, लेकिन प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से दोनों देशों के बीच कारोबार बढ़ने की उम्मीद है. फिलहाल भारत इजराइल को मुख्य रूप से सेमी-कीमती पत्थर (48.7 मिलियन डॉलर), उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स (10.4 मिलियन डॉलर) और इंजीनियरिंग से जुड़ा सामान (8.06 मिलियन डॉलर) निर्यात करता है. इसके अलावा मोती, कीमती पत्थर, मोटर वाहन डीजल, मशीनरी, वस्त्र, रेडीमेड कपड़े और कृषि उत्पाद भी बड़े पैमाने पर भेजे जाते हैं.

वहीं भारत इजराइल से मुख्य तौर पर निर्मित उर्वरक (16.7 मिलियन डॉलर) और इलेक्ट्रॉनिक घटक (9.65 मिलियन डॉलर) आयात करता है. माना जा रहा है कि अगर फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लागू होता है तो भारतीय उत्पादों की इजराइली बाजार में पहुंच आसान होगी, जिससे भारतीय उद्योग और किसानों को सीधा फायदा मिल सकता है.

Holi 2026: होली की सुबह करें ये छोटा सा उपाय, पूरे साल घर में बनी रहेगी सुख-समृद्धि!

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हिंदू धर्म में होली का त्योहार न केवल रंगों और खुशियों का प्रतीक है, बल्कि यह नकारात्मकता को मिटाकर जीवन में सकारात्मकता लाने का भी एक विशेष अवसर होता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, होली के दिन किए गए कुछ खास उपाय व्यक्ति की सोई हुई किस्मत को चमका सकते हैं.

इस साल होलिका दहन 3 मार्च को है और रंगों वाली होली 4 मार्च 2026 को खेली जाएगी. दिवाली की तरह ही होली की सुबह भी मां लक्ष्मी और सुख-समृद्धि को आकर्षित करने के लिए बेहद शुभ मानी जाती है. आइए जानते हैं उन अचूक उपायों के बारे में जिन्हें

होली की सुबह करने से आपके घर में पूरे साल धन-धान्य की कमी नहीं होगी.

सूर्योदय से पहले स्नान कर करें पूजा

होली की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें. स्नान के पानी में थोड़ा सा गंगाजल या हल्दी मिला लें. इसके बाद घर के मंदिर में दीपक जलाकर भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और अपने इष्टदेव का पूजन करें. मान्यता है कि ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और पूरे साल घर में खुशहाली बनी रहती है.

पीपल या तुलसी में जल अर्पित करें

होली की सुबह स्नान के बाद पीपल या तुलसी के पौधे में जल चढ़ाएं. जल में थोड़ा सा दूध और अक्षत (चावल) मिला सकते हैं. तुलसी माता को भगवान विष्णु की प्रिय माना गया है, इसलिए यह उपाय आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक माना जाता है.

घर के मुख्य द्वार पर लगाएं गुलाल का तिलक

होली के दिन सुबह घर के मुख्य दरवाजे पर हल्दी या गुलाल से स्वस्तिक बनाएं. साथ ही घर के सदस्यों के माथे पर चंदन या गुलाल का तिलक लगाएं. ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और आपसी प्रेम बढ़ता है.

धन वृद्धि के लिए करें ये सरल उपाय

एक लाल कपड़े में थोड़ी सी हल्दी, 5 कौड़ियां और चांदी का सिक्का बांधकर घर की तिजोरी या धन रखने की जगह पर रख दें. ज्योतिष मान्यता के अनुसार, यह उपाय आर्थिक संकट दूर करने और धन वृद्धि के लिए लाभकारी माना जाता है.

होलिका दहन की राख का करें प्रयोग

3 मार्च को होने वाले होलिका दहन के बाद उसकी थोड़ी सी राख घर लाकर सुरक्षित रखें. होली की सुबह उस राख का तिलक लगाने से बुरी नजर और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है. यह उपाय विशेष रूप से परिवार की सुरक्षा और उन्नति के लिए शुभ माना गया है.

जरूरतमंदों को रंग और मिठाई दान करें

होली के दिन सुबह किसी जरूरतमंद को रंग, मिठाई या वस्त्र दान करें. दान-पुण्य करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं और सौभाग्य में वृद्धि होती है.

इजराइल के दुश्मन ईरान ने PM मोदी से की ये अपील, भारत को बताया अच्छा दोस्त…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजराइल के दौरे पर हैं. उनकी इस यात्रा के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने उनसे फिलिस्तीन का मुद्दा उठाने की अपील की है. अराघची ने एक इंटरव्यू में कहा कि मुझे उम्मीद है कि पीएम मोदी इजराइल में रहते हुए फिलिस्तीनियों और उनके अधिकार के सवाल पर भी बात करेंगे.

अराघची ने भारत को अच्छा दोस्त बताया और कहा कि तेहरान और नई दिल्ली के बीच रिश्ते हमेशा से अच्छे रहे हैं.

अब्बास अराघची ने गाजा में इजराइल की मिलिट्री कार्रवाई की आलोचना की और भारत से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजराइल दौरे के दौरान फिलिस्तीनी अधिकारों का मुद्दा उठाने की अपील की. ​​PM मोदी इजराइल के दो दिन के ऑफिशियल दौरे पर हैं. अराघची ने आरोप लगाया कि गाजा में इजराइल की कार्रवाई नरसंहार के बराबर है और कहा कि तेहरान ऐसे शासन के साथ जुड़ना सही नहीं समझता.

‘इजराइल ने गाजा को तबाह कर दिया’

अराघची ने उम्मीद जताई कि इजराइल में रहते हुए PM मोदी फिलिस्तीनियों और उनके अधिकार के सवाल पर भी बात करेंगे. इंटरव्यू में, अराघची ने कहा, दुर्भाग्य से इजराइल ने ही पूरे गाजा को तबाह कर दिया है. 75 हजार लोग मारे गए हैं और यह कोई दावा नहीं है यह एक सच्चाई है, जिसे लगभग सभी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने कन्फर्म किया है. तो जाहिर है, हमें नरसंहार करने वाली सरकार से निपटना सही नहीं लगता.

ईरान के विदेश मंत्री ने आगे कहा कि यह भारत में हमारे दोस्तों पर है कि वे खुद फैसला करें, लेकिन मुझे उम्मीद है कि जब प्रधानमंत्री मोदी वहां होंगे, तो वे फिलिस्तीनियों और उनके अधिकार के सवाल पर भी बात कर सकते हैं.

ईरान और भारत के बीच मजबूत रिश्ते

अराघची ने भारत के साथ ईरान के मजबूत और ऐतिहासिक रिश्तों को फिर से दोहराया और नई दिल्ली को अपना दोस्त बताया. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में आपसी रिश्ते हैं और भरोसा जताया कि यह पार्टनरशिप बढ़ती रहेगी.

उन्होंने कहा, भारत के साथ हमारे हमेशा बहुत अच्छे रिश्ते रहे हैं. भारत ईरान का दोस्त है और हमारा रिश्ता ऐतिहासिक है. हम चाहते हैं कि यह ऐसे ही जारी रहे. विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ मेरे अच्छे कॉन्टैक्ट हैं और हम हमेशा अपने विचार शेयर करते हैं. हमारे पर्सनल रिश्ते बहुत अच्छे हैं.

उन्होंने कहा, मुझे भरोसा है कि ईरान और भारत अपने अच्छे, दोस्ताना रिश्ते जारी रख सकते हैं. मुझे उम्मीद है कि भारत हमारे इलाके में शांति और स्टेबिलिटी बनाने और इजरायलियों द्वारा फिलिस्तीनियों के खिलाफ और क्राइम और हत्याओं को रोकने के लिए अपनी पॉजिटिव और कंस्ट्रक्टिव भूमिका निभाएगा.

गाजा पर क्या बोले पीएम मोदी?

पीएम मोदी ने बुधवार को इजराइल की संसद नेसेट को संबोधित किया. उन्होंने गाजा शांति पहल को पूरे क्षेत्र के लिए न्यायपूर्ण और स्थायी शांति का मार्ग बताया, साथ ही उन्होंने इजराइल के प्रति एकजुटता का सशक्त संदेश देते हुए कहा कि आतंकवाद चाहे कहीं हो, यह हर जगह की शांति के लिए खतरा है.

पीएम मोदी ने कहा कि इजराइल की तरह भारत भी आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की एक सुसंगत और अडिग नीति अपनाता है और इसमें कोई दोहरा मापदंड नहीं है. उन्होंने इस खतरे का मुकाबला करने के लिए निरंतर और समन्वित वैश्विक प्रयासों का आह्वान भी किया.

पीएम मोदी ने कहा, मैं सात अक्टूबर (2023) को हमास द्वारा किए गए बर्बर आतंकवादी हमले में जान गंवाने वाले हर व्यक्ति और उस परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं जिसकी दुनिया इस हमले में बिखर गई.

Chandra Grahan 2026: ग्रहण काल क्यों माना जाता है संवेदनशील? शास्त्रों में क्या है नियम…

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साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा यानी 3 मार्च को लगने जा रहा है. हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण की घटना को केवल एक खगोलीय घटना नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और ऊर्जा के नजरिए से बहुत महत्वपूर्ण माना गया है.

अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या ग्रहण के दौरान यात्रा करनी चाहिए? क्या घर से बाहर निकलना सुरक्षित है? आइए जानते हैं शास्त्रों के अनुसार ग्रहण के दौरान यात्रा से जुड़े नियम और सावधानियां.

हिंदू परंपरा में सूर्य और चंद्र ग्रहण को सामान्य खगोलीय घटना भर नहीं माना जाता, बल्कि इसे आध्यात्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण समय समझा जाता है. पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब राहु-केतु सूर्य या चंद्रमा को ग्रसित करते हैं, तब वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है. इसी कारण ग्रहण के समय विशेष सावधानी बरतने, जप-तप करने और अनावश्यक कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है.

सूतक काल क्या होता है?

ग्रहण से कुछ समय पहले सूतक काल शुरू हो जाता है.

चंद्र ग्रहण के लिए सूतक काल लगभग 9 घंटे पहले माना जाता है.

इस दौरान मंदिरों के पट बंद कर दिए जाते हैं.

शुभ कार्य, यात्रा, विवाह, खरीदारी या नए काम की शुरुआत वर्जित मानी जाती है.

सूतक काल को शास्त्रों में संयम और साधना का समय बताया गया है.

क्या ग्रहण के दौरान यात्रा करनी चाहिए?

शास्त्रों और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है. इसके पीछे कई कारण बताए गए हैं.

नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव मान्यता है कि ग्रहण के समय वातावरण में नकारात्मक कंपन बढ़ जाते हैं, जो मानसिक शांति को प्रभावित कर सकते हैं.

बाधाओं की आशंका: कहा जाता है कि इस समय शुरू की गई यात्रा में रुकावटें आ सकती हैं.

शुभ कार्य वर्जित: यात्रा को भी एक प्रकार का शुभ आरंभ माना जाता है, इसलिए इसे टालना बेहतर समझा जाता है.

विशेषकर लंबी दूरी की यात्रा, नया व्यवसायिक सफर या महत्वपूर्ण मीटिंग के लिए निकलने से बचना चाहिए.

अगर यात्रा जरूरी हो तो क्या करें?

कई बार परिस्थितियां ऐसी होती हैं कि यात्रा टालना संभव नहीं होता. ऐसे में शास्त्र कुछ उपाय भी बताते हैं जैसे, घर से निकलने से पहले भगवान का स्मरण करें.यात्रा से लौटने के बाद स्नान अवश्य करें फिर साफ वस्त्र धारण कर पूजा-पाठ करें. माना जाता है इससे इससे नकारात्मक प्रभाव कम होने की मान्यता है.

ग्रहण काल में क्या करें?

भगवान का नाम जपें और ध्यान करें.

जरूरतमंदों को दान करें.

ग्रहण समाप्त होने के बाद घर की साफ-सफाई करें.

स्नान कर पवित्रता बनाए रखें.