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छत्‍तीसगढ़ :तीन साल में सुलझ जाएगा नक्सलवाद, डिप्‍टी CM विजय शर्मा ने नक्‍सल समस्‍या पर दिया ये बड़ा बयान…

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छत्‍तीसगढ़ :तीन साल में सुलझ जाएगा नक्सलवाद, डिप्‍टी CM विजय शर्मा ने नक्‍सल समस्‍या पर दिया ये बड़ा बयान…

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों द्वारा किए गए विस्फोट में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के दो जवान बलिदान हो गए और चार अन्य घायल हो गए। शर्मा ने कहा कि बंदूक के बल पर नक्सलवाद को खत्म नहीं किया जा सकता।

राज्य के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि संसाधन संपन्न राज्य में नक्सलवाद समस्या का समाधान तीन साल के भीतर कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश को नक्सलवाद से मुक्त करना है। इस संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ की सरकार आगे बढ़ रही है।

नई दिल्ली पहुंचे विजय शर्मा ने यहां समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के प्रश्न पर कहा कि पूरे देश में यूसीसी लागू होना चाहिए। इसके साथ छत्तीसगढ़ में भी समान नागरिक संहिता लागू हो सकेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नक्सलियों के साथ बातचीत की पक्षधर है और उनका लक्ष्य उन्हें मुख्यधारा में लाना है। विश्वास है कि नक्सलवाद का मुद्दा तीन साल में हल हो जाएगा। आप तीन साल में इंद्रावती के तट पर शांति से बैठ सकेंगे।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों द्वारा किए गए विस्फोट में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के दो जवान शहीद हो गए और चार अन्य घायल हो गए। शर्मा ने कहा कि बंदूक के बल पर नक्सलवाद को खत्म नहीं किया जा सकता। हम कई पहलुओं पर काम कर रहे हैं और व्यापक दृष्टिकोण अपना रहे हैं।

हम नक्सलियों के साथ बिना शर्त बातचीत के लिए तैयार हैं। बातचीत होनी चाहिए। हम फोन पर या वीडियो कॉल के जरिए भी बात कर सकते हैं। मैंने फीडबैक के लिए गूगल फार्म भी जारी किया है। राज्य सरकार राज्य के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने वाली विदेशी शक्तियों को पूरी तरह से उन्मूलन कर देगी।

बीजापुर के तर्रेम क्षेत्र में दो जवानों के शहीद होने पर उप मुख्यमंत्री शर्मा ने 19 जुलाई को अपना जन्मदिन नहीं मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने अपने सभी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से भी अपील की है कि आज जब उनके भाई बलिदान हुए हैं तब उनका मन आहत व व्यथित है वे उनका जन्मदिन न मनाए और इस कठिन समय में बलिदान जवानों और उनके स्वजन के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करें।

राजनांदगांव : लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष पूर्व सीएम बघेल ने लगाई याचिका, पूर्व सीएम ने राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय पर कार्रवाई की मांग…

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राजनांदगांव : लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष पूर्व सीएम बघेल ने लगाई याचिका, पूर्व सीएम ने राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय पर कार्रवाई की मांग…

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मामले को लेकर दो जुलाई को लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भी लिखा था। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से अपील की थी कि इस निराधार आरोप को संसद की कार्यवाही से विलोपित करने के निर्देश जारी किए जाएं।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल। लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष पूर्व सीएम बघेल ने लगाई याचिका, पूर्व सीएम ने राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय पर कार्रवाई की मांग, सांसद ने महादेव सट्टा एप को लेकर लोकसभा में दिया था बयान.

छत्‍तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समक्ष याचिका लगाई है। उन्होंने राजनांदगांव के सांसद संतोष पांडेय के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। दरअसल, सांसद संतोष पांडेय ने लोकसभा के मानसून सत्र के दौरान भूपेश बघेल को लेकर टिप्पणी की थी। महादेव सट्टा मामले को लेकर आरोप लगाए थे।

पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने इंटरनेट मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा है कि सांसद संतोष पांडेय ने महादेव सट्टा एप को लेकर लोकसभा में जो गलत बयानी की है, उसके खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष याचिका प्रस्तुत की है। उम्मीद है न्याय मिलेगा और सांसद बयान के साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे।
दरअसल, सांसद संतोष पांडेय ने संसद में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा था कि राहुल गांधी सोमवार को बार-बार भगवान शंकर की तस्वीर संसद में दिखा रहे थे। भगवान भोलेनाथ हैं। आपने और छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री ने पूरे प्रदेश को निपटा दिया और लोकसभा चुनाव में भी निपट गए। वो महादेव के नाम पर सट्टा चला रहे थे।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री छह हजार करोड़ का सट्टा चला रहे थे। भगवान शंकर को आसानी से ना लें और बात-बात पर फोटो दिखाने की कोशिश ना करें। सांसद के इस बयान पर भूपेश बघेल ने आपत्ति जताई थी। उन्होंने सवाल किया था कि केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार होने के बावजूद एप पर बैन क्यों नहीं लगाया गया।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मामले को लेकर दो जुलाई को लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भी लिखा था। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से अपील की थी कि इस निराधार आरोप को संसद की कार्यवाही से विलोपित करने के निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही गलत तथ्यों के आधार पर संसद में गैर-मौजूद किसी व्यक्ति पर दोषारोपण करने के लिए सांसद के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की बात भी लिखी थी।

छत्‍तीसगढ़ : कोयला घोटाले के आरोपितों के खिलाफ आरोप पत्र पेश किया जाएगा…

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छत्‍तीसगढ़ : कोयला घोटाले के आरोपितों के खिलाफ आरोप पत्र पेश किया जाएगा…

कोयला घोटाले के इन आरोपितों के खिलाफ आरोप पत्र पेश करने की पूरी तैयारी थी लेकिन अब यह चालान शुक्रवार 19 जुलाई को पेश किया जाएगा। बताया जा रहा है कि दस हजार से अधिक पन्नों के इस आरोप पत्र में अब तक की पूरी जांच, सभी तथ्यात्मक दस्तावेज के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स साक्ष्य भी पेश किए जाएंगे।

कोयला घोटाला मामले के आरोपितों को कोर्ट में किया गया पेश, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई पेशी, कोर्ट में दस्तावेज के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स साक्ष्य भी पेश किए जाएंगे.

जिला न्यायालय में गुरुवार को बड़ी गहमागहमी रही, क्‍योंकि एसीबी, ईओडब्ल्यू की विशेष कोर्ट में तीन बहुचर्चित घोटाला मामले के आरोपितों की पेशी हुई। करोड़ों के कोयला घोटाला मामले के आरोपित निलंबित आईएएस समीर बिश्वनोई, घोटाले के किंगपिन कारोबारी सूर्यकांत तिवारी समेत अन्य आरोपितों को कोर्ट में पेश किया गया।

वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की निलंबित उपसचिव सौम्या चौरसिया, निलंबित आईएएस रानू साहू की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। दरअसल, कोयला घोटाले के इन आरोपितों के खिलाफ आरोप पत्र पेश करने की पूरी तैयारी थी लेकिन अब यह चालान शुक्रवार 19 जुलाई को पेश किया जाएगा। बताया जा रहा है कि दस हजार से अधिक पन्नों के इस आरोप पत्र में अब तक की पूरी जांच, सभी तथ्यात्मक दस्तावेज के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स साक्ष्य भी पेश किए जाएंगे।

नकली होलोग्राम के चार आरोपित भेजे गए जेल

2000 करोड़ रुपये से अधिक के शराब घोटाला से जुड़े नकली होलोग्राम केस में गिरफ्तार किए गए चार आरोपित दीपक द्वारी, अमित सिंह, अनुराग दिवेदी समेत प्रिज्म होलोग्राम कंपनी के स्टेट हेड दिलीप पांडेय को गुरुवार एसीबी, ईओडब्ल्यू की विशेष कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद चारों आरोपितों को 10 दिन यानि 31 जुलाई तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने के आदेश दिए।

निलंबित आरक्षक फिर से रिमांड पर

महादेव एप ऑनलाइन सट्टेबाजी केस में गिरफ्तार बर्खास्त पुलिस आरक्षक सहदेव सिंह यादव की दूसरी बार पुलिस रिमांड खत्म होने पर गुरुवार को ईओडब्ल्यू, एसीबी कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान एसीबी की ओर से रिमांड बढ़ाने का आवेदन दिया गया। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद न्यायाधीश ने आखिरकार 25 जुलाई तक के लिए पुलिस रिमांड बढ़ाने का आदेश सुनाया। पिछले दिनों ही निलंबित आरक्षक सहदेव यादव को दुर्ग एसपी ने बर्खास्त करने का आदेश जारी किया था। सहदेव के भाई पहले से इसी केस में जेल में बंद है।

छत्तीसगढ़ : डायरिया और डेंगू-मलेरिया का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। प्रदेश के शासकीय और निजी अस्पतालों में डायरिया के मरीजों में 30 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है।

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छत्तीसगढ़ : डायरिया और डेंगू-मलेरिया का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। प्रदेश के शासकीय और निजी अस्पतालों में डायरिया के मरीजों में 30 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है।

छत्तीसगढ़ में इस साल अब तक डेंगू के 30 मरीज मिल चुके हैं, जिसमें से दस इसी माह के शामिल हैं। मलेरिया के पीड़ितों का भी अस्पताल पहुंचना शुरू हो गया है। दुर्ग, राजनांदगांव, धमतरी, बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा, बीजापुर, बस्तर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, सुकमा, कोंडागांव और कांकेर में मलेरिया के केस सामने आ रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में डायरिया के साथ मलेरिया के भी बढ़ रहे मरीज। छत्‍तीसगढ़ के अस्‍पतालों में डायरिया के 30 प्रतिशत मरीज बढ़े। डायरिया से कवर्धा में 5 तथा जांजगीर-चांपा जिले में 2 की मौत। छत्तीसगढ़ के बस्तर में मलेरिया का सबसे ज्यादा प्रकोप।

छत्‍तीसगढ़ में डायरिया और डेंगू-मलेरिया का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। प्रदेश के शासकीय और निजी अस्पतालों में डायरिया के मरीजों में 30 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। डायरिया से पीड़ित सबसे ज्यादा बच्चे हैं। प्रदेशभर में इस वर्ष जनवरी से अब तक डायरिया के 10,830 मरीज मिल चुके हैं। डायरिया से कवर्धा जिले में पांच तथा जांजगीर-चांपा जिले में दो की मौत हुई है।

हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने इससे इनकार किया है। डेंगू के इस वर्ष अब तक 30 मरीज मिल चुके हैं, जिसमें से दस इसी माह के शामिल हैं। मलेरिया के पीड़ितों का भी अस्पताल पहुंचना शुरू हो गया है। दुर्ग, राजनांदगांव, धमतरी, बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा, बीजापुर, बस्तर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, सुकमा, कोंडागांव और कांकेर में मलेरिया के केस सामने आ रहे हैं।

गरियाबंद जिले में 15 से अधिक गांवों में मलेरिया का प्रकोप छाया हुआ है। मलेरिया का सबसे ज्यादा प्रकोप बस्तर संभाग में है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी छमाही रिपोर्ट के अनुसार, बीजापुर में विगत छह माह में मलेरिया के 4,441, बस्तर में 1,660, दंतेवाड़ा में 1,640, नारायणपुर में 1,509, सुकमा में 1,144, कोंडागांव में 701 तथा कांकेर में 259 केस मिल चुके हैं।

इधर, स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि मलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत 2020 से 2023 के दौरान पहले से नौंवे चरण तक मलेरिया का पॉजिटिव दर 4.60 प्रतिशत से घटकर 0.51 प्रतिशत हो गया है। अभियान का दसवां चरण 5 जुलाई 2024 को समाप्त हुआ है। डॉक्‍टरों का कहना है कि मलेरिया के केस अगस्त में ज्यादा आते हैं। प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आंबेडकर अस्पताल में मलेरिया के प्रतिदिन चार से पांच मरीज पहुंच रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा, स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं के पर्याप्त इंतजाम के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में मलेरिया के काफी कम केस आए हैं। आने वाले पांच सालों में बस्तर को पूरी तरह से मलेरिया मुक्त करने का संकल्प लिया गया है, जिस दिशा में काम किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ : मंत्री राजेश मूणत ने कई क्षेत्रों का दौरा किया औऱ जन आकांक्षाओं को पूर्ण करते हुए कई महत्त्वपूर्ण घोषणाएं की।

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छत्तीसगढ़ : मंत्री राजेश मूणत ने कई क्षेत्रों का दौरा किया औऱ जन आकांक्षाओं को पूर्ण करते हुए कई महत्त्वपूर्ण घोषणाएं की।

मूणत ने स्कूलों के कायकल्प करने का मिशन शुरू किया है। सर्वप्रथम मूणत ने मोहबा बाजार उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नगर निगम रायपुर के आयुक्त जोन आयुक्त एवं स्मार्ट सिटी के  अधिकारियों को स्कूलों में जरूरत के मुताबिक हर संसाधन जुटाने के आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

मूणत स्कूलों का कर रहे हैं निरीक्षण

ज्ञात हो कि राजेश मूणत अपने निर्वाचन क्षेत्र रायपुर पश्चिम के सभी विद्यालयों का निरीक्षण किया जा रहा है। मूणत का कहना है कि वह यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि छात्र छात्राओं को किसी प्रकार की असुविधा नही होनी चाहिए।

मूणत ने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल देना हम सबका कर्तव्य है। मैं स्कूलों का निरीक्षण करके यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा हूं कि वहां साफ सफाई हो, जल की व्यवस्था हो, स्वच्छ टॉयलेट उपलब्ध औऱ खेलकूद का मैदान भी हो।  इसके अलावा कक्षाओं में छात्र-छात्राओं की बैठने की पर्याप्त औऱ उचित व्यवस्था हो।

महोबा बाजार स्कूल का होगा कायाकल्प, मूणत की शानदार व्यवस्था

मूणत ने बताया कि जनता की मांग के अनुरूप  महोबा बाजार उत्तर माध्यमिक विद्यालय में रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा एक करोड़ 27 लाख लागत से स्कूल के भूतल प्रथम तल एवं ड्यूटी ताल का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही साथ पुराने भवन का भी मेंटेनेंस किया जा रहा है। हम आगे भी कई अन्य स्कूलों का कायाकल्प करने वाले हैं।

इस दौरान विधायक राजेश मूणत ने साथ मे ही निरीक्षण के लिए पहुंचे एसडीएम को निर्देशित किया कि स्कूल की चतुर्थी सीमाओं का सीमांकन किया जाए एवं सीमांकन रिपोर्ट आने के बाद स्कूल की सुरक्षा हेतु बाउंड्री वॉल पेवर ब्लॉक सेड और जरूरी सामानों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इस सम्बंध में विधायक राजेश मूणत ने  विधायक निधि से 25 लाख  रुपए देने की घोषणा भी की।

जसगीत प्रतियोगिता में की शिरकत, शेड निर्माण के लिए स्वीकृत किये 1 लाख रुपये

विधायक राजेश मूणत स्कूलों के दौरे के पश्चात रामनगर पहुंचे, जहां उन्होंने जसगीत प्रतियोगिता में  शिरकत की।

इस दौरान उन्होंने आमजनों से कहा कि वह क्षेत्र के विकास में किसी तरह की अड़चन नही आने देंगे और जनहित में निरंतर हरसम्भव प्रयास करते रहेंगे।

मूणत ने रामनगर के विभिन्न मोहल्ले में जनता की मांग के अनुरूप लगभग 1 करोड़ रुपये के शेड निर्माण कार्य को भी स्वीकृत किया।

छत्तीसगढ़ : बिलासपुर में मिला कोरोना पॉजिटिव मरीज, मामले के बाद स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप…

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छत्तीसगढ़ : बिलासपुर में मिला कोरोना पॉजिटिव मरीज, मामले के बाद स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप…

बिलासपुर में कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद हड़कंप मच गया है। मरीज की उम्र 66 वर्ष बताई जा रही है। कोरोना का मामला सामने आने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। जहां बुजुर्ग को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। बिलासपुर में अचानक सामने आए कोरोना के मामले के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग परिवार के लोगों की जांच करवा रहा है। कोरोना से संक्रमित होने के बाद बुजुर्ग को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। यह भी जानकारी ली जा रही है कि पिछले दिनों बुजुर्ग कहां-कहां गए थे। इन्हें शुगर हैं और कुछ दिनों पहले पैरालिसिस का अटैक भी आया था। बिलासपुर में करीब एक साल से भी ज्यादा समय बाद कोरोना संक्रमित मरीज मिला है।

छत्‍तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर राज्य की विभिन्न नई रेल परियोजनाओं पर चर्चा की।

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छत्‍तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर राज्य की विभिन्न नई रेल परियोजनाओं पर चर्चा की।

मुख्‍यमंत्री विष्‍णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश में रेल परियाेजनाओं को गति देने पर विस्तार से चर्चा की गई। चारों रेल परियोजनाओं का डीपीआर तैयार किया जा रहा है। प्रदेश में रेल का नेटवर्क कम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से काफी उम्मीदें हैं।

छत्‍तीसगढ़ में 36,500 करोड़ की लागत से रावघाट-जगदलपुर समेत चार रेल परियोजनाएं जल्द ही शुरू होंगी।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने परियोजनाओं की संभावनाओं और लाभों को स्वीकार करते हुए तेजी से काम करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को आश्वस्त किया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चारों परियोजनाएं छत्तीसगढ़ के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। रेलवे मंत्रालय इन्हें प्राथमिकता देगा।

दरअसल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर राज्य की विभिन्न नई रेल परियोजनाओं पर चर्चा की।

रेल भवन में हुई बैठक में मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश की चार प्रमुख रेल परियोजनाओं धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा, अंबिकापुर-बरवाडीह (झारखंड), खरसिया- नवा रायपुर-परमलकसा और रावघाट-जगदलपुर नई रेललाइन परियोजना को जल्द शुरू करने का आग्रह किया।

केंद्रीय मंत्री वैष्णव से मुलाकात के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में रेल परियाेजनाओं को गति देने पर विस्तार से चर्चा की गई।

चारों रेल परियोजनाओं का डीपीआर तैयार किया जा रहा है। प्रदेश में रेल का नेटवर्क कम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से काफी उम्मीदें हैं। मुख्यमंत्री के केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद थे।

धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा परियोजना उत्तरी छत्तीसगढ़ को झारखंड से जोड़ेगी। इसके माध्यम से औद्योगिक (कोरबा) क्षेत्र को लोहरदगा से जोड़ने की योजना है। इसके अतिरिक्त यह क्षेत्र को पूर्व में कोरबा और रांची से होकर मध्य भारत से जोड़ेगी। 240 किमी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 16,000 करोड़ है।

अंबिकापुर-बरवाडीह परियोजना को 1948 में मंजूरी मिली थी, बावजूद अधूरी है। यह अंबिकापुर (उत्तरी छत्तीसगढ़) को बरवाडीह (झारखंड) से जोड़ेगी। परियोजना से देश के उत्तरी और पूर्वी हिस्से में कोयला व अन्य खनिजों के परिवहन को वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा। 200 किमी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 9,000 करोड़ रुपये है।

खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा परियोजना देश के पश्चिमी क्षेत्र में एसईसीएल और एमसीएल कोयला क्षेत्रों की निकासी के लिए एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करती है। यह बिलासपुर, रायपुर स्टेशनों को बायपास करते हुए बलौदाबाजार को जोड़ेगी। 277 किमी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 8,000 करोड़ रुपये है।

95 किमी की दल्ली-राजहरा-रावघाट रेललाइन का निर्माण चल रहा है। 140 किमी रावघाट-जगदलपुर नई रेललाइन परियोजना प्रदेश के खनिज समृद्ध क्षेत्र से इस्पात उद्योगों तक लौह अयस्क की निकासी के कुशल और पर्यावरण अनुकूल साधन प्रदान करेगी। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 3,500 करोड़ रुपये है।

छत्तीसगढ़ : प्रदेश के विकास और सुरक्षा के मुद्दे पर मुख्यमंत्री साय की केंद्रीय गृहमंत्री से हुई मुलाकात।

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छत्तीसगढ़ : प्रदेश के विकास और सुरक्षा के मुद्दे पर मुख्यमंत्री साय की केंद्रीय गृहमंत्री से हुई मुलाकात।

सीएम विष्‍णुदेव साय ने की केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से छत्तीसगढ़ विजन @2047 पर चर्चा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में राज्य सरकार ने आठ अलग-अलग क्षेत्रों को चिन्हित किया है। इन क्षेत्रों में विकास को गति देने के लिए एक वर्किंग कमेटी का गठन किया गया है, जो नियमित रूप से आम लोगों और विशेषज्ञों से चर्चा कर एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नियद नेल्लानार सहित अलग-अलग योजनाओं के जरिए आदिवासी व नक्सल प्रभावित में आधारभूत सुविधाओं का तेज़ी से विस्तार किया जा रहा है।

राज्य सरकार ने इन क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए विशेष अभियान संचालित किया है।मुलाकात के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की और राज्य में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।

केंद्रीय मंत्री मांडविया से रोजगार सृजन और खेल सुविधाओं पर चर्चा

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय श्रम, रोजगार, युवा एवं खेल मामलों के मंत्री डा. मनसुख मांडविया से उनके आवास पर मुलाकात की। केंद्रीय मंत्री को उन्होंने प्रदेश में रोजगार सृजन, श्रमिक कल्याण और खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए और अधिक सहायता का आग्रह किया। मांडविया ने कहा कि राज्य सरकार को हरसंभव सहयोग देने को तैयार है।

मुख्यमंत्री ने राज्य में श्रम, रोजगार और खेल के क्षेत्र में हो रही प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की गई हैं। केंद्र सरकार इन योजनाओं को और अधिक समर्थन दे, ताकि राज्य के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।

देवशयनी एकादशी चातुर्मास, इस साल यह एकादशी 17 जुलाई को पड़ रही है, जो सावन, भादो, आश्विन और कार्तिक मास में 118 दिन तक चलेगी।

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देवशयनी एकादशी चातुर्मास, इस साल यह एकादशी 17 जुलाई को पड़ रही है, जो सावन, भादो, आश्विन और कार्तिक मास में 118 दिन तक चलेगी।

17 जुलाई को देवशयनी एकादशी के अगले दिन से शुरू होने वाला चातुर्मास 12 नवंबर तक चलेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अवधि में भगवान विष्णु के सो जाने के कारण कुछ काम भूल से भी नहीं करने चाहिए, अन्यथा जीवन में तरक्की रुक सकती है।

हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार, देवशयनी एकादशी को भक्तों और श्रद्धालुओं की पूजा स्वीकार करने के बाद भगवान विष्णु धरती से चले जाएंगे और क्षीर सागर में शेषनाग की शैय्या पर योगनिद्रा में लीन हो जाएंगे। इस साल यह एकादशी 17 जुलाई को पड़ रही है, जिसके अगले दिन से चातुर्मास की शुरुआत हो रही है, जो सावन, भादो, आश्विन और कार्तिक मास में 118 दिन तक चलेगी।

धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक, दौरान लगभग सभी मांगलिक कार्य करने के मनाही है। आइए जानते हैं, इस अवधि में कौन-से 5 काम करने पर घर, परिवार और व्यक्ति की आर्थिक स्थिति पर बेहद नकारात्मक असर होता है, जिससे जीवन के अनेक पहलुओं पर प्रभाव पड़ता है?

हिन्दू धर्म में चातुर्मास धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से बेहद महत्व रखता है। इस अवधि को संयमित जीवन जीने का समय माना गया है। चातुर्मास के चार महीनों में जगतपालक भगवान विष्णु के सो जाने से यह समय स्व-साधना और आत्मसंयम के लिए महत्वपूर्ण माना गया है।

इस अवधि में विशेष रूप से जाप, पाठ, ध्यान और आत्म-चिंतन करना चाहिए। इस अवधि में गरीबों और जरुरतमंदों को छतरी, जूते-चप्पल, धन और अन्न का दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।

मांगलिक कार्य: धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, चातुर्मास में रोका, सगाई, विवाह, उपनयन, मुंडन, बच्चे का नामकरण, गृह प्रवेश आदि मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए। कहते हैं, इस समय इन कामों को शुरू करने से या तो वे पूरे नहीं होते हैं या जबरदस्त हानि हो सकती है।

तामसिक भोजन: मान्यता है कि इस दौरान तामसिक भोजन, जैसे- मांस, मछली, अंडा, लहसुन-प्याज, शराब आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से कुंडली में दोष उत्पन्न होता है और ग्रहों की दृष्टि नकारात्मक हो जाती हैं।

सामान्य खानपान में वर्जित वस्तुएं: मान्यता है कि इन चार महीनों में कुछ चीजों, जैसे- दही, अचार और अन्य खटाई, साग, हरी पत्तेदार सब्जियां, बैंगन, मूली आदि खाने से परहेज करना चाहिए। प्राचीन कहावत भी है कि सावन में साग, भादों में दही और छाछ, आश्विन में अचार और कार्तिक में करेला नहीं खाना चाहिए। इन्हें खाने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती है, जिसके इलाज पर काफी व्यय हो सकता है।

भूमि खोदना: चातुर्मास में भूमि खोदना या निर्माण कार्य करना वर्जित माना जाता है। यही कारण है कि चातुर्मास के दौरान भूमि पूजन और भवन की नींव नहीं खोदी जाती है। कहते हैं, इससे घर में जल्द ही धन संकट आ जाता है।

नया व्यापार प्रारंभ करना: नया व्यापार शुरू करना भी चातुर्मास में टाल देना चाहिए। दूर की यात्राएं भी इस दौरान करने से मना किया जाता है। कहते हैं, यह आदमी को कर्ज में डूबा देता है।

इसके अलावा इन 4 महीनों में वस्त्र धारण में भी कुछ वर्जनाएं है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, रेशमी और ऊनी वस्त्रों को धारण करना भी इस अवधि में वर्जित माना गया है। इस नियम का उल्लंघन से करने से आया हुआ धन जल्द ही विलीन हो जाता है।

छत्तीसगढ़ : उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने जन समस्या निवारण से जुड़े सवालों के जवाब में कांग्रेस पर पलटवार…

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छत्तीसगढ़ : उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने जन समस्या निवारण से जुड़े सवालों के जवाब में कांग्रेस पर पलटवार…

छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार लगातार प्रदेश के लोगों का जीवन सुधारने के लिए काम कर रही है। इसी सिलसिले में साय सरकार ने जन समस्या निवारण की शुरुआत की थी, जिसे अब कांग्रेस द्वारा चुनावी स्टंट बताया जा रहा है।

जन समस्या निवारण से जुड़े सवालों पर कांग्रेस को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने तीखे लहजे में जवाब दिया है। डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस ने जो समस्या पैदा की है, हमारी सरकार ने उसी के समाधान के लिए ‘जन समस्या निवारण’ कर रही हैं।

कांग्रेस पर डिप्टी सीएम का वार : डिप्टी सीएम अरुण साव ने आगे कहा कि कांग्रेस खुद एक चुनावी पार्टी है। इसलिए हर कार्यक्रम, हर योजना को चुनाव से जोड़ती है।
जनता के लिए कांग्रेस ने कुछ किया ही नहीं है और अब हम करते हैं तो उनके पेट पर दर्द होता है।

इसके साथ ही डिप्टी सीएम ने कवर्धा में मौत की रिपोर्ट को फर्जी बताने के लिए भी कांग्रेस को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने कहा कि यह एक राजनीतिक आरोप है, आपदा इसी प्रकार की होती है। आपदा पर भी कांग्रेस राजनीतिक कर रही है। हमारी सरकार ने मौसमी बीमारियों के रोकथाम पर काम कर रही है।

भाजपा सांसद का कांग्रेस पर पलटवार : डिप्टी सीएम के अलावा भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी प्रदेश में कानून व्यवस्था पर कांग्रेस के आरोप पर पलटवार किया है। भाजपा सांसद ने कहा कि गृह विभाग की बैठक हुई, जिसमे गृह मंत्री और पुलिस के अधिकारियों ने लंबी चर्चा की है।

प्रदेश की राजधानी के गुंडे, मवाली पर शासन प्रशासन का भय पैदा होना चाहिए। जो वारदातें हो रही है उस पर रोक लगनी चाहिए। रायपुर के सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक है, इसके निदान पर भी काम होना चाहिए और सरकारी इन सभी पर काम कर रही है।