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छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्ण देव साय ने दिए संकेत, गरीबों को 500 रुपये में मिल सकता है गैस सिलेंडर…

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छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्ण देव साय ने दिए संकेत, गरीबों को 500 रुपये में मिल सकता है गैस सिलेंडर…

विधानसभा चुनाव के दौरान मोदी की गारंटी (घोषणा पत्र) में भाजपा ने सस्ता गैस सिलेंडर देने का वादा किया था। अनुमान है कि सरकार इस साल ही गैस सिलेंडर देने की योजना शुरू कर सकती है। महतारी वंदन योजना में हर महीने 70 लाख से ज्यादा महिलाओं को एक हजार रुपये महीना मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने इसे लेकर कोई निश्चित तारीख तय नहीं की है। इतना जरूर कह दिया है कि हम जल्द देंगे।

नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव से पहले भाजपा की विष्णु देव साय सरकार सस्ते गैस सिलेंडर पर बड़ा दांव खेलने की तैयारी में है। नवंबर-दिसंबर 2024 में होने जा रहे नगरीय निकाय चुनाव से पहले गरीब वर्ग की महिलाओं को 500 रुपये में गैस सिलेंडर देने का वादा पूरा किया जा सकता है। यदि ऐसा हुआ तो यह योजना भाजपा के लिए चुनाव में गेमचेंजर साबित हो सकती है।

विधानसभा चुनाव के दौरान मोदी की गारंटी (घोषणा पत्र) में भाजपा ने सस्ता गैस सिलेंडर देने का वादा किया था। मुख्यमंत्री साय ने राजधानी के पं. दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में गैस का सिलेंडर 500 रुपये में देने का वादा पूरा करने के संकेत दिए हैं।

उन्होंने कहा है कि हम छत्तीसगढ़ में जल्द ही लोगों को 500 रुपये में गैस सिलेंडर देंगे। सीएम ने इसे लेकर कोई निश्चित तारीख तय नहीं की है। इतना जरूर कह दिया है कि हम जल्द देंगे। ऐसे में अनुमान है कि सरकार इस साल ही गैस सिलेंडर देने की योजना शुरू कर सकती है।

बैठक में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी शामिल रहे। बतादें कि राज्य में 184 नगरीय निकाय हैं। इनमें से 169 में इसी वर्ष के अंत में चुनाव होने हैं। बाकी 15 निकायों का कार्यकाल 2025 में पूरा होगा। वहीं नगर निकाय चुनाव 2019 में पूर्ववर्ती कांग्रेस की भूपेश सरकार के दौरान प्रदेश के सभी 14 नगर निगमाें में कांग्रेस के महापौर चुने गए थे। अभी केवल 13 निगमों में कांग्रेस है और एक में भाजपा के महापौर हैं।

भाजपा ने विधानसभा चुनाव 2023 में महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना शुरू करने की घोषणा की थी। इसकी बदौलत भाजपा 90 विधानसभा सीट वाली विधानसभा में 54 सीटों में विजयी हुई और प्रदेश में भाजपा की अब तक की सबसे बड़ी जीत हुई। कांग्रेस महज 34 सीटों पर सिमट गई और एक सीट गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के खाते में गई है।

साय सरकार बनने के बाद लोकसभा चुनाव से पहले महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ भी मिलना शुरू हो गया। 70 लाख महिलाओं को हर महीने उनके खाते में एक हजार रुपये दिया जा रहा है। लोकसभा चुनाव में भी भाजपा ने प्रदेश की 11 लोकसभा सीटों में से 10 सीटों पर जबरदस्त जीत हासिल की। नई सरकार बनते ही राज्य की सरकार ने चुनाव से पहले महिलाओं से महतारी वंदन योजना की बात की थी।

महतारी वंदन योजना में हर महीने 70 लाख से ज्यादा महिलाओं को एक हजार रुपये महीना मिल रहा है। पीएम आवास के तहत 18 लाख आवासहीनों के लिए पीएम आवास स्वीकृत हुए हैं। अयोध्या में भगवान श्रीरामलला मंदिर दर्शन योजना लागू हो चुकी है। 3100 रुपये में प्रति क्विंटल और 20 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से खरीदी शुरू हो चुकी है।

पीएससी परीक्षा घोटाले में सीबीआई जांच की अनुशंसा हो चुकी है। इसके अलावा भाजपा सरकार ने 1,000 किमी लंबी शक्तिपीठ परियोजना, तेंदूपत्ता संग्राहकों को 5500 रुपये, बिरनपुर सीबीआई जांच, भूमिहीन खेतिहर मजदूरों को हर वर्ष 10 हजार रुपये की सहायता,दिल्ली एनसीआर की तर्ज पर स्टेट कैपिटल रीजन, दो साल धान का बकाया बोनस, पांच साल तक गरीब परिवारों को निश्शुल्क में चावल देने की योजना पर मुहर लग चुकी है।

मोदी की गारंटियों में अभी रसोई गैस में 500 रुपये की छूट का इंतजार महिलाओं को हैं। छात्रों के लिए मासिक ट्रैवल अलाउंस, भ्रष्टाचार के खिलाफ आयोग का गठन का वादा पूरा होना बाकी है।

विधानसभा चुनाव के दौरान देश के पांच राज्यों में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम में सस्ते सिलेंडर पर राजनीतिक दलों ने फोकस किया था। अपने-अपने घोषणा पत्र में इस मुद्दे को शामिल किया था। मध्य प्रदेश की सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले ही लाडली बहनों को 450 रुपये में गैस सिलेंडर देने की शुरुआत की थी।

छत्तीसगढ़ : लोहा बाजार में बड़ी गिरावट, 24 दिनों में 5000 रुपये टन सस्ता हुआ सरिया, जानें क्‍या है भाव…

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छत्तीसगढ़ : लोहा बाजार में बड़ी गिरावट, 24 दिनों में 5000 रुपये टन सस्ता हुआ सरिया, जानें क्‍या है भाव…

अगर आप घर बनवाने की सोच रहे हैं तो आपके लिए अच्‍छी खबर है। भवन निर्माण का यह काफी अच्छा समय कहा जा सकता है। भवन निर्माण सामग्री बाजार इन दिनों मंदी के दौर से गुजर रहा है और बाहरी के साथ स्थानीय मांग भी गायब है। इसी क्रम में सरिया की कीमतों में भी रिकार्ड गिरावट दर्ज की गई है।

आने वाले दिनों में सरिया की कीमतों में और गिरावट के संकेत। 17 जून को सरिया रिटेल में 59 हजार प्रति टन तक बिक रहा था। सीमेंट की कीमतों में भी किसी भी प्रकार से तेजी की संभावना नहीं।

भवन निर्माण का यह काफी अच्छा समय कहा जा सकता है। भवन निर्माण सामग्री बाजार इन दिनों मंदी के दौर से गुजर रहा है और बाहरी के साथ स्थानीय मांग भी गायब है। इसके चलते बीते 24 दिनों में लोहा बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है। इन 24 दिनों में सरिया 5000 रुपये टन सस्ता हो गया है। फैक्ट्रियों में सरिया 50,500 रुपये प्रति टन और रिटेल मार्केट में 54,000 रुपये प्रति टन बिका। इससे पहले 17 जून को सरिया रिटेल में 59 हजार रुपये प्रति टन तक बिक रहा था। सरिया की यह कीमत कोराना काल के दौरान थी।

सरिया कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इसकी कीमतों में और गिरावट के ही संकेत बने हुए है। स्टील उद्योगों की हालत इन दिनों काफी खराब है, एक ओर जहां कीमतों में लगातार गिरावट आ रही है, वहीं बिजली की बढ़ी हुई दरों के चलते इनकी उत्पादन लागत भी बढ़ गई है। सरिया के साथ ही सीमेंट की कीमतों में भी अभी स्थिरता है और रिटेल में 280 से 300 रुपये प्रति बैग बिक रही है।

कारोबारियों का कहना है कि सीमेंट की कीमतों में भी किसी भी प्रकार से तेजी की संभावना नहीं है। अभी बाजार किसी भी प्रकार से तेजी को सपोर्ट नहीं कर रहा है। भवन निर्माण सामग्री में गिरावट के कारण इन दिनों बिल्डर्स कंपनियां भी किसी भी प्रकार से अपने प्रोजेक्टों की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं कर रही है,बल्कि उपभोक्ताओं को रिझाने आफर की पेशकश कर रही है।

रेत हुई महंगी : रेत की कीमतों में हालांकि जबरदस्त तेजी आई है। साथ ही सप्लाई भी प्रभावित है। इन दिनों रेत 19 से 20 रुपये फुट बिक रही है। इसके साथ ही ईंट भी 7000-7500 रुपये (प्रति एक हजार) के हिसाब से बिक रहा है।

C.G NEET UG SC Hearing: नीट पेपर मामले में बड़ा अपडेट, NSUI का दावा परीक्षा में हुई गड़बड़ी…

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C.G NEET UG SC Hearing: नीट पेपर मामले में बड़ा अपडेट, NSUI का दावा परीक्षा में हुई गड़बड़ी…

एनटीए ने अपने हलफनामे में कहा, ‘‘यह विश्लेषण दिखाता है कि अंकों का वितरण बिल्कुल सामान्य है और ऐसा कोई बाहरी कारक प्रतीत नहीं होता जो अंकों के वितरण को प्रभावित करेगा।’’

केंद्र ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी 2024’ में न तो इस बात के संकेत मिले हैं कि ‘‘बड़े पैमाने पर कदाचार’’ हुआ और न ही ऐसे संकेत हैं कि स्थानीय उम्मीदवारों के किसी समूह को लाभ पहुंचा हो।

नीट-यूजी 2024 में कुल 67 छात्रों ने 720 अंक प्राप्त किए, जो राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के इतिहास में अभूतपूर्व है। इस सूची में हरियाणा के एक केंद्र के छह छात्र शामिल हैं, जहां परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर संदेह उत्पन्न हुआ। यह आरोप लगाया गया है कि कृपांक के चलते 67 छात्रों को शीर्ष रैंक प्राप्त करने में मदद मिली।

केंद्र ने कहा कि नीट-यूजी 2024 के नतीजों का डेटा विश्लेषण भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास ने किया और विशेषज्ञों के निष्कर्षों के अनुसार अंक वितरण में घंटी के आकार के वक्र का अनुसरण किया गया जो बड़े पैमाने पर कराई जाने वाली किसी भी परीक्षा में दिखता है जिससे किसी अनियमितता का संकेत नहीं मिलता।

उच्चतम न्यायालय में दाखिल अतिरिक्त हलफनामे में केंद्र ने कहा कि 2024-25 के लिए स्नातक सीटों के वास्ते काउंसिलिंग की प्रक्रिया जुलाई के तीसरे सप्ताह से शुरू हो रहे चार चरणों में की जाएगी। इस बीच, प्रतिष्ठित परीक्षा आयोजित कराने वाली राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने शीर्ष न्यायालय में अलग से एक अतिरिक्त हलफनामा भी दायर किया और कहा कि उसने राष्ट्रीय, राज्य, शहर और केंद्र स्तर पर नीट-यूजी 2024 में अंकों के वितरण का एक विश्लेषण किया है।

एनटीए ने अपने हलफनामे में कहा, ‘‘यह विश्लेषण दिखाता है कि अंकों का वितरण बिल्कुल सामान्य है और ऐसा कोई बाहरी कारक प्रतीत नहीं होता जो अंकों के वितरण को प्रभावित करेगा।’’

उसने हलफनामे में प्रश्न पत्रों की गोपनीय छपाई, उसे लाने-ले जाने और वितरण के लिए स्थापित व्यवस्था की भी जानकारियां दी। प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली एक पीठ विवादों में घिरी मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़ी कई याचिकाओं पर आज सुनवाई करेगी।

इन याचिकाओं में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) की पांच मई को हुई परीक्षा में गड़बड़ी और कदाचार का आरोप लगाने वाली और इसे फिर से आयोजित करने का निर्देश देने का अनुरोध करने वाली याचिकाएं भी शामिल हैं। उच्चतम न्यायालय ने आठ जुलाई को इस मामले पर सुनवाई के दौरान कहा था कि नीट-यूजी 2024 की शुचिता ‘‘भंग’’ हुई है।

छत्तीसगढ़ : मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना…

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छत्तीसगढ़ : मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना…

भीषण गर्मी के बाद अब प्रदेश में मानसून की एंट्री हो गई है। छत्‍तीसगढ़ और इसके आसपास के मानसून में सिस्टम सक्रिय हो गया है। प्रदेश के सभी जिलों में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है। वहीं राजधानी रायपुर बादल छाए रहेंगे। साथ ही गरज चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। रायपुर शहर में आज आकाश सामान्यतः मेघमय रहने तथा गरज चमक के साथ वज्रपात व वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 8 जून को मानसून आया था, लेकिन 16 दिनों तक यह बस्‍तर से आगे नहीं बढ़ा। इसके चलते 24 जून को रायपुर और आसपास के इलाकों में सक्रिय हुआ। इससे 26 तक प्रदेश में मानसून सक्रिय हुआ। इससे इस साल जून महीने में औसत बारिश से 26 प्रतिशत कम बारिश हुई है। अब उम्‍मीद जताई जा रही है कि जुलाई में जून महीने का कोटा पूरा हो सकता है।

छत्तीसगढ़ : कवर्धा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां डायरिया की चपेट में आने से 5 दिनों में 5 लोगों की मौत…

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छत्तीसगढ़ : कवर्धा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां डायरिया की चपेट में आने से 5 दिनों में 5 लोगों की मौत…

कवर्धा: छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां डायरिया की चपेट में आने से 5 दिनों में 5 लोगों की मौत हो गई। सभी मृतक बैगा आदिवासी समुदाय के हैं और सभी लोग सुदूर वनांचल क्षेत्र सोनवाही के रहने वाले हैं। इसकी जानकारी मिलते ही जिले के सीएमएचओ मौके पर पहुंचे हुए हैं।

बिलासपुर जिले में डायरिया का प्रकोप लगातार जारी है। रतनपुर, मस्तूरी और बिल्हा में डायरिया के 50 से अधिक लोग प्रभावित हैं। रतनपुर, बिल्हा और मस्तूरी क्षेत्र में डायरिया के मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। लोगों में दस्त की समस्या देखी जा रही है, जिससे उनके शरीर में कमजोरी आ रही है। प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने कैंप लगाकर डोर टू डोर सर्वे कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ : प्रदेश भाजपा सरकार पर PCC चीफ का बड़ा बयान…

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छत्तीसगढ़ : प्रदेश भाजपा सरकार पर PCC चीफ का बड़ा बयान…

छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार पर प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने जमकर निशाना साधा है। रोका छेका योजना को बंद करने पर दीपक बैज का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कांग्रेस ने रोका छेका योजना शुरू की थी। सरकार में इन सब योजनाओं को बंद कर दिया, जिसके बाद ऐसी बाद घटनाएं बढ़ गई है। इसकी ज़िमेदार भारतीय जानता पार्टी है।

वहीं वित्त आयोग के जगदलपुर दौरे को लेकर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि जाना चाहिए और बस्तर के हालात को देखना चाहिए। किस तरह बस्तर को बीजेपी ने दस साल पीछे धकेल दिया है। बस्तर के लिए अलग प्लानिंग हो वहाँ के लिए अलग बजट हो। अगर खाना पूर्ति करने जा रहे है तो कुछ नई कहूँगा।

छत्तीसगढ़ : सीएम साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में निम्नानुसार महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

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छत्तीसगढ़ : सीएम साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में निम्नानुसार महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

मंत्रिपरिषद की बैठक में निर्णय लिया गया कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा वन और जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा वन अधिकार अधिनियम के तहत व्यक्तिगत वन अधिकार पत्रधारकों की मृत्यु होने पर वारिसानों के नाम पर काबिज वन भूमि का हस्तांतरण राजस्व या वन अभिलेखों में दर्ज करने संबंधित कार्यवाही के लिए प्रक्रिया प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इससे भविष्य में नक्शा का जिओ रिफ्रेंसिंग होने से भूखण्ड का आधार नंबर भी लिया जाएगा। इसका उपयोग नामांतरण, सीमांकन, बटवारा आदि में किया जाएगा।

प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के लिए मंत्रिपरिषद की बैठक में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को छत्तीसगढ़ राज्य में पूर्ण रूप से लागू करने का निर्णय लिया गया।

नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा 5वीं तक बच्चों को स्थानीय भाषा-बोली में शिक्षा दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही प्री-प्राइमरी से 12 वीं तक सबको शिक्षा उपलब्ध कराने की अनुशंसा की गई है।

इस नवीन शिक्षा नीति के तहत समतामूलक और समावेशी शिक्षा प्रदान करने के साथ ही प्रचलित शैक्षणिक संरचना 10+2 के स्थान पर 5+3+3+4 लागू किया गया है।

मंत्रिपरिषद की बैठक में निर्णय लिया गया कि छत्तीसगढ़ सशस्त्र सहायक प्लाटून कमाण्डर (नर्सिंग), प्रधान आरक्षक (नर्सिंग), मेल नर्स, फिमेल नर्स, लैब टेक्निशियन, फार्मासिस्ट, नर्सिंग असिस्टेंड, कम्पाउण्डर, ड्रेसर, आरक्षक (बैण्ड), आरक्षक (श्वान दल) भर्ती प्रक्रिया वर्ष-2023 के तहत छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय निवासियों को निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में 05 वर्ष की छूट प्रदान की जाएगी।

यह छूट अनारक्षित वर्ग को निर्धारित अधिकतम आयु सीमा के अतिरिक्त एक बार के लिए 05 वर्ष की छूट एवं आरक्षित वर्ग को पहले से 05 वर्ष की आयु शिथिलीकरण के अतिरिक्त, एक बार के लिए, निर्धारित आयु सीमा में 05 वर्ष की और छूट प्रदान की जाएगी।

प्रदेश में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के सफल क्रियान्वयन, सुशासन एवं जनसमस्याओं के समाधान के लिए एक पृथक विभाग ‘‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग‘‘ का गठन किया गया है।

जिसमें ई-समीक्षा, ई-लोकसेवा गारंटी एवं डिजिटल सेक्रेटरियेट को शामिल किए जाने के संबंध में मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

पूर्व में ये शाखाएं सामान्य प्रशासन विभाग में थी। नवा रायपुर में आवासहीन, आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न वर्ग के परिवारों को आवास मुहैया के लिए पंजीयन की तिथि में तीन वर्ष की वृद्धि कर दी गई है।

राज्य सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत नवा रायपुर में आवासों का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें हितग्राहियों को न्यूनतम मूल्य में आवास प्रदान करने के लिए पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों को यथावत् रखते हुए आवासों के पंजीयन की तिथि को 31 मार्च 2024 से बढ़ाकर 31 मार्च 2027 तक कर दिया गया है।

इस निर्णय से अभी तक रिक्त मकानों के पंजीयन की संभावनाओं में वृद्धि होगी। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर छत्तीसगढ़ राज्य राजधानी क्षेत्र तथा संबंधित प्राधिकरण की स्थापना के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने की प्रक्रिया के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को अधिकृत किया गया है और इसके लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को प्रशासकीय विभाग बनाया गया है।

इसके लिए राज्य सरकार द्वारा चालू वित्तीय वर्ष की बजट में 5 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ शासन भण्डार क्रय नियम 2002 के (यथा संशोधित 2022) में संशोधन प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

राज्य शासन के समस्त विभाग आदि आवश्यकतानुसार सामग्री, वस्तुओं एवं सेवाओं जिनकी दरें एवं विशिष्टियां भारत सरकार के डीजीएसएण्डडी की जेम वेबसाइट में उपलब्ध हो का क्रय जेम वेबसाईट से उनकी नियमावली निर्धारित प्रक्रिया पालन करते हुए क्रय करेंगे।

अतिरिक्त आवश्यकता होने पर सामग्री, वस्तु एवं सेवाओं के क्रय के लिए वित्त विभाग की सहमति आवश्यक होगी। वर्तमान में प्रचलित सीएसआईडीसी के सभी रेट कान्ट्रेक्ट इस माह के अंत में निरस्त करने का भी निर्णय लिया गया। यह कदम भ्रष्टाचार निवारण की दृष्टि से लिया गया है।

मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य संवर्ग के भारतीय वन सेवा में वर्ष 1992 से 1994 तक के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद पर पदस्थ 06 अधिकारियों को गैर-कार्यात्मक आधार पर यथास्थान  प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के समतुल्य वेतनमान 01 जनवरी 2024 से प्रदान करने हेतु भारत सरकार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, से सहमति प्राप्त करने का निर्णय लिया गया।

अधीक्षण अभियंता (सिविल) से मुख्य अभियंता (सिविल) के पद पर पदोन्नति के लिए निर्धारित न्यूनतम अवधि 05 वर्ष में केवल एक बार के लिए 01 वर्ष की छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया।

छत्तीसगढ़ प्रदेश के जरूरतमंद सर्वेक्षित 47 हजार 90 आवासहीन परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवास स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण के तहत 01 अप्रैल से 30 अप्रैल 2023 तक प्रदेश में कुल 59.79 लाख परिवारों का सर्वेक्षण पूर्ण किया गया, जिसमें 47 हजार 90 परिवार ऐसे पाए गए जो आवासहीन है, किन्तु उनका नाम सामाजिक आर्थिक एवं जातिगत जनगणना की स्थायी प्रतीक्षा सूची में नहीं है। ऐसे आवासहीन परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण से आवास स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया।

छत्तीसगढ़ : भारत सरकार की ओर से पीएम श्री योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के स्कूलों को अपग्रेड किए जाने की प्रक्रिया शुरू…

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छत्तीसगढ़ : भारत सरकार की ओर से पीएम श्री योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के स्कूलों को अपग्रेड किए जाने की प्रक्रिया शुरू…

पीएम श्री योजना अंतर्गत आने वाले स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान और गणित के लिए अत्याधुनिक लैब्स, खेल सुविधाएं और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं विकसित की जाएगी।

भारत सरकार की ओर से पीएम श्री योजना के अंतर्गत तीसरे चरण में छत्तीसगढ़ के 52 शालाएं स्वीकृत की गई है। इस योजना के तहत पहलीं से 12वीं तक की 47 शालाएं और कक्षा 6वीं से 12वीं तक की पांच स्कूल शामिल हैं।

पीएम श्री योजना अंतर्गत आने वाले स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान और गणित के लिए अत्याधुनिक लैब्स, खेल सुविधाएं और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं विकसित की जाएगी।

इससे पहले राज्य में प्रथम चरण में 211 शालाओं को पीएम श्री योजना की स्वीकृति मिली चुकी है। इस तरह राज्य में कुल 263 शालाओं को पीएम श्री योजना के अंतर्गत मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किए जाने की स्वीकृति मिल चुकी है। प्रथम चरण में पीएम श्री योजना के तहत स्वीकृत शालाओं को अपग्रेड किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

राज्य में पीएम श्री योजना का शुभारंभ 19 फरवरी 2024 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान ने किया था। उन्होंने इस मौके पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर किए जा रहे प्रयासों को सराहा था। पीएम श्री के तहत प्रति स्कूल 2-2 करोड़ रूपए व्यय कर आदर्श स्कूल के रूप में विकसित करने की योजना है।

ये मिलेंगी सुविधाएं : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप पीएम श्री योजना के अंतर्गत शालाओं को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है। पीएम श्री योजना के तहत चयनित शालाओं का अकादमिक एवं अधोसंरचनात्मक सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।

इन शालाओं में वर्चुअल रियलिटी लैब, अटल टिकरिंग, एआई रोबोटिक्स, गेमीफाइड लर्निंग के माध्यम से शिक्षा की सुविधा उपलब्ध रहेगी, इसके अलावा इन शालाओं में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, डिजिटल लाइब्रेरी, इंडोर एवं आऊटडोर स्पोर्ट्स एवं गेम्स की सुविधाओं के साथ-साथ समर कैंप, एडवेंचर स्पोर्ट, कैरियर गाइडेंस एवं काउंसलिंग का लाभ मिलेगा।

छत्तीसगढ़ : कोयला घोटाला निलंबित IAS रानू साहू को बड़ा झटका, कोर्ट ने जमानत याचिका की खारिज…

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छत्तीसगढ़ : कोयला घोटाला निलंबित IAS रानू साहू को बड़ा झटका, कोर्ट ने जमानत याचिका की खारिज…

शराब घोटाले में दर्ज किए गए एफआईआर में आय से अधिक संपत्तियों का ब्यौरा दिया गया है। रानू साहू, समीर बिश्नोई और सौम्या चौरसिया द्वारा अपनी आय से कई गुना चल-अचल संपत्तियां अर्जित की गई है। इसे देखते हुए ईओडब्ल्यू ने जमानत नहीं दिए जाने का अनुरोध किया।

कोयला घोटाला मामले में ईडी प्रकरण में जेल में बंद निलंबित आईएएस अफसर रानू साहू को सुप्रीम कोर्ट ने राहत मिल गई। वहीं ईडी के प्रतिवेदन पर ईओडब्ल्यू ने भी अपराध दर्ज किया है। इस केस में रानू साहू की जमानत याचिका ईओडब्ल्यू की विशेष अदालत में खारिज हो गई।

इससे पहले कोयला घोटाले में जेल बंद दीपेश टांक को सुप्रीम कोर्ट ने राहत के बाद मंगलवार शाम रिहा कर दिया गया। दीपेश को सात अगस्त तक के लिए अंतरिम जमानत दी गई है। वहीं ईओडब्ल्यू में दर्ज मामले में निलंबित आइएएस रानू साहू के जमानत और कारोबारी दीपेश टांक प्रोडक्शन वारंट पर कोर्ट ने एक दिन के लिए फैसला सुरक्षित रखा था। बुधवार को फैसला होगा।

ईओडब्ल्यू की विशेष कोर्ट में मंगलवार को जमानत आवेदन और प्रोडक्शन वारंट पर बहस हुई। बचाव के वकील ने तर्क दिया है कि उनके पक्षकारों को परेशान करने ईओडब्ल्यू द्वारा एफआईआर दर्ज की गई। जबकि ईडी द्वारा दर्ज मामले में उनके पक्षकारों को अंतरिम जमानत दी गई है।

अभियोजन पक्ष के उपसंचालक मिथलेश वर्मा ने विरोध करते हुए बताया कि शराब घोटाले में दर्ज किए गए एफआइआर में आय से अधिक संपत्तियों का ब्यौरा दिया गया है।

रानू साहू, समीर बिश्नोई और सौम्या चौरसिया द्वारा अपनी आय से कई गुना चल-अचल संपत्तियां अर्जित की गई है। इसे देखते हुए जमानत नहीं दिए जाने का अनुरोध किया। विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा है।

दीपेश टांक के वकील फैजल रिजवी ने बताया कि, ईओडब्ल्यू ने अभी तक बाकी लोगों को गिरफ्तार किया, लेकिन दीपेश को गिरफ्तार नहीं किया था। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद दीपेश टांक को परेशान करने की नीयत से इस तरह की चीजें की जा रही है। जो प्रकरण है उसमें दीपेश टांक का कोई लेना-देना नहीं है।

रानू साहू और सुनील अग्रवाल को कोयला मामले में राहत के बाद सौम्या चौरसिया की ओर से बिलासपुर में जमानत याचिका लगाई गई थी। कोर्ट ने सुनवाई चार हफ्ते के लिए बढ़ा दी है। कोई ने ईडी को जवाब देने के लिए चार हफ्ते का समय दिया है। अपने खिलाफ दर्ज मामले को खत्म करने सौम्या चौरसिया ने याचिका लगाई है।

छत्‍तीसगढ़ : बहुचर्चित 2,500 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में नकली होलोग्राम छापने वाली एजेंसी और फैक्ट्री तक ईओडब्ल्यू का छापा…

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छत्‍तीसगढ़ : बहुचर्चित 2,500 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में नकली होलोग्राम छापने वाली एजेंसी और फैक्ट्री तक ईओडब्ल्यू का छापा…

शराब घोटाले में नकली होलोग्राम मामले में एक बड़ा सच सामने आया है। नकली होलोग्राम नोएडा से नहीं बल्कि रायपुर के जीएसटी में इसकी छपाई होती थी। छपाई के बाद नकली होलोग्राम को डिस्‍टलरियों में भेजा जाता था। वहां से सीधे दुकानों में भेजा जाता था।

छपता हुआ हाेलोग्राम, जिसमें ट्रिपल ”ए” का उल्लेख।

ट्रिपल ”ए” के नाम से हो रही थी होलोग्राम की छपाई, चार साल में चालीस लाख पेटी से ज्यादा की सप्लाई, नकली होलोग्राम से 1,660 करोड़ की अवैध कमाई…

छत्‍तीसगढ़ के बहुचर्चित 2,500 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में नकली होलोग्राम छापने वाली एजेंसी और फैक्ट्री तक ईओडब्ल्यू पहुंच गई है। जाच पड़ताल में सामने आया कि कांग्रेस शासन काल में जीएसटी भवन के ही ग्राउंड फ्लोर में इसका संचालन किया जा रहा है। साथ ही यहां नकली होलोग्राम की छपाई की जाती थी, जिसमें सीधे तौर पर ट्रिपल ”ए” का कनेक्शन दिखाई दे रहा है।

ट्रिपल यानी कि इस पूरे घोटाले के मास्टर माइंड अनवर ढेबर, एपी त्रिपाठी और अनिल टुटेजा। इसी नाम से नकली होलोग्राम की छपाई करने के साथ ही प्रदेश में पिछले चार वर्षों में 40 लाख से ज्यादा पेटियां अवैध शराब की सप्लाई की गई।

वहीं, नकली होलोग्राम के पूरे मामले में ईओडब्ल्यू द्वारा पेश किए गए चालान के अनुसार इस पूरे सिंडीकेट द्वारा इस नकली होलोग्राम से 1,660 करोड़ रुपये की अवैध कमाई करते हुए शासन के खजाने में सेंध लगाई है।

अब भी चल रही है कंपनी

नकली होलोग्राम बनाने वाली कंपनी अब भी उक्त जगह पर ही कार्य कर रही है और इसका अनुबंध शासन से होने की वजह से अभी भी होलोग्राम की छपाई यहीं से की जा रही है। हालांकि इसकी पूरी निगरानी आबकारी विभाग सहित शासन की ओर से की जा रही है।

दोनों होलोग्राम साथ में छपते थे

एजेंसी द्वारा दोनों ही प्रकार के होलोग्राम की छपाई की जाती थी। जिसमें एक वैध और दूसरा अवैध। वैध की संख्या काफी कम रखी जाती थी, जबकि अवैध यानी की नकली होलोग्राम की छपाई बड़ी संख्या में की जाती थी। जानकारी के अनुसार लगभग 12 करोड़ नकली होलोग्राम की छपाई करवाई गई थी और इसी के साथ इसकी सप्लाई भी की गई।