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छत्तीसगढ़ : सीएम विष्णु देव साय ने आदिवासी अंचलों में शिक्षा को लेकर एक खास पहल, 18 स्थानीय भाषाओं और बोली में बच्चों को शिक्षा दी जाएगी…

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छत्तीसगढ़ : सीएम विष्णु देव साय ने आदिवासी अंचलों में शिक्षा को लेकर एक खास पहल, 18 स्थानीय भाषाओं और बोली में बच्चों को शिक्षा दी जाएगी…

छत्तीसगढ़ सीएम विष्णु देव साय ने आदिवासी अंचलों में शिक्षा को लेकर एक खास पहल शुरू की है. अब प्रदेश के आदिवासी अंचलों में 18 स्थानीय भाषाओं और बोली में बच्चों को शिक्षा दी जाएगी.

छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों के बच्चे स्थानीय बोली और भाषा में जल्द पढ़ाई कर सकेंगे.

छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों के बच्चे अब स्थानीय बोली और भाषा में पढ़ाई कर सकेंगे. विष्णुदेव सरकार ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण कदम उठाया है. इसके तहत सरकार आदिवासी अंचलों में बच्चों को उनकी स्थानीय बोली और भाषा में शिक्षा देने की पहल शुरू कर रही है.

सीएम साय ने रविवार को यह जानकारी आधिकारिक बयान जारी कर दी है. मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को इस पहल के लिए 18 स्थानीय भाषाओं और बोलियों में द्विभाषी पुस्तकें विकसित करने और वितरित करने का निर्देश दिया है.

इस पहल का उद्देश्य आदिवासी समुदायों में शिक्षा की पहुंच और गुणवत्ता को बढ़ाना है, जिससे बच्चे अपनी मातृभाषा में शिक्षा हासिल कर सकें. साथ हीअपनी संस्कृति से जुड़े रहें.

5 जुलाई को शाला प्रवेशोत्सव के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम साय ने कहा था, ‘इस पहल के तहत पाठ्यपुस्तकों और शिक्षण सामग्री का स्थानीय बोलियों में अनुवाद किया जाएगा.’

सीएम साय ने कहा, ‘इस पहल के बाद शिक्षकों को भी इन 18 भाषाओं में प्रशिक्षित किया जाएगा.’

इस पहल के तहत पहले चरण में छत्तीसगढ़ी, हल्बी, सादरी, सरगुजिहा, गोंडी और कुडुख में कोर्स तैयार किए जाएंगे.

सीएम साय ने कहा था, ‘स्थानीय भाषाओं में प्रारंभिक शिक्षा शुरू करने के बाद बच्चों की समझ और सीखने की प्रक्रिया में सुधार होगा और ये पहल स्थानीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण में भी मददगार होगी.’

दरअसल, बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने और उन्हें स्कूल में नामांकन के लिए प्रेरित करने के लिए नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में छत्तीसगढ़ में शाला प्रवेशोत्सव मनाया जाता है. इस बार राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के दूरस्थ आदिवासी जिले जशपुर के बगिया गांव में किया गया. वहीं आदिवासी बहुल क्षेत्र में आयोजित शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में राज्य के सुदूर कोने तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने की प्रतिबद्धता को दर्शाया.

स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने कहा, ‘छत्तीसगढ़ में 18 स्थानीय भाषाओं-बोलियों में स्कूली बच्चों की पुस्तकें तैयार की जा रही हैं. पहले चरण में छत्तीसगढ़ी, हल्बी, सादरी, सरगुजिहा, गोंडी और कुडुख में कोर्स तैयार होंगे. इसके लिए प्रदेश भर के लोक कलाकारों, साहित्यकारों और संकलनकर्ताओं की मदद ली जाएगी. इसके अलावा शिक्षक और वरिष्ठ नागरिकों से भी सहयोग लिया जाएगा.

हाई स्कूल बगिया के प्रधानाचार्य दिनेश शर्मा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, ‘आदिवासी बच्चों में प्रतिभाएं होती हैं. स्थानीय बोली में शिक्षा से आदिवासी अंचलों के ज्यादा से ज्यादा बच्चों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा.’

छत्तीसगढ़ : जेल में बंद निलंबित आईएएस रानू साहू, समीर विश्नोई और सौम्या चौरसिया के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने आय से अधिक संपत्ति के मामले को लेकर नई एफआईआर दर्ज…

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छत्तीसगढ़ : जेल में बंद निलंबित आईएएस रानू साहू, समीर विश्नोई और सौम्या चौरसिया के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने आय से अधिक संपत्ति के मामले को लेकर नई एफआईआर दर्ज…

छत्तीसगढ़ में कथित कोयला घोटाले  में जेल में बंद निलंबित आईएएस रानू साहू, समीर विश्नोई और सीएमओ में डिप्टी सेक्रेटरी के पद में रहीं सौम्या चौरसिया की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं.

इन तीनों के खिलाफ EOW ने तीन नए मामले दर्ज किए हैं. इन तीनों पर पद का दुरुपयोग करते हुए आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में EOW ने नए कानून BNS की धारा 173 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. नया मामला दर्ज होने से तीनों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

EOW में पदस्थ निरीक्षक केएल बरेठ के नाम दर्ज कराई गई एफआईआर में कहा गया है कि 2010 बैच की आईएएस रानू साहू ने सीईओ जिला पंचायत निगम कमिश्नर और विभिन्न जगह में कलेक्टर रहते हुए अपनी आय के ज्ञात स्रोत से अधिक मात्रा में अपने और अपने परिवार के नाम करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की है.

कोयला परिवहन में अवैध सिंडिकेट के जरिए 25 रुपये टन वसूली की गई, जिसका पैसा रानू साहू को मिला. इतना ही नहीं रानू साहू जहां भी पदस्थ रहीं, उन्होंने भ्रष्टाचार के जरिए खुद को आर्थिक रूप से समृद्ध किया.

निलंबित आईएएस रानू साहू ने वर्ष 2015 से 2022 के बीच करीब चार करोड़ रुपये की अचल संपत्ति खुद के नाम और पारिवारिक सदस्यों के नाम खरीदी है, जबकि उनके सेवा में आने के बाद से 2022 तक का कुल वेतन 92 लाख रुपये बताया गया है.

EOW में दर्ज नई एफआईआर में बताया गया है कि सौम्या चौरसिया तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार में डिप्टी सेक्रेटरी मुख्यमंत्री सचिवालय में पदस्थ रहते हुए कोयला घोटाले के अवैध सिंडिकेट का हिस्सा रही हैं. सौम्या चौरसिया ने अपनी आय से अधिक अपने और परिवार के नाम पर 9 करोड़ 20 लाख रुपये की 29 अचल संपत्ति खरीदी है. ये संपत्ति ज्यादातर वर्ष 2021 से 2022 के बीच खरीदी गई है.

जेल में बंद निलंबित आईएएस समीर विश्नोई पर भी कोयला परिवहन के सिंडिकेट से करोड़ों रुपये अर्जित करने का आरोप है. EOW में दर्ज नई एफआईआर में कहा गया है कि समीर विश्नोई ने पांच करोड़ की अचल संपत्ति अपनी पत्नी के नाम पर खरीदी, जबकि वर्ष 2010 से 2022 तक विश्नोई को कुल वेतन करीब 93 लाख रुपये मिला है.

छत्तीसगढ़ : मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बड़ी खबर विष्णुदेव साय कैबिनेट में अब तक दो पद खाली इसे लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा बयान…

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छत्तीसगढ़ : मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बड़ी खबर विष्णुदेव साय कैबिनेट में अब तक दो पद खाली इसे लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा बयान…

छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। विष्णुदेव साय कैबिनेट में अब तक दो पद खाली है। इसे लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि जल्द ही मंत्रिमंडल में विस्तार होगा। इस संबंध में थोडा इंतजार करने को कहा है। मध्यप्रदेश के कैबिनेट विस्तार को लेकर सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी होगा, इंतजार करिए। उन्होंने विधानसभा मानसून सत्र को लेकर कहा कि सब तैयारी है।

सीएम साय ने यह बात रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में रथ यात्रा में शामिल होने के दौरान कही है। भगवान जगन्नात रथयात्रा में राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन, पूर्व सीएम भूपेश बघेल समेत कई नेता शामिल हुए। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने सीएम विष्णुदेव साय से मुलाकात की। बघेल ने इस दौरान मंत्रिमंडल के खाली पदों चर्चा की। साथ ही संसदीय कार्य मंत्री की तुरंत नियुक्ति की बात कही है। इस मुलाकात के दौरान पूर्व सीएम ने कई विषयों पर चर्चा की है।

रथयात्रा में शामिल होने राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, पूर्व सीएम भूपेश बघेल, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, मंत्री राम विचार नेताम और विधायक पुरंदर मिश्रा समेत कई नेता मौजूद रहे। मीडिया से चर्चा के दौरान सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि आज हम लोगों का सौभाग्य है कि रायपुर में जगन्नाथ मंदिर में महा प्रभु जगन्नाथ जी, बलभद्र स्वामी और माता सुभद्रा का विधिवाद पूजा अर्चना किए हैं। ऐसे अवसर में यहां भारी उत्साह है। सब ने मिलकर पूजा अर्चना की छत्तीसगढ़ की खुशहाली की कामना किए हैं।

छत्तीसगढ़ : राजधानी रायपुर में स्थित सीएम साय भगवान जगन्नाथ मंदिर पहुंचे और जगन्नाथ की रथ यात्रा में शामिल हुए। प्रदेशवासियों के लिए मांगा आशीर्वाद…

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छत्तीसगढ़ : राजधानी रायपुर में स्थित सीएम साय भगवान जगन्नाथ मंदिर पहुंचे और जगन्नाथ की रथ यात्रा में शामिल हुए। प्रदेशवासियों के लिए मांगा आशीर्वाद…

राजधानी रायपुर में आज भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकल गई है। राजधानी के भक्तों में काफी उत्साह देखने को मिला रहा है। भगवान जगन्नाथ के यात्रा में शामिल होने के लिए भक्त दूर दूर तक आए हुए हैं। वहीं सीएम साय भगवान जगन्नाथ मंदिर पहुंचे और जगन्नाथ की रथ यात्रा में शामिल हुए।

सीय विष्णुदेव साय आज शंकर नगर स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर पहुंचे और यहां पूजा अर्चना की। जिसके छेरापहरा की रस्म अदा कर प्रदेशवासियों के लिए आशीर्वाद मांगा। मुख्यमंत्री ने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा से प्रार्थना की। इस दौरान सीएम साय ने कहा कि भगवान हम सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें और हमें शांति, समृद्धि और खुशहाली की ओर अग्रसर करें।

CG Mahtari Vandan Yojana: Gujarat के CM ने की छत्तीसगढ़ के महतारी वंदन योजना की तारीफ।

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CG Mahtari Vandan Yojana: Gujarat के CM ने की छत्तीसगढ़ के महतारी वंदन योजना की तारीफ।


CG Mahtari Vandan Yojana: Gujarat के CM ने की छत्तीसगढ़ के महतारी वंदन योजना की तारीफ।

CG Mahtari Vandan Yojana: Gujarat के CM ने की छत्तीसगढ़ के महतारी वंदन योजना की तारीफ।

CG Mahtari Vandan Yojana: Gujarat के CM ने की छत्तीसगढ़ के महतारी वंदन योजना की तारीफ।

छत्तीसगढ़ : कांग्रेस ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर एक बार फिर राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा।

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छत्तीसगढ़ : कांग्रेस ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर एक बार फिर राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा।

पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने रविवार को राजीव भवन में पत्रवार्ता कर जानकारी दी। इस दौरान पीसीसी चीफ दीपक बैज ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर एक बार फिर राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। विधानसभा और लोकसभा में मिली हार के बाद प्रदेश में कांग्रेस एक बार फिर सक्रिय होती नजर आ रही है। दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश सरकार कांग्रेसियों पर जानबूझकर कार्रवाई कर रही है, कानून व्यवस्था के मामले में साय सरकार असहाय नजर आ रही है। प्रदेश में बढ़े हुए बिजली के दरों के मुद्दे पर सोमवार 8 जुलाई को प्रदेश भर में कांग्रेस ब्लॉक स्तर पर धरना प्रदर्शन करने जा रही है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को घेरने की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। धरना प्रदर्शन और आगामी कार्यक्रमों लेकर पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने रविवार को राजीव भवन में पत्रवार्ता कर जानकारी दी। इस दौरान पीसीसी चीफ दीपक बैज ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर एक बार फिर राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा विष्णु देव साय की सरकार असहाय हो गई है, कानून व्यवस्था के मुद्दे पर महीने के आखिरी में प्रदेश भर में प्रदर्शन करेगी। बेमेतरा मामले में युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष के गिरफ्तार किए जाने को लेकर दीपक बैज ने कहा प्रदेश सरकार जान बूझकर ऐसी कार्यवाही कर रही है। जबकि मामले के असली आरोपियों को अब तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बताया 8 जुलाई को प्रदेश के सभी ब्लॉक में कांग्रेस के कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन करेंगे। वहीं 9 जुलाई को रायपुर में जिला अध्यक्षों की बैठक बुलाई गई है। इसी तरह 10 जुलाई को कांग्रेस के सीनियर नेताओं की बैठक का भी आयोजन रायपुर में किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ : सीएम विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सरगर्मी तेज…

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छत्तीसगढ़ : सीएम विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा…

मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर तारीख सुनिश्चित नहीं हो पाई है. सीएम साय मंत्रिमंडल में विस्तार में देरी को लेकर राजनीतिक हलकों में अटकलें लगाई जा रही हैं कि मंत्रिमंडल विस्तार में देरी के लिए बीजेपी नेताओं में आपसी गुटबाजी है, लेकिन सीएम साय ने इससे इनकार किया है.

मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए छत्तीसगढ़ सीएम साय ने छ्त्तीसगढ़ बीजेपी में किसी भी तरह की गुटबाजी से इनकार किया है, इससे उन अटकलों को विराम लग गया है, जिसमें कहा जा रहा था कि साय कैबिनेट में विस्तार में देरी के लिए बीजेपी की अंदरूनी गुटबाजी है.

सीएम साय ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए रविवार को कहा कि बीजेपी में कोई गुटबाजी नहीं है, सब समय से होगा.

उन्होंने बताया 10 जुलाई को प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक होगी, जिसके बाद ही छत्तीसगढ़ बीजेपी सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार होगा. हालांकि मंत्रिमंडल में कौन मंत्री बनेगा इस बार अभी तस्वीर साफ नहीं है.

छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री रहे सांसद बृज मोहन अग्रवाल के इस्तीफे के बाद साय मंत्रिमंडल में विस्तार को लेकर कवायद शुरू हो गई थी. सभी की निगाहें अब मंत्रिमंडल के विस्तार पर अटकी हुई है. इस बीच सीएम विष्णु देव साय अचानक दिल्ली प्रवास पर थे, जहां मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी, जेपी नड्डा और अमित शाह से मुलाक़ात की थी.

विष्णु कैबिनेट में मंत्री रहे बृज मोहन अग्रवाल के इस्तीफे के बाद छ्त्तीसगढ़ में कौन उनकी जगह लेगा, इसको लेकर प्रदेश बीजेपी में राजनीतिक सरगर्मी तेज है. फिलहाल छत्तीसगढ़ सरकार में सीएम सहित कुल 11 मंत्री हैं. बृजमोहन अग्रवाल साय मंत्रिमंडल में स्कूल शिक्षा, संसदीय कार्य, उच्च शिक्षा, धर्मस्व और संस्कृति मंत्री रहे हैं.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा गुजरात में बीजेपी को हराने वाले बयान पर पूछे गए सवाल पर सीएम साय ने कहा कि, राहुल गांधी सपने देखते रहे, लेकिन मुगालते में न रहे. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बयान में अयोध्या की तर्ज पर गुजरात विजय की बात कही थी.

बृज मोहन अग्रवाल के इ्स्तीफे के बाद सीएम विष्णु देव साय के उनके विभाग अपने पास रखे हैं. माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार के साथ-साथ छत्तीसगढ़ कैबिनेट के मंत्रियों के विभागों में बदलाव हो सकता है. छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल में विस्तार की संभावना 10 जुलाई को आयोजित प्रदेश कार्यकारिणी की 10 जुलाई को होने वाली बैठक बाद होगा.

साय मंत्रिमंडल विस्तार की कवायद के बीच छत्तीसगढ़ बीजेपी में मंत्रिमंडल में शामिल होने को लेकर धड़कनें बढ़ गई हैं. साय कैबिनेट में मंत्री पद के लिए राजनीतिक गलियारों में कई नामों पर चर्चा भी तेज हो गई है. फिलहाल, ये अंदाज लगाना सभी के लिए मुश्किल है कि विष्णु कैबिनेट का नया मिनिस्टर कौन होगा जो बृजमोहन की जगह लेगा?

माना जा रहा है कि सीएम विष्णु देव साय कैबिनेट में बस्तर और रायपुर से प्रतिनिधुत्व का बढ़ाया जा सकता है.  फिलहाल सरगुजा संभाग से 4, बिलासपुर से तीन मंत्री हैं. रायपुर और बस्तर से एक-एक मंत्री ही हैं. ऐसे में संभावना है कि 10 जुलाई को प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के बाद होने वाले कैबिनेट विस्तार में बस्तर व रायपुर से प्रदेश को मंत्री मिल सकता है.

फिलहाल सरगुजा संभाग से 4, बिलासपुर से तीन मंत्री हैं. रायपुर और बस्तर से एक-एक मंत्री ही हैं. ऐसे में संभावना है कि 10 जुलाई को प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के बाद होने वाले कैबिनेट विस्तार में बस्तर व रायपुर से प्रदेश को मंत्री मिल सकता है.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा गुजरात में बीजेपी को हराने वाले बयान पर पूछे गए सवाल पर सीएम साय ने कहा कि, राहुल गांधी सपने देखते रहे, लेकिन मुगालते में न रहे. दरअसल, मीडिया ने सीएम ने राहुल गांधी के उस बयान का हवाला देकर सवाल पूछा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी और बीजेपी को गुजरात में अयोध्या की तरह हराएंगे.

छत्तीसगढ़ : प्रदेश में गरज चमक के साथ तेज हवा और भारी बारिश की संभावना, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट…

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छत्तीसगढ़ : प्रदेश में गरज चमक के साथ तेज हवा और भारी बारिश की संभावना, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट…

छत्तीसगढ़ में आज से अगले तीन दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा। इससे प्रदेश के अधिकांश जगहों पर बारिश की संभावना है। साथ ही दक्षिण भागों में भारी के आसार हैं। कई जगहों पर गरज चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। प्रदेश के कई जिले ऐसे हैं, जहां गरज चमक के साथ तेज हवा और भारी बारिश की संभावना है। इन जगहों में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार, एक चक्रवती परिसंचरण दक्षिण आंध्र प्रदेश तट के पास मध्य पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर औसत समुद्र तल से 5.8 और 7.6 किलोमीटर के मध्य स्थित है। इसके प्रभाव से प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। आज से अगले तीन दिनों तक अधिकांश जगहों पर मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं दक्षिण भागों में भारी बारिश की संभावना है।

प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान डोंगरगढ़ में 35.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.5 डिग्री सेल्सियस नारायणपुर में दर्ज किया गया है। रायपुर में 34.2, माना एयरपोर्ट में 33, बिलासपुर में 33.4, पेंड्रा रोड में 30.8, अंबिकापुर में 31.5, जगदलपुर में 29.3, दुर्ग में 32.6 और राजनांदगांव में 32.8 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया है।

Vegetable Price : आसमान छू रही सब्जियों की कीमतें, थोक बाजार में 1200 रुपये कैरेट पहुंचा टमाटर, आलू-प्याज की कीमतों में भी जबरदस्त तेजी…

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Vegetable Price : आसमान छू रही सब्जियों की कीमतें, थोक बाजार में 1200 रुपये कैरेट पहुंचा टमाटर, आलू-प्याज की कीमतों में भी जबरदस्त तेजी…

आसमान छू रही सब्जियों की कीमतें। सब्जियों कीमतें बढ़ने से लोगों की रसोई का बजट बिगड़ गया है। बाजार में टमाटर 60 से 80 रुपये किलो बिक रहा है। आलू 40 रुपये किलो और प्याज 50 रुपये किलो पार हो गई है।

सब्जियों की आसमान छूती कीमतों का असर इन दिनों इसकी खरीदारी पर पड़ी है, इसके बाद भी कीमतों में किसी भी प्रकार से गिरावट नहीं है। कारोबारियों का कहना है कि जो लोग पहले सब्जियों से दो से तीन किलो लेते थे, वे अब पाव व आधा किलो में उतर आए है।

सब्जी कारोबारियों के अनुसार अभी उपभोक्ताओं को राहत के आसार नहीं है। बाहरी क्षेत्रों में हो रही बारिश के चलते आवक में लगातार कमी आ गई है। इसका असर ही कीमतों में पड़ा है। शनिवार को थोक बाजार में ही टमाटर 1200 रुपये कैरेट पहुंच गया।

बाजार में टमाटर 60 से 80 रुपये किलो, गोभी 80 रुपये किलो, बरबट्टी 110 रुपये किलो, करेला 50 रुपये किलो, बैगन 40 से 50 रुपये किलो, लौकी 30 रुपये किलो, भिंडी 60 रुपये किलो तक बिक रही है। इसके साथ ही कमजोर क्वालिटी का होने के बावजूद आलू-प्याज की कीमतों में भी जबरदस्त तेजी है। आलू 40 रुपये किलो और प्याज 50 रुपये किलो पार हो गई है।

सब्जी कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में कीमतों में थोड़ी और तेजी देखने को मिल सकती है। आम उपभोक्ताओं के साथ ही मोमोस व चाउमीन सेंटरों में भी पत्ता गोभी की डिमांड जबरदस्त बढ़ गई है। इसका असर इसकी कीमतों में देखने को मिल रहा है और पत्ता गोभी 50 रुपये किलो बिक रही है।

सलाद में टमाटर हुआ कम

टमाटर की कीमतों में तेजी के चलते इन दिनों घर की रसोई के साथ ही होटलों में भी टमाटर की खपत थोड़ी कम दिखने लगी है। विशेषकर उपभोक्ताओं को परोसे जाने वाले सलाद में टमाटर व प्याज थोड़ी कम हो रही है।

छत्तीसगढ़ : पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए राज्यपाल श्री विश्व भूषण हरिचंदन एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय…

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छत्तीसगढ़ : पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए राज्यपाल श्री विश्व भूषण हरिचंदन एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय…

विद्यार्थियों को मिले स्वर्ण पदक एवं उपाधियां आपकी उपलब्धियां, कठिन परिश्रम, समर्पण, शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण : राज्यपाल श्री विश्व भूषण हरिचंदन.

शिक्षा का मूल उद्देश्य ‘‘सर्वे भवंतु सुखिन‘‘ के ध्येय वाक्य के साथ एक दूसरे की मदद करना : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय.

राज्यपाल श्री विश्व भूषण हरिचंदन एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। दीक्षांत समारोह में विभिन्न सत्रों की परीक्षाओं में छात्रों को स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, पात्रोपधि के लिए उपाधि एवं स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। इस मौके पर श्री राम प्रताप सिंह एवं सुश्री सुरभा देश पांडे को विद्या वाचस्पति की मानद उपाधि दी गई। समारोह में कुलाधिपति द्वारा पीएचडी छात्रों को उपाधि प्रदान की गई एवं इस उपाधि के आचार एवं गौरव की रक्षा करने के संदेश दिए गए। अतिथियों ने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रों को अग्रिम भविष्य के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

राज्यपाल श्री विष्णु भूषण हरिचंदन ने समारोह में अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए कहा कि मुझे छठवें दीक्षांत समारोह में शामिल होते हुए बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने स्वर्ण पदक एवं उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी और उपाधि प्राप्त करने वाले शोधार्थियों के परिवारजनों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि उनके सहयोग त्याग एवं मार्गदर्शन में आपने ये महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।

राज्यपाल श्री हरिचंदन ने कहा कि आपकी महत्वपूर्ण उपलब्धियां आपके कठिन परिश्रम, समर्पण, आपकी शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय 21 मार्च 2005 को स्थापित हुआ। पंडित सुंदरलाल शर्मा ने छत्तीसगढ़ में जन जागरूकता एवं सामाजिक प्रगति लाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। यह विश्वविद्यालय पंडित सुंदरलाल शर्मा जी के सपनों को गढ़ने एवं साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने उच्च शिक्षण गुणवत्ता बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय को नैक द्वारा ’ए’ प्लस ग्रेड दिए जाने के लिए भी बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

राज्यपाल श्री हरिचंदन ने कहा कि विकसित भारत, समृद्ध भारत की संकल्पना पर आधारित है। विकसित भारत संकल्पना के जरिए क्षेत्र के सभी नागरिकों को अपनी क्षमता के अनुसार विकास करने के अवसर प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय जनजाति क्षेत्र में रहने वाले अति पिछड़े समुदायों तथा कॉविड-19 से प्रभावित लोगों को शिक्षा का अवसर प्रदान कर अपने सामाजिक सरोकार के उद्देश्य को भी पूरा कर रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दीक्षांत समारोह को सम्बोधित करते हुए स्वर्ण पदक एवं उपाधि हासिल करने वाले विद्यार्थियों को बधाई और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। श्री साय ने कहा, मुझे प्रसन्नता है कि हमारे छत्तीसगढ़ राज्य का एकमात्र यह मुक्त विश्वविद्यालय अपने अकादमिक और शैक्षणिक गतिविधियों के साथ नित नई ऊंचाइयों को छू रहा है। दूरस्थ अंचलों में बसे ऐसे शिक्षार्थियों के लिए जो किसी कारणवश उच्च शिक्षा से वंचित रह गए हैं या नौकरी पेशा वर्ग के ऐसे विद्यार्थी जो अपने भावी सपनों को साकार करना चाहते हैं उनके लिए यह विश्वविद्यालय शिक्षा के अवसर प्रदान करने का प्रमुख केंद्र बन गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि, मुझे खुशी है कि यह विश्वविद्यालय अपने ध्येय वाक्य ‘‘उच्च शिक्षा आपके द्वार‘‘ के अनुरूप अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा, शिक्षा का मूल उद्देश्य सर्वे भवंतु सुखिनः के ध्येय वाक्य के साथ एक दूसरे की मदद करना है। हमारे राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू किए जाने से युवाओं में तार्किक क्षमता के संवर्धन के साथ ही उनका सर्वांगीण विकास होगा। इस विश्वविद्यालय को यूजीसी के 235 विश्वविद्यालय की उस सूची में शामिल किया गया है जो संयुक्त अथवा दोहरी डिग्री दे सकता है। अब यह विश्वविद्यालय विदेशी विश्वविद्यालय के साथ मिलकर संयुक्त डिग्री के लिए कार्यक्रम शुरू कर सकता है यह खुशी की बात है कि हमारे छत्तीसगढ़ के विद्यार्थी विदेशी विश्वविद्यालय से जुड़ सकेंगे।

विश्वविद्यालय परिवार की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, मेरा सुझाव है कि विश्व के लोगों का छत्तीसगढ़ की भाषा और संस्कृति से परिचय कराया जाए, इस दिशा में छत्तीसगढ़ी पाठ्यक्रम की शुरुआत इस विश्वविद्यालय ने की है यह सराहनीय कदम है। इस विश्वविद्यालय का अध्ययन-अध्यापन के साथ यह भी दायित्व बनता है कि छत्तीसगढ़ अंचल के भाषा संस्कृति को समृद्ध करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह में उपस्थित जनों से एक पेड़ माँ के नाम अभियान से जुड़ने की अपील की और कहा कि अपने आसपास सुलभ जगह देखकर आप सभी एक पेड़ माँ के नाम जरुर लगाएं और उसकी देखरेख करें।

उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने भी दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय परिवार द्वारा पूरे मनोयोग से विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान किया जा रहा है। रामचरितमानस के पाठ्यक्रम संचालित कर यहां पर आध्यात्म से जुड़ी शिक्षा दी जा रही। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के जरिए पाठ्यक्रम में आमूल चूल परिवर्तन किया गया है और विषयों के बंधन से मुक्त किया गया है। योग्यता, गुणवत्ता एवं आवश्यकता पर आधारित विषयों को समाहित कर पाठ्यक्रम को वर्तमान उद्देश्यों के अनुरूप बनाया गया है।

केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने दीक्षांत समारोह में अपना उद्बोधन देते हुए स्वर्ण पदक, उपाधि प्राप्तकर्ताओं एवं स्वर्ण पदक पाने वाले विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा की व्यक्ति के लिए शिक्षा एवं संस्कार महत्वपूर्ण आधार स्तंभ है, शिक्षा जहां मनुष्य को अपने कार्य क्षेत्र से संबंधित कौशल प्रदान करता है वहीं संस्कार मनुष्य को समाज में श्रेष्ठ नागरिक बनने के लिए प्रेरित करता है। मानव जीवन में शिक्षा महत्वपूर्ण स्थान रखता है शिक्षित व्यक्ति अपना समुचित विकास करते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कुलपति श्री बंशगोपाल सिंह ने कहा कि यह विश्वविद्यालय अपने उद्देश्यों को साकार करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इस अवसर पर बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल, तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह, बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, कोटा विधायक श्री अटल श्रीवास्तव, मस्तुरी विधायक श्री दिलीप लहरिया, विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य सहित जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।