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छत्‍तीसगढ़ : जीएसटी से संबंधित विवादों के निपटारे के लिए अब नहीं जाना होगा हाईकोर्ट, जल्‍द खुलेगा जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (जीएसटी ट्रिब्यूनल)

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छत्‍तीसगढ़ : जीएसटी से संबंधित विवादों के निपटारे के लिए अब नहीं जाना होगा हाईकोर्ट, जल्‍द खुलेगा जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (जीएसटी ट्रिब्यूनल)

आने वाले दिनों में जीएसटी से संबंधित विवादों के निपटारे के लिए जीएसटी करदाताओं को हाईकोर्ट जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। बताया जा रहा है कि छत्‍तीसगढ़ में भी जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (जीएसटी ट्रिब्यूनल) खुलने का रास्ता साफ हो गया है।

प्राधिकरण खुलने सभी जीएसटी करदाताओं को मिलेगा इसका फायदा

आने वाले दिनों में जीएसटी से संबंधित विवादों के निपटारे के लिए जीएसटी करदाताओं को हाईकोर्ट जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। बताया जा रहा है कि छत्‍तीसगढ़ में भी जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (जीएसटी ट्रिब्यूनल) खुलने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्रीय जीएसटी द्वारा रायपुर में अपीलीय प्राधिकरण के लिए आठ अधिकारियों की नियुक्ति की गई। नियुक्त किए गए अधिकारियों में एम राजीव, संतोष के सिंह, मनोज मैथ्यू, बीबी साहू, जयशंकर भगत, सुमित सिंह, बिमन राय और अरुण कुमार गजबे है।

जानकारी के अनुसार अब जल्द ही जीएसटी में अपीलीय प्राधिकरण भी खुल जाएगा और इसका आदेश भी जल्द जारी होने की संभावना है। अपीलीय प्राधिकरण बन जाने के बाद छोटे-छोटे करदाताओं को न्याय के लिए हाईकोर्ट नहीं जाना पड़ेगा। उनके मामलों की सुनवाई अपीलीय प्राधिकरण में ही होगी। मालूम हो कि काफी दिनों से व्यापारिक संगठनों द्वारा रायपुर में भी जीएसटी अपीलीय प्राधिकरण खोले जाने की मांग की जा रही थी। आने वाले दिनों में प्राधिकरण खुलता है तो सभी जीएसटी करदाताओं को इसका फायदा होगा।

जीएसटीएटी केंद्रीय माल एवं सेवा कर अधिनियम के तहत एक स्थापित अपीलीय प्राधिकरण है। जो प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के आदेशों के विरुद्ध उक्त अधिनिय और संबंधित राज्य केंद्र शासित प्रदेश जीएसटी अधिनियमों के तहत विभिन्न मामलों की सुनवाई करता है। इसमें एक प्रधान पीठ और विभिन्न राज्य पीठ शामिल रहते है। जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण यह सुनिश्चित करेगा कि जीएसटी के तहत उत्पन्न होने वाले विवादों के निपटारे में एकरूपता हो। साथ ही पूरे देश में जीएसटी के कार्यान्वयन में एकरूपता हो।

छत्तीसगढ़ : राजधानी रायपुर समेत कई कई जिलों भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

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छत्तीसगढ़ : राजधानी रायपुर समेत कई कई जिलों भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, सरगुजा और बस्तर संभाग के जिलों में 26 जून से 29 जून तक बारिश होगी। दो दिनों तक बारिश रुकने से प्रदेश में दो से तीन डिग्री तक तापमान बढ़ गया है। हालांकि गरज चमक के साथ बारिश की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में आज से मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। इस बीच अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री तक गिरावट भी हो सकती है। मौसम एक्सपर्ट का कहना है कि लगभग आगामी तीन से पांच दिनों तक प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश होगी। कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ गरज चमक होने की संभावना है। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।

मंगलवार को प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री राजनांदगांव में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री नारायणपुर में रहा। रायपुर में 37.6, बिलासपुर में 36, अंबिकापुर में 34.8, जगदलपुर में 33.9 और दुर्ग में 37.4 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया है। मंगलवार को बारिश नहीं होने की वजह से प्रदेश के कई जिलों में तापमान में बढ़ोतरी हुई है।

सीएम अरविंद केजरीवाल की जमानत पर रोक दिल्ली हाई कोर्ट ने की याचिका ख़ारिज

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सीएम अरविंद केजरीवाल की जमानत पर रोक दिल्ली हाई कोर्ट ने की याचिका ख़ारिज

सीएम अरविंद केजरीवाल की जमानत पर दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार (25 जून) को रोक लगा दी. इस पर आम आदमी पार्टी ने कहा कि हम इस फैसले से असहमत हैं. हम सुप्रीम कोर्ट में इस आदेश को चुनौती देंगे. बेल के आदेश को इस तरह से रोका नहीं जा सकता, कल सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है.

मामले में सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट की वेकेशन बेंच के जज जस्टिस सुधीर कुमार जैन ने कहा कि निचली अदालत प्रवर्तन निदेशालय द्वारा उसके सामने रखे गए मटीरियल का मूल्यांकन करने में विफल रही. हाई कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत ने आप नेता की जमानत याचिका पर फैसला करते समय अपने दिमाग का इस्तेमाल नहीं किया. जस्टिस जैन ने यह भी कहा कि निचली अदालत को ईडी को अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त समय देना चाहिए था.

एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने फैसले पर दी यह प्रतिक्रिया

उधर, हाई कोर्ट के फैसले पर एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा, ”यह अच्छी तरह से सोच-विचार कर लिया गया निर्णय है और निचली अदालत के वेकेशन जज के फैसले के जिस हिस्से को उठाया गया था, वह गलत था और सुप्रीम कोर्ट के कई निर्णयों के विपरीत था.”

बता दें कि सीएम केजरीवाल को निचली अदालत ने जमानत दे दी थी. जमानत को ईडी ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी जिसके बाद हाई कोर्ट ने सुनवाई पूरी होने तक निचली अदालत के फैसले पर रोक लगा दी गई थी. वहीं, इस बीच आप ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. सुप्रीम कोर्ट ने जमानत के आदेश पर अंतरिम रोक को हटाने से इनकार करते हुए कहा था कि पहले दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए.

फिर सुप्रीम कोर्ट जाएगी आप
उधर, हाई कोर्ट ने जमानत पर रोक के आदेश को बरकरार रखा है. ऐसे में अब आप कल यानी 26 जून को सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी. उधर, सीएम अरविंद केजरीवाल के वकील प्रतिक्रिया देते हुए कह कि जब एक बार जमानत दे दी जाती है तो इसमें स्टे नहीं होता है. हम सुप्रीम कोर्ट में अपनी दलील रखेंगे.

छत्तीसगढ़ : आपातकाल की बरसी परदेशव्यापी प्रदर्शन, कांग्रेस और बीजेपी के बीच इसे लेकर सियासी संग्राम…

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छत्तीसगढ़ : आपातकाल की बरसी परदेशव्यापी प्रदर्शन, कांग्रेस और बीजेपी के बीच इसे लेकर सियासी संग्राम…

बीजेपी आपातकाल की बरसी पर मंगलवार को देशव्यापी प्रदर्शन कर रही है। कांग्रेस और बीजेपी के बीच इसे लेकर सियासी संग्राम छिड़ा है। कांग्रेस बीजेपी को जहां फासीवादी करार दे रही है वहीं बीजेपी कांग्रेस को आपातकाल की याद दिला रही है। देशव्यापी प्रदर्शन के साथ साथ छत्तीसगढ़ भाजपा भी आपातकाल की बरसी को काला दिवस के रूप में मना रही है।

आपातकाल की बरसी पर सीएम विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया है।

इस वीडियो के साथ कैप्शन में सीएम साय ने लिखा है कि, तानाशाही रवैए की उपज भारतीय लोकतंत्र और राजनीति के सबसे काले अध्याय आपातकाल 25 जून 1975 के विरोध में उठी प्रत्येक आवाज और देश को जागृत करने वाली विभूतियों को सादर नमन।

2 जून, 1975 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक फैसला लिया, जिसमें इंदिरा गांधी के रायबरेली से सांसद के रूप में चुनाव को अवैध घोषित कर दिया गया।

1971 के आम चुनावों में रायबरेली निर्वाचन क्षेत्र से उनके प्रतिद्वंद्वी राज नारायण ने उन पर चुनावों में हेरफेर करने के लिए सरकारी मशीनरी का उपयोग करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया। दोषी पाए जाने पर उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया और अगले छह साल के लिए चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने नागरिक स्वतंत्रता पर नकेल कसने के प्रयास में 21 महीने का आपातकाल लगाया था।

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 352 राष्ट्रपति को देश की सुरक्षा को गंभीर खतरा होने पर आपातकाल घोषित करने की शक्ति देता है, चाहे वह युद्ध या बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह से हो।

इंदिरा गांधी ने 25 जून, 1975 को देर रात ऑल इंडिया रेडियो पर एक प्रसारण में आपातकाल लगाने की घोषणा की,

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले पर सशर्त रोक लगा दी, जिससे लोकसभा के लिए उनका चुनाव रद्द घोषित कर दिया गया। अदालत ने इंदिरा गांधी को संसदीय कार्यवाही से दूर रहने को कहा। इस दौरान इंदिरा गांधी ने कहा कि ”राष्ट्रपति ने आपातकाल की घोषणा की है, घबराने की कोई बात नहीं है।” जिसके बाद विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू हो गया था।

छत्‍तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दिल्ली हुए रवाना, जुलाई के पहले सप्ताह में कैबिनेट में हो सकता है विस्‍तार, CM साय और मोदी के बीच विस्‍तार को लेकर हो सकती है मंत्रणा…

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छत्‍तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दिल्ली हुए रवाना, जुलाई के पहले सप्ताह में कैबिनेट में हो सकता है विस्‍तार, CM साय और मोदी के बीच विस्‍तार को लेकर हो सकती है मंत्रणा…

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कैबिनेट का विस्तार जल्द होगा। उनकी मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से दोपहर 12 बजे मुलाकात होगी। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री साय और मोदी के बीच प्रदेश के दो नए मंत्रियों की नियुक्ति को लेकर मंत्रणा हो सकती है। इसके बाद साय दोपहर तीन बजे संसद भवन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात करेंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कैबिनेट का विस्तार जल्द होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सोमवार की रात दिल्ली रवाना हुए। उनकी मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से दोपहर 12 बजे मुलाकात होगी। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री साय और मोदी के बीच प्रदेश के दो नए मंत्रियों की नियुक्ति को लेकर मंत्रणा हो सकती है। इसके बाद साय दोपहर तीन बजे संसद भवन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात करेंगे।

बताया जाता है कि मुख्यमंत्री दिल्ली से लौटने के बाद नए मंत्रियों के नाम का ऐलान कर सकते हैं। इसके बाद जुलाई के प्रथम सप्ताह में मंत्रियों का शपथ समारोह आयोजित किया जाएगा। बतादें कि दो दिन पहले सीएम ने राज्यपाल बिस्वभूषण हरिचंदन से मुलाकात की थी, तभी से साय कैबिनेट के विस्तार को लेकर चर्चा तेज है।

सांसद बनने के बाद 17 जून को मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने साय कैबिनेट से इस्तीफा दिया था, उसके बाद प्रदेश दो मंत्रियों का पद रिक्त है। अभी मुख्यमंत्री समेत 11 मंत्री कार्यरत हैं। राज्यपाल द्वारा बृजमोहन अग्रवाल का 20 जून 2024 को मंत्री पद से इस्तीफा मंजूर करने के बाद बृजमोहन के तमाम स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, संसदीय कार्य, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग का प्रभार फिलहाल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ही संभाल रहे हैं।

पार्टी सूत्रों के अनुसार साय कैबिनेट में जिन दो नए मंत्रियों की जगह मिलेगी उनमें एक नया और एक पुराना चेहरा हो सकता है। मंत्री पद के लिए दावेदारों में रायपुर से राजेश मूणत , कुरूद विधायक अजय चंद्राकर, बिलासपुर से अमर अग्रवाल, बस्तर से लता उसेंडी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक का नाम चर्चा में है। इसी तरह नए चेहरे में रायपुर से पुरंदर मिश्रा, दुर्ग से गजेंद्र यादव, पंडरिया विधायक भावना बोहरा, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो का नाम शामिल है।

छत्तीसगढ़ : महतारी वंदन योजना की तर्ज पर मितानिनों के खाते में सीधे ट्रांसफर होगी राशि…

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छत्तीसगढ़ : महतारी वंदन योजना की तर्ज पर मितानिनों के खाते में सीधे ट्रांसफर होगी राशि…

राज्य की मितानिनों को सौगात देने की कवायद स्वास्थ्य विभाग ने की शुरू, महतारी वंदन योजना की तर्ज पर मितानिनों के खाते में सीधे ट्रांसफर होगी राशि, मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की घोषणा.

महतारी वंदन योजना की तर्ज पर अब मितानिनों को आनलाइन मानदेय का भुगतान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरूस्त रखने में मितानिन बहनों का बड़ा योगदान है। उन्हें सुविधाएं पहुंचाना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मितानिनों के खाते में सीधे राशि पहुंचाई जाएगी। इसकी शुरूआत विशेष समारोह में मुख्यमंत्री के हाथों से होगी। प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं में लगातार सुधार आ रहा है जो निरंतर जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के बाद राज्य की मितानिनों को यह सौगात देने की कवायद स्वास्थ्य विभाग ने शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में आला अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। उल्लेखनीय है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मितानिनों के जरिए गांव-गांव में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के कार्यों की प्रशंसा की है। देश में छत्तीसगढ़ में सबसे पहले स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मितानिनों का प्रयोग किया गया था। इसके बाद अन्य राज्यों में अन्य नामों से इसे लागू किया गया।

छत्‍तीसगढ़ में 70 हजार मितानिन कार्यरत

जानकारी के मुताबिक प्रदेश में कुल 70 हजार मितानिनें कार्यरत हैं, जिन्हें हर महीने चार हजार रुपये मानदेय के रूप में भुगतान किया जाता है। वर्तमान में यह भुगतान आफलाइन होता है। दूर-दराज के जिलों के मितानिनों को मानदेय के लिए जिला मुख्यालयों तक आना पड़ता है। खाते में राशि आने की सुविधा के बाद उन्हें मानदेय के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।

छत्तीसगढ़ : बजरंग दल समेत अन्य हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने गौवंश का कटा सिर मिलने पर देर रात हंगामा, पुलिस को करना पड़ गया लाठीचार्ज…

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छत्तीसगढ़ : बजरंग दल समेत अन्य हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने गौवंश का कटा सिर मिलने पर देर रात हंगामा, पुलिस को करना पड़ गया लाठीचार्ज…

दुर्ग में रविवार देर रात उस वक्त हंगामा हो गया, जब सड़क पर एक बछड़े का कटा हुआ सिर मिला. हिंदूवादी संगठनों ने समुदाय विशेष पर भड़काने का आरोप लगाया. मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ गया.

बजरंग दल समेत अन्य हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सिटी कोतवाली और पटेल चौक पर जमकर हंगामा किया. बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि दुर्ग के गया नगर में गाय के बछड़े का सिर मिला. यह समुदाय विशेष के लोगों की करतूत है. इसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को भनक लगते ही हजारों की संख्या में बजरंग दल कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और पटेल चौक पर गाय के कटे हुए सिर को रखकर जमकर हंगामा करते हुए प्रदर्शन किया.

पुलिस ने कटे हुए सिर को अपने कब्जे में ले लिया है तो वहीं इलाके के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं. इस पूरी घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें एक कुत्ता गाय के बछड़े के कटे हुए सिर को लेकर जाता हुआ दिखाई दे रहा है. फिलहाल इसको लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस विभाग को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. पुलिस का कहना है कि अभी फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा फिलहाल पुलिस की विवेचना जारी है.

बताया जा रहा है कि बछड़े का सिर किसी ने काटकर नहीं फेंका, बल्कि कुत्ता वहां से उठाकर लाया था, जहां मरे हुए जानवरों को फेंका जाता है. कुत्ता ही उसे गया नगर में छोड़कर चला गया था. हालांकि, पूरे मामले को जांच में लिया गया है. इधर लोगों ने समझा कि यह काम किसी विशेष समुदाय के लोगों का है. फिर हिंदूवादी लोगों ने इसे लेकर बवाल करना शुरू कर दिया था.

हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जब देर रात कोतवाली पर प्रदर्शन किया तो बढ़ते विवाद को शांत करने के लिए सभी थानों से थाना प्रभारियों और पुलिस बल को तैनात किया गया. रात में ही कोतवाली थाना देखते ही देखते छावनी में बदल गया. जब पुलिस ने विरोध प्रदर्शन को शांत कराने की कोशिश की तो झूमा झटकी होने लगी. पुलिस ने मामला बढ़ते देख प्रदर्शनकारियों के ऊपर लाठी चार्ज शुरू कर दिया. इस दौरान पुलिस लोगों को दौड़ा दौड़ा कर पीटा. फिर कुछ लोगों ने पुलिस पर ही पथराव शुरू कर दिया. इस घटना में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं.

छत्तीसगढ़ : कांग्रेस में बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है, सियासी हल्कों में चर्चा है कि जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज हटाए जा सकते हैं…

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छत्तीसगढ़ : कांग्रेस में बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है, सियासी हल्कों में चर्चा है कि जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज हटाए जा सकते हैं…

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। सियासी हल्कों में चर्चा है कि जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज हटाए जा सकते हैं और उनकी जगह पर किसी नए नेता को प्रदेश संगठन की जिम्मेदारी दी जा सकती है। कांग्रेस आलाकमान ने इसे लेकर कमेटी का गठन किया है। इसे लेकर सियासी बयानबाजी का दौर भी शुरू हो गया है।

पहले विधायनसभा और फिर लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन में मचा हाहाकार थमने का नाम नहीं ले रहा है। राधिका खेड़ा की ओर से खड़ा किया गया बखेड़ा थमने के बाद कांग्रेस के नेताओं ने सांस ही ली थी कि प्रदेश संगठन में बड़े बदलाव की सुगबुगाहट ने एक बार फिर उनकी नींदें उड़ा दी हैं।

सियासी गलियारों में चर्चाएं हैं कि जल्द ही प्रदेश में PCC चीफ का नया चेहरा देखने को मिल सकता है। सूत्रों के मुताबिक छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बदलाव की कवायद तेज हो गई है। पार्टी संगठन दीपक बैज की जगह अब नए लीडर की तलाश में जुट गया है।

छत्तीसगढ़ का विधानसभा और फिर लोकसभा दोनों चुनाव कांग्रेस ने दीपक बैज के नेतृत्व में लड़ा था, लेकिन पहले विधानसभा और फिर लोकसभा चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। पहले विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस को प्रदेश की सत्ता से हाथ धोड़ा पड़ा था।

पार्टी को उम्मीद थी कि वह लोकसभा चुनावों में शानदार प्रदर्शन कर विधानसभा चुनावों में मिले जख्मों में भर लेगी, लेकिन लोकसभा चुनावों में पार्टी का और भी बुरा हाल हुआ और वह महज एक सीट पर सिमटकर रह गई और इसी के बाद से दीपक बैज संगठन में कमजोर होते चले गए और उनके लिए एक के बाद एक मुश्किलें खड़ी होती चली गईं। दोनों चुनावों में खराब प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने कप्तान बदलने की ठान ली है और इसके लिए पार्टी ने एक कमेटी का गठन किया है, जो रिपोर्ट तैयार करेगी।

हालांकि कांग्रेस प्रवक्ता सूबे के संगठन में बदलाव की सुगबुगाहट को अफवाह बता रहे हैं। कांग्रेस संगठन में चल रही सुगबुगाहट पर मंत्री रामविचार नेताम ने चुटकी लेते हुए कहा कि कांग्रेस के अंदर वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। यह कौन कर रहा है सबको दिखाई दे रहा है।

छत्तीसगढ़ : प्रदेश के इन जिलों में होगी भारी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट…

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छत्तीसगढ़ : प्रदेश के इन जिलों में होगी भारी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट…

छत्तीसगढ़ में मानसून ने दस्तक दे दी है। मानसून की दस्तक के साथ ही प्रदेश में मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले दो दिनों से शाम होते ही बादल छा रहे हैं और जमकर बारिश हो रही है। सुबह हुई बारिश ने दिन भर मौसम सुहाना बनाए रखा। सुबह अचानक बारिश होने के कारण तापमान में भी ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई।

वहीं मौसम विभाग ने प्रदेश के 13 जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया हैं। मौसम विभाग ने गरियाबंद, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, कोंडागांव, कांकेर समेत अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के ने आज भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज आंधी तूफान के साथ जमकर बारिश होने की संभावना जताई है।

इन जिलों में भी हो सकती है बारिश

वहीं, मौसम विभाग की मानें तो आज नारायणपुर, बीजापुर, बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा, सरगुजा, जशपुर, कोरिया, बलरामपुर और सूरजपुर में हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। जबकि कोरबा, जांजगीर, रायगढ़, मुगेली, बिलासपुर, पेंड्रा, दुर्ग, बेमेतरा, कवर्धा, रायपुर, बलौदाबाजार में भी बारिश की संभावना है।

संसद में 18वीं लोकसभा के पहले सत्र की शुरुआत, नई लोकसभा का गठन किया जाएगा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य सांसदों को शपथ दिलाएंगे…

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संसद में 18वीं लोकसभा के पहले सत्र की शुरुआत, नई लोकसभा का गठन किया जाएगा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य सांसदों को शपथ दिलाएंगे…

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में प्रोटेम स्पीकर को शपथ दिलाया वही अब इसके बाद प्रोटेम स्पीकर क्रमशः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य सांसदों को शपथ दिलाएंगे.

आपको बता दें कि 18वीं लोकसभा के लिए बीजेपी के वरिष्ठ सांसद भर्तृहरि महताब को प्रोटेम स्पीकर बनाया गया है. वहीं नई लोकसभा की शुरुआत से पहले ही विपक्षी गठबंधन ने कड़े तेवर अपनाए हैं. विपक्ष ने भर्तृहरि महताब को प्रोटेम स्पीकर बनाए जाने का विरोध किया है.

लोक चुनावों के बाद 18वीं लोकसभा का गठन हो गया है। 24 जून यानी आज से इस लोकसभा का पहला सत्र शुरू होने जा रहा है, जो 3 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान नई सरकार से जुड़े कई अहम काम होंगे। नवनिर्वाचित सांसद शपथ लेंगे, लोकसभा का स्पीकर चुना जाएगा, बैठकें होंगी और राष्ट्रपति दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगी। तो आइए जानते हैं पहले सत्र में क्या-क्या होने वाला है।

सबसे पहले असम तो सबसे आखिर में वेस्ट बंगाल के नवनिर्वाचित सांसद लेंगे शपथ.. कल से शुरू हो रहा 18वें लोकसभा का पहल सत्र;

01. प्रोटेम स्पीकर का शपथ : नई लोकसभा की पहली बैठक से पहले लोकसभा स्पीकर का पद खाली हो जाता है। ऐसी स्थिति में नए स्पीकर के चुनाव तक सदन का कामकाज संभालने के लिए प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति की जाती है। इस बार भाजपा के ओडिशा से 7 बार के सांसद भृतहरि महताब प्रोटेम स्पीकर बने हैं। हालांकि, उनके चयन पर विपक्ष ने आपत्ति भी जताई है। वे सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति भवन जाकर शपथ लेंगे।

02 सांसदों का शपथ ग्रहण : 24 जून को सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रिपरिषद के सदस्य शपथ लेंगे। इसके बाद अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सांसद वर्णमाला क्रम में शपथ लेंगे। इसका मतलब है कि असम के नवनिर्वाचित सांसद सबसे पहले और पश्चिम बंगाल के सांसद सबसे आखिर में शपथ लेंगे। 24 जून को 280 और 25 जून को 264 सांसदों को शपथ दिलाई जाएगी। ये सारा कामकाज प्रोटेम स्पीकर की देखरेख में होगा।

03 लोकसभा स्पीकर का चुनाव : 26 जून को लोकसभा का स्पीकर चुना जाएगा। इसे लेकर टकराव हो सकता है। भाजपा चाहती है कि उसका स्पीकर बने, लेकिन बीच में ऐसी खबरें आई थीं कि उसकी सहयोगी तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और जनता दल युनाइटेड (JDU) की नजरें भी स्पीकर पद पर हैं। हालांकि, दोनों ने खुलकर अभी कुछ नहीं कहा है। विपक्ष डिप्टी स्पीकर पद की मांग करेगा, क्योंकि ये पद विपक्ष को देने की परंपरा रही है।

04 राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अभिभाषण : 27 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लोकसभा और राज्यसभा में सुबह 11 बजे अभिभाषण देंगी। इसमें केंद्र सरकार के अगले 5 साल के कार्यक्रम की योजना पेश की जाएगी। इसी दिन राज्यसभा का 264वां सत्र भी शुरू होगा। 28-29 जून को अवकाश रहेगा।

’18वीं लोकसभा का पहला सत्र’

05 धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा : राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद संसद के दोनों सदनों में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी। राष्ट्रीय प्रवेश सह-पात्रता परीक्षा (NEET) के कथित पेपर लीक, NET और दूसरी परीक्षाओं के रद्द होने पर विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश करेगा।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी कह चुके हैं कि वे पेपर लीक के मुद्दे को संसद में उठाएंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देंगे।

06 नए नेता प्रतिपक्ष का चयन : नियमों के तहत, नेता प्रतिपक्ष बनने के लिए लोकसभा की कुल संख्या (543) का 10 प्रतिशत यानी 54 सांसद होना जरूरी है। पिछले 10 साल से किसी भी विपक्षी पार्टी के 54 सांसद नहीं जीते थे, इसलिए ये पद खाली था। इस बार कांग्रेस के 99 सांसद जीते हैं और वो सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है। माना जा रहा है कि राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष चुना जा सकता है।

गौरतलब हैं कि इस बार भाजपा के पास पूर्ण बहुमत की सरकार नहीं हैं। लोकसभा चुनाव के नतीजों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को 292 सीटें मिली हैं, जबकि विपक्षी INDIA गठबंधन के हिस्से 234 सीटें आई हैं। अन्य के खाते में 17 सीटें गई हैं। इस बार भाजपा अपने दम पर सरकार बनाने लायक सीटें नहीं जीत पाई है। ऐसे में पिछले 2 कार्यकाल की तुलना में इस बार विपक्ष मजबूत हुआ है।