मोहला। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने जिले के विभिन्न गांवों का दौरा कर खेतों में उतरकर रबी एवं उद्यानिकी फसलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से सीधे संवाद कर खेती की वर्तमान स्थिति, लागत और लाभ की जानकारी ली। कलेक्टर ने किसानों को धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इससे न केवल अधिक लाभ मिलेगा, बल्कि जल की भी बचत होगी।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्रीमती भारती चन्द्राकर, एसडीएम मानपुर श्री अमित नाथ योगी सहित कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
मक्का की खेती से बदल रही सोच
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने ग्राम तुमडीकसा निवासी किसान श्री भागवत पिस्दा के चार एकड़ क्षेत्र में लगी मक्का फसल का जायजा लिया। किसान ने बताया कि फसल अच्छी स्थिति में है और करीब 20 क्विंटल उत्पादन की संभावना है। उन्होंने बताया कि लगातार अच्छे उत्पादन और मुनाफे के कारण अब आसपास के कई किसान भी धान छोड़कर मक्का की खेती कर रहे हैं।
इसके बाद कलेक्टर ने कहगांव में किसानों द्वारा सामूहिक रूप से लगाई गई मक्का फसल का निरीक्षण किया। किसानों ने बताया कि धान की खेती में पानी की खपत अधिक होती है, जबकि मक्का कम पानी में बेहतर उत्पादन देता है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में मक्का सहित अन्य वैकल्पिक फसलों के प्रदर्शन प्लॉट लगाए गए हैं, जिससे किसानों को नई तकनीकों की जानकारी मिल रही है।
सब्जी और बागवानी से मिल रही बेहतर आय
कलेक्टर उद्यानिकी विभाग के हितग्राही श्री व्यास पिस्दा के खेत भी पहुंचीं, जहां उन्होंने पत्ता गोभी और टमाटर की उन्नत किस्मों की खेती का अवलोकन किया। किसान ने बताया कि सब्जी उत्पादन से उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है।
इसी तरह ग्राम भटगांव के किसान श्री सुभाकार के बागवानी क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। उन्होंने रेड लेडी पपीता की खेती के साथ-साथ लाख पालन के प्रयोगों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में वे ऑयल पाम के पौधारोपण की तैयारी कर रहे हैं। किसान ने कहा कि खेती में नए प्रयोग करने से आय बढ़ रही है और खेतों में काम करने वाले मजदूर भी आधुनिक कृषि तकनीकों से लाभान्वित हो रहे हैं।
नवाचार से बदल रही खेती की तस्वीर
कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने शासकीय उद्यान रोपणी खड़गांव का भी अवलोकन किया। उन्होंने किसानों की पहल की सराहना करते हुए कहा कि उन्नत तकनीक और विविध फसलों को अपनाकर किसान आर्थिक रूप से मजबूत बन सकते हैं। उन्होंने कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन और शासन की योजनाओं का लाभ लगातार उपलब्ध कराया जाए।



