राजनांदगांव। रायपुर में जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित साहित्य उत्सव में राजनांदगांव जिले का त्रिवेणी संग्रहालय साहित्य प्रेमियों के लिए आकर्षण का केन्द्र बना रहा। 23 से 25 जनवरी तक पुरखौती मुक्तांगन, नवा रायपुर में आयोजित इस उत्सव में राजनांदगांव त्रिवेणी संग्रहालय को किताबनुमा आकार में प्रदर्शित किया गया।
त्रिवेणी संग्रहालय, जो शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय, राजनांदगांव परिसर में स्थित है, छत्तीसगढ़ में साहित्यिक दृष्टि से अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। संग्रहालय हिंदी के सुप्रसिद्ध साहित्यकार गजानन माधव मुक्तिबोध के निवास स्थान में स्थापित किया गया है। यहाँ मुक्तिबोध के अलावा पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी और डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र से जुड़ी स्मृतियों और रचनाओं को संकलित किया गया है।
त्रिवेणी संग्रहालय में उनके साहित्यिक योगदान, व्यक्तिगत वस्तुएं और पांडुलिपियां सुरक्षित रूप से प्रदर्शित हैं। संग्रहालय परिसर में वाचनालय, स्वागत कक्ष और प्रतीक्षा कक्ष की भी व्यवस्था की गई है। उल्लेखनीय है कि मुक्तिबोध ने 1958 से 1964 और बख्शी ने 1959 से 1971 तक शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय में प्राध्यापक के रूप में कार्य किया। राज्य शासन ने 2005 में मुक्तिबोध के निवास स्थान को स्मारक घोषित किया।
संग्रहालय में नियमित रूप से साहित्य प्रेमी जुटते हैं और हिंदी साहित्य की इस त्रिवेणी का पुण्य स्मरण करते हैं। इस अवसर पर रायपुर साहित्य उत्सव में आए पाठक और साहित्यिक समुदाय ने संग्रहालय की विशेष प्रदर्शनी को सराहा और इसे साहित्यिक विरासत के रूप में मान्यता दी।



