बजट की अपेक्षाएं और प्रतिक्रियाएं
बजट पेश होने से पहले, आम जनता और बाजार के विशेषज्ञों में कई उम्मीदें होती हैं। लोग लोकलुभावन घोषणाओं का बेसब्री से इंतजार करते हैं। हाल के महीनों में सोने और चांदी की कीमतें ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गई हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट प्रस्तुत किया। केंद्रीय मंत्री अमित शाह और अन्य बीजेपी नेताओं ने इस बजट की प्रशंसा की और इसे दूरदर्शी बताया। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे दिशाहीन करार दिया। उन्होंने कहा कि इस बजट में आम आदमी के लिए कुछ भी नहीं है और यह शिक्षा क्षेत्र को नजरअंदाज करता है। ममता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जानबूझकर पश्चिम बंगाल को आवंटन में अनदेखा कर रही है, खासकर आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर।
बजट में कर प्रस्ताव और राहत
केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट में कई कर संबंधी प्रस्तावों की घोषणा की, जिनका उद्देश्य जीवनयापन को आसान बनाना और करदाताओं को राहत प्रदान करना है। संसद में बजट पेश करते हुए, उन्होंने कहा कि सरकार आयकर प्रणाली को सरल और नागरिकों के हित में बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इस दिशा में, उन्होंने यह भी घोषणा की कि मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए ब्याज को आयकर से मुक्त किया जाएगा। इससे दुर्घटना पीड़ितों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
सीतारामन ने विदेश यात्रा पर लगने वाले कर (TCS) में भी कमी की घोषणा की। उन्होंने विदेशी पर्यटन पैकेजों पर TCS दर को घटाकर 2 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा, जो वर्तमान में 5 प्रतिशत और 20 प्रतिशत है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह नई दर बिना किसी राशि की सीमा के लागू होगी, जिससे विदेशी यात्रा के लेनदेन को सरल और कम बोझिल बनाया जा सके।



