Home राजनीति भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में कृषि हितों की रक्षा का आश्वासन…

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में कृषि हितों की रक्षा का आश्वासन…

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कृषि और डेयरी क्षेत्रों की सुरक्षा पर जोर

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को संसद में बताया कि भारत ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में कृषि और डेयरी क्षेत्रों के हितों की प्रभावी रक्षा की है।

इस समझौते के तहत भारतीय वस्तुओं पर शुल्क को 18 प्रतिशत तक घटा दिया गया है, जिससे देश में राजनीतिक विवाद उत्पन्न हुआ है। विपक्ष ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान पर चिंता व्यक्त की है कि भारत कुछ अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क को शून्य कर सकता है और अमेरिका से 500 अरब डॉलर के ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला और अन्य सामान खरीद सकता है.

संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा पर चर्चा

कृषि क्षेत्र को लेकर बढ़ती चिंताओं के जवाब में, गोयल ने लोकसभा में कहा कि दोनों देशों ने एक साल तक विचार-विमर्श किया और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय शीर्ष नेतृत्व का ‘स्थायी आदेश’ यह था कि भारतीय सेना को बिना अनुमति के गोली नहीं चलानी चाहिए, भले ही चीनी सेना भारतीय क्षेत्र में घुस आए।

व्यापार समझौते की प्रगति

पीयूष गोयल ने कहा कि फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के बाद से दोनों देश एक संतुलित और लाभकारी व्यापार समझौते पर चर्चा कर रहे हैं। पिछले एक वर्ष में दोनों पक्षों के वार्ताकारों ने कई स्तरों पर बातचीत की है। यह स्पष्ट है कि दोनों देश अपनी-अपनी अर्थव्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील आर्थिक क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए सर्वोत्तम परिणाम चाहते हैं।

भारतीय निर्यातकों के लिए लाभकारी समझौता

उन्होंने आगे कहा कि यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए फायदेमंद होगा। गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देश जल्द ही समझौते से संबंधित कागजी कार्रवाई पूरी कर लेंगे। उन्होंने कहा कि 2 फरवरी को प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति ने कई मुद्दों पर चर्चा की, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की।

भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने वाला कदम

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह समझौता ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजाइन इन इंडिया’ और ‘इनोवेट इन इंडिया’ के वैश्विक दृष्टिकोण को साकार करने में सहायक होगा। यह भारत-अमेरिका संबंधों और विकसित भारत 2047 के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच मजबूत संबंधों को दर्शाता है।