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CG: दीपक बैज बोले- बीजेपी नेताओं पर दर्ज क्रिमिनल केसेस को राजनीतिक बताकर वापस लेना पीड़ितों के साथ घोर अन्याय…

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छत्तीसगढ़ पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बालोद जिले में भाजपा नेताओं पर दर्ज आपराधिक केस को राजनीतिक बताकर वापस लिए जाने को पीड़ितों के साथ अन्याय करार दिया है।

छत्तीसगढ़ पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बालोद जिले में भाजपा नेताओं पर दर्ज आपराधिक केस को राजनीतिक बताकर वापस लिए जाने को पीड़ितों के साथ अन्याय करार दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बैज ने कहा कि भाजपा सरकार अपने नेताओं पर दर्ज आपराधिक प्रकरण को राजनीतिक बताकर वापस ले रही है, ये पीड़ित आदिवासी वर्ग के साथ अन्याय है। प्रकरण वापस होने की खबर के बाद आक्रोशित आदिवासी समाज ने बालोद कलेक्टर का घेराव कर विरोध जताया, न्याय की मांग की। कांग्रेस ने तुएगोंदी के आदिवासी के साथ मारपीट करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने और उनका प्रकरण राजनीतिक मानकर खत्म न करने की मांग की है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा कि 1 मई 2022 को आदिवासी समाज जो अपनी परम्परा का निर्वहन कर रहे उन पर भाजपा नेताओं ने समूह बनाकर हमला किया था। आरोपियों पर तुएगोंदी गांव के आदिवासी वर्ग के साथ  तलवार, चाक़ू, लाठी लेकर मारपीट करने, जान से मारने, गम्भीर चोट पहुँचाने, हत्या का प्रयास करने का गम्भीर आरोप है, जिस पर बालोद जिला के थाना मुंगघुवा में दर्ज अपराध क्रमांक 16/22 प्रकरण क्रमांक 58/23 जिस पर धारा 307, 120बी, 147, 148, 149, 294, 323, 506, 25, 27, आर्म्स एक्ट, एवं 3(2)(ट) एससी/एस टी एक्ट के तहत मामला दर्ज है।

आखिर अपराधियों को क्यों बचाना चाहती है बीजेपी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बैज ने कहा कि आदिवासी वर्ग के साथ अत्याचार करने वाले अपराधी किस्म के लोगों को जिसे न्यायालय सजा देगी। ऐसे में सरकार इस प्रकरण को राजनीतिक प्रकरण घोषित कर कैसे वापस ले सकती है, ये पीड़ितों के साथ अन्याय है। आपराधिक प्रकरण वापसी की सूचना मिलने से आक्रोशित तुएगोंदी गांव के पीड़ित आदिवासी समाज के लोगों ने बालोद कलेक्टर कार्यालय पहुँचकर विरोध जताया। आपराधिक प्रकरण के तहत कार्यवाही की मांग की। भाजपा आखिर अपराधियों को क्यों बचाना चाहती है? क्या भाजपा सरकार को राजनीतिक प्रकरण और आपराधिक प्रकरण में अंतर नहीं मालूम? जब आपराधिक प्रकरण ऐसे ही वापस लिए जाएंगे फिर अपराधी किस्म के लोगों को संरक्षण मिलेगा।