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‘पीएम मोदी फिर से करेंगे सरेंडर…’, टैरिफ पर US कोर्ट के फैसले के बीच राहुल गांधी ने साधा प्रधानमंत्री पर निशाना…

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को लेकर उठे विवाद ने अब भारत की सियासत में भी हलचल तेज कर दी है. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप के टैरिफ को अवैध करार दिए जाने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है.

राहुल ने आरोप लगाया है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील में देश के हितों से समझौता किया गया है और सच्चाई अब सामने आ रही है.

ट्रंप के टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को रद्द करते हुए कहा कि राष्ट्रपति को इस तरह के शुल्क लगाने का अधिकार नहीं था. अदालत के फैसले के कुछ ही घंटों बाद ट्रंप ने वैश्विक स्तर पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी. उन्होंने कहा कि वह एक नए आदेश पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं, जिसके तहत दुनियाभर के देशों पर 10% ग्लोबल टैरिफ लागू होगा.

राहुल गांधी का पीएम मोदी पर सीधा वार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा. उन्होंने लिखा कि ‘प्रधानमंत्री ने समझौता कर लिया है, उनका धोखा अब सामने आ गया है. वह दोबारा बातचीत नहीं कर सकते, वे फिर से सरेंडर कर देंगे.’

कांग्रेस लगातार आरोप लगाती रही है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील में भारतीय हितों, खासकर किसानों और छोटे कारोबारियों, की अनदेखी की गई है.

पहले भी उठा चुके हैं ट्रेड डील का मुद्दा

यह पहला मौका नहीं है जब राहुल गांधी ने ट्रेड डील और टैरिफ के मुद्दे पर सरकार को घेरा है. इससे पहले भी वह कई बार संसद और सार्वजनिक मंचों से प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों की आलोचना कर चुके हैं. बजट सत्र के दौरान भी इस मुद्दे पर जमकर राजनीतिक बयानबाजी और हंगामा देखने को मिला था.

भारत-अमेरिका ट्रेड डील

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर लंबे समय से बातचीत चल रही थी. कई सेक्टरों में मतभेद के बाद फरवरी की शुरुआत में सहमति बनी और 7 फरवरी को समझौते का ऐलान किया गया. समझौते के तहत भारतीय कृषि उत्पादों को अमेरिका में जीरो टैरिफ पर निर्यात की अनुमति दी गई, जबकि अमेरिकी कृषि उत्पादों को भारत में टैरिफ में कोई विशेष छूट नहीं दी गई. सरकार का दावा है कि किसानों और डेयरी क्षेत्र के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है.