भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 24 फरवरी के कारोबारी दिन जबरदस्त गिरावट देखने को मिल रही है. दोपहर करीब 1 बजे सेंसेक्स 1100 अंक टूट गया था. वहीं, निफ्टी 50 313 अंक फिसल गई थी.
बाजार में पिछले दो दिनों से जारी रैली पर ब्रेक लग गया है.
अमेरिकी बाजार में गिरावट और घरेलू आईटी शेयरों में बिकवाली ने मार्केट को डुबो दिया. जिससे कुछ ही समय में निवेशकों को तगड़ा नुकसान उठाना पड़ा है. आइए जानते हैं. आखिर इस गिरावट के पीछे की वजह क्या है?
- आईटी शेयरों में जोरदार बिकवाली
आईटी सेक्टर के शेयरों पर आज दबाव देखने को मिल रहा है, इनमें तेज गिरावट दर्ज की गई है. वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बढ़ती चिंताओं ने निवेशकों की सोच को प्रभावित किया है. अमेरिकी एआई कंपनी एंथ्रोपिक ने अपने क्लॉड कोड टूल को लेकर दावा किया है कि यह पुराने सॉफ्टवेयर सिस्टम को अपग्रेड करने की लागत और जटिलता को काफी हद तक घटा सकता है.
इस बयान के बाद आईटी कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर असर पड़ने की आशंका बढ़ती दिख रही है. जिसके चलते कारोबारी दिन की शुरुआत में ही आईटी इंडेक्स लगभग 3 प्रतिशत तक फिसल गए थे.
- वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत
बीते दिन अमेरिकी बाजार वॉल स्ट्रीट में जोरदार गिरावट देखने को मिली है. साथ ही एशिया के ज्यादातर बाजार में आज सुस्ती देखने को मिल रही है. ट्रंप के 15 प्रतिशत टैरिफ वाले बयान और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले से उत्पन्न हुई अनिश्चितता ने बाजार का मूड बिगाड़ दिया.
- रुपया एक बार फिर हुआ पस्त
भारतीय करेंसी की हवा एक बार फिर डॉलर के सामने निकल गई. शुरुआती कारोबार में ही रुपया 7 पैसे की गिरावट के साथ 90.96 प्रति डॉलर पर ट्रेड करते हुए दिखा. हालांकि, विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने इसे और अधिक गिरने से बचाया.
- कच्चे तेल की तेजी बनी चिंता
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आज बढ़त देखने को मिली. ब्रेंट क्रूड करीब 1 प्रतिशत चढ़कर 72.13 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. तेल महंगा होने से भारत जैसे आयात-निर्भर देश पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है. क्योंकि इससे व्यापार घाटा बढ़ने और महंगाई में इजाफा होने की आशंका रहती है. ऐसे में निवेशक सतर्क हो जाते हैं.



