बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) यानी मुंबई का इलाका, जहां दुनिया के टॉप अमीरों में शुमार कुछ लोगों की रिहाइश है. जहां पर दुनिया के सबसे अमीर फिल्म स्टार्स में से एक रहते हैं. जिस शहर को भारत की इकोनॉमिक कैपिटल कहा जाता है.
उसी शहर के म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन का बजट पेश किया. खास बात तो ये है कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब बीएमसी का बजट 80 हजार करोड़ रुपए के पार यानी करीब 9 बिलियन डॉलर पहुंच गया है.
मुंबई का इतना बजट होना भी कोई बड़ी बात इसलिए नहीं है, क्योंकि दुनिया के मानचित्र में इस इलाके का काफी महत्व है. खास बात तो ये है कि अकेले बीएमसी का बजट देश के 5 राज्यों से काफी ज्यादा है. कुछ राज्यों के मुकाबले में ये 4 से 5 गुना के करीब पहुंच गया है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर बीएमसी ने कितना बजट पेश किया है, साथ ही देश के वो कौन से 5 राज्य है, जिनका बजट बीएमसी के मुकाबले में काफी कम है.
कितना है बीएमसी का बजट
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने बुधवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 80,952.56 करोड़ रुपए के बजट का ऐलान कर दिया है. जोकि वित्त वर्ष 2025-26 के मुकाबले 8.77 प्रतिशत अधिक है. बीएमसी के आयुक्त भूषण गगरानी ने बजट पेश किया, जिसमें कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए 48,164.28 करोड़ रुपए तय किए गए हैं. यह राशि 2025-26 के मुकाबले 11.59 प्रतिशत अधिक है. वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रेवेन्यू एक्सपेंडिचर 32,698.44 करोड़ रुपए प्रस्तावित है, जो 2025-26 के 28,257.91 करोड़ रुपए के संशोधित अनुमान से लगभग 15.71 प्रतिशत अधिक है. बजट में अनुमानित कमाई 51,510.94 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो सालाना आधार पर 19.35 प्रतिशत अधिक है. प्रॉपर्टी टैक्स रेवेन्यू , जो बीएमसी की आय के प्रमुख स्रोतों में एक है, 2026-27 के लिए 7,000 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो 2025-26 में 6,200 करोड़ रुपए था.
इन राज्यों का बजट है छोटा?
BMC का करीब 81 हजार करोड़ रुपए का बजट देश के कई राज्यों के मुकाबले में काफी बड़ा है. खास बात तो ये है कि बीएमसी एशिया की सबसे बड़ी म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन है. वैसे जिन राज्यों का जिक्र हम करने जा रहे हैं, उनका अगले वित्त वर्ष का बजट सामने नहीं आया है. जब भी उन राज्यों का बजट आएगा, वो बीएमसी के बजट से छोटा ही रहेगा, ये बात तय है.
पहले बात गोवा की करें तो वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कुल बजट 28,162 करोड़ रुपए था. जो अगले वित्त वर्ष में अधिक से अधिक 32 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है. वहीं अरुणाचल प्रदेश का वित्त वर्ष 26 के लिए बजट 39,842 करोड़ रुपए था जो नए वित्त वर्ष के लिए 42 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है.
हिमाचल प्रदेश बड़ा राज्य है, उसके बाद भी उसका बजट मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 58,514 करोड़ रुपए रखा गया था, जो अगले वित्त वर्ष के लिए 62 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा नहीं होगा. वहीं सिक्किम का कुल बजट अनुमान 16,196 करोड़ रुपए था, जो अगले वित्त वर्ष के लिए 19 से 20 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है. वहीं दूसरी ओर त्रिपुरा बजट वित्त वर्ष 2026 के लिए 31,412 करोड़ रुपए था, जो अगले वित्त वर्ष के लिए 33 हजार करोड़ रुपए पहुंचने का अनुमान है.
कहां कहां पैसा खर्च करेगा बीएमसी?
अगले फिस्कल ईयर के लिए कैपिटल खर्च का एक बड़ा हिस्सा कोर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए रखा गया है. A, B, E, G और T.A. हेड्स के तहत कैपिटल खर्च, जिसमें इम्प्रूवमेंट स्कीम, एजुकेशन फंड, वॉटर सप्लाई और सीवरेज और ट्री अथॉरिटी शामिल हैं, Rs 30,069.89 करोड़ तय किया गया है.
इसमें से 13,990 करोड़ रुपए कोस्टल रोड, गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (GMLR), सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STPs) और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए दिए गए हैं. स्पेशल प्रोजेक्ट्स के लिए 4,104.39 करोड़ रुपए का कैपिटल खर्च प्रपोज किया गया है. आने वाले फिस्कल ईयर में इंटरनल टेम्पररी ट्रांसफर 13,765.74 करोड़ रुपए तय किए गए हैं.
कहां और कैसे होगी कमाई
रेवेन्यू की बात करें तो, BMC को 2026-27 में कुल 51,510.94 करोड़ रुपए की रेवेन्यू इनकम की उम्मीद है, जो 2025-26 के 43,159.40 करोड़ रुपए के बजट अनुमान से 19.35 प्रतिशत ज़्यादा है और 46,778.12 करोड़ रुपए के रिवाइज़्ड अनुमान से भी ज़्यादा है.
ऑक्ट्रोई खत्म करने के बदले मुआवजा सबसे बड़ा रेवेन्यू सोर्स बना हुआ है, और 2026-27 के लिए इसके 15,550.02 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जबकि 2025-26 में यह 14,398.16 करोड़ रुपए था.
31 जनवरी, 2026 तक इस मद में असल रसीदें 11,981.84 करोड़ रुपए थीं. डेवलपमेंट प्लान (DP) फीस और प्रीमियम 2026-27 में 12,050 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के 11,153.75 करोड़ रुपए के रिवाइज्ड अनुमान से ज़्यादा है.
प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्शन का बजट 2026-27 के लिए 7,000 करोड़ रुपए है, जबकि मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के लिए रिवाइज्ड अनुमान 6,200 करोड़ रुपए है.
दूसरे मुख्य योगदान देने वालों में पानी और सीवेज चार्ज, 2,393.46 करोड़ रुपए, इन्वेस्टमेंट पर ब्याज 2,572.23 करोड़ रुपए, सुपरविज़न चार्ज 3,298.45 करोड़ रुपए, और राज्य सरकार से 1,461.57 करोड़ रुपए का ग्रांट-इन-एड शामिल है.
बजट पेपर्स के मुताबिक, फायर ब्रिगेड डिपार्टमेंट से 827 करोड़ रुपए, सड़कों और पुलों से 575.66 करोड़ रुपए, अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों से 505.51 करोड़ रुपए, लाइसेंस डिपार्टमेंट से 381.55 करोड़ रुपए और “अन्य” से 4,895.49 करोड़ रुपए मिलने का अनुमान है.
बजट में 2026-27 के लिए 89.84 करोड़ रुपए का सरप्लस बताया गया है, जबकि 2025-26 के अनुमान में यह 60.65 करोड़ रुपए और मौजूदा फिस्कल ईयर के रिवाइज्ड अनुमान में 97.98 करोड़ रुपए था.



