शेयर बाजार में जब अनिश्चितता या गिरावट का माहौल बनता है, तो निवेशक आम तौर पर सुरक्षित निवेश के तौर पर सोना और चांदी की ओर रुख करते हैं. जियो-पॉलिटिकल तनाव के समय भी इनकी मांग बढ़ जाती है और कीमतों में तेजी देखने को मिलती है.
लेकिन इस बार हालात कुछ अलग नजर आ रहे हैं. अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात के बावजूद सोना-चांदी की कीमतों पर दबाव बना हुआ है. दूसरी तरफ दुनिया भर के शेयर बाजारों में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिल रही है.
शुक्रवार, 13 मार्च की सुबह जब भारतीय बाजार खुले तो दलाल स्ट्रीट पर भारी गिरावट देखने को मिली. बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों ही लाल निशान में फिसल गए. ऐसे समय में निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोना-चांदी में लगाते हैं, लेकिन इस बार कीमती धातुएं भी दबाव में दिख रही हैं. यानी इस बार बाजार का पारंपरिक गणित उल्टा पड़ता नजर आ रहा है, जहां शेयर बाजार की गिरावट के साथ-साथ सोना-चांदी भी निवेशकों को राहत नहीं दे पा रहे हैं. आइए समझते हैं कि ऐसा क्यों हो रहा है, इसके पीछे की वजह क्या है.
शेयर बाजार और बुलियन मार्केट में एक साथ गिरावट क्यों?
वैश्विक अनिश्चितताओं के इस दौर में आज दोपहर 2.06 बजे तक सोने के भाव में 1202 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी देखी गई. वहीं चांदी की चमक तो और भी ज्यादा फीकी रही, जहां प्रति किलो 5851 रुपये की गिरावट दर्ज की गई. अब सवाल यह उठता है कि जब मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ रहा है और विदेशी निवेशक (FIIs) शेयर बाजार से अपना बोरिया-बिस्तर समेट रहे हैं, तो सोने के दाम गिरने के बजाय बढ़ने चाहिए थे.
इस अजीबोगरीब स्थिति के पीछे सबसे बड़ी वजह ‘डॉलर इंडेक्स’ में आई मजबूती है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की कीमत बढ़ने का सीधा मतलब है कि अब सोना खरीदने के लिए आपको ज्यादा बड़ी कीमत चुकानी होगी, जिससे मांग में अस्थाई कमी आती है. युद्ध और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद डॉलर का मजबूत होना सोने की तेजी पर ब्रेक लगा रहा है. यही कारण है कि आज बाजार में ‘सेफ हेवन’ (सुरक्षित निवेश) की धारणा भी संघर्ष करती दिख रही है.
एमसीएक्स पर सोने-चांदी का क्या हाल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज सोने की ट्रेडिंग काफी उतार-चढ़ाव भरी रही. 10 ग्राम सोने की कीमत 1,59,059 रुपये के स्तर पर टिकी हुई है, जो पिछले बंद भाव से करीब 1200 रुपये नीचे है. सुबह के शुरुआती घंटों में सोने ने 1,58,746 रुपये का निचला स्तर छुआ, जबकि इसका ऊपरी स्तर 1,60,401 रुपये तक गया.
चांदी की बात करें तो इसकी स्थिति और भी नाजुक है. औद्योगिक मांग में कमी और वैश्विक दबाव के चलते 1 किलो चांदी 2,62,111 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रही है. गौर करने वाली बात यह है कि चांदी ने आज 2,60,752 रुपये का लो (Low) बनाया है, जो दिखाता है कि बाजार में इस वक्त बिकवाली का दबाव कितना गहरा है.



