AAP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि आज संसद में ‘जीरो आवर’ के दौरान मैंने इस्तेमाल न हुए मोबाइल डेटा को आगे ले जाने से जुड़ा एक मुद्दा उठाया. यूजर्स के लिए मोबाइल डेटा रोलओवर की अनुमति होनी चाहिए.
साथ ही यूजर्स के बीच मोबाइल डेटा ट्रांसफर की अनुमति भी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि ये मुद्दा देश के लोगों और आपसे जुड़ा हुआ है.
राघव ने बताया कि अपने प्लान के मुताबिक, हर दिन की डेली डेटा लिमिट मिलती है, जो डेढ़, 2 जीबी के रूप में होती है. लेकिन जैसे ही रात 12 बजते हैं जितना बचा हुआ डेटा है वो भी एक्सपायर हो जाता है. उसे अगले दिन के लिए कैरी फॉरवर्ड नहीं किया जाता है. राघव चड्ढा ने कहा कि आपसे पैसा तो पूरे डेटा का लिया जाता है लेकिन जितना बचा हुआ डेटा है वो कंपनियां खुद सेव कर लेती हैं.
पेट्रोल का दिया उदाहरण
राघव ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह से महीने का पेट्रोल भराने पर अगर 15 में से 5 लीटर पेट्रोल बचा रह जाता है तो पेट्रोल पंप का मालिक तो ये नहीं कहता कि बचा हुआ 5 लीटर का पेट्रोल वापस कर दो. जिस तरह से आप पूरा पेट्रोल इस्तेमाल करेंगे ठीक उसी तरह से डेटा को भी पूरी तरह से इस्तेमाल करने का भी अधिकार है. उन्होंने कहा कि इसलिए डेटा रोल ओवर की भी अनुमति दी जानी चाहिए.
दुनिया के इन देशों में है
उन्होंने कहा कि जो एक दिन के डेटा को इस्तेमाल नहीं कर पाए हैं वो अगले दिन के डेटा लिमिट में जुड़ जाना चाहिए. एक्सपायर नहीं होना चाहिए. दुनिया के कई देशों अमेरिका, यूरोप, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया में रोलवोर किया जाता है और इसकी अनुमति है. उन्होंने कहा कि एक मांग और ये है कि जैसे हम एक दूसरे के फोन में पैसा ट्रांसफर करते हैं वैसे डेटा ट्रांसफर करना भी अलाऊ होना चाहिए.



