Baramati Bypoll 2026: महाराष्ट्र की हाई-प्रोफाइल बारामती विधानसभा उपचुनाव इस बार खासा दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण बन गया है। अजित पवार के निधन के बाद खाली हुई बारामती विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर महायुति को शुरुआत में उम्मीद थी कि सुनेत्रा पवार को निर्विरोध जीत मिलेगी, सहानुभूति दिलाएगा।
लेकिन, यह आकलन गलत साबित हुआ, विपक्षी-निर्दलीय सक्रियता ने समीकरण बदल दिए।
उपमुख्यमंत्री और एनसीपी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार के लिए यह मुकाबला 2024 के चुनाव से कहीं ज़्यादा कठिन हो गया है। चुनाव आयोग के आंकड़ों मुताबिक, इस उपचुनाव के लिए कुल 53 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है, जो 2024 में अजित पवार के खिलाफ उतरे 23 प्रत्याशियों से दोगुने से भी अधिक हैं।
वहीं कांग्रेस ने आकाश मोरे (धनगर समुदाय) को मैदान में उतारकर जातीय कार्ड खेला, जिससे राजनीतिक समीकरण जटिल हो गए। इसके अलावा करुणा मुंडे और अभिजीत बिचुकले जैसे चर्चित नाम भी मैदान में उतरकर मुकाबले को बहुकोणीय बना रहे हैं।
सुनेत्रा पवार के अरमान पर फिरा पानी
महाविकास अघाड़ी (MVA) के घटक दलों, शरद पवार की एनसीपी (SP) और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) ने अजित पवार के सम्मान में कोई उम्मीदवार नहीं उतारा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ‘निर्विरोध’ चुनाव की अपील को दरकिनार कर कांग्रेस ने अलग राह चुनकर आकाश मोरे को मैदान में उतारा है। 53 उम्मीदवारों का मैदान में उतरना बारामती में राजनीतिक घमासान और कठिन हो गया है।
Sunetra Pawar vs 53 Candidates: सुनेत्रा पवार को चुनौती दे रहे 53 उम्मीदवार
28 जनवरी 2026 को तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान दुर्घटना में निधन के बाद बारामती की सीट खाली हुई है। 2024 के विधानसभा चुनाव में बारामती से जीत दर्ज की थी, तब उनके विरोध में कुल 23 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे और अजित पवार ने सभी को हराते हुए लगातार आठवीं बार ये चुनाव जीता था। वहीं इस बार सुनेत्रा पवार को टक्कर देने के लिए चुनाव मैदान में 53 उम्मीदवार है।
सीएम फडणवीस से मिली सुनेत्रा पवार
यह लड़ाई अब अपेक्षा से कहीं अधिक कठिन है। इस राजनीतिक पृष्ठभूमि पर नई रणनीति बनाने के लिए सुनेत्रा पवार ने हाल ही में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर चर्चा की। इस भेंट में, राज्यसभा सांसद पार्थ पवार भी साथ थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने सुनेत्रा पवार को आश्वासन दिया कि भाजपा ‘बड़े भाई’ के रूप में मजबूती से खड़ी रहेगी; उनकी जीत सुनिश्चित करने को सभी आवश्यक सहायता व सहयोग का वादा किया।
क्या अजित पवार का बारामती जीत पाएंगी सुनेत्रा पवार?
बारामती में राजनीतिक वर्चस्व कायम रखने के लिए स्वर्गीय अजित पवार के निधन पश्चात् सुनेत्रा पवार ने राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा देकर उपमुख्यमंत्री का पद संभाला। वे इसी रिक्त विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रही हैं, जिसके लिए 6 अप्रैल को नामांकन दाखिल किया। महायुति और एनसीपी को उम्मीद है कि सुनेत्रा पवार को अजित पवार के समर्थकों का सहानुभूति वोट मिलेगा। याद रहे अजित पवार बारामती से 2024 तक लगातार 8 बार विधायकी का चुनाव जीतते रहे।
महायुति के नेता निर्दलीय और छोटे दलों के उम्मीदवारों को मनाने में जुटे हैं ताकि वोटों का बिखराव रोका जा सके। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 9 अप्रैल 2026 है। यदि अधिकांश प्रत्याशी मैदान में डटे रहते हैं, तो सुनेत्रा पवार के लिए मतदाताओं को एकजुट करना बड़ी चुनौती होगी।
कब होगा बारामती उपचुनाव?
उपचुनाव के लिए मतदान 23 अप्रैल को होगा और नतीजे 4 मई को घोषित होंगे। करुणा मुंडे व अभिजीत बिचुकले समेत कुल 55 उम्मीदवार मैदान में उतरने से मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।



