नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में आज भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई।
इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने भारत और बांग्लादेश के पुराने और भरोसेमंद रिश्तों को और गहरा करने पर जोर दिया।
डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि बातचीत काफी सकारात्मक रही, जिसमें आपसी सहयोग और विकास के नए रास्तों पर चर्चा की गई। यह बैठक न केवल दोनों देशों के बीच की दोस्ती को दर्शाती है, बल्कि दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने के साझा संकल्प को भी मजबूत करती है।
आपसी रिश्तों में मजबूती
बैठक का मुख्य केंद्र दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाना था। डॉ. जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना दोनों की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हम अपने संबंधों को और भी विविध बनाना चाहते हैं ताकि आम नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिल सके।
क्षेत्रीय और ग्लोबल मुद्दों पर चर्चा
नेताओं ने केवल अपने देशों की बात नहीं की, बल्कि आस-पड़ोस और दुनिया में हो रही हलचल पर भी विचार साझा किए। दक्षिण एशिया की सुरक्षा और वैश्विक स्तर पर बदलती परिस्थितियों को लेकर दोनों मंत्रियों ने लंबी बात की। उनका मानना है कि क्षेत्रीय शांति के लिए दोनों देशों का एक साथ मिलकर सोचना और कदम उठाना बेहद जरूरी है।
कनेक्टिविटी और व्यापार पर जोर
भारत और बांग्लादेश के बीच सामानों की आवाजाही को आसान बनाने और लोगों के आपसी संपर्क को बेहतर करने पर विशेष चर्चा हुई। सीमाओं पर व्यापार की सुविधाओं को सुधारने और नए रेल व सड़क मार्गों के विकास पर सहमति बनी। इससे न केवल आर्थिक लाभ होगा, बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव भी और गहरा होगा।
भविष्य का साझा रास्ता
अंत में, दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि वे भविष्य में भी इसी तरह घनिष्ठ संपर्क बनाए रखेंगे। डॉ. जयशंकर ने मेहमान प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि नियमित बातचीत से छोटी-मोटी समस्याओं को सुलझाने और बड़े लक्ष्यों को पाने में मदद मिलती है। दोनों देश आने वाले समय में कई साझा प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू करने के लिए तैयार हैं।



