बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर जारी सियासी हलचल के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जल्द इस्तीफा देने की चर्चा तेज हो गई है। 13 अप्रैल को कैबिनेट की आखिरी बैठक मानी जा रही है और 14 अप्रैल के आसपास उनके इस्तीफे की संभावना जताई जा रही है।
अनुमान है कि 5-6 दिनों के भीतर नई सरकार बन जाएगी और 15 अप्रैल के आसपास बिहार को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है। जानकारी के अनुसार, एनडीए विधायक दल की बहुप्रतीक्षित बैठक जल्द ही बुलाई गई है, जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
इसी बैठक के बाद यह साफ हो जाएगा कि बिहार में सत्ता की कमान किस नेता के हाथ में जाएगी। इस बीच लोजपा (रामविलास) प्रमुख एवं केन्द्रीय मंत्री चिराग पासवान से जब मीडिया ने नए मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर सवाल किया तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सभी निर्णय समय पर और प्रक्रिया के अनुसार होंगे।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि किसी तरह की अनिश्चितता की स्थिति नहीं है और गठबंधन के भीतर सब कुछ नियंत्रण में है। चिराग पासवान ने कहा कि नई सरकार के गठन की प्रक्रिया को लेकर सभी दलों में सहमति बन चुकी है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी निश्चित तारीख या समय की घोषणा नहीं कर सकते, लेकिन अंतिम बैठक कल(रविवार को) होने वाली है।
चिराग पासवान ने कहा मुख्यमंत्री पद का दावेदार नहीं हूं। उन्होंने कहा कि गठबंधन के बड़े दल भाजपा, जदयू और गठबंधन के घटक दलों की बैठक होगी। आज एक नए बिहार की इमारत बन रही है। उसकी नींव नीतीश कुमार ने रखी है। जंगल राज से निकाल कर बिहार को लाया। नया चेहरा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सोच और सबको लेकर चलने वाली सोच वाला चेहरा होगा।
सिर्फ चेहरा बदला जा रहा है मंत्रिमंडल का स्वरूप वही होगा। संभवत: कुछ पुराने चेहरे बदलकर नए चेहरे आ सकते हैं, लेकिन जिस तरह सरकार का गठन पहले हुआ था उसी तरह से नए नेतृत्व के तहत सरकार का गठन हो सकता है। चिराग पासवान ने कहा कि बातचीत निरंतर चल रही है। कई प्रक्रिया है जिसका पालन करना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ लिया। उसके बाद बिहार में कैबिनेट की बैठक होगी। अंतिम स्वरूप तमाम चीज हैं, बहुत जल्द नए मुख्यमंत्री और नई सरकार का गठन बिहार में हो जाएगा। कोई तारीख पर चर्चा नहीं करूंगा, लेकिन बहुत जल्द इस प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि आने वाली एनडीए विधायक दल की बैठक में न सिर्फ नए मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला होगा।
बल्कि नई सरकार के स्वरूप और मंत्रिमंडल के संभावित चेहरों पर भी चर्चा की जाएगी। माना जा रहा है कि इस बार सरकार में कुछ नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है, जबकि पुराने और अनुभवी नेताओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण बनी रहेगी। बता दें कि शनिवार सुबह जदयू में हलचल तब और बढ़ गई जब पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और मंत्री विजय कुमार चौधरी मुख्यमंत्री आवास पहुंचे।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, करीब दो घंटे चली इस अहम बैठक में नए मंत्रिमंडल के स्वरूप पर भी मंथन हुआ। खास तौर पर युवा चेहरों को शामिल करने पर चर्चा हुई। उधर, भाजपा भी पूरी तरह सक्रिए हो गई है। पटना में पार्टी की अहम बैठक होने वाली है, जिसमें बिहार प्रभारी विनोद तावड़े शामिल होंगे।
इस बैठक में मुख्यमंत्री के नए चेहरे और सरकार गठन की रणनीति पर चर्चा हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक, बिहार में नई सरकार के नेतृत्व को लेकर लगभग सभी अहम फैसले पहले ही दिल्ली स्तर पर तय किए जा चुके हैं। अब केवल औपचारिक घोषणा बाकी है, जो पटना में होने वाली विधायक दल की बैठक में की जाएगी।
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी तरह से तय रोडमैप के तहत आगे बढ़ रही है। सियासत के जानकारों का मानना है कि यह बदलाव केवल चेहरा परिवर्तन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकार की कार्यशैली और प्राथमिकताओं में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में और भी बड़े राजनीतिक घटनाक्रम सामने आ सकते हैं, जिन पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।



