Kerala Elections 2026: चुनाव आयोग ने शुक्रवार को कहा कि केरल में नौ अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में पड़े वोटों की गणना से संबंधित सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं. केरल में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद अब सबकी निगाहें 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हुई है. अधिकतर एग्जिट पोल में केरल में कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की धमाकेदार जीत नजर आ रही है. इसके साथ ही कांग्रेस के भीतर केरल के सीएम को लेकर हलचल भी तेज हो गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने कहा कि अगर केसी वेणुगोपाल केरल के मुख्यमंत्री बनने में रुचि रखते हैं तो विधानसभा चुनाव में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की जीत होने पर उन्हें आवश्यक प्रक्रिया से गुजरना होगा.
केरल में सीएम को लेकर क्या बोले कांग्रेस नेता
केरल के पूर्व प्रभारी और बिहार के कटिहार से सांसद तारिक अनवर ने विश्वास जताया कि यूडीएफ केरल में जीत हासिल करेगा और एग्जिट पोल से यह स्पष्ट है. उन्होंने शुक्रवार (1 मई 2026) को कहा, ‘केरल में कांग्रेस की जीत होगी इसमें कोई संदेह नहीं है.’ उन्होंने कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में पूछे जाने पर कहा कि पार्टी का आला कमान ही सत्ता संभालने के लिए उपयुक्त व्यक्ति का चयन करेगा. तारिक अनवर ने प्रक्रिया का विवरण देते हुए कहा कि आला कमान एक पर्यवेक्षक नियुक्त करेगा, जो विधायक दल की बैठक बुलाएगा और अगर चर्चा के बाद मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार पर सहमति बन जाती है तो इसकी सूचना अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) को दी जाएगी. उन्होंने कहा, ‘आला कमान अंतिम निर्णय लेगा.’ यह पूछने पर कि क्या विधानसभा चुनाव न लड़ने के बावजूद वेणुगोपाल मुख्यमंत्री बन सकते हैं, जिसपर अनवर ने कहा कि अगर कांग्रेस के महासचिव (संगठन) इच्छुक हैं, तो उन्हें आवश्यक प्रक्रिया का पालन करना होगा. उन्होंने कहा, ‘अगर विधायक दल, आला कमान को अंतिम निर्णय लेने का अधिकार देता है, तो इस पर विचार किया जाएगा.’
वोटों की गिनती की प्रक्रिया पूरी: चुनाव आयोग
चुनाव आयोग ने शुक्रवार को कहा कि केरल में नौ अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में पड़े वोटों की गणना से संबंधित सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं. केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) रतन यू. केलकर ने एक बयान में कहा कि मतगणना चार मई को सुबह आठ बजे 43 स्थानों पर स्थित 140 केंद्रों पर शुरू होगी और इस प्रक्रिया में कुल 15,465 कर्मी शामिल होंगे. उन्होंने बताया कि इन कर्मियों में 140 चुनाव अधिकारी (आरओ), 1,340 सहायक चुनाव अधिकारी, 4,208 पर्यवेक्षक, 4,208 मतगणना सुपरवाइजर और 5,563 मतगणना सहायक शामिल हैं. सीईओ ने बताया कि वोटों की गिनती डाक मतपत्रों से शुरू होगी और एक चरण में अधिकतम 14 बूथों की ईवीएम की गिनती की जाएगी. उन्होंने कहा कि जिन कक्षों में मतदान सामग्री रखी गई है, उन्हें उम्मीदवारों या उनके अधिकृत प्रतिनिधियों, भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक और संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में खोला जाएगा और इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी.



