Home प्रदेश सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी” छात्र प्रदर्शनों में संयम बरतने की दी सलाह…

सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी” छात्र प्रदर्शनों में संयम बरतने की दी सलाह…

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि छात्र प्रदर्शनों के दौरान कानून प्रवर्तन एजेंसियों को संयम से काम लेना चाहिए, क्योंकि अधिकारियों की हिंसक प्रतिक्रिया स्थिति को और बिगाड़ सकती है।

यह टिप्पणी उस याचिका की सुनवाई के दौरान की गई, जिसमें दिल्ली और अन्य क्षेत्रों में छात्र प्रदर्शनों के दौरान हुई हालिया हिंसा, जिसमें पत्थरबाजी की घटनाएं भी शामिल थीं, पर चर्चा की गई। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता में बेंच ने इस मामले को दिल्ली और अन्य राज्यों में छात्र विरोध प्रदर्शनों से संबंधित लंबित याचिकाओं के साथ जोड़ते हुए कहा कि सभी मुद्दों पर एक साथ सुनवाई की जाएगी।

CJI ने सुरक्षा बलों से संयम बरतने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण मार्च के दौरान सुरक्षा बलों को भी संयमित रहना चाहिए। अधिकारियों को सावधानी से कार्य करना चाहिए ताकि युवा हिंसा में न पड़ें। हिंसक प्रतिक्रिया से स्थिति और बिगड़ सकती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उनकी बात सुनी जाए। कोर्ट ने चेतावनी दी कि एक खतरनाक मिसाल कायम होने से बचना चाहिए और युवाओं की बातों को ध्यान से सुनना चाहिए ताकि और हिंसा न हो। बेंच ने कहा कि हिंसक प्रतिक्रिया से हालात और बिगड़ेंगे। यह समझना आवश्यक है कि वे क्या कह रहे हैं और क्यों विरोध कर रहे हैं।

NEET-UG पेपर लीक विवाद के खिलाफ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने 20 जुलाई को ‘चलो संसद’ मार्च का आयोजन किया था, जिसमें लाखों छात्र प्रभावित हुए थे। इस मार्च के दौरान हिंसा हुई, और जंतर-मंतर तथा उसके आसपास कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़पें हुईं। दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस हंगामे में 65 से अधिक प्रदर्शनकारी और 200 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा प्लास्टिक पेलेट्स के इस्तेमाल का मामला बाद में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया, क्योंकि कई प्रदर्शनकारियों को गंभीर चोटें आई थीं।