मौसम विभाग (IMD) ने अगले पांच दिनों तक प्रदेश में बारिश, गरज-चमक और अंधड़ चलने की संभावना जताते हुए चेतावनी जारी की है।
गर्मी के बीच शुक्रवार को बिलासपुर जिले में मौसम ने अचानक करवट ले ली। सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और शहर के कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई। मौसम बदलने से लोगों को तेज गर्मी और उमस से राहत मिली। पिछले कुछ दिनों से पड़ रही झुलसाने वाली गर्मी के बाद मौसम सुहाना होने से लोगों ने राहत महसूस की।
मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को बिलासपुर का अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री रहा, जो सामान्य से करीब 5.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। सुबह बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई। सुबह के समय मौसम का असर अधिक देखने को मिला, जब शहर में हल्की बूंदाबांदी के साथ ठंडी हवा चलती रही।
द्रोणिका के कारण बदल रहा मौसम
मौसम वैज्ञानिक डॉ. एचपी चंद्रा ने बताया कि एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उससे लगे उत्तराखंड के ऊपर सक्रिय है। वहीं विभिन्न क्षेत्रों में द्रोणिका और हवा की अनियमित गति का असर भी बना हुआ है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में मौसम बदला है। विभाग ने शनिवार 9 मई को प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और अंधड़ चलने की संभावना जताई है। साथ ही एक-दो स्थानों पर वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है।
11 मई के बाद गरज-चमक की गतिविधियों में कमी आएगी
प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि अगले पांच दिनों तक कई इलाकों में बादल छाए रहने और मेघगर्जन की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि 11 मई के बाद गरज-चमक की गतिविधियों में कमी आ सकती है।
प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 41 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.9 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया है। रायपुर में अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री, सुकमा में 38.8, बिलासपुर में 37.4 और जगदलपुर में 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बारिश होते ही गुल हुई बिजली
हालांकि बारिश और तेज हवा के चलते शहर के कई इलाकों में बिजली व्यवस्था प्रभावित हो गई। बूंदाबांदी शुरू होते ही कई मोहल्लों में बिजली बंद हो गई, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर सुबह के समय बिजली कटौती होने से घरों और दुकानों में काम प्रभावित रहा।



