पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को ध्यान में रखते हुए ईंधन के समझदारी से इस्तेमाल की पीएम मोदी की अपील के बाद अब UP CM योगी आदित्यनाथ में WFH के निर्देश जारी किए हैं.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार (12 मई, 2026) को वैश्विक तेल संकट और बढ़ते ऊर्जा संकट के बीच ईंधन की खपत को कम करने के लिए हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने की बड़ी घोषणा की है.
साथ ही उन्होंने प्रदेश की जनता से भी प्रधानमंत्री की अपील में शामिल होने का आग्रह किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मितव्ययिता और ऊर्जा संरक्षण के आह्वान के बाद मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव, DGP और विभिन्न विभागों के सभी अपर मुख्य सचिवों तथा प्रमुख सचिवों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये निर्देश दिए.
काफिलों में भी 50 परसेंट की कटौती
उन्होंने मुख्यमंत्री, मंत्रियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के सरकारी वाहनों के काफिलों (फ्लीट) में तत्काल प्रभाव से 50 परसेंट कटौती किए जाने की भी बात कही.
एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ”मुख्यमंत्री ने राज्य में ‘वर्क-फ्रॉम-होम’ (घर से काम करने) की संस्कृति को प्राथमिकता देने की भी अपील की.उन्होंने PNG, मेट्रो सेवाओं, सार्वजनिक परिवहन और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम द्वारा संचालित बसों के उपयोग पर विशेष जोर दिया. जिन कार्यस्थलों पर कर्मचारियों की संख्या अधिक है, वहां राज्य-स्तरीय परामर्श जारी किया जाना चाहिए, जिसमें सप्ताह में दो दिन ‘वर्क-फ्रॉम-होम’ (घर से काम) करने की अनुशंसा की जाए.
शिक्षा विभाग के सेमिनार, बैठकें और कार्यशालाएं तथा अन्य आधिकारिक बैठकें भी वर्चुअल माध्यम से आयोजित की जानी चाहि ए. राज्य सचिवालय और निदेशालय स्तर पर होने वाली आंतरिक बैठकों में से 50 प्रतिशत बैठकें भी वर्चुअल माध्यम से ही आयोजित की जानी चाहिए.”
2 दिन का हाइब्रिड मॉडल
नोएडा, गाजियाबाद और लखनऊ जैसे प्रमुख शहरों में स्थित IT कंपनियों, बड़े स्टार्टअप्स और इंडस्ट्रियल यूनिट्स को सलाह दी गई है कि वे अपने कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन वर्क-फ्रॉम-होम करने की सुविधा दें. साथ ही आम नागरिकों के लिए साप्ताहिक स्तर पर हफ्ते में एक दिन ‘नो-व्हीकल डे’ के रूप में प्रस्तावित किया गया है. इस अभियान से सरकारी कर्मचारियों, स्टूडेंट्स और आम नागरिकों को जोड़ने की योजना है ताकि निजी वाहनों का इस्तेमाल न्यूनतम किया जा सके.
कारपूलिंग और EV को बढ़ावा
कंपनियों को अपने स्तर पर कर्मचारियों के लिए कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के उपयोग को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए हैं.



