खाद्य विभाग के मुताबिक वर्तमान में प्रदेश में 3.94 करोड़ लीटर पेट्रोल और 8.09 करोड़ लीटर डीजल का स्टॉक मौजूद है, जबकि सभी जिलों में नियमित आपूर्ति जारी है। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कमी की अफवाहों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि राज्य में ईंधन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। खाद्य विभाग के मुताबिक वर्तमान में प्रदेश में 3.94 करोड़ लीटर पेट्रोल और 8.09 करोड़ लीटर डीजल का स्टॉक मौजूद है, जबकि सभी जिलों में नियमित आपूर्ति जारी है।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से पेट्रोल-डीजल की पैनिक खरीदी या भंडारण न करें। प्रदेशभर में 2516 पेट्रोल पंपों के जरिए सामान्य रूप से ईंधन वितरण किया जा रहा है।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रबी फसल की कटाई और खरीफ सीजन की तैयारी के चलते डीजल की मांग बढ़ी है। इसे देखते हुए रायपुर के लखौली और मंदिर हसौद सहित कोरबा के गोपालपुर डिपो से लगातार सप्लाई की जा रही है। केवल 22 मई को ही राज्य को 21.83 लाख लीटर पेट्रोल और 1.29 करोड़ लीटर डीजल प्राप्त हुआ है।
ईंधन आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा के लिए 20 मई को ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक भी आयोजित की गई थी। बैठक में निर्देश दिए गए कि जिन पेट्रोल पंपों पर स्टॉक कम हो रहा है, वहां तुरंत सप्लाई पहुंचाई जाए ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इधर राज्य शासन ने 22 मई से पेट्रोल पंपों पर ड्रम और जरीकेन में पेट्रोल-डीजल देने पर रोक लगा दी है। हालांकि किसानों और कलेक्टर द्वारा चिन्हित आवश्यक सेवाओं को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। सरकार का कहना है कि यह फैसला ईंधन की सुचारु उपलब्धता बनाए रखने और अनावश्यक भंडारण रोकने के लिए लिया गया है।



