दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली. गुरुवार (4 जून) को दोपहर के बाद तेज हवाएं चलनी शुरू हुईं और उसके बाद तेज बारिश हुई. दिन के समय ही काले बादलों ने अंधेरा कर दिया. मौसम विभाग ने 4 जून और 5 जून के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग ने अगले 2 घंटों के दौरान दिल्ली में नरेला, अलीपुर, बुराड़ी, बादली, मॉडल टाउन, करावल नगर, आज़ादपुर, दिल्ली विश्वविद्यालय, सिविल लाइंस, दिलशाद गार्डन, सीमापुरी, कश्मीरी गेट, सीलमपुर, शाहदरा, विवेक विहार, लाल किला और एनसीआर (लोनी देहात) में मध्यम बारिश और बिजली गिरने, 30-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा ओलावृष्टि/तूफान आने का अनुमान जताया.
इस साल कितनी होगी बारिश?
पिछले सप्ताह मौसम विभाग ने मौसमी वर्षा के अपने पूर्वानुमान में संशोधन करते हुए कहा था कि इस वर्ष बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है. आईएमडी के अनुसार, इस साल देश में मौसमी वर्षा, दीर्घकालिक औसत (एलपीए) की लगभग 90 फीसदी रहने की संभावना है. एलपीए का मतलब किसी विशेष क्षेत्र में किसी निर्धारित अवधि जैसे एक महीने या मौसम के दौरान लंबे समय आमतौर पर 30 से 50 वर्षों में दर्ज औसत वर्षा से है.
देशभर में मौसमी वर्षा का दीर्घकालिक औसत (एलपीए) 1971 से 2020 के आंकड़ों के आधार पर 87 सेंटीमीटर है. यदि मानसून के दौरान वर्षा एलपीए के 90 प्रतिशत से कम रहती है, तो आईएमडी उसे ‘अल्प वर्षा’ की श्रेणी में रखता है.
अल नीनो की स्थिति सामान्य से कम वर्षा की संभावित
सामान्य से कम वर्षा की संभावित वजहों में से एक अल नीनो की स्थिति का विकसित होना हो सकता है, क्योंकि इसके प्रभाव से भारत में मानसून के दौरान बारिश कम होती है.
फिलहाल भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में तटस्थ अल नीनो-दक्षिणी दोलन की स्थिति अल नीनो की ओर बढ़ रही है. अल नीनो की स्थिति बनने से देश में मानसून वर्षा कम हो जाती है. आईएमडी ने कहा कि जून में अल नीनो की स्थिति कमजोर रहने की संभावना है, जबकि सितंबर तक इसके मध्यम से मजबूत होने की आशंका है.
बता दें कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गुरुवार को केरल में दस्तक दे दी. आमतौर पर मानसून एक जून के आसपास केरल पहुंचता है, जो दक्षिण-पश्चिम मानसून ऋतु (जून से सितंबर) की शुरुआत का संकेत माना जाता है. इससे पहले मौसम विभाग ने अनुमान लगाया था कि मानसून 26 मई को केरल पहुंचेगा.



