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राज्यसभा में NDA की नजर दो-तिहाई बहुमत पर, 24 सीटों से कितना बदलेगा समीकरण, किसकी बढ़ेगी ताकत?

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18 जून को 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने जा रहे हैं, जिनके नतीजे उसी दिन आने की संभावना है.यह चुनाव एनडीए के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है

देश के 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा. संभावना है कि वोटिंग के बाद उसी दिन चुनाव परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे. यह चुनाव केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. मौजूदा आंकड़ों के अनुसार एनडीए राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े से अभी 15 सांसद दूर है. ऐसे में सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दल इस चुनाव में कितनी सीटें अपने नाम कर पाते हैं.

राज्यसभा में क्या है मौजूदा गणित?

245 सदस्यीय राज्यसभा में इस समय एनडीए के पास कुल 148 सांसद हैं. इनमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी भारतीय जनता पार्टी की है, जिसके 113 सदस्य उच्च सदन में मौजूद हैं. दो-तिहाई बहुमत के लिए एनडीए को अभी 15 और सांसदों की जरूरत है. किसी भी संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत महत्वपूर्ण माना जाता है. हालांकि राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस चुनाव के बाद भी एनडीए का दो-तिहाई बहुमत तक पहुंचना आसान नहीं होगा, लेकिन कई राज्यों में उसकी स्थिति मजबूत हो सकती है.

किन राज्यों में हो रहे हैं चुनाव?

इस बार आंध्र प्रदेश और गुजरात की 4-4 सीटों पर चुनाव होंगे. वहीं मध्य प्रदेश और राजस्थान में 3-3 सीटों पर मतदान कराया जाएगा. इसके अलावा मणिपुर और मेघालय में 1-1 सीट, झारखंड में 2 सीट, अरुणाचल प्रदेश में 1 सीट, कर्नाटक में 4 सीट और मिजोरम में 1 सीट पर चुनाव होगा. साथ ही राज्यसभा की 2 सीटों पर उपचुनाव भी कराए जाएंगे.

कर्नाटक में मुकाबला दिलचस्प

कर्नाटक में राज्यसभा की चार सीटों पर चुनाव होना है. मौजूदा राजनीतिक समीकरणों के अनुसार एनडीए के खाते में एक सीट जाना लगभग तय माना जा रहा है. वहीं कांग्रेस दो सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है. चौथी सीट को लेकर मुकाबला रोचक माना जा रहा है और इसका फैसला विधायकों के मतदान के रुख पर निर्भर करेगा.

आंध्र प्रदेश में एनडीए की मजबूत स्थिति

आंध्र प्रदेश की 175 सदस्यीय विधानसभा में तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के पास 135 विधायक हैं. जन सेना पार्टी के 21 विधायक हैं, जबकि भाजपा के पास 8 विधायक हैं. दूसरी ओर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के पास 11 विधायक हैं. इस प्रकार एनडीए के पास कुल 164 विधायकों का समर्थन है. ऐसे में माना जा रहा है कि गठबंधन राज्यसभा की सभी चार सीटों पर जीत दर्ज कर सकता है.

गुजरात में भाजपा को सभी सीटों की उम्मीद

गुजरात विधानसभा में कुल 182 सदस्य हैं. इनमें भाजपा के पास 161 विधायकों का मजबूत बहुमत है. इस संख्या बल के आधार पर भाजपा को राज्यसभा की चारों सीटों पर जीत मिलने की पूरी उम्मीद है. पार्टी के लिए यहां मुकाबला काफी आसान माना जा रहा है.

राजस्थान में भाजपा और कांग्रेस के बीच बंट सकता है समीकरण

राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सदस्य हैं. भाजपा के पास 115 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के खाते में 69 विधायक हैं. मौजूदा संख्या बल के आधार पर माना जा रहा है कि भाजपा दो सीटें जीत सकती है, जबकि एक सीट कांग्रेस के खाते में जा सकती है.

मध्य प्रदेश में भी भाजपा को बढ़त

मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के नतीजे भी काफी हद तक स्पष्ट नजर आ रहे हैं. विधानसभा में भाजपा के मजबूत संख्या बल को देखते हुए पार्टी दो सीटें जीत सकती है. वहीं एक सीट कांग्रेस के खाते में जाने की संभावना जताई जा रही है.

झारखंड में रणनीति पर टिकी नजर

झारखंड में इस समय इंडिया गठबंधन की सरकार है. राज्य की 81 सदस्यीय विधानसभा में इंडिया गठबंधन के पास 56 विधायक हैं, जबकि एनडीए के पास 24 विधायक हैं. संख्या बल के आधार पर दोनों सीटें सत्तारूढ़ गठबंधन के खाते में जाती दिख रही हैं. हालांकि राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि रणनीतिक मतदान के जरिए एनडीए एक सीट पर मुकाबला दिलचस्प बना सकता है.

दोतिहाई बहुमत की ओर एनडीए की नजर

राज्यसभा चुनाव के नतीजे भले ही एनडीए को तत्काल दो-तिहाई बहुमत तक न पहुंचाएं, लेकिन कई राज्यों में बेहतर प्रदर्शन उसे उच्च सदन में और मजबूत स्थिति दिला सकता है. ऐसे में 18 जून का चुनाव केवल सीटों की संख्या का नहीं, बल्कि आने वाले राजनीतिक समीकरणों और संसद में शक्ति संतुलन का भी महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है.