इंदौर के जिम्मी मगिलिगन सेंटर में नर्सिंग छात्रों ने सस्टेनेबल जीवनशैली के महत्व को समझने के लिए एक विशेष एजुकेशनल टूर का अनुभव किया। इस कार्यक्रम में छात्रों ने पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों, जैसे सोलर कुकिंग और ऑर्गेनिक खेती, के बारे में जानकारी प्राप्त की। डॉ. जनक पलटा मगिलिगन ने छात्रों को सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लाभों के बारे में बताया। यह अनुभव छात्रों के लिए प्रेरणादायक रहा और उन्हें पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी का एहसास दिलाया।
सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर एजुकेशनल टूर
ग्लोबल वार्मिंग, प्रदूषण और पर्यावरणीय असंतुलन के मुद्दों के बीच, इंदौर के जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट में एक विशेष शैक्षणिक यात्रा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नर्सिंग के छात्रों ने पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली के विभिन्न पहलुओं को समझा।
इस एजुकेशनल एक्सपोज़र प्रोग्राम में सेंट फ्रांसिस कॉलेज ऑफ नर्सिंग के 41 छात्रों ने भाग लिया। उन्होंने सस्टेनेबिलिटी, रिन्यूएबल एनर्जी और जीरो-वेस्ट लाइफस्टाइल के व्यावहारिक मॉडल का अवलोकन किया और महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
डॉ. जनक पलटा मगिलिगन का संवाद
कार्यक्रम के दौरान, डॉ. जनक पलटा मगिलिगन, जो पद्मश्री सम्मानित हैं, ने छात्रों के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे सस्टेनेबल डेवलपमेंट के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जा सकता है।
उन्होंने सोलर थर्मल कुकिंग और बायोगैस एनर्जी जैसी तकनीकों के लाभों पर चर्चा की, जो न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद हैं, बल्कि घरेलू खर्च को भी कम करती हैं।
छात्रों ने व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त किया
दौरे के दौरान, छात्रों ने ऑर्गेनिक खेती और प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर आधारित जीवनशैली का अवलोकन किया। सेंटर में विभिन्न प्रकार की फसलों की खेती की जा रही है, जिसमें अनाज, दालें, फल और औषधीय पौधे शामिल हैं।
छात्रों ने सीखा कि कैसे प्राकृतिक शक्तियों का उपयोग करके एक केमिकल-फ्री जीवन जीया जा सकता है।
सोलर एनर्जी और जीरो-वेस्ट सिस्टम
कार्यक्रम में छात्रों को हाइब्रिड सोलर-विंड पावर स्टेशन और विभिन्न सोलर कुकिंग सिस्टम दिखाए गए। इनमें बॉक्स कुकर और पैराबोलिक कुकर शामिल थे, जो सूर्य की दिशा के अनुसार घूमते हैं।
छात्रों को जीरो-वेस्ट और प्लास्टिक-मुक्त जीवनशैली के लाभ भी समझाए गए, जिससे पर्यावरण को बेहतर बनाने की दिशा में कदम उठाने की प्रेरणा मिली।
इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र
कार्यक्रम के अंत में एक इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने सस्टेनेबल तकनीकों और पर्यावरणीय चुनौतियों पर सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने उनके सवालों का विस्तार से उत्तर दिया।
डॉ. मगिलिगन की पर्यावरण सेवा यात्रा
डॉ. जनक पलटा मगिलिगन ने अपनी 42 वर्षों की पर्यावरण सेवा यात्रा साझा की। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने एक ऐसा केंद्र विकसित किया, जहां लोग प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जी सकते हैं।
छात्रों के लिए प्रेरणादायक अनुभव
कार्यक्रम के अंत में, फैकल्टी सदस्य ने डॉ. मगिलिगन का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह अनुभव छात्रों के लिए प्रेरणादायक रहा और इससे उन्हें सस्टेनेबल जीवनशैली अपनाने की नई दृष्टि मिली है।
छात्र इस दौरे से न केवल जानकारी बल्कि पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी का भाव भी लेकर लौटे।



