प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोगपुरम में एक जनसभा के दौरान 17,900 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और उनकी आधारशिला रखी।
सभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि यह दिन आंध्र प्रदेश के विकास और ‘स्वर्ण आंध्र’ के दृष्टिकोण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि यहां लगभग 18,000 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की शुरुआत की गई है, जो आंध्र प्रदेश की तेज़ प्रगति का प्रतीक हैं।
मोदी ने चंद्रबाबू नायडू की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने सुविधाओं के विकास और आदिवासी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि आज उसी भूमि पर जहां अल्लूरी सीताराम राजू ने आदिवासी कल्याण के लिए अपना जीवन समर्पित किया, एक नए हवाई अड्डे का उद्घाटन किया जा रहा है। यह हवाई अड्डा आंध्र और उत्तर आंध्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि पहले एयरपोर्ट्स के नाम एक ही परिवार के नाम पर रखे जाते थे, लेकिन अब हमने इस परंपरा को बदल दिया है। अयोध्या और पंजाब के एयरपोर्ट्स के नाम अब वाल्मीकि और संत रविदास के नाम पर हैं। नए एयरपोर्ट का नाम अल्लूरी सीताराम राजू के नाम पर रखा जाएगा। मोदी ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में एयरपोर्ट्स की संख्या में वृद्धि हुई है और ‘उड़ान’ योजना के तहत गरीब परिवारों को हवाई यात्रा का अवसर मिल रहा है। हाल ही में इस योजना का दूसरा चरण शुरू किया गया है, जिसमें 29,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के एविएशन क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। 2014 में केवल 74 एयरपोर्ट्स कार्यरत थे, जबकि अब यह संख्या 166 हो गई है। पहले हवाई उड़ानें केवल बड़े शहरों तक सीमित थीं, लेकिन अब छोटे शहरों के लोग भी फ्लाइट से यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश ब्लू इकॉनमी को मजबूत कर रहा है और विशाखापट्टनम से कृष्णापट्टनम तक के तटीय क्षेत्र को विकसित करने का लक्ष्य है। इसके तहत पुराने बंदरगाहों को आधुनिक बनाया जा रहा है और नए बंदरगाहों का निर्माण भी किया जा रहा है।



