अयोध्या के संतों ने वाराणसी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अवधेश प्रसाद और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर तीखी प्रतिक्रिया दी।”
उन्होंने कहा कि सनातन, भगवा और भगवान राम का अपमान अक्षम्य और दंडनीय है। विपक्ष के सदस्यों ने घिनौना कुकृत्य किया है और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।”
तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा, “पहली बार देखा गया कि संसद भवन परिसर के अंदर सनातन, भगवा और भगवान श्री राम का अपमान विपक्षी सांसदों ने किया। यह अक्षम्य और दंडनीय है।”
वाराणसी में साधु-संतों ने नामजद राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर पंजीकृत कराई है। जो इस कुकृत्य में सम्मिलित लोग हैं, उनके ऊपर भी दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।”
उन्होंने कहा, “विपक्ष के सदस्य अपने अनुयायियों को क्या संदेश देना चाहते हैं। क्या देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं? जब देश की सर्वोच्च अदालत ने एसआईटी का गठन किया है और जांच चल रही है, उसी बीच में घिनौना कुकृत्य करना न्यायपालिका के प्रति अविश्वास प्रकट करना है। मैं विपक्ष के सांसदों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करता हूं।”
सत्येंद्र दास वेदांती ने कहा, “राहुल गांधी और पप्पू यादव समेत विपक्ष के सदस्यों ने दोहरी नीति चलते हैं। ऐसे लोगों को जेल में डालकर कठोर दंड दिया जाना चाहिए।”
संत कल्कि राम ने कहा कि पप्पू यादव एक अपराधी रहे हैं। उनके खिलाफ कई आरोप लगे और जेल गए। अब उन्हें अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। जिस क्षेत्र की जनता ने आपको चुना है, उनका मुद्दा उठाना चाहिए। जहां पर आप कहीं गए नहीं और जिस स्थान के प्रति आपकी आस्था नहीं है, उसका अनादर करने का अधिकार किसने दिया है?”
उन्होंने आगे कहा, “आप संसद में बैठकर भगवा रंग का अपमान कर रहे हैं। आपमें हरा रंग पहनकर और टोपी लगाकर ऐसा करने की हिम्मत नहीं होगी।”
इसी दौरान, संत कल्कि राम ने कहा कि अभी वाराणसी में एफआईआर हुई है, लेकिन अयोध्या में आने वाली अमावस्या को वहां ऐसा कृत्य करने वाले लोगों का पिंडदान किया जाएगा।”



