कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाले वकील शुभ शर्मा की प्रतिक्रिया सामने आई है।
“15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में हमने एक घटना जिसमें राष्ट्रगीत बजते समय सोनिया गांधी ने कुछ ऐसे इशारे किए जिनसे ऐसा लगा कि वह उसे रोकने या उस पर आपत्ति जताने की कोशिश कर रही थीं।
राष्ट्रगीत सुनते या बजते समय वह असहज भी लग रही थीं। मैं हमेशा कहता रहा हूं, यह राष्ट्रगीत सिर्फ एक गाना नहीं है; यह हर भारतीय के दिल की भावनाओं का प्रतीक है। आजादी से पहले से ही यह हमारे स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक रहा है।”
राहुल गांधी और सोनिया गांधी का जिक्र किया गया है। मुझे जानकारी मिली है कि दिल्ली पुलिस की ओर से जांच शुरू कर दी गई है।
वीडियो दिखाई गई तो उनको भी लगा कि यह जांच का विषय है, हालांकि म्यूटेड वीडियो है। इस मामले पर कांग्रेस की ओर से भी बयान सामने आ रहे हैं और भाजपा की ओर से भी बयान दिए जा रहे हैं।
‘वंदे मातरम’ का किसी भी राजनीतिक पार्टी से कोई भी लेना-देना नहीं है; यह राष्ट्रगीत है।
अगर इसका अपमान किया जाता है तो एक्शन लेने बिल्कुल जायज है। एक वीडियो में राहुल गांधी कहते हुए नजर आ रहे हैं कि वह इस गीत को नहीं गाएंगे।
उसके बाद अगली वीडियो आती है, जिसमें यह गीत गाया जाता है। संसद में वंदे मातरम पर अच्छा खासा डिस्कशन हुआ है।
कई लोगों की ओर से इसका समर्थन किया गया तो कई लोगों ने इसका विरोध किया है।
ऐसे में उनको यह बात याद रखनी पड़ेगी कि यह राष्ट्रीय गीत किसी राजनीतिक दल का नहीं है। इसके ऊपर लांछन नहीं लगाया जा सकता है।



