सेविंग अकाउंट की ब्याज दरों में बदलाव
त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही सितंबर महीने में कई बैंकों ने अपने सेविंग्स अकाउंट (Saving Account) की ब्याज दरों में बदलाव किए हैं। अक्सर लोग अपने रोजमर्रा के खर्चों और इमरजेंसी फंड के लिए सेविंग अकाउंट का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि पैसा किस बैंक में सबसे तेजी से बढ़ रहा है। अगर आप अपना पैसा सुरक्षित रखने के साथ-साथ बेहतरीन रिटर्न भी चाहते हैं, तो प्राइवेट सेक्टर में IDFC First Bank और सरकारी क्षेत्र में Canara Bank व Bank Of India के बीच बड़ा मुकाबला है।
केनरा बैंक के ब्याज दर में बदलाव
सबसे बड़ी सरकारी बैंक कैनरा बैंक (canara Bank) ने अपने सेविंग अकाउंट की ब्याज दरों में बड़ा बदलाव किया है। बता दें कि ये नई ब्याज दरें 5 सितंबर से लागू हो चुकी हैं। हुए बदलाव के बाद, बता दें कि ₹100 करोड़ तक के बैलेंस पर 2.50% तक का सालाना ब्याज मिलेगा। वहीं ₹100 करोड़ से ज्यादा और 300 करोड़ से कम बैलेंस आपके खाते में है तो यह दर 2.65% तक हो जाती है। लेकिन ये बदलाव यहीं नहीं रुकता। खास बात यह है कि अगर आपके खाते में ₹300 करोड़ से ज्यादा और ₹500 करोड़ से कम रकम है तो 3.10% ब्याज मिलता है।
बैंक ऑफ इंडिया के सेविंग अकाउंट ब्याज दर में बदलाव
सरकारी बैंक, बैंक ऑफ इंडिया (Bank Of india) ने भी अपने सेविंग अकाउंट की ब्याज दरों में बदलाव किया है। इस बैंक की नई ब्याज दरें 1 सितंबर से लागू हो गई हैं। इस बैंक के बदलाव के मुताबिक, ₹50 करोड़ तक के बैलेंस पर बैंक 2.50% सालाना ब्याज दे रहा है। वहीं ₹50 करोड़ से ज्यादा और ₹250 करोड़ तक के अमाउंट पर ब्याज दर 2.60% मिलती है। इसके साथ ही ₹250 करोड़ से ज्यादा और ₹500 करोड़ तक के बैलेंस पर यह दर 2.75% हो जाती है। इस बैंक ने बड़े रकम पर बदलाव करते हुए ₹500 करोड़ से ज्यादा और 1000 करोड़ तक की रकम पर 3% ब्याज देने का तय किया है। वहीं ₹1000 करोड़ से ज्यादा और ₹1500 करोड़ तक के बैंक बैलेंस पर यह दर 3.15% मिलती है।
IDFC FIRST बैंक के ब्याज दर में बदलाव
IDFC FIRST बैंक ने भी 1 सितंबर 2026 से अपने सेविंग अकाउंट की ब्याज दरों में बदलाव कर दिया है। इस बैंक ने अपने सामान्य ग्राहकों के लिए ₹3 लाख तक के बैंक बैलेंस पर 2.50% सालाना ब्याज तय किया है। और वहीं अगर खाते में ₹3 लाख से ज्यादा रकम है और ₹25 लाख तक की रकम है, तो यही ब्याज दर 7% सालाना हो जाती है। इसका मतलब है कि इस स्लैब में आने वाले ग्राहकों को बाकी दोनों बैंकों की तुलना में काफी ज्यादा ब्याज मिल सकता है।



