महाराष्ट्र का सियासी ड्रामा अपने चरम पर पहुंच चुका है. इसके बावजूद यह साफ नहीं हो पाया है कि राज्य में किसकी सरकार बनेगी. गेंद अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के पाले में है. राज्यपाल बी.एस. कोश्यारी ने सोमवार देर शाम एनसीपी को राज्य में अगली सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था. यह देखना दिलचस्प होगा कि शिवसेना और कांग्रेस के साथ मिलकर एनसीपी सरकार बना पाती है या नहीं.

  • एनसीपी नेता अजीत पवार ने कहा, “जो भी फैसला लिया जाएगा, वह एकसाथ लिया जाएगा. हम कल कांग्रेस के रिस्पॉन्स का इंतजार कर रहे थे, मगर उनकी तरह से कोई जवाब नहीं आया. हम इसका फैसला अकेले नहीं लेंगे. यहां कोई गलतफहमी नहीं है. हमने एक साथ चुनाव लड़ा है और हम साथ हैं.”
  • राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्री और शिवसेना सांसद अरविंद सावंत का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को सावंत के मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है.
  • एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने मुंबई के लीलावती हॉस्पिटल में शिवसेना नेता संजय राउत से मुलाकात की. रात में सीने में दर्द की शिकायत के बाद सोमवार को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था.
  • कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने ट्वीट करके कहा है कि कांग्रेस के पास सरकार बनाने के लिए कोई नैतिक अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि ये बीजेपी और शिवसेना का फेलियर है कि उन्होंने राज्य को राष्ट्रपति शासन के कगार पर खड़ा कर दिया है.
  • शिवसेना नेता संजय राउत ने राज्य के सियासी संकट पर एक बार फिर ट्वीट किया है. संजय राउत ने लिखा कि “लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती, बच्चन. हम होंगे कामयाब, जरूर होंगे’.
  • महाराष्ट्र कांग्रेस नेता कंग्डा चंड्या पडवी ने महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर बड़ा बयान दिया है. कांग्रेस नेता ने कहा, “सरकार गठन की प्रक्रिया जारी है. अंतिम परिणाम पॉजिटिव होगा. निजी तौर पर मैं ऐसा मानता हूं कि शिवसेना-कांग्रेस और एनसीपी मिलकर सरकार बनाएंगी. और शिवसेना का नेता मुख्यमंत्री बनेगा.”
  • महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू होने की भी चर्चा चल रही है. बीजेपी और शिवसेना पहले ही सकार गठन के लिए बहुमत नहीं जुटा पाई हैं. राज्यपाल ने अब एनसीपी को बहुमत पेश करने के लिए आमंत्रित किया है.
  • राजनीतिक जानकार यह मानकर चल रहे हैं कि एनसीपी के लिए बहुमत जुटा पाना आसान नहीं होगा. ऐसे में इस बात के संकेत ज्यादा नजर आ रहे हैं कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है.
  • महाराष्ट्र में हाल ही में समन्न हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी. बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को बहुमत मिला था. इस लिस्ट में देखिए कि किस पार्टी को मिलीं कितनी सीटें.
  • एनसीपी नेता अजीत पवार ने बताया कि मंगलवार को एनसीपी और कांग्रेस के बीच बैठक होगी. वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर हम शिवसेना के समर्थन और सरकार गठन के बारे चर्चा करेंगे.
  • पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने मीडिया को बताया कि राज्यपाल ने उन्हें रात 8.30 बजे बुलाया और वह आधा दर्जन अन्य नेताओं के साथ उनसे मिलने के लिए राजभवन जा रहे हैं. लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है कि उन्होंने क्यों बुलाया है.
  • एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने सोमवार को कहा कि राज्यपाल ने हमारे प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रित किया है. संकेत है कि एक आमंत्रण पत्र हमें दिया जाएगा. कल हम अगली सरकार बनाने के तौर-तरीकों पर कांग्रेस के साथ चर्चा करेंगे.
  • मलिक ने कहा कि 24 घंटे की छोटी अवधि के कारण कांग्रेस-राकांपा सरकार बनाने के लिए जरूरी चीजों का बंदोबस्त नहीं कर सकीं, जिससे शिवसेना अपने दावे को अंतिम रूप दे पाती.
  • उन्होंने कहा, “राज्यपाल को हस्ताक्षर, नाम, विधानसभा सीटों के नाम और समर्थन करने वाले सभी विधायकों की संख्या के साथ पत्र चाहिए था, जो इतने कम समय में संभव नहीं था. सेना ने अतिरिक्त समय मांगा, लेकिन राज्यपाल ने समय देने से इंकार कर दिया.”
  • इसके पहले रविवार को भारतीय जनता पार्टी ने सरकार बनाने से इंकार कर दिया था. और सोमवार को शिवसेना कांग्रेस और राकांपा के समर्थन के पत्र प्रस्तुत नहीं कर सकी. हालांकि उसने दोनों दलों से सैद्धांतिक रूप से समर्थन प्राप्त कर लिया. अब एनसीपी को मौका दिया गया है.
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