लोकसभा में शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ राहुल गांधी की टिप्पणी की निंदा कर रहे थे तबी विपक्षी सांसद ग़ुस्से में आ गए.

हर्षवर्धन ने राहुल गांधी के एक सवाल का जवाब देने से पहले लोकसभा में कहा, ”मैं जवाब देने से पहले राहुल गांधी के पीएम मोदी के ख़िलाफ़ बयान की साफ़ शब्दों में निंदा करता हूं.”

राहुल गांधी ने लोकसभा में प्रश्न काल के दौरान हर्षवर्धन से मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर सवाल पूछा था. इसी सवाल का जवाब देने हर्षवर्धन उठे तो उन्होंने कहा कि वो जवाब देने से पहले राहुल गांधी के आपत्तिजनक बयान की निंदा करेंगे.

हर्षवर्धन ने ट्वीट कर कहा है, ”पीएम मोदी जी पर अपमानजनक टिप्पणी के लिए राहुल गांधी जी को देश से माफ़ी मांगनी चाहिए. प्रश्न काल के दौरान राहुल जी के सवाल का जवाब देने से पहले मेरे लिए यह ज़रूरी था कि मैं उनसे उनकी करनी के लिए पश्चाताप करने का आग्रह करूं.”

हालांकि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने हर्षवर्धन से कहा कि वो सवाल के जवाब पर ही फोकस रहें. जब हर्षवर्धन राहुल गांधी की टिप्पणी के ख़िलाफ़ निंदा में लिखित बयान पढ़ रहे थे तभी कांग्रेस के सांसद वेल में आ गए और उन्होंने मज़बूती से विरोध दर्ज कराया.

समाचार एजेंजी पीटीआई के अनुसार इसी दौरान तमिलनाडु से कांग्रेस सांसद मानिक टैगोर ने दूसरी पंक्ति में बैठे हर्षवर्धन तक पहुंचने की कोशिश की तभी उत्तर प्रदेश से बीजेपी सांसद बृजभूषण सिंह ने मानिक को पकड़ लिया और उन्हें हर्षवर्धन तक पहुंचने से रोक दिया. माहौल क़ाबू से बाहर जाने लगा तो लोकसभा स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी.

दिल्ली में विधानसभा चुनाव के कैंपेन में राहुल गांधी ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि छह महीने बाद भारत के युवा रोज़गार को लेकर मोदी को डंडे से मारेंगे.

राहुल गांधी ने पूरे विवाद पर कहा, ”प्रश्न काल में सामान्य रूप में सवाल का जवाब दिया जाता है. लेकिन हर्षवर्धन को निर्देश था कि वो कुछ और मुद्दा छेड़ दें ताकि मेरे संसदीय क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज का मुद्दा नहीं उठे. मेरी पार्टी के कोई सांसद ने इस दौरान हाथापाई नहीं की है. आप वीडियो देख सकते हैं.”

शाहीन बाग़ पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई सोमवार तक टली

सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली के शाहीन बाग़ इलाक़े में नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ जारी प्रदर्शन को ख़त्म करवाने की माँग करने वाली याचिकाओं पर शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो पाई.

पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि शुक्रवार को इनपर सुनवाई होगी मगर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वो ये सुनवाई सोमवार को करेगा.

इन याचिकाओं में केंद्र सरकार और अन्य पक्षों को शाहीन बाग़ से प्रदर्शनकारियों को हटाने के बारे में निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया था.

साथ ही सर्वोच्च अदालत से केंद्र सरकार को ऐसे प्रदर्शनों को लेकर निर्देश जारी करने की गुज़ारिश की गई है जिनसे सार्वजनिक जगहों पर अवरोध पैदा होता हो.

सीबीआई ने गुरुवार को दिल्ली सरकार के एक अधिकारी और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के ओएसडी यानी ऑफिसर ऑन स्लेशल ड्यूटी को गिरफ़्तार किया है. यह गिरफ़्तारी दो लाख रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में हुई है.

मनीष सिसोदिया ने अपने OSD की गिरफ़्तारी पर क्या कहा

मनीष सिसोदिया के ओएसडी गोपाल कृष्ण माधव को गुरुवार देर रात गिरफ़्तार किया गया था. अधिकारियों का कहना है कि माधव को गिरफ़्तार किए जाने के बाद सीबीआई मुख्यालय पूछताछ के लिए ले जाया गया.

सिसोदिया के ऑफिस में गोपाल माधव 2015 से तैनात थे. यह गिरफ़्तारी दिल्ली में मतदान से ठीक दो दिन पहले हुई है.

इस गिरफ़्तारी पर मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, ”मुझे पता चला है कि सीबीआई ने एक GST इन्स्पेक्टर को रिश्वत लेते हुए गिरफ़्तार किया है. यह अधिकारी मेरे ऑफ़िस में बतौर OSD भी तैनात था. सीबीआई को उसे तुरंत सख़्त से सख़्त सज़ा दिलानी चाहिए. ऐसे कई भ्रष्टाचारी अधिकारी मैंने ख़ुद पिछले पाँच साल में पकड़वाए हैं.”

इस गिरफ़्तारी पर बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने ट्वीट कर मनीष पर निशाना साधा है. संबित ने ट्वीट कर कहा, ”मनीष सिसोदिया के लिए पैसे ऐंठते हुए उनके ओएएसडी पकड़े गए हैं. अभी दो लाख लिया था और पूरा दस लाख लेना था. मित्रो..ये सब मिले हुए हैं जी..ये सब चोर हैं जी…बस अभिनय आम आदमी की कर रहे हैं. आज समझ में आया लोकपाल क्यों नहीं बना रहे थे.”

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