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अडानी-अंबानी की जांच के लिए ED-CBI भेज दें; राहुल का पीएम मोदी पर पलटवार

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अडानी-अंबानी की जांच के लिए ED-CBI भेज दें; राहुल का पीएम मोदी पर पलटवार

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उनके ‘अडानी-अंबानी’ वाले बयान पर पलटवार किया है। कांग्रेस नेता ने पूछा है कि क्या वे घबरा गए हैं? राहुल गांधी ने पीएम मोदी से गौतम अडानी और मुकेश अंबानी की सीबीआई और ईडी के जरिए जांच करवाने की मांग की है।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को आरोप लगाया था कि पिछले पांच सालों से सुबह उठते ही अंबानी और अडानी के नाम की माला जपने वाले कांग्रेस के शहजादे ने उनसे कितना माल उठाया है जो लोकसभा चुनाव घोषित होते ही उन्होंने उन्हें गाली देना बंद कर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी के बयान का जवाब देते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, ”नमस्कार मोदी जी, थोड़ा सा घबरा गए क्या। आमतौर पर बंद कमरों में अडानी-अंबानी की बात करते हैं। पहली बार पब्लिक में अडानी-अंबानी बोला। आपको यह भी मालूम कि ये टेम्पो में पैसा देते हैं। क्या आपका पर्सनल एक्सपीरियंस है क्या? एक काम कीजिए, सीबीआई ईडी को इनके पास भेजिए। पूरी जांच करवाइए, घबराइए मत। मैं देश से फिर से कहता हूं कि जितना पैसा नरेंद्र मोदी जी ने इनको दिया है, उतना ही हम देश के गरीब को देने जा रहे हैं। महालक्ष्मी योजना, पहली नौकरी पक्की योजना के जरिए से करोड़ों लखपति बनाएंगे। इन्होंने 22 अरबपति बनाएं हैं, हम करोड़ों लखपति बनाएंगे।”

वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में पीएम मोदी को जवाब देते हुए कहा, ”वक्त बदल रहा है। दोस्त दोस्त ना रहा…! तीन चरणों के चुनाव पूरे हो जाने के बाद आज प्रधानमंत्री अपने मित्रों पर ही हमलावर हो गए हैं। इससे पता चल रहा है कि मोदी जी की कुर्सी डगमगा रही है। यही परिणाम के वास्तविक रुझान हैं।” वहीं, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी निशाना साधते हुए कहा कि आज नरेंद्र मोदी ने कहा- उनके मित्र अडानी और अंबानी के पास टेंपो भर-भरकर काला धन है। ऐसे में तीन सवाल सामने आते हैं। 1- आपने काला धन निकालने के लिए नोटबंदी की थी, तो आपके मित्रों के पास काला धन कहां से आया? 2- जब आपके मित्रों के पास बोरे भर-भरकर काला धन है, तो ED-IT-CBI कोई कार्रवाई क्यों नहीं करती? 3- पिछले 10 साल में निजीकरण कर सरकारी संपत्तियां अडानी-अंबानी को ही बेची गई हैं, तो काला धन कहां से आया? असलियत ये है कि आप सामने दिख रही हार से बौखला गए हैं, इसलिए तरह-तरह की बातें कर रहे हैं।

हैदराबाद से करीब 150 किलोमीटर दूर वेमुलावाड़ा में एक रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने यह कहा था कि आपने देखा होगा। कि कांग्रेस के शहजादे (राहुल गांधी की ओर इशारा करते हुए) पिछले पांच साल से सुबह उठते ही माला जपना शुरू करते थे। लेकिन जब से उनका राफेल वाला मामला ग्राउंडड हो गया तब से एक नई माला जपना शुरू किया। पांच साल से एक ही माला जपते थे। पांच उद्योगपति… फिर धीरे-धीरे कहने लगे… अंबानी, अडानी… पांच साल से… लेकिन जब से चुनाव घोषित हुआ है इन्होंने अंबानी अडानी को गाली देना बंद कर दिया। उन्होंने कहा, ”जरा ये शहजादे घोषित करे कि इस चुनाव में अंबानी-अडानी से कितना माल उठाया है? काले धन के कितने बोरे भर के रुपये मारे हैं? क्या टेम्पो भर के नोट कांग्रेस के लिए पहुंचे हैं क्या? क्या सौदा हुआ है कि आपने रातों-रात अंबानी, अडानी को गाली देना बंद कर दिया? जरूर दाल में कुछ काला है।

पंजाब में अपनी जड़ें जमाने में जुटी भाजपा, दूसरे दलों के दिग्गजों को जॉइन करा रही पार्टी

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पंजाब में अपनी जड़ें जमाने में जुटी भाजपा, दूसरे दलों के दिग्गजों को जॉइन करा रही पार्टी

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए पंजाब की राजनीति अन्य राज्यों से काफी अलग है। लंबे समय तक शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन में रहते हुए सीमिति क्षेत्र में राजनीति करने वाली भाजपा अब पूरी ताकत से अकेले चुनाव मैदान में है।

पंजाब में अपनी जड़ें जमाने और ताकत बढ़ाने के लिए भाजपा ने कांग्रेस, अकाली दल व आम आदमी पार्टी के कई प्रमुख नेताओं को अपने साथ जोड़ा है। कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ भाजपा में है और जाखड़ को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं।

राज्य की 13 लोकसभा सीटों के लिए भाजपा ने नौ सीटों के लिए अपने उम्मीदवार तय कर दिए हैं। अब उसे चार सीटों फिरोजपुर, आनंदपुर साहिब, फतेहगढ़ साहिब व संगरूर बाकी हैं। भाजपा को इन सीटों के लिए दमदार उम्मीदवारों की जरूरत हैं। चूंकि भाजपा का इन क्षेत्रों में अपना संगठन ज्यादा मजबूत नहीं रहा, इसलिए उसके पास लोकसभा चुनाव लड़ने वाले प्रभावी उम्मीदवार नहीं हैं।

सूत्रों के अनुसार पार्टी इन सीटों में कुछ पर दूसरे दलों से आने वाले नेताओं पर दांव लगा सकती है। इसके लिए उसकी कांग्रेस और अकाली दल के कुछ नेताओं पर नजर भी है।

आप से हुआ लोगों का मोहभंग
गौरतलब है भाजपा में पंजाब में बड़ी संख्या में नए लोग जुड़े हैं। इनमें दूसरे दलों के नेताओं के साथ समाज के विभिन्न वर्गो के प्रभावशाली और पूर्व नौकरशाह तक शामिल हैं। भाजपा की कोशिश सीमावर्ती राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने की है। भाजपा के एक प्रमुख नेता ने कहा कि अकाली दल व कांग्रेस की सरकारों के कारनामों से उकता गए लोगों ने विकल्प के रूप में आम आदमी पार्टी को मौका दिया था, लेकिन अब उससे भी लोगों का मोह भंग हो गया है और लोग नए विकल्प की तलाश में है और भाजपा वह विकल्प लोगों के सामने रख रही है।

वीआरएस ले मैदान में परमपाल कौर
भाजपा ने बठिंडा सीट पर परमपाल कौर को ही उम्मीदवार रखना तय किया है। कौर आईएएस अधिकारी हैं और उन्होंने वीआरएस ले लिया है जिसे केंद्र सरकार ने मंजूरी भी दे दी है। हालांकि पंजाब सरकार ने कौर को नोटिस जारी कर उनसे तत्काल ड्यूटी पर जाने को कहा है क्योंकि उनको तीन महीने के नोटिस पीरियड् से छूट नहीं मिली है। इस पर कौर ने कहा कि उनके वीआरएस को मंजूरी मिल चुकी है, इसलिए वह चुनाव लड़ेंगी।

हमास का आखिरी गढ़ मिटाने पर तुला इजरायल, पर अब अमेरिका ने भी खाई एक कसम

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हमास का आखिरी गढ़ मिटाने पर तुला इजरायल, पर अब अमेरिका ने भी खाई एक कसम

मेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इजरायल के सामने बड़ी शर्त रख दी है। खबर है कि बाइडेन ने कसम खाई है कि अगर इजरायल रफाह में आक्रमण के लिए आगे बढ़ता है, तो हथियारों की सप्लाई रोक दी जाएगी।

अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि इजरायल ने रफाह में सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है, लेकिन अब तक आबादी केंद्रों तक पहुंचकर रेड लाइन पार नहीं की है।

फॉक्स न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में बाइडेन ने कहा, ‘मैंने यह साफ कर दिया है कि अगर वे रफाह में जाते हैं, तो मैं उन्हें हथियार सप्लाई नहीं करूंगा, जिनका इस्तेमाल ऐतिहासिक रूप से रफाह, और शहरों से निपटने के लिए किया गया है। वे अब तक रफाह नहीं गए हैं।’ हालांकि, बाइडेन ने साफ किया है कि अमेरिका इजरायल के रक्षात्मक हथियार भेजना जारी रखेगा।

उन्होंने कहा, ‘हम यह सुनिश्चित करने जा रहे हैं कि आयरन डोम और मिडिल ईस्ट से हाल ही में हुए हमलों के खिलाफ उनकी क्षमता के मामले में इजरायल सुरक्षित रहे।’ उन्होंने कहा, ‘लेकिन यह गलत है, तो है। हम उन्हें हथियार और गोले की आपूर्ति नहीं करने वाले हैं।’

रिपोर्ट के मुताबिक, बाइडेन ने कहा, ‘वे अब तक आबादी केंद्रों तक नहीं पहुंचे हैं। उन्होंने जो किया बिल्कुल सीमा पर किया और इससे अभी मिस्र के साथ समस्याएं हो रही हैं। हमारे बीच संबंध और समर्थन रहे, इसके लिए मैंने काफी मेहनत की है।’ उन्होंने कहा, ‘मैंने बीबी और वॉर कैबिनेट को साफ कर दिया है कि अगर वे इन आबादी केंद्रों तक जाते हैं, तो उन्हें हमारा समर्थन नहीं मिलेगा।’

कहा जा रहा है कि अमेरिका में आगामी राष्ट्रपति चुनाव पर भी इजरायल-हमास युद्ध का खासा असर पड़ सकता है। बाइडेन को कई लोगों की तरफ से आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।

अमेरिका ने रोकी खेप
अमेरिका ने उसकी इच्छा के विपरीत गाजा के रफह शहर पर बड़े पैमाने पर हमला करने के इजरायल के फैसले को लेकर चिंता व्यक्त करने के लिए पिछले सप्ताह इजरायल को गोला बारूद की खेप की आपूर्ति रोक दी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर अधिकारी ने बताया कि खेप में 2000 पाउंड वजन (900 किलोग्राम) के 1800 बम और 500 पाउंड वजनी (225 किलोग्राम) 1700 बम भेजे जाने थे।

अधिकारी ने बताया कि अमेरिका ने इस बात पर चिंता व्यक्त की है कि कैसे इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटकों का इस्तेमाल घनी आबादी वाले क्षेत्र में किया जा सकता है। चरमपंथी हमास द्वारा पिछले साल सात अक्टूबर को इजरायल पर घातक हमला किए जाने के जवाब में इजरायल ने गाजा पट्टी पर आक्रमण शुरू कर दिया था, जिसके बाद से 10 लाख से अधिक नागरिकों ने रफह में शरण ली हुई है।

अमेरिका ने ऐतिहासिक रूप से इजरायल को भारी मात्रा में सैन्य सहायता मुहैया कराई है। हमास के सात अक्टूबर के हमले के बाद इसमें काफी तेजी दिखी गई। हमास के हमले में इजरायल में लगभग 1,200 लोगों की जान चली गई थी और लगभग 250 लोगों को चरमपंथियों ने बंधक बना लिया। गोला बारूद की खेप को रोकने से इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन प्रशासन के बीच बढ़ता गतिरोध और खुलकर सामने आया गया है।

बाइडन ने इजरायल से गाजा में निर्दोष नागरिकों की रक्षा के लिए और अधिक उचित कदम उठाने का आह्वान किया था। वहीं, बाइडन प्रशासन इस हफ्ते इस बात पर फैसला दे सकता है कि क्या इजरायल द्वारा गाजा में हवाई हमला और उस तक सहायता सामग्री न पहुंचने देने में अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी कानूनों का उल्लंघन हुआ है जो नागरिकों को युद्ध की भीषणता से बचाने के लिए बनाए गए हैं।

व्हाइट हाउस की ओर से कई महीने तक आपत्ति दर्ज कराए जाने के बावजूद इजरायली सरकार रफह पर आक्रमण की तैयार करती रही, जिसके बाद अप्रैल में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने इजरायल को भविष्य में सैन्य सहायता भेजने की समीक्षा शुरू कर दी। अधिकारी ने बताया कि गोला बारूद की खेप की आपूर्ति रोकने का निर्णय पिछले सप्ताह लिया गया और खेप निकट भविष्य में इजरायल को भेजी जाएगी या नहीं, इस पर निर्णय नहीं लिया गया है।

भारत में तेजी से घट रही हिंदुओं की आबादी, मुसलमानों की जनसंख्या में इजाफा; सामने आई रिपोर्ट…

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भारत में तेजी से घट रही हिंदुओं की आबादी, मुसलमानों की जनसंख्या में इजाफा; सामने आई रिपोर्ट…

भारत में हिंदुओं की भले ही बड़ी आबादी हो, लेकिन इसकी संख्या तेजी से घट रही है। वहीं, अल्पसंख्यक समुदाय मुस्लिमों की जनसंख्या लगातार बढ़ रही है। एक रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 1950 से 2015 तक 65 वर्षों के अंतराल में बहुसंख्यक हिंदुओं की आबादी में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस अवधि में हिंदुओं की हिस्सेदारी में 6 फीसदी की गिरावट आ गई है।

वहीं, पाकिस्तान, बांग्लादेश जैसे दूसरे देशों की तुलना करें तो वहां बहुसंख्यक मुस्लिमों की आबादी में हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है। यह सच एक सरकारी अध्ययन में सामने आया है। इससे जुड़े आंकड़े प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की साइट पर उपलब्ध हैं।

इसमें 1950 से लेकर 2015 के बीच भारत में जनसांख्यिकी में आए बदलाव के बारे में जानकारी दी गई है। स्टडी के अनुसार एक तरफ भारत में हिंदुओं की हिस्सेदारी घट गई है तो वहीं अल्पसंख्यक मुस्लिमों, ईसाई, बौद्ध और सिखों की आबादी में इजाफा हुआ। जैन और पारसियों की भी आबादी में हिस्सेदारी इस अवधि में घटी है। स्टडी के अनुसार इस अवधि में आबादी में मुस्लिमों की हिस्सेदारी 5 फीसदी बढ़ी है। इसके अलावा ईसाइयों की हिस्सेदारी में 5.38 , सिखों की 6.58 बढ़ी है। यही नहीं बौद्धों की हिस्सेदारी में इजाफा हुआ है। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार समिति ने अपनी रिपोर्ट में कुल 167 देशों का अध्ययन किया है।

म्यांमार और नेपाल में भी घटे
म्यांमार में इस अवधि में बहुसंख्यक बौद्ध समुदाय की आबादी में हिस्सेदारी 10 फीसदी तक कम हुई है। वहीं भारत में हिंदुओं की आबादी में हिस्सेदारी 6.8 प्रतिशत घट गई है। नेपाल में भी बहुसंख्यक हिंदुओं की आबादी में हिस्सेदारी 3.6 फीसदी पाक में बढ़े मुसलमान

बांग्लादेश में मुस्लिमों की हिस्सेदारी 18.5 फीसदी बढ़ गई है। वहीं, पाक में 3.75 और अफगानिस्तान में 0.29 फीसदी का इजाफा हुआ है। भूटान में बहुसंख्यक बौद्धों की आबादी 65 सालों में 17.6 बढ़ी है, जबकि श्रीलंका में यह आंकड़ा 5.25 प्रतिशत का है।

Parshuram Jayanti 2024: परशुराम जयंती क्यों है महत्वपूर्ण, जानें तिथि और शुभ मुहूर्त!

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Parshuram Jayanti 2024: परशुराम जयंती क्यों है महत्वपूर्ण, जानें तिथि और शुभ मुहूर्त!

भगवान परशुराम जगतपालक भगवान विष्णु के छठवें अवतार हैं। इनका जन्म वैशाख माह की शुक्ल पक्ष को तृतीया तिथि को हुआ था। भगवान विष्णु के 10 अवतारों में भगवान परशुराम को बहुत उग्र माना गया है, जिन्होंने 21 बार दुष्ट और अत्याचारी राजाओं का संहार कर धरती को पाप से मुक्त किया था।

साल 2024 में भगवान परशुराम की जयंती 10 मई, 2024 को मनाई जाएगी।

परशुराम जयंती शुभ मुहूर्त

10 मई, 2024 को वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि, ब्रह्म मुहूर्त में 4 बजकर 17 मिनट पर शुरू होगी और यह 11 मई की आधी रात के बाद 2 बजकर 50 मिनट पर समाप्त होगी। भगवान परशुराम की पूजा सूर्योदय और सूर्यास्त से पहले करना शुभ माना गया है, इसलिए उनकी पूजा इस अवधि में कभी भी कर सकते हैं।

इसलिए नाम पड़ा परशुराम

पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान परशुराम का नाम था ‘राम’। वे एक महान योद्धा और धनुर्विद्या सहित अन्य अस्त्रों-शस्त्रों के बेजोड़ जानकार थे। लेकिन उनका प्रिय अस्त्र था ‘फरसा’, जिससे उन्होंने दुष्टों और पापियों का संहार किया था। फरसा को संस्कृत में ‘परशु’ कहते हैं। परशु धारण करने के कारण वे ‘परशुराम’ कहलाए।

आज भी जीवित हैं भगवान परशुराम

हिन्दू धर्म में परशुराम जयंती बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि मान्यता है कि भगवान परशुराम आज भी जीवित हैं। वे एकमात्र विष्णु अवतार हैं, जिसके बारे में ऐसा कहा जाता है कि उनकी मृत्यु नहीं हुई है। इसके बारे में धार्मिक ग्रथों का कहना है कि जब धरती पर ‘कल्कि अवतार’ होगा, तब वे भगवान कल्कि को अपना अस्त्र-शस्त्र सौंप कर वैकुण्ठ लोक जाएंगे।

Vegetable Prices Today: आज आपके यहां कितने में मिल रही कौन सी सब्जी? जानिए लेटेस्ट रेट!

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Vegetable Prices Today: आज आपके यहां कितने में मिल रही कौन सी सब्जी? जानिए लेटेस्ट रेट!

बीते कई दिनों से सब्जियों के दाम में ज्यादा फर्क देखने को नहीं मिल रहा। रोजाना घर में इस्तेमाल होने वाली हरी सब्जियां अगर महंगी हो जाएं तो आम आदमी का पूरा बजट हिल जाता है।

इस बीच रोजाना इनकी कीमत तय की जाती है। जानें आज का सब्जियों का रेट।

नंबर सब्जी का नाम मिनिमम/मैक्सिमम (रुपये प्रति किलो)
1 टमाटर 8/35
2 परवल 15/30
3 भिंडी 15/55
4 पत्ता गोभी 6/12
5 आलू 5/24
6 लोकी 10/25
7 प्याज 12.5/25.5
8 बैंगन 8/20
9 शिमला मिर्च 10/18
10 टिंडा 15/35
11 करेला 10/35
12 फूलगोभी 5/30
13 हरी मिर्च 12/25

 

नंबर सब्जी का नाम मिनिमम/मैक्सिमम (रुपये प्रति किलो)
1 आलू 17.5/18.5
2 टमाटर 16/17
3 हरी मिर्च 24.5/25.5
4 लोकी 12.7/13.7
5 लहसुन 84.5/85.5
6 फूलगोभी 14.5/15.5
7 शिमला मिर्च 24/24.8
8 भिंडी 27.5/28.7
9 प्याज 17/18
10 पत्ता गोभी 17/18
11 बैंगन 17/18
12 करेला 23.5/24.5

 

नंबर सब्जी का नाम मिनिमम/मैक्सिमम (रुपये प्रति किलो)
1 आलू 16/18.5
2 फूलगोभी 15.9/17.10
3 करेला 20.2/21.8
4 लोकी 10.5/12
5 प्याज 15/18.5
6 बैंगन 15.1/16.35
7 टमाटर 13.4/17.2
8 शिमला मिर्च 18/21.2
9 हरी मिर्च 20.6/24
10 भिंडी 26.2/27.8
11 पत्ता गोभी 14.25/15.5

जानकारी के लिए बता दें कि ये थोक के दाम हैं। आपके यहां कीमतों में थोड़ा फर्क देखा जा सकता है।

Lok Sabha Election 2024 पर रूस का बड़ा दावा, कहा- अमेरिका कर रहा है हस्तक्षेप की कोशिश…

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Lok Sabha Election 2024 पर रूस का बड़ा दावा, कहा- अमेरिका कर रहा है हस्तक्षेप की कोशिश…

भारत में लोकसभा चुनाव की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। भारतीय नेताओं के बयान जहां ग्लोबल मीडिया में सुर्खियां बटोर रहे हैं तो इसी बीच चुनाव में विदेशी ताकतों के हस्तक्षेप की खबरें सामने आ रही हैं।

हालांकि अब रूस ने इस बात को लेकर भारत को आगाह किया है।

विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने किया खुलासा

भारतीय लोकसभा चुनाव पर चर्चा करते हुए रूस ने बड़ा दावा किया है। रूस का कहना है कि अमेरिका, भारत की अंदरुनी राजनीति में अस्थिरता उत्पन्न करने के लिए चुनाव में दखलअंदाजी करने की कोशिश कर रहा है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने मीडिया से बातचीत के दौरान कई बड़े खुलासे किए हैं।

पन्नू मर्डर केस पर पूछा सवाल

मारिया ने पन्नू मर्डर केस पर सवाल उठाते हुए कहा कि अमेरिका ने खालिस्तानी अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू मर्डर केस में भारत की भूमिका का दावा किया था। मगर अभी तक अमेरिका ने इस बारे में दुनिया को कोई सबूत नहीं दिया है।

अमेरिका को नहीं भारत के इतिहास की समझ- मारिया

मारिया ने कहा कि अमेरिका को भारत की राष्ट्रीय मानसिकता और इतिहास के बारे में नहीं पता है। इसीलिए अमेरिका अक्सर भारत पर बिना किसी सबूत के आरोप लगाता है। अमेरिका का ये बर्ताव भारत के लिए बेहद अपमानजनक है। अमेरिका भारत में राजनीति अस्थिरता लाने और लोकसभा चुनाव को प्रभावित करने के लिए ये सब कर रहा है।

USCIRF की रिपोर्ट ने किया था दावा

बता दें कि हाल ही में USCIRF ने अपनी रिपोर्ट में भारत की आलोचना की थी। इस अमेरिकी एजेंसी का कहना था कि भारत में धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन किया जाता है। रिपोर्ट में भारत में अन्य कई आरोप लगे थे। वहीं भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसपर सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि USCIRF भारत के खिलाफ प्रचार कर रहा है।

मारिया ने मांगा पन्नू मर्डर केस का सबूत

इसी कड़ी में रूसी प्रवक्ता मारिया ने भी अमेरिका की इस रिपोर्ट पर सवाल खड़े करते हुए पन्नू मर्डर केस में भारत की भूमिका के सबूत सामने रखने की बात कही है। मारिया का कहना है कि अगर सचमुच पन्नू को मारने में भारतीय खूफिया एजेंसी के अफसर का हाथ है तो उसके सबूत पेश करने में अमेरिका इतना क्यों हिचकिचा रहा है? अमेरिका ने इस संदर्भ में अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

Garuda Purana: गरुड़ पुराण की 5 बातों का रखें ध्यान, पूर्वजों का मिलेगा आशिर्वाद…

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Garuda Purana: गरुड़ पुराण की 5 बातों का रखें ध्यान, पूर्वजों का मिलेगा आशिर्वाद…

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सनातन धर्म में कुल 18 पुराण है। जिसमें सभी का अपना-अपना महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गरुड़ पुराण एक ऐसा ग्रंथ है जिसमें व्यक्ति के जन्म से लेकर मृत्यु तक की सारी बातें विस्तार से बताई गई हैं।

ज्योतिषियों के अनुसार, गरुड़ पुराण में कुल श्लोकों की संख्या 19 हजार हैं। इस 19 हजार श्लोक में मनुष्य से संबंधित 7 हजार श्लोक हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घर में गरुड़ पुराण का पाठ किसी की मृत्यु के बाद कराया जाता है। मान्यता है कि मृत व्यक्ति की आत्मा 13 दिन तक उस घर में वास करती है। आत्मा की शांति और मोक्ष प्राप्ति के लिए घर में गरुड़ पुराण का पाठ कराया जाता है।

गरुड़ पुराण ग्रंथ में मनुष्य के जीवन से जुड़ी कुछ ऐसी बातों का वर्णन किया गया है जिसे मानने से व्यक्ति का जीवन धन्य हो जाता है। साथ ही व्यक्ति अपने जीवन में कभी भी मात नहीं खा सकता है। तो आज इस खबर में जानेंगे कि गुरुड़ पुराण में मनुष्य से संबंधित किन बातों के बारे में वर्णन किया गया है।

गरुड़ पुराण के 5 बातों का रखें ध्यान

गरुड़ पुराण के अनुसार, जो लोग प्रतिदिन गंदे कपड़े पहनते हैं। उनके जीवन में आर्थिक तंगी होने लगती है। इसलिए अगर आप अमीर बनना चाहते हैं तो रोजाना साफ वस्त्र धारण करें। मान्यता है कि रोजाना साफ वस्त्र धारण करने से मन को शांति मिलती है साथ ही हमारे पूर्वज प्रसन्न होते हैं।

यदि आप तुलसी की पूजा रोज करते हैं तो ऐसा करने से आपको नकारात्मक ऊर्जाओं से मुक्ति मिल जाती हैं। साथ ही सभी तरह के बीमारियों के भी छुटकारा मिलता है।

गरुड़ पुराण के अनुसार, प्रतिदिन स्नान-ध्यान करने के बाद विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।

मान्यता है कि जो लोग प्रतिदिन सुबह जल्दी उठते हैं, उनकी आयु लंबी होती है। स्वास्थ्य पर बुरा असर नहीं पड़ता है। साथ ही उन पर मां लक्ष्मी प्रसन्न रहती हैं।

यदि आपकी आर्थिक स्थिति कमजोर है, तो आप सच्चे मन से गरीब व्यक्ति को दान करें। ऐसा करने से आपको जल्द धन का लाभ हो सकता है।

CG Board Result 2024: छात्रों का इंतजार खत्म, छत्तीसगढ़ बोर्ड जल्द ही जारी करेगा 10वीं और 12वीं का रिजल्ट…

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CG Board Result 2024: छात्रों का इंतजार खत्म, छत्तीसगढ़ बोर्ड जल्द ही जारी करेगा 10वीं और 12वीं का रिजल्ट…

छत्तीसगढ़ में 10वीं और 12वीं बोर्ड के परीक्षार्थियों का इंतजार खत्म होने जा रहा है. गुरुवार (9 मई) को दोपहर 12:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल ने दोनों ही क्लास के रिजल्ट जारी करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है.

इसके लिए शिक्षा विभाग ने सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं.

लोकसभा चुनाव के चलते आचार संहिता लागू होने की वजह से छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव पुष्पा साहू (IAS) के द्वारा रिजल्ट जारी किया जाएगा. साथ ही 10वीं और 12वीं के छात्रों की मेरिट सूची भी जारी की जाएगी. छात्रों को अपने रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार है. 10वीं और 12वीं के छात्र पिछले साल की तरह परीक्षा परिणाम मंडल की ऑफिशियल वेबसाइट पर देख सकते हैं.

बोर्ड एग्जाम परीक्षार्थियों का आकंड़ा
10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों के इंतजार की घड़ी खत्म होने वाली है. अब से कुछ ही समय में छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के द्वारा बोर्ड एग्जाम के नतीजे जारी कर दिए जाएंगे. साथ ही मेरिट लिस्ट भी जारी कर दी जाएगी.

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव पुष्पा साहू ने बताया कि 10वीं की परीक्षा में 3 लाख 45 हजार 556 परीक्षार्थी शामिल हुए थे. जबकि बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में पूरे प्रदेश में 2 लाख 61 हजार 22 छात्र-छात्राओं ने एग्जाम दिया था. माध्यमिक शिक्षा मंडल ने रिजल्ट घोषित करने के लिए सारी तैयारियां मुकम्मल कर ली हैं.

हालांकि इस साल 10वीं और 12वीं बोर्ड एग्जाम के नतीजे छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री नहीं कर पाएंगे. इसकी वजह यह है कि लोकसभा चुनाव के चलते आदर्श आचार संहिता देश भर में लागू है, ऐसे में माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव पुष्पा साहू के द्वारा रिजल्ट जारी किया जाएगा.

टॉपर्स को कराई जाती है हेलीकॉप्टर की सैर
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में 10वीं और 12वीं की परीक्षा में टॉप करने वाले छात्र-छात्राओं को स्कूल शिक्षा मंत्री के द्वारा हेलीकॉप्टर की सैर कराई जाती है. पिछले कुछ सालों से छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से छात्र-छात्राओं ने 10वीं और 12वीं में अच्छे मार्क्स लाकर अपने जिले और प्रदेश का नाम रौशन किया है.

इस बार देखना होगा कि छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में किस जिले के छात्र-छात्राएं 10वीं और 12वीं बोर्ड में टॉपर की लिस्ट में शामिल होते हैं. छात्रों के साथ-साथ उनके पैरेंट्स को भी अपने बच्चों के रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार है.आज गुरुवार दोपहर 12:30 बजे नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा. इसके बाद छात्र अपना परीक्षा परिणाम मंडल की वेबसाइट पर रोल नंबर डालकर देख सकेंगे.

छात्र इस लिंक से भी परीक्षा परिणाम चेक कर सकते हैं

https://cgbse.nic.in

https://cg.results.nic.in

https://results.cg.nic.in

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए ओडिशा दौरे के लिए रवाना, पत्रकारों से चर्चा में सोनिया गाँधी के बयान पर सीएम साय का पलटवार…

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री अब लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए ओडिशा दौरे के लिए रवाना हो गए हैं। इस दौरान पत्रकारों से चर्चा में सीएम साय ने कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा है।

कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया के बयान का पलटवार किया है। सीएम ने कांग्रेस को चुनाव में मुद्दा विहीन पार्टी बताया है। साथ ही कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के ईवीएम के बयान का करारा जवाब दिया है।

सीएम साय ने तीसरे चरण के चुनाव को लेकर अपनी बात रखते हुए कहा कि लोकतंत्र के महापर्व का तीसरे चरण के साथ ही छत्तीसगढ़ में समापन हो गया है। उन्होंने कहा कि यहां अच्छे से चुनाव संपन्न हुआ है। जिस तरह से हमने प्रदेश का दौरा कि हम पूरे विश्वास के साथ यह कह सकते हैं कि हम पूरी 11 सीटों पर सीत कर आ रहे हैं। हमारा भरोशा है हमने सभी से फीडबैक लिया है, हमारे सभी प्रत्याशी चुनाव जीतकर लोकसभा जाएंगे।

सोनिया गांधी के बयान पर सीएम साय ने कहा

बीते दिनों सोनिया गांधी के बेरोजगारी के बयान को लेकर छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि अब कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है। सीएम ने कहा कि यह लोग घूम फिर कर उसी में आ जाते हैं। साल 2024 के में कांग्रेस की जो दुर्गति होने वाली है, वह देश की जनता देखेगी।

हार का ठीकरा EVM पर फोड़ती है कांग्रेस- साय

EVM पर कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह के बयान को लेकर सीएम साय ने कहा कि जब-जब कांग्रेस पार्टी चुनाव हारने लगती है तो अपनी इस हार का जिम्मेदार EVM को ठहराना शुरू कर देती है। सीएम ने कहा कि यह कांग्रेस का चरित्र है जब चुनाव जीतते हैं तो कोई सवाल नहीं करता और जब हारते हैं तो EVM दोषी हो जाती है।