Home Blog Page 1008

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लोकसभा चुनाव में प्रचार करने के रलिए अंतरिम जमानत दी जाए या नहीं, सुप्रीम कोर्ट आज इस बात पर विचार

0

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लोकसभा चुनाव में प्रचार करने के रलिए अंतरिम जमानत दी जाए या नहीं, सुप्रीम कोर्ट आज इस बात पर विचार कर रहा है. अरविंद केजरीवाल की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से पेश हुए एएसजी एसवी राजू ने दलीलें रखीं. एएसजी राजू ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि मनीष सिसोदिया की जमानत रद्द होने के बाद 1100 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई है. इस पर जस्टिस खन्ना ने पूछा कि अपराध की आय यानी रिश्वत 100 करोड़ थी.. यह 2-3 सालों में यह 1100 करोड़ कैसे हो गई. यह रिटर्न की एक अभूतपूर्व दर होगी. जस्टिस खन्ना की इस टिप्पणी पर एएसजी राजू ने कहा कि 590 करोड़ थोक व्यापारी का मुनाफा है. इससे शराब कंपनियों ने 900 करोड़ का मुनाफा कमाया. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अंतर लगभग 338 करोड़ था और यह पूरी चीज अपराध की आय नहीं हो सकती. इसके बाद ईडी की ओर से एएसजी राजू ने कहा कि जब हमने जांच शुरू की तो हमारी जांच सीधे तौर पर उनके (अरविंद केजरीवाल) खिलाफ नहीं थी. जांच के दौरान उनकी भूमिका सामने आई. इसीलिए शुरुआत में उनके बारे में एक भी सवाल नहीं पूछा गया. जांच उन पर केंद्रित नहीं थी. मामले की सुनवाई के दौरान ही जस्टिस संजीव खन्ना ने ईडी से पूछा कि इस मामले में सबसे पहले किसी सरकारी अधिकारी की गिरफ्तारी कब हुई थी? गिरफ्तारी की तारीख क्या है? चाहे इक्जिक्यूटिव हो या ब्यूरोक्रेट… इस पर ईडी की ओर से एएसजी राजू ने जवाब दिया कि 9 मार्च को गिरफ्तारी हुई थी. इसके बाद जस्टिस खन्ना ने एएसजी राजू की दलीलों पर सवाल किया कि जिन बयानों के हवाले से आप जो कह रहे हैं वो संभवत: आपकी कल्पना हो सकता है कि किकबैक दिया गया. इस पर राजू ने कहा कि हम अपनी जांच को इन बयानों के आधार पर आगे बढ़ा रहे हैं. हमे उसमें कामयाबी भी मिल रही है. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले से संबंधित केस फाइल अदालत में तलब की. सुप्रीम कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी से पहले की फाइल भी ईडी से मांगी है. पहली बार मामला कब दर्ज किया गया, ईसीआर की पूरी जानकारी मांगी. मनीष सिसोदिया को जब गिरफ्तार किया गया था, उस समय की भी सभी फाइल, शुरुआत में जब दो लोग गिरफ्तार हुए थे, उसकी भी जानकारी मांगी. सुप्रीम कोर्ट ने रेड्डी की गिरफ्तारी और 164 के बयान की केस फाइल मांगी. अदालत ने मनीष की गिरफ्तारी से पहले और बाद की सभी फाइल भी मांगीं.

छत्तीसगढ़ : लोकसभा की 7 सीटों पर 168 उम्मीदवार ; इन दिग्गजों के भाग्य का होगा फैसला…

0

छत्तीसगढ़ : लोकसभा की 7 सीटों पर 168 उम्मीदवार ; इन दिग्गजों के भाग्य का होगा फैसला…

छत्तीसगढ़ में मंगलवार को जिन 7 सीटों पर 168 उम्मीदवार मैदान में हैं. इनमें 26 महिला उम्मीदवार भी किस्मत आजमा रही हैं. इन सभी 7 लोकसभा सीटों पर मतदान के लिए 15,701 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं, जहां इन क्षेत्रों के मतदाता मंगलवार को अपना मतदान करेंगे. इस बार इनमें से 7887 मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग भी करवाई जाएगी.

छत्तीसगढ़ की 7 लोकसभा सीटों पर रविवार को शाम 5 बजे चुनाव प्रचार थम गया है. छत्तीसगढ़ में मंगलवार को जिन 7 लोकसभा सीटों पर चुनाव होने वाले हैं, उनमें सरगुजा, जांजगीर-चांपा, कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर लोकसभा सीटें शामिल हैं. इन 7 सीटों पर 168 उम्मीदवार मैदान में हैं. इनमें 26 महिला उम्मीदवार भी किस्मत आजमा रही हैं. इन सभी 7 लोकसभा सीटों पर मतदान के लिए 15,701 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं, जहां इन क्षेत्रों के मतदाता मंगलवार को अपना मतदान करेंगे. इस बार इनमें से 7887 मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग भी करवाई जाएगी.

इन दिग्गजों के भाग्य का होगा फैसला

छत्तीसगढ़ में मंगलवार को जिन 7 लोकसभा सीट के लिए मतदान होने जा रहे हैं, उनमें कई दिग्गजों के भाग्य का फैसला भी यहां की जनता करेगी. इस चरण में जिन दिग्गजों के भाग्य का फैसला होगा. इसमें 35 सालों से लगातार रायपुर दक्षिण से विधायक रहे बृजमोहन अग्रवाल भाजपा के टिकट पर मैदान में हैं. वह पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ने जा रहे हैं. वहीं, उनके खिलाफ कांग्रेस के टिकट पर विकास उपाध्याय मैदान में हैं. वह, AICC के सचिव हैं. दुर्ग से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के चाचा और भाजपा सांसद विजय बघेल एक बार फिर से भाजपा के टिकट पर किस्मत आजमा रहे हैं. इसके अलावा कोरबा लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर ज्योत्सना महंत चुनाव मैदान में हैं. वह कांग्रेस की मौजूदा सांसद होने के साथ ही पूर्व केंद्रीय मंत्री चरणदास महंत की पत्नी हैं. उनके खिलाफ भाजपा के टिकट पर सरोज पांडे  ताल ठोक रही हैं. वह भाजपा से लोकसभा और राज्यसभा की सांसद रह चुकी हैं. वहीं, आरक्षित सीट जांजगीर-चंपा से शिवकुमार डहरिया कांग्रेस के टिकट पर ताल ठोक रहे हैं. वह, छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री रह चुके हैं. वहीं, आदिवासी बेल्ट सरगुजा से भाजपा के टिकट पर कांग्रेस से पाला बदलकर भाजपा में आए चिंतामणि महाराज ताल ठोक रहे हैं. बिलासपुर से कांग्रेस के टिकट पर देवेन्द्र सिंह यादव चुनावी मैदान में है. वह दो बार के विधायक हैं. इसके अलावा वह NSUI के राष्ट्रीय सचिव भी रह चुके हैं.

2019 में क्या रहे थे नतीजे?

अगर 2019 लोकसभा चुनाव के नतीजे की बात करें, तो बीजेपी को इन 7 में से 6 सीटों पर जीत मिली थी. वहीं, कांग्रेस मात्र एक सीट जीतने में सफल रही थी. इसके अलावा अगर वोट प्रतिशत की बात करें, तो भाजपा को 58.2% और कांग्रेस को 39.4% मत प्राप्त हुए थे. वहीं, अन्य को 0 सीटें और 8.3 % वोट मिले थे.

इन 7 सीटों पर हैं इतने मतदाता

इन सात सीटों पर मतदाता की बात करें, तो यहां कुल  एक करोड़ 39, लाख 1285 मतदाता हैं. इनमें से
6933121 पुरुष,  6967544 महिलाएं और 620 अन्य श्रेणी के मतदाता हैं.

छत्‍तीसगढ़ : पूर्व मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल को मिली रायबरेली की कमान, कांग्रेस ने बनाया सीनियर ऑब्जर्वर…

0

छत्‍तीसगढ़ : पूर्व मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल को मिली रायबरेली की कमान, कांग्रेस ने बनाया सीनियर ऑब्जर्वर…

लोकसभा चुनाव 2024 के बीच कांग्रेस ने छत्‍तीसगढ़ के पूर्व मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल को एक और बड़ी जिम्‍मेदारी सौंपी है। कांग्रेस ने भूपेश बघेल को रायबरेली लोकसभा सीट का AICC वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।

लोकसभा चुनाव के बीच भूपेश बघेल को मिली बड़ी जिम्‍मेदारी, कांग्रेस ने रायबरेली का AICC वरिष्ठ पर्यवेक्षक किया नियुक्त..

लोकसभा चुनाव 2024 के बीच कांग्रेस ने छत्‍तीसगढ़ के पूर्व मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल को एक और बड़ी जिम्‍मेदारी सौंपी है। कांग्रेस ने भूपेश बघेल को रायबरेली लोकसभा सीट का AICC वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। भूपेश बघेल अब राहुल गांधी की चुनावी तैयारियों की जिम्‍मेदारी संभालेंगे। भूपेश बघेल अब राहुल गांधी की चुनावी तैयारियों की जिम्‍मेदारी संभालेंगे। बतादें कि राहुल गांधी वायनाड के अलावा रायबरेली लोकसभा सीट से भी चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं कांग्रेस ने अशोक गहलोत को अमेठी का AICC वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। रायबरेली और अमेठी लोकसभा सीट गांधी परिवार अहम माना जाता है। रायबरेली लोकसभा सीट का सीनियर ऑब्जर्वर बनाए जाने पर पूर्व सीएम बघेल ने पार्टी के शीर्ष नेताओं का आभार व्‍यक्‍त किया है। भूपेश बघेल ने एक्‍स हैंडल पर पोस्‍ट कर कहा, इस बड़ी जिम्मेदारी और भरोसे के लिये शीर्ष नेतृत्व का आभार।

chhatisgarh : राधिका खेड़ा के कांग्रेस से इस्तीफे पर CM साय का बड़ा बयान

0

chhatisgarh : राधिका खेड़ा के कांग्रेस से इस्तीफे पर CM साय का बड़ा बयान

लोकसभा चुनाव के बीच छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस को झटका लगा और राधिका खेड़ा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. हाल ही में राधिका खेड़ा एक वीडियो में रोती हुई दिख रही थीं, जिसकी वजह कांग्रेस बताई जा रही थी. अब उनके इस्तीफे पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का भी बड़ा बयान आया है.

राधिका खेड़ा के कांग्रेस का दामन छोड़ने की बात पर भी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय ने विपक्षी पार्टी पर हमला बोला है. उन्होंने कहा, “जिस तरह से 2-3 दिन से चल रहा था कि राष्ट्रीय स्तर की महिला प्रवक्ता (राधिका खेड़ा) को कांग्रेस के भवन में अपने ही लोगों ने अपमानित किया. उनका रो-रो कर बुरा हाल हो गया था.” सीएम साय ने कहा, “कांग्रेस नारी न्याय की बात करती है, लेकिन उनकी कथनी और करनी में बड़ा फर्क रहता है. इसी कारण से आज कांग्रेस की दुर्गति हो रही है. 55-60 साल तक एकक्षत्र शासन करने वाले लोग विलुप्त होते चले जा रहे हैं.”

छत्तीसगढ़ की सभी 11 सीटों पर BJP की जीत का दावा
इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने यह दावा भी किया कि छत्तीसगढ़ में जहां भी बीजेपी के नेता जा रहे हैं, चाहे वो राष्ट्र स्तरीय नेता हों या राज्य स्तरीय नेता, हर जगह से उन्हें अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है. सीएम साय ने कहा कि बीजेपी के पक्ष में जबरदस्त माहौल देखने को मिल रहा है. साथ ही उन्होंने विश्वास जताया है कि छत्तीसगढ़ की सभी 11 लोकसभा सीटों पर बीजेपी जीतने वाली है.

राधिका खेड़ा ने कांग्रेस पर लगाए थे गंभीर आरोप
राधिका खेड़ा का कहना था कि उन्होंने 22 साल से ज्यादा तक जिस पार्टी का साथ दिया. जहां से NSUI और AICC के लिए पूरी जिम्मेदारी से काम किया, आज वहीं उनका विरोध किया जा रहा है क्योंकि वह अयोध्या में रामलला के दर्शन करने से खुद को रोक नहीं पाई थीं. कहा जा रहा है कि इसी से आहत होकर उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया.

छत्तीसगढ़ : लोकसभा सीट रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर चांपा और सरगुजा में सात सीटों पर 7 मई को तीसरे चरण का मतदान…

0

छत्तीसगढ़ : लोकसभा सीट रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर चांपा और सरगुजा में सात सीटों पर 7 मई को तीसरे चरण का मतदान…

छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव का तीसरे चरण के लोकसभा सीट रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर चांपा और सरगुजा सात सीटों पर मतदान सात मई को होना है।

रविवार की शाम पांच बजे से चुनावी शोरगुल थम जाएगा। प्रचार थमने से प्रत्याशी डोर टू डोर जनसंपर्क कर सकते हैं।

तीसरे चरण के मतदान के लिए राज्य चुनाव आयोग ने तैयारियां पूरी कर ली है। अब बूथों पर पोलिंग पार्टियों को रवाना कर दिया जाएगा। साथ ही सात सीटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर लिया गया है। तीसरे चरण के चुनाव के लिए मतदान सुबह सात से शाम छह बजे तक मतदाता वोट कर सकेंगे।

चुनावी मैदान में 168 प्रत्याशी
छत्तीसगढ़ के सात सीटों पर कुल 168 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। इनमें पुरुष उम्मीदवारों की संख्या 142 और महिला प्रत्याशियों की संख्या 26 हैं। सातों लोकसभा सीटों की तुलना में रायपुर लोकसभा सीट पर सबसे ज्यादा 38 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं बिलासपुर में भी 37 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं।

15 हजार 701 पोलिंग बूथ पर 20 हजार जवान होंगे तैनात
प्रदेश के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर चांपा और सरगुजा लोकसभा सीट में तीसरे चरण का मतदान सात मई को होना है। इन सातों सीटों के लिए चुनाव आयोग ने पूरी तैयारियां कर ली है। प्रदेश में कुल 15 हजार 701 मतदान केंद्र बनाए हैं। साथ ही सुरक्षा के लिए 20 हजार 200 जवानों की तैनाती की गई है।

पुलिस व पैरामिलिट्री फोर्स ने फ्लैग मार्च निकाला
इसी प्रकार चुनाव को पुलिस व पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों ने फ्लैग मार्च निकाला। थाना सिटी कोतवाली बेमेतरा के साथ ग्राम घिवरी, बहेरा, भुरकी, बीजाभाट, झाल में, थाना नांदघाट क्षेत्र ग्राम तरपोंगी, मगरघटा, मल्दा, पौसरी, धोबभट्टी में, थाना दाढी क्षेत्र ग्राम कठौतिया, उडतला, छिरहा में, थाना खम्हरिया क्षेत्र ग्राम खम्हरिया में, पुलिस चौकी संबलपुर क्षेत्र ग्राम संबलपुर, पेंड्री समेत अन्य जगहों में फ्लैग मार्च निकाला गया। लोगों को मतदान करने प्रेरित किया।

गुजरात की सभी सीटों पर चुनावी प्रचार का शोर थमा, अमित शाह, मनसुख मांडविया समेत ये दिग्गज नेता शामिल…

0

गुजरात की सभी सीटों पर चुनावी प्रचार का शोर थमा, अमित शाह, मनसुख मांडविया समेत ये दिग्गज नेता शामिल…

गुजरात में लोकसभा चुनाव 2024 के तहत सभी 26 सीटों पर तीसरे चरण के तहत मतदान कराया जाएगा. सात मई को होने वाले मतदान के लिए यहां अब चुनावी प्रचार का शोर थम गया है.

गुजरात (Gujarat) में लोकसभा की 26 सीटें हैं. सभी सीटों पर फिलहाल बीजेपी के सांसद हैं. यहां मुख्य मुकाबला बीजेपी (BJP) और कांग्रेस के बीच है जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) भी एक इंडिया गठबंधन के तहत एक सीट पर चुनाव लड़ रही है. यहां सात मई को वोटिंग कराई जाएगी.

गुजरात में 25 सीटों पर कांग्रेस लड़ रही है तो भरूच सीट आम आदमी पार्टी को दी गई है. यहां की गांधीनगर, राजकोट और पोरबंदर हॉट सीट है. गांधीनगर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एकबार फिर चुनाव लड़ेंगे. यह बीजेपी की परंपरागत सीट है जहां से बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी सांसद रहे हैं. वहीं, पोरबंदर सीट पर केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया दांव आजमा रहे हैं तो राजकोट सीट पर पुरुषोत्तम रूपाला को कैंडिडेट बनाया गया है जो हाल के दिनों में अपने एक विवादित बयान को लेकर भी चर्चा में बने हुए हैं.

26 सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच महामुकाबला
कच्छा – विनोदभाई चावड़ा (बीजेपी) बनाम नितिशभाई लालन (कांग्रेस)
बनासकांठा- रेखाबेन चौधरी (बीजेपी) बनाम गेनीबेन ठाकुर (कांग्रेस)
पाटण- भरतसिंह जी दाभी (बीजेपी) बनाम चंदनजी ठाकुर (कांग्रेस)
महेसाणा- हरिभाई पटेल (बीजेपी) (बीजेपी) बनाम रामजी ठाकुर (कांग्रेस)
साबरकांठा- शोभना बेन बरैया (बीजेपी) बनाम तुषार चौधरी(कांग्रेस)
गांधीनगर – अमित शाह (बीजेपी) बनाम सोनल पटेल (कांग्रेस)
अहमदाबाद पूर्व – हसमुखभाई सोमाभाई पटेल (बीजेपी) बनाम हिम्मत सिंह पटेल(कांग्रेस)
अहमदाबाद पश्चिम – दिनेशभाई कोडरभाई मकवाना (बीजेपी) बनाम भरत मकवाना (कांग्रेस)
सुरेंद्रनगर – चंदूभाई छगनभाई शिहोरा (बीजेपी) बनाम रुतविक मकवाना (कांग्रेस)
राजकोट – पुरुषोत्तम रूपाला (बीजेपी) बनाम परेश धनानी (कांग्रेस)
पोरबंदर – मनसुखभाई मंडाविया (बीजेपी) बनाम ललित भाई वसोया (कांग्रेस)
जामगनर – पूनमबेन माडम (बीजेपी) बनाम जे पी मारविया (कांग्रेस)
जूनागढ़ – राजेशभाई चुडासमा (बीजेपी) बनाम हीराभाई जटोवा (कांग्रेस)
अमरेली- भरभाई मनुभाई सुतारिया (बीजेपी) बनाम जेनीबेन ठुम्मार (कांग्रेस)
भावनगर – निमुबेन बम्भानिया(बीजेपी) बनाम उमेश मकवाना (कांग्रेस)
आणंद – मितेशभाई रमेश भाई पटेल (बीजेपी) बनाम अमित भाई चावड़ा (कांग्रेस)
खेड़ा – देवुसिंह चौहान (बीजेपी) बनाम कालू सिंह डाबी (कांग्रेस)
पंचमहल – राजपालसिंह महेंद्रसिंह जाधव (बीजेपी) बनाम गुलाब सिंह चौढान (कांग्रेस)
दाहोद- जसवंत सिंह भाभोर (बीजेपी) बनाम प्रभाबेन तभियाद (कांग्रेस)
वडोदरा- हेमंग योगेशचंद्र जोशी (बीजेपी) बनाम जसपाल सिंह पढियार (कांग्रेस)
छोटा उदयपुर- जशुभाई भीलुभाई राठवा (बीजेपी) बनाम सुखराम भाई राठवा (कांग्रेस)
भरूच- मनसुख भाई वसाला (बीजेपी) बनाम चैतर वसावा (आप)
बारडोली- प्रभुभाई नागरभाई वसावा (बीजेपी) बनाम सिद्धार्थ चौधरी (कांग्रेस)
सूरत- मुकेशभाई चंद्रकांत दलाल (बीजेपी)
नवसारी – सीआर पाटिल (बीजेपी) बनाम नैसाध देसाई (कांग्रेस)
वलसाड – धवल पटेल (बीजेपी) बनाम अनंतभाई पटेल (कांग्रेस)

lok sabha chunav 2024 : गुजरात में इस बार 35 मुस्लिम उम्मीदवार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं!

0

lok sabha chunav 2024 : गुजरात में इस बार 35 मुस्लिम उम्मीदवार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं!

गुजरात में इस बार 35 मुस्लिम उम्मीदवार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं लेकिन कांग्रेस ने इस बार अपनी परंपरा को तोड़ते हुए मुस्लिम समुदाय से एक भी व्यक्ति को मैदान में नहीं उतारा है. कांग्रेस ने तर्क दिया है कि भरूच लोकसभा सीट, जहां से वो परंपरागत रूप से एक मुस्लिम उम्मीदवार को मैदान में उतारती थी, इस बार विपक्षी इंडिया ब्लॉक के घटकों के बीच सीट बंटवारे के समझौते के तहत आम आदमी पार्टी (आप) के पास चली गई है.

राष्ट्रीय पार्टियों में केवल बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने राज्य में 7 मई को होने वाले चुनाव के लिए गांधीनगर से एक मुस्लिम उम्मीदवार को मैदान में उतारा है. बसपा ने 2019 के लोकसभा चुनाव में पंचमहल से एक मुस्लिम उम्मीदवार को भी मैदान में उतारा था. चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, इस बार तीसरे चरण में 7 मई को गुजरात की 26 सीटों में से 25 सीटों पर होने वाले लोकसभा चुनाव में 35 मुस्लिम उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि 2019 में मुस्लिम समुदाय से 43 उम्मीदवार मैदान में थे.

कांग्रेस ने बताई वजह

समुदाय के अधिकांश उम्मीदवार या तो स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ रहे हैं. गुजरात कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष वजीरखान पठान ने इस मामले पर बात करते हुए कहा, “पार्टी पारंपरिक रूप से राज्य में लोकसभा चुनाव में मुस्लिम समुदाय से कम से कम एक उम्मीदवार को मैदान में उतारती है, खासकर भरूच से. इस बार यह संभव नहीं था क्योंकि सीट AAP के पास चली गई थी.” उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने गुजरात में एक सीट से उम्मीदवार खड़ा करने की पेशकश की थी, लेकिन समुदाय के सदस्यों ने जीत की कम संभावना को देखते हुए इनकार कर दिया.

अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष ने क्या कहा

कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष ने कहा, “किसी मुस्लिम उम्मीदवार के लिए किसी अन्य सीट से चुनाव लड़ने की कोई गुंजाइश नहीं है. बड़ी मुस्लिम आबादी वाली दो सीटें – अहमदाबाद पश्चिम और कच्छ – अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं.” बता दें, भरूच के अलावा, कांग्रेस ने अतीत में नवसारी और अहमदाबाद (जब इसे अहमदाबाद पूर्व और पश्चिम सीटों में विभाजित नहीं किया गया था) से मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है.

कांग्रेस ने कब-कब उतारे मुस्लिम उम्मीदवार

1977 में, कांग्रेस ने दो मुस्लिम उम्मीदवारों को संसद भेजा – अहमदाबाद से एहसान जाफरी और भरूच से अहमद पटेल. पटेल ने 1980 और 1984 में भरूच से दो बार के चुनाव जीते. उनके बेटे फैसल पटेल और बेटी मुमताज पटेल इस बार सीट के दावेदारों में से थे और उन्होंने इस सीट के आम आदमी पार्टी के पास जाने पर नाखुशी भी व्यक्त की थी, जिसने आदिवासी नेता चैतर वसावा को मैदान में उतारा है. इससे पहले, कांग्रेस ने साल 2004, 2009 और 2019 के लोकसभा चुनावों में भरूच से मुहम्मद पटेल, अजीज तनकारवी और शेरखान पठान को मैदान में उतारा था. 2014 के लोकसभा चुनाव में उसने नवसारी सीट से अपने एकमात्र मुस्लिम उम्मीदवार मकसूद मिर्जा को मैदान में उतारा था.

बसपा ने उतारा मुस्लिम उम्मीदवार

मायावती के नेतृत्व वाली बसपा ने इस बार मोहम्मद अनीस देसाई को गांधीनगर से चुनाव लड़ने के लिए टिकट की पेशकश की है, जहां उनका मुकाबला भाजपा के दिग्गज नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से है. गुजरात की जिन 25 लोकसभा सीटों पर चुनाव होने हैं, उनमें से गांधीनगर में सबसे ज्यादा आठ मुस्लिम उम्मीदवार हैं.

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, जामनगर और नवसारी में पांच-पांच, पाटन और भरूच में चार-चार, पोरबंदर और खेड़ा में दो-दो और अहमदाबाद पूर्व, बनासकांठा, जूनागढ़, पंचमहल और साबरकांठा में एक-एक मुस्लिम उम्मीदवार हैं. जबकि उनमें से ज्यादातर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ रहे हैं, कुछ छोटे दलों जैसे राइट टू रिकॉल पार्टी, भारतीय जन नायक पार्टी, सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी, गरीब कल्याण पार्टी और लोग पार्टी ने भी विभिन्न सीटों से मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है.

मुस्लिम उम्मीदवार ने क्या कहा

भरूच के जंबूसर तालुका के सरोद गांव के सरपंच इस्माइल पटेल, जो भरूच लोकसभा सीट से स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं, ने कहा कि उन्होंने 2022 के राज्य विधानसभा चुनावों के लिए टिकट की कोशिश की, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें अस्वीकार कर दिया. उन्होंने कहा कि “बड़े राजनीतिक दल मुस्लिम नेताओं की उपेक्षा करते हैं, जिसके कारण हमें एक रास्ता खोजना पड़ता है और स्वतंत्र उम्मीदवारों के रूप में चुनाव लड़ना पड़ता है. हमारे क्षेत्र में लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन स्थानीय नेता उनकी सहायता के लिए नहीं आते हैं, जिसके कारण स्थानीय लोग चाहते हैं उनके समुदाय से एक नेता हो.”

22 अप्रैल को प्रकाशित उम्मीदवारों की अंतिम सूची के अनुसार, गुजरात में 7 मई को होने वाले चुनाव के लिए कुल 266 उम्मीदवार मैदान में हैं. गुजरात की 26 सीटों में से सूरत भाजपा के खाते में चली गई है क्योंकि पिछले सप्ताह उसके उम्मीदवार मुकेश दलाल को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया था.

केंद्र सरकार ने लोकसभा चुनाव के कारण आदर्श आचार संहिता लागू होने के मद्देनजर प्याज निर्यात से प्रतिबंध हटाने से पहले निर्वाचन आयोग की अनुमति ली है।

0

केंद्र सरकार ने लोकसभा चुनाव के कारण आदर्श आचार संहिता लागू होने के मद्देनजर प्याज निर्यात से प्रतिबंध हटाने से पहले निर्वाचन आयोग की अनुमति ली है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, वित्त मंत्रालय के तहत राजस्व विभाग ने 40 प्रतिशत निर्यात शुल्क और 550 अमेरिकी डॉलर प्रति टन के न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) की शर्तों के तहत प्याज निर्यात से प्रतिबंध हटाने के लिए निर्वाचन आयोग से अनुमति ली है। सरकार ने शनिवार को प्याज निर्यात से प्रतिबंध हटा दिया था। इस फैसले से बड़ी संख्या में किसानों को मदद मिलेगी।

यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जबकि महाराष्ट्र सहित कई प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान होने वाला है। सरकार 550 डॉलर प्रति टन के न्यूनतम निर्यात मूल्य (लगभग 46 रुपये प्रति किलोग्राम) के साथ ही 40 प्रतिशत का निर्यात शुल्क लगाया है। इस शुल्क को देखते हुए 770 डॉलर प्रति टन या 64 रुपये प्रति किलोग्राम से कम भाव पर प्याज निर्यात की अनुमति नहीं दी जाएगी।

प्याज के निर्यात से प्रतिबंध हटाने का निर्णय उपभोक्ता मामलों के विभाग की सिफारिश पर लिया गया है। विभाग देश में प्याज की उपलब्धता और कीमत की स्थिति पर नजर रखता है। पिछले साल आठ दिसंबर को केंद्र ने उत्पादन में संभावित गिरावट की चिंताओं के बीच खुदरा कीमतों को नियंत्रित करने के लिए प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था।

पिछले 4-5 साल के दौरान देश से सालाना 17 लाख से 25 लाख टन प्याज का निर्यात हुआ है। उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने शनिवार को कहा कि प्रतिबंध हटने से खुदरा बाजार में कीमतों में कोई वृद्धि नहीं होगी। उन्होंने कहा, ”कीमतें स्थिर रहेंगी। अगर कोई बढ़ोतरी होती है, तो यह बहुत मामूली होनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि सरकार उपभोक्ताओं और किसानों दोनों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

भारत में लॉन्च हुई Vivo Y18 Series : इस सीरीज में कंपनी ने दो स्मार्टफोन- Vivo Y18 और Vivo Y18e पेश किए हैं।

0

भारत में लॉन्च हुई Vivo Y18 Series : इस सीरीज में कंपनी ने दो स्मार्टफोन- Vivo Y18 और Vivo Y18e पेश किए हैं।

Vivo ने अपनी Y18 Series भारत में लॉन्च कर दी है। इस सीरीज में कंपनी ने दो स्मार्टफोन- Vivo Y18 और Vivo Y18e पेश किए हैं। Vivo Y18 के 4GB+64GB वेरिएंट की कीमत 8999 रुपये और 4GB+128GB वेरिएंट की कीमत 9999 रुपये रखी गई है।

वहीं Vivo Y18e के 4GB+64GB वेरिएंट की कीमत 7999 रुपये है।

Vivo Y18 और Vivo Y18e के स्पेक्स

प्रोसेसर- Vivo के दोनों नए फोन Helio G85 प्रोसेसर के साथ लाए गए हैं।

रैम और स्टोरेज- Vivo Y18 में 4GB LPDDR4X रैम औऱ 64GB/128GB eMMC 5.1 स्टोरेज मिलती है।

Vivo Y18e फोन 4GB + 64 GB वेरिएंट के साथ LPDDR4X रैम टाइप और eMMC 5.1 रोम टाइप के साथ लाया गया है।

डिस्प्ले- Vivo फोन में 6.56 इंच LCD, 1612 × 720 पिक्सल रेजोल्यूशन, 90Hz तक रेजोल्यूशन मिलता है।

बैटरी- यह फोन 5000mAh बैटरी और 15W चार्जिंग पावर के साथ लाए गए हैं।

कैमरा- Vivo Y18 में 50 MP + 0.08 MP रियर कैमरा और सेल्फी के लिए 5MP फ्रंट कैमरा दिया गया है।

वहीं Vivo Y18e में 13 MP + 0.08 MP रियर कैमरा और सेल्फी के लिए 5MP फ्रंट कैमरा दिया गया है।

ओएस- Vivo का नया फोन Funtouch OS 14.0 ओएस पर रन करता है।

COVID-19 : सामने आया कोरोना का नया वेरिएंट ”FLiRT”, वैक्सीन लगवा चुके लोगों को भी संक्रमण का खतरा…

0

COVID-19 : सामने आया कोरोना का नया वेरिएंट ”FLiRT”, वैक्सीन लगवा चुके लोगों को भी संक्रमण का खतरा…

कोरोना वायरस के उस खौफनाक दौर को लोग आज भी भूल नहीं पाए हैं। भले ही कोरोना के मामले कम हो गए हैं लेकिन यह वायरस अभी भी हमारे बीच मौजूद है। इसके अलग-अलग स्ट्रेन हेल्थ एक्सपर्ट्स और लोगों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। इसी बीच अब कोरोना का और एक नया स्ट्रेन सामने आया है, जिसने फिर से लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

संयुक्त राज्य अमेरिका में COVID-19 के वेरिएंट का एक समूह चिंता का कारण बन गया है। कोरोना के इस नए वेरिएंट को वैज्ञानिकों ने ‘FLiRT’ नाम दिया है। यह नया वेरिएंट ओमिक्रोन फैमिली का माना जा रहा है। बता दें ओमिक्रोन कोरोना का वही स्ट्रेन है, जिसने दुनियाभर में सबसे ज्यादा तबाही मचाई थी। भारत में आई कोरोना की दूसरी लहर के पीछे भी ओमिक्रॉन ही जिम्मेदार था।

वैक्सीन लगवाने पर भी खतरा

हेल्थ एक्सपर्ट्स और वैज्ञानिकों के अनुसार, कोरोना का यह वेरिएंट फिलहाल अमेरिका के कुछ हिस्सों में फैल रहा है। बढ़ते मामलों को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि यह वेरिएंट दुनिया के अन्य हिस्सों में भी अपने पैर पसार सकता है। ऐसा भी कहा जा रहा है कि बूस्टर डोज लगवाने के बाद भी यह स्ट्रेन आपको अपनी चपेट में ले सकता है, जिसके कारण लोग काफी चिंता में हैं।

वेस्ट वॉटर में मिला नया वेरिएंट

अमेरिकी वैज्ञानिक जे. वेइलैंड के अनुसार, वेस्ट वॉटर की निगरानी कर रही उनकी टीम को पानी के कुछ सैंपल में कोरोना का नया वेरिएंट मिला। लोगों को इस नए वेरिएंट को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। उनका ऐसा मानना है कि गर्मी की वजह से यह वेरिएंट कोरोना के मामले बढ़ा सकता है।

कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को ज्यादा खतरा

यह वेरिएंट अमेरिका के अलावा यह दुनिया के अन्य हिस्सों में मौजूद कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को भी प्रभावित कर सकता है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि यह वेरिएंट कोरोना की एक नई लहर का कारण बन सकता है। कोरोना का यह वेरिएंट इसके अन्य वेरिएंट्स से अलग है। यह अन्य वेरिएंट की तुलना में ज्यादा खतरनाक हो सकता है। डायबिटीज या दिल की बीमारी के मरीज को इससे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है।