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संविधान का गला घोंटना कांग्रेस का इतिहास, इमरजेंसी को नहीं भूला देश : योगी आदित्यनाथ

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संविधान का गला घोंटना कांग्रेस का इतिहास, इमरजेंसी को नहीं भूला देश : योगी आदित्यनाथ

लोकसभा चुनाव 2024 के तहत दो चरणों में मतदान हो चुका है। अब 5 चरणों के लिए प्रचार जोरों पर है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के साथ ही देशभर में पार्टी उम्मीदवारों के लिए प्रचार कर रहे हैं। चुनाव प्रचार में योगी आदित्यनाथ की बड़ी डिमांड है। प्रत्याशी उन्हें अपने क्षेत्र में चुनाव प्रचार के लिए बुलाने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इस बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर संविधान का गला घोंटने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा का कांग्रेस का इतिहास ही संविधान का गला घोंटने का रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (INDIA) के प्रमुख घटक दल कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, देश के इस सबसे पुराने राजनीतिक दल का इतिहास ही बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान का गला घोंटने का रहा है।

संविधान बदल देंगे?

कांग्रेस का आरोप है कि अगर भाजपा और NDA को 400 से अधिक सीटें मिलती हैं तो वह संविधान बदल देंगे। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को जबाव दिया। न्यूज एजेंसी PTI-Video से बातचीत में उन्होंने इसे कांग्रेस का झूठ बताया। उन्होंने कहा, इससे बड़ा सफेद झूठ दूसरा नहीं हो सकता। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और विपक्षी गठबंधन INDIA में शामिल दलों के इतिहास के बारे में हर व्यक्ति जानता है।

कांग्रेस ने अभिव्यक्ति की आजादी को कुचला

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 1950 में देश का संविधान लागू हुआ और कांग्रेस ने लगातार अभिव्यक्ति की आजादी को कुचलने का काम किया। उन्होंने कहा, कांग्रेस ने लगातार प्रयास किए कि वह संविधान को अपने तरीके से इस्तेमाल करे।

जनविरोधी है कांग्रेस

योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस को जनविरोधी करार दिया। उन्होंने कहा, जनता का शासन जनता के लिए है, लेकिन कांग्रेस ने कभी यह प्रयास नहीं किया कि जनभावनाओं का सम्मान हो। योगी आदित्यनाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में देश में आपातकाल लागू होने की बात भी याद दिलाई। उन्होंने कहा, इमरजेंसी को देश की जनता आज भी नहीं भूली है। यह देश के संविधान का गला घोंटने जैसा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार के समय में कांग्रेस के हर कार्य में समाजवादी पार्टी (SP) का समर्थन होने का भी आरोप लगाया।

योग गुरु रामदेव को बड़ा झटका! पतंजलि की दिव्य फार्मेसी के 10 उत्पादों के विनिर्माण लाइसेंस निलंबित…

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योग गुरु रामदेव को बड़ा झटका! पतंजलि की दिव्य फार्मेसी के 10 उत्पादों के विनिर्माण लाइसेंस निलंबित…

योग गुरु रामदेव को बड़ा झटका लगा है। पतंजलि की दिव्य फार्मेसी के 10 उत्पादों के विनिर्माण लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। उत्तराखंड औषधि विभाग के लाइसेंस प्राधिकरण के एक आदेश में यह जानकारी दी गई। यह आदेश इस महीने की शुरुआत में औषधि एवं जादुई उपचार (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम और औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के उल्लंघन में कंपनी के इन उत्पादों के भ्रामक विज्ञापनों की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जारी किया गया है। आदेश के अनुसार, दिव्य फार्मेसी के जिन उत्पादों के विनिर्माण लाइसेंस को निलंबित कर दिया गया है उनमें श्वासारि गोल्ड, श्वासारि वटी, ब्रोंकोम, श्वासारि प्रवाही, श्वासारि अवलेहा, मुक्ता वटी एक्स्ट्रा पावर, लिपिडोम, बीपी ग्रिट, मधुग्रिट और मधुनाशिनी वटी एक्स्ट्रा पावर शामिल हैं।

पूरे देश में चल रही बदलाव की हवा, केंद्र की सत्ता से बीजेपी का जाना तयः शरद पवार…

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पूरे देश में चल रही बदलाव की हवा, केंद्र की सत्ता से बीजेपी का जाना तयः शरद पवार…

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने सोमवार को कहा कि पूरे देश में बदलाव की हवा चल रही है। अपनी खामियों और विफलताओं के कारण सत्तारूढ़ बीजेपी के प्रति अब लोगों की धारणा बदल गई है। देश का हर वर्ग बीजेपी सरकार से परेशान है। इस लोकसभा चुनाव में बीजेपी का जाना तय है। शिरूर और अहमदनगर लोकसभा क्षेत्रों में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) उम्मीदवारों के लिए चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए, पवार ने कहा कि उन्होंने पिछले कुछ हफ्तों में पूरे महाराष्ट्र में प्रचार करते हुए हजारों लोगों से बातचीत की और बदलाव की उनकी इच्छा को महसूस किया। पवार ने कहा, “जनता, किसान, श्रमिक, युवा और महिलाएं बीजेपी सरकार की कार्यशैली से परेशान हैं। बीजेपी को 10 साल तक देश पर शासन करने का अवसर मिला, लेकिन उन्होंने जनता को निराश किया।” शरद पवार ने दावा किया कि विभिन्न क्षेत्रों में संकट के अलावा बी.आर. अंबेडकर द्वारा लिखित संविधान पर भी खतरा मंडराने लगा है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने भाषणों में जवाहरलाल नेहरू, अन्य पूर्व प्रधानमंत्रियों और हमारी भी आलोचना करते रहते हैं। प्रधानमंत्री को हम (विपक्ष) को निशाना बनाए बिना रात में नींद नहीं आती है। उन्हें काम के माध्यम से अपने पद की गरिमा बरकरार रखनी चाहिए।” वरिष्ठ नेता ने कहा, वर्तमान सरकार संसदीय लोकतांत्रिक प्रणाली या विपक्ष में विश्वास नहीं करती है। राष्ट्रीय समस्याओं को हल करने के लिए सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच सामंजस्यपूर्ण संबंधों पर उसे विश्वास नहीं है। पवार ने कहा, “जब मैं लोकसभा में विपक्ष का नेता था, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और उनके वरिष्ठ मंत्री अक्सर मेरे साथ बैठते थे और मुद्दों पर चर्चा करते थे। वे हमारी राय पूछते थे और अगर उन्हें लगता था कि हम सही हैं, तो वे उन्हें लागू करने का आश्वासन देते थे।” मराठा नेता ने चेतावनी देते हुए कहा, “वर्तमान सरकार संविधान को बदलना चाहती है। उनके नेता सार्वजनिक रूप से यह कह रहे हैं। उन्होंने इतने सालों तक यहां स्थानीय चुनाव कराने की जहमत नहीं उठाई, वे नहीं चाहते कि लोगों को वोट देने का अधिकार मिले। उनके फैसले संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार को छीनने की कोशिश कर रहे हैं।” रैलियों में कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) के अन्य एमवीए नेताओं के साथ बड़े पैमाने पर ग्रामीणों और किसानों को संबोधित करते हुए पवार ने कहा, “जिन लोगों के हाथों में आज महाराष्ट्र है, उन्हें जनता से जुड़े मुद्दों में कोई दिलचस्पी नहीं है।” पवार ने कहा,”यह चुनाव देश के लिए है, और अगर हम सभी एकजुट भूमिका नहीं निभाते हैं, तो महाराष्ट्र को संकट की स्थिति का सामना करना पड़ेगा। जनता बदलाव के लिए संघर्ष कर रही है और इसे मौजूदा चुनावों के माध्यम से लोकतांत्रिक तरीके से हासिल करने की जरूरत है।” एनसीपी (एसपी) प्रमुख ने किसानो की चिंताओं के बारे में भी बात की और याद दिलाया कि जब वह 10 साल तक केंद्रीय कृषि मंत्री थे, तो किसानों की आत्महत्याएं कैसे कम हुई थीं। उन्होंने कहा, लेकिन मौजूदा सरकार में स्थिति फिर से खराब हो गई है। रैलियों में कांग्रेस नेता बालासाहेब थोराट, पार्टी उम्मीदवार अमोल कोल्हे (शिरूर) और नीलेश लंके (अहमदनगर) के अलावा बड़ी संख्या में किसान और युवा शामिल हुए।

हमास को अंतिम चेतावनी के बाद इजरायल ने राफा पर किए हवाई हमले, 15 लोगों की मौत..

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हमास को अंतिम चेतावनी के बाद इजरायल ने राफा पर किए हवाई हमले, 15 लोगों की मौत..

गाजाः दक्षिणी गाजा पट्टी के राफा शहर में तीन आवासीय इमारतों पर रविवार रात इजरायली हवाई हमलों में कम से कम 15 फिलिस्तीनी मारे गए। फिलिस्तीनी आधिकारिक समाचार एजेंसी वाफ़ा ने सोमवार को यह जानकारी दी। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि कई अन्य लोग अभी भी मलबे में फंसे हुए हैं और नागरिक सुरक्षा दल उन्हें बचाने के लिए काम कर रहे हैं। हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक इजरायली सेना की पिछले 24 घंटों के दौरान की कारर्वाई में 66 फिलिस्तीनी मारे और 138 अन्य को घायल हो गए। बयान के अनुसार सात अक्टूबर, 2023 को इजरायल-फिलिस्तीनी संघर्ष शुरू होने के बाद से मरने वालों की कुल संख्या 34,454 हो गई और 77,575 लोग घायल हुए है। बता दें कि इससे एक दिन पहले इजराइल ने राफा पर हमले से पहले हमास को चेतावनी दी थी कि उसके पास बंधक समझौता करने का आखिरी मौका है। अगर हमास समझौते पर सहमत नहीं होता है तो उसकी सेना राफा शहर पर हमला कर देगी। इस बीच हमास ने शनिवार को कहा कि वह गाजा में संघर्षविराम के लिए इजराइल के नए प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है।

लोकसभा चुनाव 2024 : AAP के थीम सॉन्ग पर EC ने जताई आपत्ति…

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AAP के थीम सॉन्ग पर EC ने जताई आपत्ति तो भड़की आतिशी, बोलीं वो तानाशाही करे तो सही और हम सांस ले तो आपत्ति लोकसभा चुनाव 2024 के लिए आम आदमी पार्टी ने तीन दिन पहले थीम सॉन्‍ग लॉन्‍च किया था। आम आदमी पार्टी के थीम सॉग्स पर चुनाव आयोग ने आपत्ति जताई है। चुनाव आयोग की आपत्ति पर दिल्‍ली सरकार की मंत्री आतिशी ने भाजपा पर हमला बोला है।दिल्‍ली सरकार की मंत्री आतिशी ने कहा भाजपा ईडी और सीबीआई का इस्‍तेमाल करके विपक्षी पार्टियों के नेताओं को जेल में डालते हैं, तब चुनाव आयेा को आपत्ति नहीं होती है लेकिन अगर इसे गाने में लिख दें तो चुनाव आयोग को आपत्ति हो जाती है। मंत्री आतिशी ने कहा तानाशाही सरकारों में विपक्षी पार्टियों को प्रचार करने से रोका जाता है। आज यही हुआ है, भाजपा के एक और हथियार, चुनाव आयोग ने इस पत्र के माध्यम से आम आदमी पार्टी के कैंपेन सॉन्ग पर रोक लगा दी है। चुनाव आयोग को भाजपा द्वारा रोज़ आचार संहिता का उल्लंघन नहीं दिखता लेकिन आम आदमी पार्टी के नेता सांस तक लेते हैं तो नोटिस आ जाती है।

राष्ट्रीय स्वयं सहायता समूह के प्रमुख मोहन भागवत ने आरक्षण को लेकर बड़ा बयान…

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राष्ट्रीय स्वयं सहायता समूह के प्रमुख मोहन भागवत ने आरक्षण को लेकर बड़ा बयान… तेलंगाना के हैदराबाद में शैक्षणिक संस्थान के एक कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयं सहायता समूह के प्रमुख मोहन भागवत ने आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि RSS हमेशा आरक्षण का समर्थन करती है लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं जो झूठे वीडियो फैला रहे हैं। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, “एक वीडियो प्रसारित किया जा रहा है कि आरएसएस आरक्षण के खिलाफ है और हम इस बारे में बाहर बात नहीं कर सकते। अब यह बात पूरी तरह झूठ है। संघ प्रारंभ से ही संविधान सम्मत सभी आरक्षणों का समर्थन करता रहा है। जब तक जरूरत हो तबतक आरक्षण बढ़ाया जाना चाहिए। संघ ने कभी भी कुछ समूहों को दिए गए आरक्षण का विरोध नहीं किया है।” बता दें, आरक्षण को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच छिड़े वाकयुद्ध के बाद मोहन भागवत ने यह टिप्पणी की है। जबतक समाज में है भेदभाव तबतक हो आरक्षण: मोहन भागवत : आरएसएस प्रमुख भागवत ने पिछले साल नागपुर में कहा था कि जब तक समाज में भेदभाव है तब तक आरक्षण दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि भेदभाव समाज में व्याप्त है, भले ही यह दिखायी नहीं देता हो। आरक्षण को लेकर पीएम मोदी ने विपक्ष को घेरा”  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुष्टीकरण की राजनीति को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन का आधार बताते हुए बीते गुरुवार को दावा किया कि इस गठबंधन के नेता धर्म आधारित आरक्षण देने के मकसद से संविधान बदलने के लिये वोट मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के उलट भाजपा राज्यों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों का आरक्षण लूटने के उनके मंसूबे पर ‘ताला’ लगाने के लिए 400 सीटें मांग रही है। बता दें, पीएम मोदी ने आगरा और बरेली के आंवला में भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित रैलियों में ये बयान दिया। इंडी पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ”इंडी गठबंधन के नेता इसलिए वोट मांग रहे हैं ताकि धर्म आधारित आरक्षण देने के लिए संविधान बदल सकें और मैं 400 सीटें इसलिए मांग रहा हूं ताकि प्रदेशों में धर्म के आधार पर आरक्षण देकर एससी-एसटी ओबीसी का आरक्षण लूटने का उन्होंने मंसूबा बना रखा है उसको हमेशा हमेशा के लिए ताला लगा सकूं। आपका हक कोई छीन ना ले इसलिए मुझे 400 सीटों की जरूरत है।”

महंगा हो रहा सोना, जानें- इस हफ्ते सोने का भाव सबसे ज्यादा रिटर्न…

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महंगा हो रहा सोना, जानें- इस हफ्ते सोने का भाव सबसे ज्यादा रिटर्न…

”सोने ने निवेशकों को इस हफ्ते 1 फीसदी का रिटर्न दिया है। वहीं अगर अप्रैल महीने की बात करें तो यह रिटर्न 5 फीसदी से ज्यादा हो गया है। यह स्थिति तब है जब सोने के दाम में इस महीने अस्थिरता रही है।”

ऐसी रही इस हफ्ते सोने की चाल

इस हफ्ते सोमवार (23 अप्रैल) को 24 कैरेट सोने की कीमत 72,160 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। वहीं रविवार को यह कीमत बढ़कर 72,930 रुपये हो गई। इस तरह एक हफ्ते में 24 कैरेट के सोने में करीब 1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। वहीं बात अगर 22 कैरेट के सोने की करें तो इसमें भी बढ़ोतरी करीब 1 फीसदी हुई है। 23 अप्रैल को 22 कैरेट सोने की कीमत 66,150 रुपये थी जो रविवार को बढ़कर 66,850 रुपये हो गई।

अप्रैल में 5 फीसदी से ज्यादा रिटर्न

अगर बात सिर्फ अप्रैल महीने की करें तो सोने ने अभी तक 5 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दे दिया है। 1 अप्रैल को 22 कैरेट सोने का भाव 63,600 रुपये प्रति 10 ग्राम था। 28 अप्रैल को यह बढ़कर 66,850 रुपये हो गया। इस प्रकार इसमें 5.11 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। वहीं 1 अप्रैल को 24 कैरेट सोने की कीमत 69,3800 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। 28 अप्रैल को इसकी कीमत बढ़कर 72,930 रुपये हो गई। इस प्रकार इसमें 5.12 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।

पिछले हफ्ते के मुकाबले गिरे रेट

सोने के रेट की तुलना अगर पिछले हफ्ते से करें तो इसमें गिरावट आई है। पिछले हफ्ते रविवार (21 अप्रैल) को 22 कैरेट सोने का भाव 68,050 रुपये प्रति 10 ग्राम था जो आज गिरकर 66,850 रह गया है। वहीं 24 कैरेट सोने का भी रेट 21 अप्रैल को 74,240 रुपये था। यह भी गिरकर आज 72,930 रुपये हो गया है।

क्या निवेश करने का है सही समय

एक्सपर्ट्स के मुताबिक सोने में निवेश का यह सही समय है। चूंकि अभी शादियों का सीजन चल रहा है। ऐसे में सोने के रेट गिरना इसकी मांग के बिल्कुल उलट है। एक्सपर्ट बताते हैं कि आने वाले समय में सोने के दाम में बढ़ोतरी होगी। ऐसे में जो लोग सोने में निवेश करने का सोच रहे हैं, वे इसमें निवेश कर सकते हैं। एक्सपर्ट कहते हैं कि उन निवेशकों को सोने में अच्छा रिटर्न मिल सकता है जो इसमें लंबे समय (कम से कम 2 साल) के लिए निवेश करेंगे।

Lok Sabha Election Phase 3: कुल 95 सीटों पर इस दिन होगा मतदान, जानें किन लोकसभा सीटों पर है वोटिंग…

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Lok Sabha Election Phase 3: कुल 95 सीटों पर इस दिन होगा मतदान, जानें किन लोकसभा सीटों पर है वोटिंग…

”लोकसभा चुनाव 2024 में पहले चरण 19 अप्रैल और दूसरे चरण को वोटिंग 26 अप्रैल को हो चुकी है। जबकि, तीसरे चरण के लिए वोटिंग 7 मई को 94 लोकसभा सीटों पर होने जा रही है, जिसमें 12 राज्य और 1 केंद्र शासित प्रदेश शामिल है।”

”यहां पर कुल 1351 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला ईवीएम में कैद हो जाएगा।”

”हालांकि, तीसरे चरण में असम की 4 सीटों पर, बिहार की 5 सीटों पर, छत्तीसगढ़ की 7 सीटों, गोवा की 2 सीट, गुजरात की 26 सीटों, कर्नाटक की 14 सीटों, मध्य प्रदेश की 9 सीटों, महाराष्ट्र की 11 सीटों, उत्तर प्रदेश की 10 सीट, पश्चिम बंगाल की 4 सीट, दादर और नागर हवेली और दमन और दीव की 2 सीटों और जम्मू और कश्मीर की 1 सीट पर वोटिंग होनी है।”

”तीसरे चरण के बाद चौथे चरण की वोटिंग 13 मई, पांचवें चरण की वोटिंग 20 मई, छठे चरण की वोटिंग 25 मई और आखिर यानी सातवें चरण में 1 जून को वोटिंग होनी है। लोकसभा चुनाव 2024 के लिए वोटों की गिनती 4 जून को होगी। इसमें ये पता चल जाएगा कि कौन सी पार्टी को मिला बहुमत और किसको मिला विपक्ष में बैठने का मौका।”

”गौर करने वाली बात ये है कि गुजरात में आने वाली सभी 26 सीटों के लिए वोटिंग एक ही चरण यानी तीसरे फेज में वोटिंग संपन्न होने जा रही है और इसलिए सभी पार्टियों ने अपनी ताकत झोंकने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।”

”असम की 4 सीटों पर वोटिंग होने जा रही है, जिसमें धुबरी, कोकराझार, बारपेटा और गुहावाटी शामिल है।”

”इसके अलावा बिहार की 5 सीटों पर वोटिंग होनी है, जिसमें झंझारपुर, सुपौल, अररिया, मधेपुरा और खगड़िया में तीसरे चरण की वोटिंग होने जा रही है।”

”जबकि, छत्तीसगढ़ की 7 सीटों पर भी वोटिंग होने वाली है, जहां सरगुजा, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, कोरबा, बिलासपुर, दुर्ग और राजधानी रायपुर भी शामिल है।”

”दूसरी तरफ गोवा की 2 सीटों में होने जा रही, जिसमें उत्तरी गोवा, दक्षिणी गोवा की सीटें में मतदान होने जा रहा है।”

” गौरतलब है कि गुजरात की कुल 26 की 26 सीटों पर मतदान होना है, जिसमें कच्छ, बनासकांठा, पाटन, महेसाणा, साबरकांठा, गांधीनगर, अहमदाबाद पूर्व, अहमदाबाद पश्चिम, सुरेंद्रनगर, राजकोट, पोरबंदर, जामनगर, जूनागढ़, अमरेली, भावनगर, आनंद, खेड़ा, पंचमहल, दाहोद, वडोदरा, छोटा उदयपुर, भरूच, बारडोली, सूरत , नवसारी और वलसाड आती है।”

” हालांकि दक्षिणी राज्य की 14 सीटें भी इसमें शामिल हैं जहां तीसरे चरण की वोटिंग होनी है। इनमें चिक्कोडी, बेलगाम, बागलकोट, बीजापुर, गुलबर्गा, रायचूर, बीदर, कोप्पल, बेल्लारी, हावेरी, धारवाड़, उत्तर कन्नड़, दावणगेरे और शिमोगा शहर है।”

”मध्य प्रदेश की 8 सीट, जिनमें शामिल भिंड, भोपाल, गुना, ग्वालियर, मुरैना, राजगढ़, सागर और विदिशा हैं।”

”महाराष्ट्र की 11 सीटों में बारामती सीट जो इस बार बहुत खास है क्योंकि यहां से पवार परिवार आमने-सामने की लड़ाई लड़ रहा है, रायगढ़, उस्मानाबाद, लातूर (एससी), सोलापुर (एससी), माधा, सांगली, सतारा, रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग, कोल्हापीर और हातकनांगल भी है।”

”दूसरी तरफ सबसे ज्यादा सीटों वाला प्रदेश यानी यूपी की करीब 10 सीटों पर इस बार मतदान होने जा रहा है, इसमें संभल, हाथरस, आगरा (एससी), फ़तेहपुर सीकरी, फ़िरोज़ाबाद, मैनपुरी, एटा, बदायूँ, आंवला और बरेली आती है।”

”वहीं, पश्चिम बंगाल की कुल 42 में से 4 सीटों में पर मतदान होगा, जिसमें मालदाहा उत्तर, मालदाहा दक्षिण, जंगीपुर और मुर्शिदाबाद शामिल है।”

” दादरा और नगर हवेली/दमन और दीव की 2 सीटों पर वोटिंग होनी है। इनके अलावा जम्मू-कश्मीर की 1 सीट पर जहां से दिग्गज नेता महबूबा मुफ्ती और गुलाम नबी आजाद आमने सामने हैं।”

महादेव सट्टेबाजी ऐप: एक्टर साहिल खान छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार, जानें क्या है आरोप

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महादेव सट्टेबाजी ऐप: एक्टर साहिल खान छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार, जानें क्या है आरोप!

बॉलीवुड एक्टर साहिल खान को मुंबई क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने गिरफ्तार में ले लिया है. साहिल खान पर बेटिंग साइट चलाने और बेटिंग को प्रमोट करने का आरोप है. जिसके तहत उन पर कार्रवाई की गई है. एसआईटी ने साहिल को छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से गिरफ्तार किया है. जिसके बाद उन्हें मुंबई लाया गाय है. मुंबई के माटुंगा पुलिस महादेव बेटिंग ऐप केस की जांच में एक्टर साहिल खान का नाम आया था. जानकारी के मुताबिक साहिल खान द लायन बुक एप नाम के एक सट्टेबाजी एप से जुड़े थे जो कि महादेव सट्टेबाजी ऐप नेटवर्क का ही हिस्सा है. इस मामले में मुंबई पुलिस ने साहिल से पूछताछ भी की थी. मुंबई के माटुंगा पुलिस मेहादेव बेटिंग ऐप केस की जांच में साहिल खान का नाम सामने आया था. साहिल ने जमानत के लिए कोर्ट का रुख किया था लेकिन कोर्ट से उन्हें राहत नहीं मिली थी. कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. उधर मुंबई लाए जाने पर पत्रकारों से साहिल ने कहा कि उन्हें देश की कानून व्यवस्था पर पूरा यकीन है.

फरार चल रहे थे साहिल खान

बताया जा रहा है कि कोर्ट से अग्रिम जमानत और गिरफ्तारी से राहत नहीं मिलने पर एक्टर साहिल खान फरार हो गया था. उसने मुंबई छोड़ दिया था. जिसके बाद से पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी. इस दौरान पुलिस से बचने के लिए साहिल ने अपनी लोकेशन भी कई बार बदली. इससे पहले 15000 करोड़ रुपये के महादेव बुक बेटिंग मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने साहिल खान से पूछताछ की थी. ये पूछताछ करीब 4 घंटे तक चली थी. इस दौरान साहिल ने इस मामले किसी भी तरह की अपनी भूमिका होने से इनकार किया. उन्होंने साफ कहा कि उनका इस मामले से कोई लेना देना नहीं है.

FIR में कई बड़े लोगों के नाम शामिल

यह मामला पहले माटुंगा पुलिस ने दर्ज किया, जिसके बाद इसकी जांच के लिए इसे क्राइम ब्रांच की साइबर सेल को ट्रांसफ़र किया गया और फिर SIT का गठन किया गया. प्रवर्तन निदेशालय महादेव सट्टेबाजी ऐप मामले की जांच कर रहा है. वहीं मुंबई पुलिस ने 32 लोगों के खिलाफ एक अलग मामला दर्ज किया है.बताया जा रहा है कि इस FIR ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के भाई मुस्तकीम, सौरभ चंद्राकर, रवि उपल, शुभम सोनी जैसे कई लोगों के नाम हैं।

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ा अपडेट, सीपीसी के गठन का मिला प्रस्ताव!

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8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ा अपडेट, सीपीसी के गठन का मिला प्रस्ताव!

8वें वेतन आयोग की आस लगाए बैठे सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। एक तरफ बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने साल 2024 में 8वां वेतन आयोग लागू करने पर विचार कर रही है। लंबे समय से अटके 8वें वेतन आयोग के मामले में विभागीय अधिकारियों ने सहमति जताई है। ऐसे में कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ने की संभावना है। कहा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव 2024 के बाद नई सरकार के तुरंत बाद 8वें वेतनमान आयोग को लागू किया जा सकता है, जिससे देश के एक करोड़ 12 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स को सीधा लाभ मिलेगा। अब लेटेस्ट अपडेट के अनुसार कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (Do&PT) के तहत कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने 8वें केंद्रीय वेतन के गठन के संबंध में भारतीय रेलवे तकनीकी पर्यवेक्षक संघ से व्यय विभाग को आगे की कार्यवाही के लिए आयोग को एक पत्र भेजा है। 20 मार्च 2024 के एक कार्यालय ज्ञापन में मंत्रालय ने कहा, “अधोहस्ताक्षरी को आर.वी. रमेश, महासचिव, भारतीय रेलवे तकनीकी पर्यवेक्षकों से प्राप्त पत्र संख्या IRTSA/मेमो-7 दिनांक 26.02.2024 की एक प्रति अग्रेषित करने का निर्देश दिया जाता है। उपर्युक्त विषय पर आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए व्यय विभाग को सूचित करें।” सीपीसी गठन को लेकर पत्र में क्या कहा गया? केंद्रीय वेतन आयोग आमतौर पर हर 10 साल के बाद केंद्र सरकार को कर्मचारियों के वेतन के ढांचे में संशोधन करना होता है। ‌इसके लिए सीपीसी (Central Pay Commission) गठित किया जाता है। ऐसे में पत्र में कहा गया है कि वेतन स्तर, वेतन वृद्धि, वेतन निर्धारण, पदोन्नति, एमएसीपीएस, सेवानिवृत्ति लाभ आदि में विसंगतियों के संबंध में देश भर में विभिन्न अदालतों में कई कानूनी मामले लंबित हैं, जिससे अदालतों का कीमती समय बर्बाद होता है और सरकारी कामकाज की दक्षता प्रभावित होती है।” आगे कहा गया कि, “कर्मचारियों के विभिन्न समूहों के बीच वेतन में असमानताओं/विसंगतियों को दूर करने और ऊपर बताए गए कारणों के लिए एक नए वेतन आयोग का गठन करने की आवश्यकता है। वेतन और भत्ते, कामकाज से संबंधित सभी सिद्धांतों का अध्ययन करने के लिए वेतन आयोग को पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।” पत्र के अनुसार, शर्तें, पदोन्नति के रास्ते, पदों का वर्गीकरण और कर्मचारी पक्ष सहित प्रत्येक हितधारक के विचारों को सुनना है। पत्र में निष्कर्ष निकाला गया है। इसलिए अनुरोध किया जाता है कि तुरंत 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन किया जाए ताकि उसे सभी मौजूदा विसंगतियों को दूर करने और भविष्य की विसंगतियों के लिए जगह दिए बिना व्यापक सिफारिशें देने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।” आपको बता दें कि वेतनमान आयोग के नियमों के अनुसार अब तक देश में 7वें वेतनमान आयोग का गठन हो चुका है। पहला वेतनमान 1947 में बनाया गया था और अंतिम सातवें वेतनमान आयोग का गठन 28 फरवरी, 2014 को हुआ था। तब से कर्मचारियों को वेतन आयोग के हिसाब से सैलरी मिल रही है।