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पेट्रोल-डीजल फिर होगा महंगा? होर्मुज पर देना होगा टोल, क्या है ईरान का प्लान…

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मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच अब ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ा संकेत दिया है

ईरान और ओमान इस अहम समुद्री रास्ते पर स्थायी टोल सिस्टम बनाने पर चर्चा कर रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई महंगी पड़ सकती है। होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल और एलएनजी गुजरता है।

ईरान का कहना है कि सुरक्षा और समुद्री ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए खर्च होता है, इसलिए जहाजों को फीस देनी होगी। अमेरिका और खाड़ी देशों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। सवाल है कि क्या इससे पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतें फिर बढ़ेंगी?

क्या है ईरान-ओमान का नया प्लान Iran और Oman होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही को लेकर नया ढांचा तैयार करने पर बात कर रहे हैं। ईरान चाहता है कि इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से तय फीस ली जाए। उसका तर्क है कि सुरक्षा, निगरानी और समुद्री ट्रैफिक कंट्रोल पर भारी खर्च आता है। फ्रांस में ईरानी राजदूत मोहम्मद अमीन नेजाद ने भी कहा कि जो देश और कंपनियां इस रास्ते का इस्तेमाल करती हैं, उन्हें इसका हिस्सा चुकाना चाहिए। हालांकि ओमान ने अभी तक इस पर खुलकर कुछ नहीं कहा है।

दुनिया के लिए इतना अहम क्यों है होर्मुज Strait of Hormuz दुनिया के सबसे अहम समुद्री रूट्स में गिना जाता है। फारस की खाड़ी से निकलने वाला तेल और एलएनजी इसी रास्ते से एशिया और यूरोप तक पहुंचता है। दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल कारोबार का रास्ता यही है। यही वजह है कि यहां किसी भी तनाव का असर सीधे ग्लोबल मार्केट पर पड़ता है। अगर यहां टोल लगता है या जहाजों की आवाजाही धीमी होती है, तो तेल कंपनियों का खर्च बढ़ेगा और उसका असर आम लोगों तक पहुंचेगा।

अमेरिका-इजरायल हमले के बाद बदला माहौल United States और Israel के साथ बढ़े तनाव के बाद ईरान ने होर्मुज में अपनी पकड़ और मजबूत करनी शुरू कर दी है। फरवरी में हुए हमलों के बाद ईरान ने कई जहाजों की आवाजाही रोक दी थी। अब तेहरान इसे अस्थायी कदम नहीं बल्कि स्थायी रणनीति बनाना चाहता है। ईरान का कहना है कि उसकी सुरक्षा चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसी वजह से वह समुद्री रास्ते पर औपचारिक नियंत्रण और फीस सिस्टम लागू करने की तैयारी में है।

तेल-गैस की कीमतों पर क्या असर पड़ेगा अगर होर्मुज स्ट्रेट में स्थायी टोल सिस्टम लागू होता है तो सबसे बड़ा असर तेल और गैस की कीमतों पर दिख सकता है। जहाज कंपनियों को अतिरिक्त फीस देनी पड़ेगी, जिससे ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ेगी। इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। भारत जैसे देश, जो बड़ी मात्रा में तेल आयात करते हैं, वहां पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस महंगी हो सकती है। एक्सपर्ट मानते हैं कि सिर्फ तनाव की खबर से ही बाजार में कीमतें ऊपर जाने लगती हैं।

ईरान का सख्त संदेश और बढ़ी चिंता ईरान साफ कर चुका है कि होर्मुज स्ट्रेट पर उसका रुख नहीं बदलेगा। ईरानी संसद में भी इससे जुड़ा प्रस्ताव पास किया जा चुका है। तेहरान का कहना है कि इस इलाके की सुरक्षा उसके लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है। दूसरी तरफ खाड़ी देश और पश्चिमी ताकतें इसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खतरा मान रही हैं। अगर आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सहमति नहीं बनी तो मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ सकता है। इसका असर सिर्फ राजनीति नहीं बल्कि दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी दिखेगा।

वेनेजुएला की राष्ट्रपति कौन-सा प्लान लेकर आ रही दिल्ली…

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दुनिया इस समय सिर्फ युद्ध नहीं, बल्कि एक बड़े “energy war” के दौर से गुजर रही है। एक तरफ मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव, दूसरी तरफ रूस पर अमेरिकी प्रतिबंध और इसी बीच भारत अपनी अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने के लिए लगातार नई ऊर्जा रणनीति बना रहा है।

वेनेजुएला का राष्ट्रपति क्यों आ रहीं भारत?

इसी दौरान Venezuela की कार्यवाहक राष्ट्रपति Delcy Rodríguez का अगले सप्ताह भारत दौरा अचानक वैश्विक चर्चा का विषय बन गया है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने खुद इस यात्रा की जानकारी देते हुए कहा कि Rodríguez भारत में तेल आपूर्ति और ऊर्जा सहयोग को लेकर बातचीत करेंगी। सामान्य सी दिखने वाली यात्रा असल में अमेरिका, रूस, वेनेजुएला, ईरान और भारत के बीच चल रही बड़ी geopolitical उठापटक से भरी दिख रही है।

क्या है वेनेजुएला की रणनीति?

वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल भंडार वाले देशों में शामिल है। सालों तक अमेरिकी प्रतिबंधों, राजनीतिक अस्थिरता और कमजोर ढांचे की वजह से उसके तेल का व्यापार बुरी तरह प्रभावित रहा। लेकिन 2026 में राजनीतिक बदलावों के बाद वेनेजुएला ने अपने तेल के व्यापार को नए सिरे से शुरू कर रहा है ताकि विदेशी निवेश को बढ़ाा सके। हालांकि सब जानते हैं कि वेनेजुएला की आड़ में अमेरिका अपने पत्ते सेट कर रहा है।

भारत ही क्यों?

भारत, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल इंपोर्ट करने वाला देश है, लंबे समय से सस्ते और लंबे समय तक तेल देने वाले सोर्स की तलाश करता रहा है। इसी वजह से वेनेजुएला का भारी कच्चा तेल भारतीय रिफाइनरियों के लिए आकर्षक बन गया, खासकर इसलिए क्योंकि यह reliance जैसी भारतीय रिफाइनरियों के लिए तकनीकी रूप से बढ़िया माना जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मई 2026 में वेनेजुएला भारत का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया। सिर्फ रूस और united Arab Emirates उससे आगे रहे।

रूस यूक्रेन युद्ध से शुरु हुई कहानी दरअसल यह पूरी कहानी रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद शुरू हुई थी।

पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका, ने लगातार कोशिश की कि दुनिया रूसी तेल पर अपनी निर्भरता कम करे। लेकिन भारत ने रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदना जारी रखा क्योंकि इससे देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों और महंगाई को कंट्रोल करने में मदद मिली। धीरे-धीरे रूस भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया। ट्रंप का दावा और बदले रास्ते इसी दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया था कि भारत धीरे-धीरे रूसी तेल पर निर्भरता कम करके वेनेजुएला की ओर बढ़ रहा है। अमेरिका ने संकेत दिए थे कि वह भारत को वेनेजुएला से तेल खरीदने के लिए रास्ता देने को तैयार है।

रूस को कमजोर करना चाहता है अमेरिका अमेरिका की रणनीति साफ थी वह रूस की तेल आय कम करना चाहता था और साथ ही भारत को अमेरिकी प्रभाव वाले energy system के करीब लाना चाहता था। यही वजह थी कि अमेरिकी नेताओं ने खुलकर कहा कि अमेरिका भारत को जितनी ऊर्जा चाहिए, उतनी बेचने के लिए तैयार है। यानी washington केवल कूटनीति नहीं बल्कि “oil diplomacy ” खेल रहा था।

अमेरिका ऐसा इसलिए कर रहा ताकि भारत रूस से तेल न खरीदे और इससे रूस को आर्थिक झटका लगेगा। लेकिन फिर ईरान-इज़राइल-अमेरिका तनाव ने पूरी तस्वीर बदल दी। middle east में हालात इतने बिगड़ गए कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक “strait of hormuz” पर संकट खड़ा हो गया। यह वही समुद्री रास्ता है जिससे दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल गुजरता है।
भारत के लिए क्यों जरूरी वेनेजुएला?

भारत के लिए यह संकट इसलिए और बड़ा था क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा gulf countries से आयात करता है। जैसे ही युद्ध का खतरा बढ़ा, वैश्विक तेल कीमतों में तेजी आने लगी और दुनिया भर में आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई।

ऐसे समय में भारत के सामने सबसे बड़ा सवाल था आखिर लगातार और सस्ता तेल कहां से आए?

एक बार फिर रूस का रुख यहीं से कहानी ने नया मोड़ लिया। जिस समय कुछ महीने पहले अमेरिका भारत को वेनेजुएला की ओर बढ़ाने की कोशिश कर रहा था, उसी समय middle east संकट ने दुनिया को फिर रूसी तेल की ओर धकेल दिया।

रूसी तेल अचानक भारत के लिए फिर सबसे भरोसेमंद विकल्प बन गया क्योंकि वहां से सप्लाई लगातार मिल रही थी और कीमतें भी तुलनात्मक कम थीं। किसी एक देश पर निर्भर नहीं रहना चाहता भारत रिपोर्ट्स के मुताबिक मार्च 2026 में भारत के कुल कच्चे तेल आयात का लगभग आधा हिस्सा रूस से आया।

यानी भारत अब किसी एक देश पर निर्भर होने के बजाय एक संतुलित रणनीति पर काम कर रहा है। वह रूस से तेल भी खरीद रहा है, वेनेजुएला के साथ संबंध भी मजबूत कर रहा है और अमेरिका के साथ ऊर्जा साझेदारी पर भी बातचीत कर रहा है। जितने ज्यादा सोर्स उतनी स्थिर सप्लाई इसी वजह से Delcy Rodríguez की भारत यात्रा बेहद अहम मानी जा रही है। यह सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात नहीं बल्कि बदलती हुई वैश्विक तेल राजनीति का संकेत है। भारत इस समय साफ संदेश दे रहा है कि उसकी प्राथमिकता केवल अपनी ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता है।

इसलिए भारत एक साथ रूस, वेनेजुएला, अमेरिका, UAE और दूसरे देशों के साथ तेल संबंध बनाए रख रहा है। आने वाले समय में अगर middle east का संकट और बढ़ता है या रूस पर नए प्रतिबंध लगते हैं, तो वेनेजुएला भारत के लिए एक बड़ा वैकल्पिक तेल स्रोत बन सकता है। यही वजह है कि Delcy Rodríguez की यह यात्रा केवल एक राजनयिक कार्यक्रम नहीं बल्कि वैश्विक ऊर्जा समीकरणों में हो रहे बड़े बदलाव का हिस्सा मानी जा रही है।

इंसानों के दाएं हाथ का रहस्य: नई रिसर्च से खुलासा….

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दुनिया की 90% जनसंख्या दाएं हाथ से काम करती है, लेकिन इसके पीछे का रहस्य क्या है? ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की नई रिसर्च ने इस रहस्य को उजागर किया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इसका संबंध हमारे पैरों और दिमाग से है। जानें कैसे इंसानों का दाएं हाथ का उपयोग उनके विकास की कहानी को बयां करता है। इस अध्ययन में 41 प्रजातियों के प्राइमेट्स का विश्लेषण किया गया है, जो इस रहस्य को और भी रोचक बनाता है।

दाएं हाथ का उपयोग: एक अनसुलझा रहस्य

क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया की 90% जनसंख्या दाएं हाथ से ही क्यों काम करती है? यह मानवता का एक बड़ा रहस्य है, और वैज्ञानिक सदियों से इसके कारणों की खोज कर रहे हैं। क्या यह हमारे खान-पान, समाज या औजारों के उपयोग से संबंधित है?

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की नई स्टडी

हाल ही में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा की गई एक नई स्टडी ने इस रहस्य को उजागर किया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इसका उत्तर हमारे हाथों में नहीं, बल्कि हमारे पैरों और दिमाग में छिपा है। आइए समझते हैं कि यह दाएं हाथ का उपयोग हमारे विकास की किस कहानी को दर्शाता है।

इंसान और प्राइमेट्स के बीच का अंतर

‘PLOS Biology’ जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, ऑक्सफोर्ड और रीडिंग यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने 41 प्रजातियों के 2,025 प्राइमेट्स का अध्ययन किया। उन्होंने पाया कि इंसान इस मामले में सबसे अनोखे हैं, जबकि अन्य प्राइमेट्स दोनों हाथों का समान रूप से उपयोग करते हैं।

रहस्य सुलझाने वाले दो महत्वपूर्ण कारक

वैज्ञानिकों ने कई थ्योरीज का परीक्षण किया, लेकिन इंसान हर बार एक अपवाद साबित हुए। अंततः, उन्होंने अपने अध्ययन में दो नए कारकों को जोड़ा: दिमाग का आकार और हाथों और पैरों की लंबाई का अनुपात। इन कारकों के शामिल होने से दाएं हाथ के उपयोग का रहस्य स्पष्ट हो गया।

18 लाख साल पुराना सबूत

इतिहास में भी दाएं हाथ के उपयोग के पुख्ता सबूत मौजूद हैं। तंजानिया में मिले 18 लाख साल पुराने ‘होमो हैबिलिस’ के जबड़े की हड्डी से पता चलता है कि वे सीधे हाथ का उपयोग करते थे। यह दर्शाता है कि दाएं हाथ का उपयोग मानव विकास के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है।

भारत और नेपाल के बीच चाय व्यापार में हाल ही में एक महत्वपूर्ण बदलाव….

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भारत और नेपाल के बीच चाय व्यापार में हाल ही में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है। भारत ने नेपाल से आने वाली चाय पर लागू टेस्टिंग नियमों में ढील दी है, जिससे नेपाल के चाय उत्पादकों को राहत मिली है। यह निर्णय नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह द्वारा भारतीय ट्रकों पर लगाए गए टैक्स के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है। जानें इस निर्णय के पीछे की वजहें और नेपाल की अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव।

भारत और नेपाल के बीच चाय व्यापार पर नया अपडेट

भारत और नेपाल के संबंधों में उतार-चढ़ाव हमेशा देखने को मिलते हैं। हाल ही में, चाय के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था। पिछले 19 दिनों से भारत-नेपाल सीमा पर चाय के व्यापार को लेकर जो स्थिति बनी थी, उसमें अब एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है। भारत सरकार ने एक ऐसा निर्णय लिया है, जिसे नेपाल के चाय उत्पादकों के लिए राहत का संकेत माना जा रहा है। लेकिन क्या यह केवल एक व्यापारिक निर्णय है, या इसके पीछे नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह द्वारा भारतीय ट्रकों पर लगाए गए सीमा शुल्क का कोई संबंध है?

वास्तव में, भारत ने नेपाल से आने वाली चाय पर लागू टेस्टिंग नियमों में ढील दी है। भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के निर्देश पर, भारतीय चाय बोर्ड ने उस मानक संचालन प्रक्रिया में बदलाव किया है, जो नेपाल से चाय के निर्यात में सबसे बड़ी बाधा बन गई थी। 1 मई से लागू नए नियम के अनुसार, नेपाल सहित किसी भी देश से आने वाली चाय की हर खेप का सैंपल लिया जाना था और उसे कोलकाता की प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा जाता था। अब नए आदेश के तहत, भारत में बिकने वाली नेपाली चाय को इस अनिवार्य परीक्षण से छूट मिल गई है। इससे नेपाल टी उत्पादक संघ के अध्यक्ष आदित्य और स्थानीय व्यापारियों ने राहत की सांस ली है।

भारत के नरम रुख के पीछे की वजह

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के इस नरम रुख के पीछे नेपाल में चल रही कुछ गतिविधियाँ भी हो सकती हैं। हाल ही में, काठमांडू नगर पालिका और प्रधानमंत्री बालेन शाह की सरकार ने भारतीय वाहनों के प्रवेश और टैक्स को लेकर सख्त रुख अपनाया था। नेपाल के कुछ क्षेत्रों में इसे टैक्स युद्ध के रूप में देखा जा रहा था। जब भारत ने चाय पर टेस्टिंग को सख्त किया, तो नेपाल में इसे एक गैर-शुल्क बाधा माना गया। इसके जवाब में, नेपाल की ओर से भारतीय सामानों और ट्रकों पर सख्ती की खबरें आईं। काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, नेपाली व्यवसायियों और सरकार के बीच इस बात को लेकर दबाव था कि यदि भारत चाय पर सख्ती जारी रखता है, तो नेपाल को भी जवाबी कार्रवाई करनी चाहिए। क्या यह भारत की ओर से एक बड़ा रिलीफ है ताकि बालेन सरकार के साथ बढ़ते तनाव को कम किया जा सके?

भारत ने सीमा शुल्क और टैक्स के जवाब में अपना बड़ा निर्णय बदला है। यह केवल एक व्यापारिक निर्णय नहीं है, बल्कि यह कूटनीति का एक महत्वपूर्ण मोड़ है। इन 19 दिनों में नेपाल को हुए नुकसान के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। दरअसल, चाय की खेपें जो पानी टंकी सीमा के रास्ते भेजी गई थीं, वे 14-4 दिनों तक फंसी रहीं। परीक्षण की रिपोर्ट आने में 10 से 15 दिन लग रहे थे, जिससे ट्रकों का किराया, डिटेंशन चार्ज और परीक्षण की अलग फीस बढ़ गई। चालू वित्त वर्ष 2025-26 के पहले 9 महीनों में नेपाल का चाय निर्यात पहले ही 19% गिरकर 2.89 अरब नेपाली रुपए रह गया। इस 19 दिन के ब्लॉक ने नेपाल की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है।

भविष्य की संभावनाएँ

नेपाल के विशेषज्ञ अब कह रहे हैं कि उन्हें भारत पर अपनी 100% निर्भरता को समाप्त करना होगा। वे पाकिस्तान, चीन, रूस और मध्य पूर्व जैसे नए बाजारों की तलाश करने की बात कर रहे हैं। हालांकि, भारतीय अधिकारियों का कहना है कि यह सब गुणवत्ता नियंत्रण और मिलावटी चाय को रोकने के लिए किया गया है। भारत अपने उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ समझौता नहीं करना चाहता। नई व्यवस्था के तहत, एक पेंच अभी भी है। जो चाय नेपाल से भारत केवल पुनर्निर्यात के लिए आ रही है।

सुशासन तिहार 2026: 15 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों को मिला योजनाओं का लाभ, समस्याओं का हुआ समाधान…

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– शिविर में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, जॉब कार्ड, पेंशन एवं गैस कनेक्शन का किया गया वितरण’
– सुशासन तिहार के माध्यम से शासन-प्रशासन स्वयं गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों की’

समस्याओं का कर रहा समाधान – जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव

राजनांदगांव: राज्य शासन की मंशानुरूप सुशासन तिहार के अंतर्गत आज जिला प्रशासन का अमला जिले के छुरिया विकासखंड के अंतिम छोर वनांचल ग्राम गोडलवाही में क्लस्टर के 15 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान एवं शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने पहुंचा।

ग्राम पंचायत गोडलवाही  में 15 ग्राम पंचायत अरजकुंड, बडगांव, बरबसपुर, गिदर्री, गोडलवाही, गुण्डरदेही, उमरवाही, कलडबरी, कांपा, करमरी, महरूम, मासुलकसा, परेवाडीह, रानामटिया और रतनभाट के ग्रामीणों के लिए जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया।  शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्राप्त किए गए तथा मौके पर निराकरण किया गया। शिविर में अतिथियों द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 9 हितग्राहियों को पूर्णता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

वहीं 15 हितग्राहियों को नया राशन कार्ड, 11 हितग्राहियों को नया जॉब कार्ड, 10 हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति तथा 3 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। इसके अलावा 2 बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत 20 हितग्राहियों को व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए प्रशासकीय स्वीकृति दी गई तथा 11 स्वच्छता दीदियों को स्वच्छता किट वितरित की गई। कृषि विभाग द्वारा 4 हितग्राहियों को मूंग बीज वितरण किया गया।

बिहान योजना के अंतर्गत महिला स्वय सहायता समूह को 6 लाख रूपए का ऋण वितरण किया गया। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत 5 हितग्राहियों को गैस कनेक्शन प्रदान किया गया। मत्स्य पालन विभाग द्वारा युवा मछुआ महकारी समिति मर्यादित रतनभांट को मछली पकडऩे हेतु जाल एवं आईस बॉक्स प्रदान किया गया। गोडलवाही क्लस्टर के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की गई तथा नन्हे बच्चों की माताओं को सुपोषण किट प्रदान कर पोषण के प्रति जागरूक किया गया।

अध्यक्ष  जिला पंचायत श्रीमती किरण वैष्णव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप सुशासन तिहार के माध्यम से शासन-प्रशासन स्वयं गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण के निर्देश देते हुए कहा कि अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। शिविरों के माध्यम से राशन कार्ड, पेंशन, आयुष्मान कार्ड, स्वास्थ्य सेवाएं, रोजगार और अन्य योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को एक ही स्थान पर मिल रहा है।

उन्होंने बिहान समूह से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने तथा शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने प्रेरित किया। अध्यक्ष जनपद पंचायत छुरिया श्री संजय सिन्हा ने कहा कि सुशासन तिहार संवाद से समाधान का प्रभावी माध्यम है, जहां ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण शासन-प्रशासन द्वारा सीधे शिविर स्थल पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के अधिकारी शिविर में उपस्थित हैं और ग्रामीणों को कार्यालयों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने जल संरक्षण, जैविक खेती और रासायनिक उर्वरकों के कम उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने कहा। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि छुरिया विकासखंड में बड़ी संख्या में पात्र हितग्राहियों को आवास का लाभ मिला है।

अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के ग्रामीणों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। जिले में 62 स्थानों पर शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां विभागवार समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने हितग्राहियों से आवेदन पंजीयन काउंटर में जमा करने तथा मोबाइल नंबर अंकित करने की अपील की, ताकि समय-सीमा में निराकरण कर जानकारी दी जा सके। उन्होंने कहा कि जिन आवेदनों का तत्काल निराकरण संभव होगा, उनका मौके पर समाधान किया जाएगा तथा शेष आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण कर हितग्राहियों को जानकारी दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि राजस्व संबंधी प्रकरणों जैसे नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, नक्शा त्रुटि सुधार सहित अन्य विभागीय समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जा रहा है। इस अवसर पर उपाध्यक्ष जनपद पंचायत श्री प्रशांत ठाकुर, जिला पंचायत सदस्य श्री गोपाल सिंह भुआर्य, जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती जैमुन बाई कंवर एवं जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती हरिला बाई चन्द्रवंशी ने भी संबोधित किया। शिविर में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती बिरम मण्डावी, डिप्टी कलेक्टर श्री विश्वास कुमार, तहसीलदार श्री विजय कोठारी, सीईओ जनपद पंचायत श्री होरीलाल साहू सहित 15 ग्राम पंचायतों के सरपंच, जनप्रतिनिधिगण एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

विधानसभा अध्यक्ष की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज राजनांदगांव के जिला स्तरीय व्यापारी महाअधिवेशन का शुभारंभ…

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– वित्त मंत्री द्वारा स्टेट कैपिटल रीजन में राजनांदगांव जिले को शामिल करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि’
– शहरों को एकीकृत करते हुए समेकित एवं योजनाबद्ध विकास को मिलेगी गति मिलेगी’
– देश में आर्थिक विकास की असीम संभावनाएं : वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी’
– नये उभरते हुए अवसरों की तलाश करते हुए फायदा लें व्यापारी व उद्यमी’

राजनांदगांव: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज एक निजी होटल में छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज राजनांदगांव के जिला स्तरीय व्यापारी महाअधिवेशन का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी विशेष तौर पर उपस्थित रहे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रदेश के ऊर्जावान वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने देश की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान की है। जिससे विकास कार्य एवं परिवर्तन के लिए राह बनी है। उन्होंने वित्त मंत्री के साथ बिताए हुए यादगार दिनों का स्मरण किया और उनकी दृढ़ता एवं हिम्मत की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आज का यह आयोजन अद्भुत एवं ऐतिहासिक है। वित्त मंत्री द्वारा स्टेट कैपिटल रीजन में राजनांदगांव जिले को शामिल करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने भव्य आयोजन के लिए चेम्बर ऑफ कामर्स की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम अंतर्गत पीडीएस प्रणाली के तहत जनमानस की पीड़ा को समझकर संवेदनशीलतापूर्वक नमक, चावल एवं अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध कराया। उन्होंने कहा कि देश-प्रदेश एवं दुनिया को संचालित करने में अर्थशास्त्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश आज चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरकर सामने आया है और उद्यमी साथियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने 1970 के दशक से लेकर आर्थिक उदारवाद की नीति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद हमारा देश तेजी से आगे बढ़ते हुए बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में सामने आया है। उन्होंने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था वर्तमान समय में 4 ट्रिलियन डॉलर है, जो आने वाले वर्षों में 36 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनेगी।

देश में आर्थिक विकास की असीम संभावनाएं है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आर्थिक सुधारवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) के लागू होने के बाद प्रारंभिक दिनों में कुछ दिक्कतें थी। इसके पहले 17 प्रकार के कर तथा 13 प्रकार के अन्य कर थे। जिससे एक राज्य से दूसरे राज्य में एन्ट्री करने तथा निर्यात करने जैसे समस्या थी। इसे दूर करने के लिए जीएसटी अंतत: एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए एक देश एक कर की व्यवस्था लागू की गई। जीएसटी के आने से मूल्यों में कमी आयी। उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग बिना भयभीत हुए ऐसे लोगों की सूचना देंगे, जिसके कारण परेशानी हो रही है, ताकि उन पर कार्रवाई की जा सके। उन्होंने बताया कि जीएसटी अंतर्गत समय पर कर देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कई बार इसमें इनपुट के्रडिट अंतर्गत फर्जी बिल लगाकर घोटाला करने पर बड़ी कार्रवाई की जाएगी।

वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि व्यापारी वर्ग शासन की औद्योगिक नीति का अच्छी तरह अध्ययन करें। जिससे व्यापार के बेहतर अवसर मिलेंगे। नए नवाचार एवं विविधिता के क्षेत्र भी है। हाईड्रोजन एनर्जी, बायोफ्यूल, एआई जैसे क्षेत्रों में व्यापार के अच्छे अवसर है। उन्होंने कहा कि नये उभरते हुए अवसरों की तलाश करते हुए फायदा लें। उन्होंने कहा कि 200 करोड़ रूपए आद्योगिक सब्सिडी रूका हुआ था। जिसके लिए 468 अतिरिक्त बजट लेकर पूर्ण किया गया। उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग के आगे बढऩे से देश-प्रदेश की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ेगी। सरकार व्यापारी वर्ग को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन में राजनांदगांव शामिल होगा। एकीकृत योजना के तौर पर कार्य करेगा।

उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के विकसित होने से विभिन्न शहरों को एकीकृत करते हुए समेकित एवं योजनाबद्ध विकास को गति मिलेगी। स्टेट कैपिटल रीजन अंतर्गत राजनांदगांव जिले को शामिल करने से आर्थिक विकास को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि जॉब पार्क की शुरूआत की गई है। जिसमें उद्योगों पर आधारित जॉब प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्री से राजस्व में बढ़ोत्तरी होती है। अर्थव्यवस्था में विभिन्न पायदानों में सुधार लाने से आगे इसका फायदा मिलता है। उन्होंने रजिस्ट्री के क्षेत्र में किए गए नवाचारों एवं सुधारों के संबंध में बताया। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव जिला स्टेट रीजन कैपिटल से जुडऩे के बाद सफलता के नये आयाम प्राप्त करेगा।

समाज सेवी श्री खूबचंद पारख ने कहा कि चेम्बर ऑफ कॉमर्स द्वारा छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। व्यापारी वर्ग को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज राजनांदगांव के अध्यक्ष श्री कमलेश बैद ने कहा कि व्यापार किसी भी देश की आर्थिक उन्नति का पैमाना होता है। इसके साथ ही सभी को एक सूत्र में जोड़ते हुए शासन की योजनाओं को जोड़ते हुए सेतु बनाने का कार्य करती है। कार्यक्रम को श्री ज्ञानचंद बाफना एवं श्री अरूण डुलानी ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर श्री नंदलालजी राठी, श्री टीकम दास साहू, श्रीमती हीना बेन रायचा, श्री शेखर बोथरा, श्री उन्नति पंजवानी, गुरबचन कौर सावलानी को व्यापारी-उद्यामी सम्मान से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह, छत्तीसगढ़ चेम्बर के प्रदेश अध्यक्ष श्री सतीश थोरानी, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री जितेन्द्र मुदलियार, श्री बलदेव सिंह भाटिया, श्री संतोष अग्रवाल, श्री मनोज अग्रवाल, एबिस ग्रुप से श्रीमती जोया आफरीन आलम, पद्मश्री फूलबासन यादव, श्री दामोदर दास मूंदड़ा, श्री अजय बसीन, श्री निकेश बरडिया, श्री कमलेश बैद सहित छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज के अन्य गसदस्य एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

स्वामित्व योजना के तहत जिले में 1347 अधिकार अभिलेख वितरित….

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राजनांदगांव: जिले में राजस्व विभाग द्वारा स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में संपत्ति अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत जिले के 626 ग्रामों में मैप-02 एवं मैप-03 के आधार पर अधिकार अभिलेख तैयार करने की प्रक्रिया प्रगति पर है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के 626 ग्रामों के मैप-02 एवं मैप-03 प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से 23 ग्रामों का अंतिम प्रकाशन किया जा चुका है। प्राप्त मैप-02 एवं मैप-03 के आधार पर 80 हजार 42 अधिकार अभिलेख तैयार किए जाने का अनुमान है। इनमें से अब तक 1 हजार 347 अधिकार अभिलेख तैयार कर हितग्राहियों को वितरित किए जा चुके हैं। वहीं 78 हजार 695 अधिकार अभिलेख तैयार किए जाना शेष है।

तहसीलवार प्रगति के अनुसार राजनांदगांव तहसील में 16 हजार 816 संभावित अधिकार अभिलेखों के विरूद्ध 112 तैयार किए गए हैं। छुरिया तहसील में 10 हजार 667 संभावित अधिकार अभिलेखों में से 882 तैयार कर हितग्राहियों को वितरित किए गए हैं। कुमरदा तहसील में 9 हजार 377 संभावित अधिकार अभिलेखों में से 238 अधिकार अभिलेख तैयार कर वितरित किए गए हैं। वहीं डोंगरगांव तहसील में 16 हजार 944 संभावित अधिकार अभिलेखों में से 115 अधिकार अभिलेख तैयार कर हितग्राहियों को प्रदान किए गए हैं। राजस्व विभाग द्वारा बताया गया कि त्रुटिपूर्ण मैप-02 में संशोधन कार्य प्रक्रियाधीन है।

संशोधन कार्य पूर्ण होने के बाद शेष अधिकार अभिलेख तैयार कर हितग्राहियों को वितरित किए जाएंगे। स्वामित्व योजना के माध्यम से ग्रामीण आबादी क्षेत्र में निवासरत नागरिकों को संपत्ति का अधिकार अभिलेख मिलने से संपत्ति संबंधी वैधानिक पहचान सुनिश्चित हो रही है तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा मिल रही है।

राज्य शासन द्वारा नागरिकों के लिए की गई बड़ी डिजिटल पहल सेवा सेतु पोर्टल पर मिलेगी 441 शासकीय सेवाएं…

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राजनांदगांव: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विजन के अनुरूप राज्य शासन द्वारा सुशासन और डिजिटल गवर्नेस को बढ़ावा देने के लिए सेवा सेतु पोर्टल की शुरूआत की गई है। सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को घर बैठे विभिन्न विभागों द्वारा संचालित शासकीय सेवाएं उपलब्ध करायी जा रही है।

कलेक्टर ने जिले के सभी नागरिकों एवं दूरस्थ अंचलों में रहने वाले ग्रामीणों से अपने छोटे-छोटे कार्यों के प्रमाण पत्रों, राजस्व कार्यों और अन्य सरकारी सेवाओं के लिए जिला या ब्लॉक मुख्यालय आने के बजाय सेवा सेतु पोर्टल का अधिकतम उपयोग करने की अपील की है।

सहायक प्रबंधक जिला ई-गवर्नेस सोसायटी राजनांदगांव श्री आशीष स्वर्णकार ने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को शासकीय सेवाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध हो पाएगा।

इस एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विभिन्न शासकीय विभागों की कुल 441 जन-कल्याणकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, राजस्व मामले, राशन कार्ड, विवाह प्रमाण पत्र, नाम परिवर्तन हेतु राजपत्र प्रकाशन और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं शामिल हैं।

इस डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य शासकीय सेवाओं को पूरी तरह पारदर्शी, बाधारहित एवं समयबद्ध बनाना है। पोर्टल के माध्यम से आवेदक अपने आवेदनों की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे। हर सेवा के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय की गई है। जिससे आम जनता के काम बिना किसी देरी के पूरे होंगे।

छत्तीसगढ़ में पहले ईडिस्ट्रिक परियोजना के माध्यम से केवल 86 सेवाएं उपलब्ध थी। समय की आवश्यकता को देखते हुए इसका उन्नत संस्करण सेवा सेतु विकसित किया गया है। जिसमें अब 441 सेवाएं जोड़ी जा चुकी है। इससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनी है।

राज्य शासन की यह डिजिटल पहल विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में रहने वाले नागरिकों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। अब ग्रामीणों को छोटे-छोटे प्रमाण पत्रों और कामों के लिए जिला या ब्लॉक मुख्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी।

वे अपने नजदीकी सेवा सेतु केन्द्र या स्वयं के मोबाइल और कम्प्यूटर के माध्यम से सेवा सेतु पोर्टल का लाभ उठा सकेंगे। राज्य शासन इस पोर्टल के माध्यम से न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन के संकल्प को धरातल पर उतार रही है। जिससे नागरिकों के समय और धन दोनों की बचत होगी।

हर सेवा के लिए एक समय-सीमा तय की गई है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। जिसका लक्ष्य जिले के अंतिम व्यक्ति तक इस डिजिटल सुविधा का लाभ पहुंचाना है।

आपदा प्रभावितों को सहायता अुनदान राशि स्वीकृत…

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राजनांदगांव: कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने दैवीय विपत्तियों के संबंध में राहत मद अंतर्गत आपदा प्रभावितों को सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है। इसके तहत राजनांदगांव तहसील में अतिवृष्टि से 24 मकान आंशिक क्षति होने पर 96 हजार रूपए, अतिवृष्टि से 1 मकान पूर्णत: क्षति होने पर 1 लाख 20 हजार रूपए, तालाब के पानी में डूबने से 2 जनहानि होने पर 8 लाख रूपए, नदी के पानी में डूबने से 1 जनहानि होने पर 4 लाख रूपए, सर्पदंश से 1 जनहानि होने पर 4 लाख रूपए एवं डोंगरगढ़ तहसील अंतर्गत अतिवृष्टि से 5 मकान पूर्णत: क्षति होने पर 6 लाख रूपए, अतिवृष्टि से 8 मकान आंशिक क्षति होने पर 32 हजार रूपए, तालाब के पानी में डूबने से 1 जनहानि होने पर 4 लाख रूपए, सर्पदंश से 1 जनहानि होने पर 4 लाख रूपए तथा छुरिया तहसील अंतर्गत अतिवृष्टि से 5 मकान पूर्णत: क्षति होने पर 6 लाख रूपए, अतिवृष्टि से 2 मकान आंशिक क्षति होने पर 8 हजार रूपए और डोंगरगांव तहसील अंतर्गत अतिवृष्टि से 2 मकान पूर्णत: क्षति होने पर 2 लाख 40 हजार रूपए, अतिवृष्टि से 1 मकान आंशिक क्षति होने पर 4 हजार रूपए, तालाब के पानी में डूबने से 2 जनहानि होने पर 8 लाख रूपए, नदी के पानी में डूबने से 1 जनहानि होने पर 4 लाख रूपए, सर्पदंश से 2 जनहानि होने पर 8 लाख रूपए की सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।

नोडल अधिकारी के सहयोग हेतु कर्मचारियों की लगाई गई ड्यूटी…

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राजनांदगांव: नगरपालिकाओं के आम व उप निर्वाचन 2026 के निर्वाचन हेतु ईव्हीएम को 29 मई 2026 तथा एसडीपीसी का कार्य 30 मई 2026 को किया जाएगा। ईव्हीएम से संबंधित समस्त कार्य हेतु डिप्टी कलेक्टर श्री अभिषेक तिवारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। नोडल अधिकारी के सहयोग हेतु कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। जिन्हें ईव्हीएम रिटर्निंग ऑफिसर को उपलब्ध कराने एवं प्रशिक्षण हेतु ईव्हीएम उपलब्ध कराने का दायित्व सौंपा गया है। नोडल अधिकारी के सहयोग हेतु सहायक ग्रेड 2 जिला कार्यालय श्री महेश देवांगन, सहायक ग्रेड 3 जिला कार्यालय श्री सौरभ साहू, सहायक ग्रेड 3 आदिम जाति कल्याण विभाग श्री विकास सोनवानी, भृत्य विकासखंड शिक्षा अधिकारी राजनांदगांव श्री राघवेन्द्र साहू, भृत्य जिला कार्यालय श्री गोविन्दा बघेल, भृत्य जिला कार्यालय श्री मिलन राम यदु, भृत्य जिला कार्यालय श्री अमन खुटेल की ड्यूटी लगाई गई है।