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शेयर बाजार में गिरावट अडानी ग्रुप की लगभग सभी कंपनियों के शेयरों में जोरदार गिरावट

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शेयर बाजार में गिरावट के बीच अरबपति गौतम अडानी के नेतृत्व वाले अडानी ग्रुप की लगभग सभी कंपनियों के शेयरों में जोरदार गिरावट देखने को मिली। बुधवार को ग्रुप के शेयरों में 5-10% की भारी गिरावट देखी गई।

अडानी ग्रीन एनर्जी करीब 9% फिसल गया, अडानी टोटल गैस 7%, अडानी एंटरप्राइजेज 6%, अडानी विल्मर 4%, अडानी पोर्ट 5%, अडानी ग्रीन सॉल्यूशन 4.5%, अडानी पावर 5%, ACC 4.41%, अंबुजा 3.40% और NDTV 5.80% तक टूटकर कारोबार कर रहे हैं।

आज की गिरावट के साथ, अडानी समूह के सभी शेयरों का मार्केट कैप अब तक कुल मिलाकर ₹90,000 करोड़ कम हो गया है। मंगलवार को कारोबार बंद होने के समय अडानी ग्रुप का कुल मार्केट कैप 15.85 लाख करोड़ रुपए था। अडानी एंटरप्राइजेज के शेयरों में लगातार सातवें दिन गिरावट आई है, जबकि अडानी पोर्ट्स के शेयरों में पिछले दो कारोबारी सत्रों में लगभग 8% की गिरावट आई है।

इन बड़ी कंपनियों के शेयर भी धड़ाम

अडानी स्टॉक्स के अलावा अन्य गिरने वाले शेयरों की बात करें तो आईआरएफसी 8%, एनएचपीसी 8%, वोडा-आइडिया 7.5%, HAL 7%, आरवीएनएल 7%, पावर ग्रिड 6%, एलआईसी 5.5%, पेटीएम 5%, कोल इंडिया 4%, एनजीसी 4.5%, टाटा पावर 4.5%, IRCTC 4%, NTPC 5.5% फीसदी तक फिसलकर ट्रेड कर रहा था।

ये हैं बाजार में गिरावट के बड़े कारण

आज गिरावट मुनाफा वसूली है जिससे बाजार का सेंटिमेंट बिगड़ा गया और शानदार तेजी के साथ शुरुआत के बीच अचानक से मार्केट बिखर गया। इस सेंटिमेंट को बिगाड़ने का काम मिड कैप और स्मॉलकैप शेयरों ने किया और ये सिलसलिा कुछ कारोबारी दिनों से देखने को मिल रहा है। मिडकैप और स्मॉल कैप में 3 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई है।

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने उच्चतम न्यायालय से राजनीतिक दलों ने कुल 22,217 चुनावी बांड खरीदे चुनाव आयोग को दिए थे ये निर्देश SC ने मांगा था चुनावी बांड का विवरण…

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भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने उच्चतम न्यायालय को साल एक अप्रैल 2019 से 15 फरवरी के बीच राजनीतिक दलों ने कुल 22,217 चुनावी बांड खरीदे और 22,030 बांड भुनाए।

शीर्ष अदालत में दायर एक अनुपालन हलफनामे में एसबीआई ने कहा कि अदालत के निर्देश के अनुसार, उसने 12 मार्च को व्यावसायिक समय बंद होने से पहले भारत के चुनाव आयोग को चुनावी बांड का विवरण उपलब्ध करा दिया है।

हलफनामे में क्या कहा? इसमें कहा गया है कि प्रत्येक चुनावी बांड की खरीद की तारीख, खरीदार के नाम और खरीदे गए बांड के मूल्यवर्ग सहित विवरण प्रस्तुत किए गए हैं। एसबीआई के चेयरमैन दिनेश कुमार खारा द्वारा दायर हलफनामे में कहा गया है कि बैंक ने चुनाव आयोग को चुनावी बांड के नकदीकरण की तारीख, योगदान प्राप्त करने वाले राजनीतिक दलों के नाम और बांड के मूल्यवर्ग जैसे विवरण भी दिए हैं।

चुनाव आयोग को दिए थे ये निर्देश 11 मार्च को, मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने समय बढ़ाने की मांग करने वाली एसबीआई की याचिका को खारिज कर दिया था और उसे 12 मार्च को व्यावसायिक घंटों के अंत तक चुनाव आयोग को चुनावी बांड के विवरण का खुलासा करने का आदेश दिया था। शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग को 15 मार्च को शाम 5 बजे तक बैंक द्वारा साझा किए गए विवरण को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित करने का भी निर्देश दिया था।

SC ने मांगा था चुनावी बांड का विवरण 15 फरवरी को दिए गए एक ऐतिहासिक फैसले में, पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने केंद्र की चुनावी बांड योजना को रद्द कर दिया था, जिसने गुमनाम राजनीतिक फंडिंग की अनुमति दी थी,

इसे “असंवैधानिक” कहा था और चुनाव आयोग को दानदाताओं, उनके द्वारा दान की गई राशि और प्राप्तकर्ताओं का खुलासा करने का आदेश दिया था। योजना को बंद करने का आदेश देते हुए शीर्ष अदालत ने योजना के तहत अधिकृत वित्तीय संस्थान एसबीआई को 12 अप्रैल, 2019 से अब तक खरीदे गए चुनावी बांड का विवरण 6 मार्च तक चुनाव आयोग को सौंपने का निर्देश दिया था।

छत्‍तीसगढ़ : कृषक उन्नति योजना के जरिए 24.75 लाख किसानों के खाते में डीबीटी के माध्यम से 13,330 करोड़ रुपये ट्रांसफर हो गए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धान एमएसपी की बोनस राशि किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर किया।

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छत्‍तीसगढ़ : कृषक उन्नति योजना के जरिए 24.75 लाख किसानों के खाते में डीबीटी के माध्यम से 13,330 करोड़ रुपये ट्रांसफर हो गए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धान एमएसपी की बोनस राशि किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर किया।

इस दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह वर्चुअल माध्यम से समारोह में सम्मिलित हुए। कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल और सांसद मोहन मंडावी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

CM मोहन यादव बोले – पीएम मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहा चहु़ंमुखी विकास

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राजनांदगांव से कृषक उन्नति सम्‍मेलन को वर्चुअली संबोधित करते हुए मोदी जी के नेतृत्व में देश चहुमुखी विकास कर रहा है। मोदी जी हर विभाग के लिए जनता के हित में बहुत सारे पैसे दे रहे हैं, इन पैसों को खर्च करने में हमारे पसीने छूट जाते हैं। मोदी जी ने महिलाओं का सम्मान किया, किसानों के लिए ऐसी योजनाएं बनाई जिनसे उन्हें आर्थिक मजबूती मिली।

छत्तीसगढ़ का विकास अब जेट गति से आगे जाएगा। छत्तीसगढ़ की जनता ने अच्छे-अच्छे गणित फैल कर दिए।15 साल छत्तीसगढ़ में डॉ रमन सिंह जी की सरकार रही। चारो तरफ विकास हुआ। छत्तीसगढ़ में महज तीन महीने सरकार बने हुई है, इन तीन महीनों में काम बड़ा आगे बढ़ा। ऐसा लग रहा है मानो छत्तीसगढ़ में धन की बरसात हो रही है। 22 जनवरी का दिन कोई नहीं भूल सकता, 500 वर्षों के कड़े संघर्ष के बाद आज अयोध्या में सरयू नदी के तट पर हमारे श्रीरामलला मुस्कुरा रहे हैं।

सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए सीएम विष्णुदेव साय ने कहा, आज वह शुभ दिन है, जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत किसान भाइयों के बैंक खातों में 13 हजार 320 करोड़ रुपए की आदान सहायता राशि का अंतरण किया जा रहा है।151 जगह यह कार्यक्रम हुआ।

आज के कार्यक्रम में 24 लाख 75 हजार से अधिक किसानों के खातों में राशि भेजी जा रही है। इनमें से 24 लाख 72 हजार से अधिक वे किसान हैं जिन्होंने इस साल धान बेचा था। इन्हें 13 हजार 289 करोड़ रुपए की अंतर की राशि दी जा रही है।

इसी तरह 02 हजार 829 धान बीज उत्पादक किसानों को भी बीज निगम के माध्यम से अंतर राशि, 31 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़ने पर मुख्यमंत्री साय ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डा रमन सिंह का धन्यवाद किया।

मुख्‍यमंंत्री साय ने कहा, हमारी सरकार ने किसान भाइयों से किए गए वादे के अनुरूप अटल जी के जन्म दिवस, सुशासन दिवस पर 2 साल के बकाया धान बोनस 3716 करोड़ रुपए का अंतरण भी किसान भाइयों के खातों में कर दिया है। 13 लाख से ज्यादा किसानों को बोनस का लाभ मिला है।

इस साल प्रदेश में 145 लाख टन धान की रिकॉर्ड खरीदी हुई है, जो पिछली सरकार द्वारा की गई खरीदी से 37 लाख मीटरिक टन अधिक है। मोदी जी ने गारंटी दी थी कि छत्तीसगढ़ में सरकार बनने पर गरीबों के लिए 18 लाख आवासों का निर्माण किया जाएगा। सरकार बनने के दूसरे ही दिन हमने कैबिनेट की बैठक में इस बारे में निर्णय ले लिया है, अप्रैल माह से तीव्र गति से मकान बनने शुरू होंगे।

मोदी जी ने महिलाओं को महतारी वंदन योजना शुरू करने की गारंटी दी थी। यह योजना भी शुरू हो चुकी है। परसों 10 मार्च को माननीय प्रधानमंत्री जी के करकमलों से राज्य की 70 लाख माताओं और बहनों के बैंक खातों में 655 करोड़ रुपए की राशि अंतरित कर दी गई है।

सीएम साय ने कहा, मोदी जी ने वनवासी भाइयों से वादा किया था कि तेन्दूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 4000 रुपए मानक बोरा से बढ़ाकर 5500 रुपए कर देंगे। आज से ही इस योजना की भी शुरूआत हो जाएगी। हमने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के अंतर्गत भूमिहीन कृषि मजदूरों को हर साल 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने का निर्णय भी लिया है।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी जी ने जो दायित्व सौंपे हैं। उन्हें हम हर हाल में पूरा करेंगे। हमने रामलला दर्शन योजना की शुरुआत भी कर दी है। यह योजना सरकारी खर्च पर चलेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय धान के अंतर की राशि का वितरण करने बालोद के सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में आयोजित कृषक उन्नति सम्‍मेलन कार्यक्रम में पहुंचे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का स्थानीय लोगों ने गजमाला से स्वागत एवं सम्मान किया।

कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव राजनांदगांव से कृषक उन्नति सम्‍मेलन को वर्चुअली जुड़े। कृषक उन्नति योजना के माध्यम से राज्य सरकार की सबसे बड़ी गारंटी भी पूरी हो गई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विधानसभा चुनाव के पहले चुनावी सभा में 3100 रुपये प्रति क्विंटल के मान से धान खरीदी का वादा किया था।

दो दिन पहले राज्य सरकार ने महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को 655 करोड़ रुपये की राशि जारी की थी। सरकार ने कहा है कि किसानों को धान का सर्वाधिक मूल्य देने वाला देश का इकलौता राज्य छत्तीसगढ़ बनने जा रहा है। योजना के तहत किसानों को आदान सहायता राशि का अंतरण उनके बैंक खातों में करने के लिए सभी जिला मुख्यालयों सहित विकासखंड मुख्यालयों में भी कार्यक्रम आयोजित होंगे।

917 रुपये प्रति क्विंटल के मान से होगा भुगतान

खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में 24.72 लाख किसानों से 144.92 लाख टन धान खरीदी की गई थी, जिसके एवज में किसानों को 31 हजार 914 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। अब किसानों को धान के मूल्य में अंतर की राशि कुल बेचे गए धान के मुताबिक होगी।

प्रति क्विटंल अधिकतम 917 रुपये के हिसाब से किसानों को राशि प्राप्त होगी। कृषक उन्नति योजना के लिए राज्य सरकार ने इस साल के बजट में 10 हजार करोड़ और पिछले साल के अनुपूरक बजट में तीन हजार करोड़ इस प्रकार कुल 13 हजार करोड़ रूपए की व्यवस्था की है।

कृषि क्षेत्र के लिए यह निर्णय

जशपुर जिले के कुनकुरी में कृषि व्यवसाय प्रबंधन महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र तथा बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर में पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट एवं प्रोसेसिंग टेक्नोलाजी महाविद्यालय खुलेगा। इसी तरह सूरजपुर जिले के सिलफिली एवं रायगढ़ में शासकीय उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, तथा मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के खडगंवा में कृषि महाविद्यालय प्रारंभ होगा।

कृषि में आधुनिक उपकरणों के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए कृषि अभियांत्रिकी संचालनालय की स्थापना एवं राज्य स्तरीय नवीन कृषि यंत्र परीक्षण प्रयोगशाला के भवन का निर्माण, दुर्ग एवं सरगुजा जिले में कृषि यंत्री कार्यालय तथा रासायनिक उर्वरकों की जांच के लिए सरगुजा जिले में गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला की स्थापना की जाएगी।

ब्याज मुक्त ऋण के लिए 8,500 करोड़ रुपये का प्रविधान

राज्य के किसानों को सहकारी एवं ग्रामीण बैंकों से ब्याज मुक्त कृषि ऋण उपलब्ध कराने के लिए आठ हजार 500 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा भूमिहीन कृषि मजदूरों की सहायता के लिए दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत भूमिहीन परिवारों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है। इसके लिए बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है।

धान बेचने वाले कुल किसान- 24,72,440
कुल धान विक्रय- 14,49,20,963 क्विंटल
धान खरीदी में कुल भुगतान- 31,914 करोड़
अंतर की राशि का होगा भुगतान- 13,320 करोड़

CG Weather: प्रदेश में 39.4 डिग्री पहुंचा अधिकतम तापमान

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CG Weather: प्रदेश में 39.4 डिग्री पहुंचा अधिकतम तापमान

मौसम विज्ञानियों का कहना है कि आने वाले दिनों में गर्मी अब और बढ़ने वाली है तथा अगले पांच दिनों में तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा।

रायपुर का अधिकतम तापमान 38.0 डिग्री पहुंचामौसम विज्ञानियों का कहना है कि आने वाले दिनों में गर्मी अब और बढ़ने वाली हैअगले पांच दिनों में तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा।

प्रदेश में डोंगरगढ़ सर्वाधिक गर्म रहा और एआरजी डोंगरगढ़ में अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं रायपुर का भी अधिकतम तापमान 38.0 डिग्री दर्ज किया गया,जो सामान्य से तीन डिग्री ज्यादा रहा।

मौसम विज्ञानियों का कहना है कि आने वाले दिनों में गर्मी अब और बढ़ने वाली है तथा अगले पांच दिनों में तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा।
रायपुर सहित प्रदेश में चिलचिलाती धूप के चलते तापमान में भी बढ़ोतरी हो रही है और उमस बढ़ने लगी है। दिन के साथ ही अब रात में भी न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी शुरू हो गई है।

रायपुर का न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री रहा, जो सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि शनिवार 16 मार्च से प्रदेश में मौसम का मिजाज थोड़ा बदल सकता है और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश के भी आसार है। मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ द्रोणिका के रूप में 5.8 किमी ऊंचाई पर 55 डिग्री पूर्व और 28 डिग्री उत्तर में स्थित है। इसके प्रभाव से 16 से 18 मार्च तक प्रदेश में बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

गुजरात पुलिस का ड्रग्स तस्करों के खिलाफ एक बड़ा ऑपरेशन सफल 480 करोड़ रुपये के ड्रग्स बरामद…

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गुजरात पुलिस का ड्रग्स तस्करों के खिलाफ एक बड़ा ऑपरेशन सफल हुआ है.

अरब सागर में पोरबंदर से आगे ज्वाइंट ऑपरेशन के दौरान एटीएस, गुजरात पुलिस, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और तटरक्षक बल ने एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम देते हुए तकरीबन 480 करोड़ रुपये के ड्रग्स बरामद किए हैं.

ये ड्रग्स एक नाव पर लाई जा रही थी, जिसमें 6 लोग सवार थे. बताया जा रहा है कि नाव पाकिस्तानी है, जिसकी जांच की जा रही है.

जानकारी के मुताबिक 11 मार्च की रात एक गुप्त सूचना पर संयुक्त अभियान में समुद्र में पाकिस्तानी नाव पकड़ी गई, जिसमें करीब 480 करोड़ रुपये मूल्य के नशीले पदार्थ बरामद हुए.

ऑपरेशन में आईसीजी जहाज और डोर्नियर की मदद ली गई. डोर्नियर विमान को संभावित क्षेत्रों में नाव को स्कैन करने और उसका पता लगाने का काम सौंपा गया.

इलाके में गहन खोज के बाद, आईसीजी जहाज, एनसीबी और एटीएस गुजरात की टीमों के साथ, उस स्थान पर पहुंचे और नाव की पहचान की, जो अंधेरे में संदिग्ध रूप से घूम रही थी. पोरबंदर से लगभग 350 किलोमीटर दूर अरब सागर में इस नाव को पकड़ लिया गया.ऑपरेशन में आईसीजी, एनसीबी और एटीएस गुजरात के बीच अच्छा समन्वय देखने को मिला. एजेंसी ने 6 चालक दल को भी हिरासत में ले लिया है और आगे की जांच चल रही है.

Ramadan 2024 : इस्लाम धर्म में रमजान के महीने को सबसे पाक माना जाता है, 12 मार्च से रमजान का महीना शुरू होने जा रहा है ” आइए जानते हैं रोजा रखने के क्या सही नियम हैं और किन सावधानियों को बरतना है जरूरी…

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Ramadan 2024 : इस्लाम धर्म में रमजान के महीने को सबसे पाक माना जाता है. इस पूरे महीने मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखते हैं. आज यानी 12 मार्च से रमजान का महीना शुरू हो रहा है. इस महीने में मुस्लिम समाज के लोग उपवास करते हैं

Ramadan 2024: इस्लाम धर्म में रमजान के महीने को सबसे पाक माना जाता है. इस पूरे महीने मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखते हैं. आज यानी 12 मार्च से रमजान का महीना शुरू हो रहा है. इस महीने में मुस्लिम समाज के लोग उपवास करते हैं और अपना ज्यादा से ज्यादा समय अल्लाह की इबादत में बिताते हैं.

आइए जानते हैं रोजा रखने के क्या सही नियम हैं और किन सावधानियों को बरतना है जरूरी.

आज है पहला रोजा : मुस्लिम समाज में हर एक त्योहार चांद के समय को देखकर रखा जाता है. सऊदी अरब में 10 मार्च को चांद दिखाई दे चुका है इसलिए वहां पहला रोजा कल यानी 11 मार्च को रखा गया. वहीं, इसके अगले दिन यानी आज 12 मार्च को भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में पहला रोजा रखा जा रहा है. हर शहर का सहरी और इफ्तार का समय अलग होता है. नई दिल्ली में सुबह 5 बजकर 18 मिनट पर सहरी का समय समाप्त हो गया है और इफ्तार शाम 6 बजकर 27 मिनट पर किया जाएगा. इसके चलके पहला रोजा 13 घंटे से ज्यादा का होगा.

रोजा रखने के नियम

– रोजा रखने में उपवास रखने के साथ-साथ गलत सुनने, बुरा बोलने, बुरा देखने से भी परहेज करना चाहिए.

– रोजा रखने वाले दिन किसी गरीब या फिर जरूरतमंद को क्षमता अनुसार कुछ न कुछ दान करना चाहिए.

– रोजा रखने के दौरना किसी का मजाक न उड़ाएं, न ही किसी की भावनाओं को आहत पहुंचाएं.

– रोजा रखने वालों को नियमित रूप से कुरान का पाठ करना चाहिए.

किन चीजों से टूट सकता है रोजा : रोजा रखने वाले लोगों को छोटी-छोटी सावधानियों को जरूर बरतना चाहिए. रमजान के दौरान किसी को गलत, अपशब्द नहीं बोलना चाहिए. इस दौरान किसी को भी गलत निगाह से नहीं देखना चाहिए और न ही किसी के बारे में गलत सोचना चाहिए. इसके अलावा झूठ बोलने से भी परहेज करना चाहिए.

chhatishgarh : लोकसभा चुनाव के पहले विष्णुदेव सरकार का एक बार फिर बड़ा दांव, किसानों की सबसे बड़ी गारंटी, 3,100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी का वादा पूरा होगा।

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chhatishgarh: लोकसभा चुनाव में आचार संहिता लगने के पहले राज्य की विष्णुदेव सरकार ने एक बार फिर बड़ा दांव खेला है।

12 मार्च को किसानों की सबसे बड़ी गारंटी पूरी होने जा रही है, जिसमें किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल का वादा पूरा होगा।

राज्य स्थापना के बाद से अब तक किसानों को धान खरीदी की एवज में प्रति क्विंटल के मान से सबसे ज्यादा राशि मिलने वाली है।

महतारी वंदन योजना के बाद अब कृषक उन्नति योजना के जरिए भाजपा महिलाओं के साथ किसानों को साधने जा रही है।

एक हफ्ते के भीतर प्रदेश में डीबीटी के माध्यम से 13,975 करोड़ रुपये की राशि महिलाओं और किसानों को जारी की गई है। विधानसभा की यह गारंटी लोकसभा में भाजपा के लिए बड़ा हथियार बनने जा रही है।

राज्य सरकार ने किसानों से अपने वायदे के मुताबिक प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी करने के साथ ही दो साल धान के बकाया बोनस की राशि तीन हजार 716 करोड़ का भुगतान भी कर दिया है।

सरकार ने कृषि के बजट में 33 प्रतिशत की वृद्धि भी की है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि विधानसभा के बाद लोकसभा चुनाव के पहले महिलाओं और किसानों की बड़ी गारंटियों के पूरा होने का फायदा भाजपा प्रत्याशियों को मिल सकता है।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक होली के पहले किसानों के खाते में अंतर की राशि का फायदा बाजार को भी मिलेगा। 13,320 करोड़ रुपये का दोगुना असर बाजार में देखने को मिल सकता है।

इससे 25 से 26 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक गतिविधियां बाजार में दिख सकती है। व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि आने वाले दिनों कृषि, आटोमोबाइल्स, रियल एस्टेट, सराफा, लाइफ स्टाइल, मशीनरी आदि क्षेत्रों में व्यवसायिक गतिविधियां बढ़ सकती है।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा है कि साय सरकार ने किसानों की राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किस्त नहीं दी है।

भाजपा सरकार ने किसानों को प्रति एकड़ 65,100 रुपये एकमुश्त भुगतान का वादा किया था। राज्य में कांग्रेस की सरकार ने न्याय योजना के भुगतान के लिए 5,700 करोड़ से अधिक की राशि बजट में पास करके रखा था, जिसमें तीन किस्तों का भुगतान हो चुका है चौथी किस्त की राशि सरकार के खजाने में रखी हुई हैं जो किसानों का हक है।

प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि खेल मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जो कहते हैं उसे पूरा करते हैं।

किसानों के दो साल का बकाया बोनस हो, चाहे 18 लाख प्रधानमंत्री आवास योजना हो, महतारी वंदन योजना के तहत प्रति माह 1,000 रुपये से लेकर किसानों को उनकी उपज का 3,100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी का वादा पूरा हो रहा है।

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए 12 मार्च की तारीख महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य सरकार धान खरीदी की अंतर की राशि देने जा रही है।

सरकार ने लोगों को हर महीने 300 यूनिट तक फ्री बिजली देने के लिए पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत 1 करोड़ परिवारों को लाभ दिया जाएगा।

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सरकार ने लोगों को हर महीने 300 यूनिट तक फ्री बिजली देने के लिए पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की शुरुआत की है।

इस योजना के तहत 1 करोड़ परिवारों को लाभ दिया जाएगा। यह योजना रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने वालों को सब्सिडी प्रदान करेगी।

इस योजना के तहत कम से कम 30 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 1-किलोवाट रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने वाले व्यक्ति को 30 हजार की सब्सिडी दी जाएगी।

2 किलोवाट सिस्टम लगाने वालों को 60,000 रुपये की सब्सिडी होगी, जबकि 3 किलोवाट का रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने वाले को 78,000 रुपये की सब्सिडी मिलेगी।

कैसे मिलेगी सब्सिडी सबसे पहले रजिस्ट्रेशन करना होगा, जिसके लिए अपनी स्टेट एंड इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी सेलेक्ट करें। फिर अपना इलेक्ट्रिसिटी कंज्यूमर नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल दर्ज करें।

उसके बाद अप्लाई करें और Feasibility Approval मिलने पर प्लांट इंस्टॉल करवाएं। आगे के स्टेप में नेट मीटर की इंस्टॉलेशन और DISCOM द्वारा जांच के बाद पोर्टल से कमीशनिंग सर्टिफिकेट जनरेट होगा।

लास्ट स्टेप में जब कमीशनिंग रिपोर्ट मिल जाए तो पोर्टल के माध्यम से बैंक अकाउंट की डिटेल और एक कैंसिल चेक जमा करें। आपको 30 दिनों के भीतर बैंक अकाउंट में सब्सिडी मिल जाएगी।

कहां से करे रजिस्ट्रेशन?

रजिस्ट्रेशन करने के लिए https://pmsuryaghar.gov.in पर जाएं। अपनी पूरी जानकारी दर्ज करें। इसके अलावा, आप ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए भी नजदीकी पोस्ट ऑफिस जा सकते हैं।-योजना के तहत सरकार करेगी कुल 75,021 करोड़ रुपये का खर्च। इस योजना से लोगों को बिजली की मुफ्त सप्लाई मिलेगी और वे अपने घरों में सोलर पैनल इंस्टॉल करके पर्यावरण के प्रति अपना योगदान दे सकेंगे।

भारत दुनिया भर में हथियारों की खरीद के मामले में पहले पायदान पर पहुंच गया है। एशियाई देशों ने खरीदे हैं और भारत का इस सूची में नाम सबसे ऊपर है।

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भारत दुनिया भर में हथियारों की खरीद के मामले में पहले पायदान पर पहुंच गया है। स्वीडन की स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट यानी एस.आई.पी.आर.आई. जारी की गई ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले 5 वर्षों में सबसे ज्यादा हथियार एशियाई देशों ने खरीदे हैं और भारत का इस सूची में नाम सबसे ऊपर है।

जबकि आर्थिक बदहाली के बावजूद पाकिस्तान भी इस सूची में पांचवें नंबर पर है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2014-2018 की तुलना में 2019-2023 में यूरोप में हथियारों की खरीद दोगुना हो गई है। इसका बड़ा कारण रूस और यूक्रेन की जंग को माना जा रहा है। जिसके चलते अमरीका के हथियारों के निर्यात में भी 17 फीसदी का इजाफा हुआ है।

निर्यात में अमरीका पहले स्थान पर रिपोर्ट के मुताबिक परंपरागत रूप से हथियारों के सबसे बड़े सौदागर देश रूस के निर्यात में यूक्रेन से जंग के बाद निर्यात में बड़ी गिरावट देखी गई है। अलबत्ता रूस हथियार बेचने में तीसरे नंबर पर पहुंच गया। अमरीका पहले और फ्रांस दूसरे स्थान पर काबिज हैं। फ्रांस का हथियार निर्यात 2014-18 और 2019-23 के बीच 47 फीसदी बढ़ा है। फ्रांस के हथियार का सबसे बड़ा खरीदार भारत रहा है, जो फ्रांस के कुल निर्यात का करीब 30 फीसदी रहा है। हाल के समय में भारत ने फ्रांस से राफेल फाइटर जेट खरीदे हैं। रूस का हथियार निर्यात 2014-18 और 2019-23 के बीच 53 फीसदी तक गिर गया है। 2019 में जहां उसने 31 देशों को हथियार बेचे तो 2023 में सिर्फ 12 देशों ने ही उससे हथियार खरीदे।

रूस से भारत ने की सबसे ज्यादा खरीद 2014-18 और 2019-23 के बीच भारत का हथियार आयात 4.7 फीसदी बढ़ा है। भारत 9.8 फीसदी हथियार आयात के साथ दुनिया में पहले नंबर पर है। रूस से भारत ने सबसे ज्यादा हथियार खरीदे और भारत के कुल हथियार आयात का यह 36 फीसदी रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 1960-64 के सोवियत समय के बाद यह पहली बार है जब भारत के हथियार आयात में रूस की हिस्सेदारी 50 फीसदी से कम है।

दुनिया में हथियारों के सबसे बड़े खरीदार

देश हथियारों का आयात (%)
भारत 9.8
सऊदी 8.4
कतर 7.6
यूक्रेन 4.9
पाकिस्तान 4.3
जापान 4.1
मिस्र 4.0
ऑस्ट्रेलिया 3.7
द. कोरिया 3.1
चीन 2.9

CAA से कैसे मिलेगी 3 देशों के अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता? क्या है पूरा प्रोसेस

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केंद्र सरकार ने दिसंबर 2019 में पारित नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA) से जुड़े नियम को लेकर नोटिफिकेशन आज जारी कर दिया. केंद्र ने कहा था कि नियम 2024 के चुनावों से पहले लागू होंगे.

सीएए कानून पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए बिना दस्तावेज वाले गैर-मुस्लिम प्रवासियों को नागरिकता देने के लिए है.

ये कानून बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 को या उससे पहले भारत आए हिंदू, जैन, ईसाई, सिख, बौद्ध और पारसियों को नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान करता है.

भारतीय नागरिकता उन अप्रवासियों को दी जाएगी जो पिछले 14 सालों में से कम से कम 5 साल भारत में रहा हो. ऐसे मामलों में पहले ये 11 साल था.

ये कानून संविधान की छठी अनुसूची में शामिल असम, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा के आदिवासी क्षेत्रों को छूट देता है, जिसमें असम में कार्बी आंगलोंग, मेघालय में गारो हिल्स, मिजोरम में चकमा जिले और त्रिपुरा में आदिवासी क्षेत्र जिले शामिल हैं.

दिसंबर 2019 में संसद द्वारा सीएए पारित होने और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद पूर्वोत्तर क्षेत्र सहित देश के कुछ हिस्सों में बड़े पैमाने पर इसको लेकर विरोध प्रदर्शन हुए थे.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहले कहा था कि सीएए के नियमों को लोकसभा चुनाव से पहले अधिसूचित और लागू किया जाएगा. कोई भी सीएए के क्रियान्वयन को नहीं रोक सकता.

गृह मंत्रालय ने आवेदकों की सुविधा के लिए एक पोर्टल तैयार किया है और पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी. एक अधिकारी ने बताया कि आवेदकों को घोषित करना होगा कि वे किस वर्ष बिना यात्रा दस्तावेजों के भारत में आए थे. आवेदकों से कोई दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा.