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कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने कलेक्ट्रेट परिसर का किया औचक निरीक्षण, सुधार के दिए निर्देश

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मोहला। जिले के कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने आज कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित विभिन्न विभागीय कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिफ्टिंग, स्वच्छता और कार्यालयीय व्यवस्थाओं को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की और तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने विभिन्न विभागों जैसे खनिज विभाग, जनगणना कक्ष, समाज कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, निर्वाचन शाखा, स्थापना कक्ष, वृत्त शाखा, जनसंपर्क शाखा और भू-अभिलेख शाखा सहित अन्य कार्यालयों का अवलोकन किया। उन्होंने कार्यालयों के अभिलेखों के संधारण, नागरिक सुविधाओं और साफ-सफाई व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालय में समय पर उपस्थित होने और अपने कार्यों को जिम्मेदारी से करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि जिला कार्यालय आम नागरिकों से जुड़ा हुआ है, इसलिए यहां की व्यवस्था और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही कलेक्टर ने नए भवन में स्थित खनिज विभाग और जनगणना कक्ष का भी निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को पानी की व्यवस्था और सफाई में सुधार करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित लोक सेवा आधार केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने आधार ऑपरेटर से आधार पंजीकरण और संशोधन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली और स्वच्छता को लेकर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने इसके सुधार के लिए निर्देश दिए।

भू-अभिलेख शाखा का विशेष निरीक्षण, अभिलेखों के संधारण के निर्देश

इसी क्रम में कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने भू-अभिलेख शाखा के रिकॉर्ड रूम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अभिलेखों के सुरक्षित संधारण और दस्तावेजों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात की। कलेक्टर ने निर्देश दिया कि सभी राजस्व अभिलेखों को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से रखा जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे तुरंत उपलब्ध हो सकें।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने रिकॉर्ड रूम की सफाई, प्रकाश व्यवस्था और वेंटिलेशन की स्थिति को भी देखा और सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे नियमित रूप से इन व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें ताकि कोई भी समस्या उत्पन्न न हो।

इस दौरान अपर कलेक्टर श्री जीआर मरकाम और अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।

बीएमसी चुनाव परिणामों के बाद शिवसेना की राजनीति में हलचल

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ब्रिहनमुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों के परिणामों ने महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति में हलचल मचा दी है। शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) को मिली हार के बाद, पार्टी के 29 पार्षदों को एक फाइव-स्टार होटल में ठहराया गया है, जिसे ‘रिसॉर्ट पॉलिटिक्स’ का नया उदाहरण माना जा रहा है।

उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर बीजेपी के दबाव में होने का आरोप लगाया है, यह कहते हुए कि यह सब मेयर पद पर नियंत्रण पाने की साजिश का हिस्सा है।

चुनाव परिणाम और सीटों का बंटवारा

बीएमसी चुनाव में कुल 227 सीटों पर मतदान हुआ, जिसमें बीजेपी-शिवसेना (शिंदे गुट) ने 112 सीटें जीतकर बहुमत के करीब पहुंच गई है। वहीं, उद्धव ठाकरे की शिवसेना को केवल 45 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस और एनसीपी ने क्रमशः 30 और 25 सीटें हासिल कीं। मेयर पद के लिए 114 सीटों की आवश्यकता है, जिससे पार्षदों की खरीद-फरोख्त की आशंका बढ़ गई है। सूत्रों के अनुसार, उद्धव गुट के इन 29 पार्षदों को मुंबई से बाहर एक होटल में भेजा गया है ताकि वे विरोधी खेमे से दूर रहें।

उद्धव ठाकरे के आरोप

उद्धव ठाकरे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “एकनाथ शिंदे बीजेपी के दबाव में हैं। वे मेयर पद पर अपने व्यक्ति को बिठाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। हमारे पार्षदों को डराया-धमकाया जा रहा है, लेकिन हम मुंबई की जनता के लिए लड़ते रहेंगे। यह रिसॉर्ट पॉलिटिक्स महाराष्ट्र की राजनीति को कलंकित कर रही है।” ठाकरे ने यह भी कहा कि शिंदे गुट ने चुनाव में धनबल और सत्ता का दुरुपयोग किया है, जिसकी जांच की मांग की।

मुख्यमंत्री शिंदे का जवाब

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “उद्धव ठाकरे हार से बौखला गए हैं। बीएमसी में हमारा गठबंधन मजबूत है और मेयर हमारा ही बनेगा। पार्षदों को होटल में ठहराने की बात बेबुनियाद है-यह उनकी सुरक्षा के लिए है। बीजेपी के साथ हमारा गठबंधन मजबूत है, लेकिन कोई दबाव नहीं है।” शिंदे ने आगे कहा कि मुंबई के विकास के लिए बीएमसी पर नियंत्रण आवश्यक है और वे जनता के हित में काम करेंगे।

बीजेपी का रुख

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने भी उद्धव के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा, “यह सब हार की खीझ है। बीएमसी चुनाव में जनता ने स्पष्ट जनादेश दिया है। हम पारदर्शी तरीके से मेयर चुनाव कराएंगे।”

सुरक्षा और राजनीतिक विश्लेषण

इस बीच, मुंबई पुलिस ने होटल के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है और पार्षदों की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह स्थिति 2022 की शिंदे विद्रोह की याद दिलाती है, जब उद्धव सरकार गिर गई थी। यदि पार्षदों का कोई गुट टूटता है, तो मेयर चुनाव में बड़ा उलटफेर हो सकता है। कांग्रेस और एनसीपी ने उद्धव गुट को समर्थन देने का ऐलान किया है, लेकिन संख्या बल अभी शिंदे-बीजेपी के पक्ष में है।

“ईरान में तनाव में कमी के संकेत, शशि थरूर का बयान”

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ईरान में स्थिति में सुधार

कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने शनिवार को बताया कि ईरान में हालात में सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि वहां की सरकार ने 800 से अधिक लोगों की फांसी की सजा को रद्द कर दिया है, और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किसी भी हमले को टालने का निर्णय लिया है।

थरूर ने यह भी कहा कि ये घटनाएं संकेत देती हैं कि तनाव कम हो सकता है। उन्होंने बताया कि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ-साथ फांसी की सजाओं का रद्द होना और अमेरिका का हमलों से बचना ‘अच्छे संकेत’ हैं।

तिरुवनंतपुरम से सांसद थरूर ने यह भी कहा कि खाड़ी क्षेत्र के अन्य देश इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता की कामना करेंगे, क्योंकि ईरान से शरणार्थियों का प्रवाह उनके देशों में हो सकता है।

उन्होंने कहा, ‘हालात के बिगड़ने से भू-राजनीतिक परिणामों को लेकर चिंता हो सकती है। इसलिए, मेरा मानना है कि हम एक नए मोड़ पर पहुंच गए हैं। हमें देखना होगा क्योंकि हमारे पास पूरी तरह से सटीक जानकारी नहीं है।’

गाजा की स्थिति पर थरूर ने कहा, ‘गाजा में अभी भी हर दिन लोग मारे जा रहे हैं। वहां से लगातार खबरें आ रही हैं। इसलिए, सभी के लिए शांति अभी तक संभव नहीं है। दूसरी ओर, हमास के निरस्त्रीकरण में हुई प्रगति के बारे में हमारे पास कोई सटीक जानकारी नहीं है।’

सोने की कीमतों में वृद्धि: 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड

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भारत में सोने की कीमतें साप्ताहिक आधार पर मजबूत बनी हुई हैं। पिछले सप्ताह में 24 कैरेट सोने की कीमत में लगभग ₹3,320 की वृद्धि हुई है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत ₹3,050 बढ़ी है।

यह वृद्धि वैश्विक बाजारों में सोने की मांग, अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और सुरक्षित निवेश की तलाश के कारण हुई है.

वर्तमान सोने की कीमतें (18 जनवरी 2026)

  • दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड: ₹1,43,930 प्रति 10 ग्राम (प्रति ग्राम लगभग ₹14,393)
  • 22 कैरेट गोल्ड: लगभग ₹1,31,800 प्रति 10 ग्राम (प्रति ग्राम लगभग ₹13,180)

अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने का स्पॉट भाव आज लगभग $4,603-$4,610 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है। हाल के दिनों में यह $4,641 के रिकॉर्ड उच्च स्तर के करीब पहुंचा था, लेकिन अब स्थिरता दिखाई दे रही है। डॉलर इंडेक्स में कमजोरी और फेड रेट कट की उम्मीदें सोने को समर्थन दे रही हैं.

प्रमुख शहरों में सोने की कीमतें

  • मुंबई: 24K – ₹1,43,500-1,43,890 | 22K – ₹1,31,400-1,31,800
  • चेन्नई: 24K – ₹1,43,700-1,44,000 | 22K – ₹1,31,600+
  • कोलकाता: 24K – ₹1,43,200-1,43,600 | 22K – ₹1,31,200+
  • बेंगलुरु/हैदराबाद: 24K – ₹1,43,000-1,43,800 | 22K – ₹1,31,000-1,31,700
  • अहमदाबाद: 24K – ₹1,43,400+ | 22K – ₹1,31,300+

कीमतों में वृद्धि के कारण

  • वैश्विक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की मांग.
  • 2025 में सोने ने मजबूत रिटर्न दिए, 2026 में भी $5,000+ प्रति औंस की भविष्यवाणियां.
  • भारत में शादी-त्योहार सीजन (लोहड़ी, पोंगल आदि) की डिमांड.

अमेरिका ने यूरोपीय देशों पर लगाया 10% टैरिफ, ट्रंप का ग्रीनलैंड पर कब्

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अमेरिका का नया टैरिफ निर्णय

वॉशिंगटन: अमेरिका ने डेनमार्क, यूके, फ्रांस और अन्य यूरोपीय देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है। यह ऐलान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को किया।

ट्रंप का यह कदम उन देशों के खिलाफ एक ‘सजा’ के रूप में देखा जा रहा है, जिन्होंने अमेरिका के ग्रीनलैंड पर कब्जे के प्रस्ताव का विरोध किया है। यूरोपीय देशों ने इस योजना का लगातार विरोध किया है, जिसके चलते ट्रंप ने यह निर्णय लिया।

टैरिफ का कार्यान्वयन

नया अमेरिकी टैरिफ 1 फरवरी से लागू होगा। यह निर्णय ट्रंप की उस चेतावनी के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे उन देशों पर टैरिफ लगाएंगे जो ग्रीनलैंड योजना का विरोध करते हैं। ट्रंप का मानना है कि ग्रीनलैंड पर कब्जा अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक है।

ट्रंप की धमकी और टैरिफ का विस्तार

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘हम ग्रीनलैंड पर अमेरिका के नियंत्रण का विरोध करने वाले आठ यूरोपीय देशों के सामानों पर फरवरी से 10% इंपोर्ट टैक्स लगाएंगे।’ डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, यूके, नीदरलैंड और फिनलैंड को यह टैरिफ देना होगा। यदि अमेरिका की ग्रीनलैंड पर डील नहीं होती है, तो 1 जून से टैरिफ बढ़ाकर 25% कर दिया जाएगा।

ग्रीनलैंड पर ट्रंप की रुचि

ट्रंप ने शुक्रवार को कहा था कि सभी देशों को ग्रीनलैंड पर कब्जे की अमेरिकी योजना का समर्थन करना चाहिए। जो देश इस मुद्दे पर अमेरिका का साथ नहीं देंगे, उन पर भारी टैरिफ लगाया जाएगा। ग्रीनलैंड पर ट्रंप की नजर है, क्योंकि यह प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर द्वीप है, जो उत्तरी अमेरिका और आर्कटिक के बीच स्थित है।

ग्रीनलैंड का राजनीतिक परिप्रेक्ष्य

ग्रीनलैंड की आबादी लगभग 57,000 है और इसे 1979 से स्व-शासन प्राप्त है, लेकिन इसकी रक्षा और विदेश नीति डेनमार्क के हाथों में है। ग्रीनलैंड के लोग और नेता अमेरिका के साथ जुड़ने के विचार का विरोध करते रहे हैं।

HDFC बैंक का मुनाफा 11.5% बढ़ा, मारुति सुजुकी ने गुजरात में किया बड़ा…

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17 जनवरी 2026 को भारतीय अर्थव्यवस्था और बाजार से संबंधित दो महत्वपूर्ण घटनाएं चर्चा में रहीं। देश के प्रमुख प्राइवेट बैंक HDFC बैंक ने Q3 FY26 (अक्टूबर-दिसंबर 2025) के परिणामों की घोषणा की, जबकि मारुति सुजुकी ने गुजरात में बड़े निवेश की योजना बनाई।

ये दोनों घटनाएं निवेशकों और उद्योग के लिए सकारात्मक संकेत हैं।

HDFC बैंक का Q3 FY26 परिणाम: मुनाफा ₹18,654 करोड़

HDFC बैंक ने अपने स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 11.5% की वृद्धि दर्ज की।

Q3 FY26 नेट प्रॉफिट: ₹18,654 करोड़ (पिछले वर्ष ₹16,736 करोड़)

नेट इंटरेस्ट इनकम (NII): 6.4% बढ़कर ₹32,615-32,620 करोड़

एसेट क्वालिटी में सुधार: ग्रॉस NPA में 18 bps की कमी (स्थिर/बेहतर स्तर पर)

लोन ग्रोथ डबल डिजिट में रही, डिपॉजिट ग्रोथ 12.2% YoY

कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR): 19.9% (आरामदायक स्तर)

बैंक ने एसेट क्वालिटी में सुधार और मजबूत लायबिलिटी फ्रैंचाइजी पर जोर दिया। इसके अलावा, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भावेश जवेरी ने अप्रैल 2026 में रिटायरमेंट की घोषणा की है। रिजल्ट के बाद HDFC बैंक के शेयर में हल्की बढ़त देखी गई, जबकि बाजार का रुख मिश्रित रहा। यह परिणाम बैंकिंग क्षेत्र के लिए सकारात्मक है, जहां HDFC ने स्थिरता दिखाई है।

मारुति सुजुकी का ₹35,000 करोड़ का निवेश

मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (MSIL) ने गुजरात सरकार के साथ ₹35,000 करोड़ के निवेश का करार किया है।

प्लांट लोकेशन: खोराज (गांधीनगर जिला), गुजरात इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (GIDC) द्वारा 1,750 एकड़ जमीन आवंटित

सालाना उत्पादन क्षमता: 10 लाख वाहन (4 यूनिट्स, प्रत्येक 2.5 लाख)

रोजगार सृजन: सीधे 12,000+ नौकरियां, अप्रत्यक्ष रूप से 7.5 लाख तक

उत्पादन शुरू: FY2029 से उम्मीद

यह गुजरात में कंपनी का दूसरा बड़ा प्लांट है (पहला हैंसलपुर में, जहां क्षमता 10 लाख तक बढ़ाई जा रही है)

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने निवेश पत्र का वितरण करते हुए इसे ‘मेक इन इंडिया, मेड फॉर द वर्ल्ड’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। यह निवेश मारुति की कुल उत्पादन क्षमता को 40 लाख यूनिट्स प्रति वर्ष तक बढ़ाएगा, जो घरेलू मांग और निर्यात को समर्थन देगा।

आज की प्रमुख खबरें (18 जनवरी 2026)

शेयर बाजार रविवार की छुट्टी के कारण बंद रहेगा।

पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली का सिलसिला जारी, भारतीय शेयर बाजार पर दबाव

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विदेशी निवेशकों की गतिविधियाँ

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII/FPIs) द्वारा बिकवाली का क्रम 2026 में भी जारी है। जनवरी के पहले 16 दिनों में, FII ने कुल ₹22,529 करोड़ की बिकवाली की है, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि FII अभी भी नेट शॉर्ट पोजिशन में हैं, जिसका अर्थ है कि वे बाजार में गिरावट की उम्मीद कर रहे हैं और खरीदारी के बजाय बिकवाली या शॉर्ट सेलिंग पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

जनवरी 2026 में FII आउटफ्लो का विवरण

कुल नेट सेलिंग: ₹22,529 करोड़ (कैश मार्केट में, 16 जनवरी तक)

FII लगभग हर दिन बिकवाली कर रहे हैं, केवल एक दिन खरीदारी का प्रदर्शन हुआ।

2025 में, FII ने रिकॉर्ड ₹1.66 लाख करोड़ की बिकवाली की, जो भारतीय बाजार में अब तक का सबसे बड़ा वार्षिक आउटफ्लो है।

घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने समर्थन प्रदान किया, लेकिन FII की भारी बिकवाली के कारण बाजार दबाव में रहा।

बाजार की वर्तमान स्थिति

18 जनवरी 2026 को बाजार मिश्रित बंद हुआ:

Sensex: 83,570.35 (+187.64 अंक, +0.23%)

Nifty 50: 25,694.35 (+28.75 अंक, +0.11%)

जनवरी में अब तक Nifty लगभग 1.5-1.7% नीचे है, जबकि कई एशियाई बाजार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। FII की बिकवाली के कारण बाजार की अंडरपरफॉर्मेंस जारी है।

FII शॉर्ट रहने के प्रमुख कारण

उच्च वैल्यूएशन: भारतीय बाजार अभी भी महंगे लगते हैं, खासकर कमजोर कमाई वृद्धि के बीच।

कमजोर कॉर्पोरेट अर्निंग्स: Q3FY26 (दिसंबर तिमाही) के परिणाम मिश्रित उम्मीदें दिखा रहे हैं, IT और अन्य क्षेत्रों में दबाव है।

ग्लोबल फैक्टर्स: अमेरिका-भारत व्यापार अनिश्चितता, संभावित अमेरिकी टैरिफ, और मध्य पूर्व में तनाव से तेल की कीमतें प्रभावित हो रही हैं।

AI ट्रेड का प्रभाव: 2025-26 में AI से जुड़े वैश्विक स्टॉक्स बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि भारत पीछे रह गया है।

कैपिटल फ्लो नॉर्थ एशिया की ओर: कुछ फंड्स चीन और अन्य एशियाई बाजारों में स्थानांतरित हो रहे हैं।

विशेषज्ञों की राय

Geojit Investments के VK Vijayakumar का कहना है, “FII की बिकवाली तब तक जारी रह सकती है जब तक सकारात्मक संकेत न मिलें, जैसे बेहतर अर्निंग्स, अमेरिका-भारत व्यापार समझौते में प्रगति या वैश्विक ब्याज दरों में कटौती।”

अन्य विश्लेषकों का मानना है कि 2026 में भारत के मजबूत फंडामेंटल्स (GDP वृद्धि, बेहतर अर्निंग्स) से FII वापस आ सकते हैं, लेकिन फिलहाल स्थिति स्थिर है।

ममता बनर्जी की न्यायपालिका की स्वतंत्रता की रक्षा की अपील

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से संविधान, लोकतंत्र और न्यायपालिका की स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए अपील की।

उन्होंने जांच एजेंसियों के दुरुपयोग के खिलाफ भी चेतावनी दी। कलकत्ता उच्च न्यायालय के जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच भवन के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए, बनर्जी ने मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध किया कि नागरिकों को गलत तरीके से निशाना न बनाया जाए। उन्होंने कहा कि कृपया संविधान, लोकतंत्र, न्यायपालिका, इतिहास और भूगोल के साथ-साथ देश की सीमाओं को भी आपदा से बचाएं। बनर्जी ने मुख्य न्यायाधीश को संविधान का संरक्षक बताते हुए कहा कि न्यायपालिका को पूर्वाग्रह से मुक्त रहना चाहिए।

तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ने मीडिया ट्रायल के मुद्दे पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि अदालतों द्वारा निर्णय सुनाए जाने से पहले ही मामलों पर सार्वजनिक बहस शुरू हो जाती है। उन्होंने कहा कि मामलों के अंतिम निर्णय से पहले मीडिया ट्रायल नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह लोगों को बदनाम करने का एक साधन बन गया है। उन्होंने यह भी कहा कि एजेंसियों को जानबूझकर नागरिकों को बदनाम करने का प्रयास नहीं करना चाहिए।

मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय और तृणमूल कांग्रेस सरकार के बीच बढ़ते तनाव के बीच आई है, जो संघीय एजेंसी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में तृणमूल की राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पीएसी सहित 10 स्थानों पर छापेमारी के बाद शुरू हुआ था।

कार्यक्रम के दौरान, ममता बनर्जी ने विधि समुदाय की स्थिति पर चिंता व्यक्त की और कहा कि कनिष्ठ वकील संघर्ष कर रहे हैं और उन्हें उचित लाभ नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश से पेशे में प्रवेश करने वाली नई पीढ़ी का विशेष ध्यान रखने का आग्रह किया। न्यायिक अवसंरचना के विषय पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र द्वारा वित्त पोषण रोके जाने के बावजूद बंगाल सरकार ने त्वरित न्यायालयों का विस्तार किया है। उन्होंने केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र द्वारा वित्त पोषण बंद किए जाने के बावजूद, हम त्वरित न्यायालयों को जारी रख रहे हैं।

सनी देओल की फिल्म ‘बॉर्डर 2’ का ट्रेलर रिलीज, जानें बजट और कलेक्शन…

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फिल्म ‘बॉर्डर 2’ का ट्रेलर और दर्शकों की प्रतिक्रिया

सनी देओल की आगामी फिल्म ‘बॉर्डर 2’ हाल ही में चर्चा का विषय बनी है, जिसका ट्रेलर 15 जनवरी को जारी किया गया। इसे दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है, और अब तक इसे 20 मिलियन से अधिक बार देखा जा चुका है।

फिल्म का बजट

हालांकि आधिकारिक आंकड़े अभी तक सामने नहीं आए हैं, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार, ‘बॉर्डर 2’ का निर्माण लगभग 230 से 250 करोड़ रुपये की लागत में हुआ है। इस फिल्म का निर्माण टी-सीरीज फिल्म्स और जे.पी. फिल्म्स के बैनर तले भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जे.पी. दत्ता और निधि दत्ता द्वारा किया गया है।

स्टार कास्ट की फीस

हाल ही में फिल्म की स्टार कास्ट के बारे में जानकारी सामने आई है। सनी देओल को इस फिल्म के लिए 50 करोड़ रुपये का पारिश्रमिक मिला है, जबकि वरुण धवन की फीस 8 से 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है। दिलजीत दोसांझ को 4 से 5 करोड़ रुपये मिले हैं, जबकि अहान शेट्टी और अन्य कलाकारों की फीस की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

फिल्म का रनटाइम

ट्रेड ट्रैकिंग वेबसाइट sacnilk.com के अनुसार, ‘बॉर्डर 2’ का रनटाइम 195 मिनट यानी 3 घंटे 15 मिनट है। यह फिल्म अब तक की सबसे लंबी फिल्मों में शामिल हो गई है, जिसमें ‘धुरंधर’, ‘पुष्पा 2: द रूल’ और ‘एनिमल’ जैसी फिल्में शामिल हैं।

एडवांस बुकिंग और रिलीज की तारीख

रिपोर्टों के अनुसार, ‘बॉर्डर 2’ की एडवांस बुकिंग 18 जनवरी से शुरू होगी, जो कि फिल्म की रिलीज से ठीक 5 दिन पहले है। यह फिल्म 23 जनवरी को सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जाएगी और पहले दिन शानदार कमाई करने की उम्मीद है, जिससे यह 2026 की सबसे बड़ी ओपनर बन सकती है।

पहले दिन की कमाई का अनुमान

फिल्म की रिलीज से पहले ही इसके पहले दिन के कलेक्शन के बारे में अनुमान लगाए जा रहे हैं। पिंकविला की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेड सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि यह फिल्म पहले दिन भारत में 40 से 44 करोड़ रुपये कमा सकती है। वहीं, कुछ अन्य रिपोर्टों में यह आंकड़ा 38 से 42 करोड़ रुपये के बीच होने का अनुमान है।

फिल्म की स्क्रीन संख्या

रिपोर्टों के अनुसार, ‘बॉर्डर 2’ सनी देओल की सबसे बड़ी रिलीज बनकर उभरने जा रही है, जो भारत में 4000 स्क्रीन पर प्रदर्शित होगी। इससे पहले ‘ग़दर 2’ को 3500 स्क्रीन पर रिलीज किया गया था।

केंद्रीय बजट 2026-27 की तैयारी: हलवा समारोह से शुरू होगा दस्तावेजों का…

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केंद्रीय बजट 2026-27 की तैयारी: हलवा समारोह से शुरू होगा दस्तावेजों का;केंद्रीय बजट 2026-27 की तैयारी

केंद्रीय बजट 2026-27 की तैयारियों का अंतिम चरण शुरू होने वाला है। पारंपरिक हलवा समारोह अगले सप्ताह (जनवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में) आयोजित होने की संभावना है।

यह एक पुरानी परंपरा है, जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण स्वयं हलवा बनवाती हैं और इसे वितरित करती हैं। यह समारोह बजट दस्तावेजों की छपाई की शुरुआत का प्रतीक है। समारोह के बाद, बजट से जुड़े सभी कर्मचारी और अधिकारी

लॉक-इन या आइसोलेशन मोड में चले जाते हैं। वे North Block (या संबंधित प्रिंटिंग प्रेस) में रहते हैं, बाहर नहीं जा सकते, और मोबाइल/इंटरनेट का उपयोग नहीं कर सकते। गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए CCTV और सुरक्षा व्यवस्था भी होती है। यह परंपरा बजट लीक को रोकने के लिए 1950 के दशक से चली आ रही है।

इस बार बजट 1 फरवरी 2026

(रविवार) को सुबह 11 बजे लोकसभा में पेश किया जाएगा। यह पहली बार है जब बजट रविवार को प्रस्तुत किया जाएगा, हालांकि पहले भी वीकेंड पर बजट पेश किया जा चुका है। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा, जो दो चरणों में होगा।

बजट 2026 की प्रमुख अपेक्षाएं;बजट 2026 की प्रमुख अपेक्षाएं

टैक्स राहत: सैलरीड क्लास के लिए इनकम टैक्स में छूट बढ़ाने की मांग तेज हो रही है, जैसे कि बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट या 80C लिमिट में वृद्धि।

कैपेक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर: सड़क, रेल, इलेक्ट्रिक वाहन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रक्षा और मैन्युफैक्चरिंग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

सेक्टर-विशेष: AYUSH, पर्यटन, रियल एस्टेट, MSME, कृषि और निर्यात को समर्थन देने के लिए PLI योजना का विस्तार किया जाएगा।

ग्लोबल चुनौतियां: अमेरिका के टैरिफ और आर्थिक विकास को ध्यान में रखते हुए आत्मनिर्भरता पर जोर दिया जाएगा।