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Heatwave Alert: आईएमडी ने दिल्ली, राजस्थान, यूपी, मध्य प्रदेश, पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्यों में भीषण हीटवेव का अलर्ट जारी….

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देशभर में गर्मी अब विकराल रूप लेने लगी है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में दिल्ली समेत उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में भीषण हीटवेव चलने वाली है. लगातार बढ़ते तापमान से करोड़ों लोगों को झुलसाने वाली गर्मी का सामना करना पड़ सकता है.

मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, छत्तीसगढ़ और कोंकण-गोवा के कई हिस्सों में 22 मई तक हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है.

दिल्ली में 45 डिग्री तक पहुंच सकता है पारा

आईएमडी ने कहा है कि अगले तीन दिनों में दिल्ली के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है. रविवार को राजधानी में आंशिक बादल छाए रहने, गरज-चमक और 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. कुछ स्थानों पर हवाओं की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.

रविवार को अधिकतम तापमान करीब 44 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. इसके बाद आसमान साफ होते ही अगले सप्ताह तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. रात में भी गर्म हवाओं से राहत मिलने की संभावना कम है.

उत्तर और मध्य भारत में तेजी से बढ़ेगा तापमान

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर और मध्य भारत में तापमान तेजी से बढ़ रहा है. पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में भी तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है. स्काईमेट वेदर के अध्यक्ष महेश पलावत ने बताया कि पूर्वी हवाओं की जगह अब उत्तर-पश्चिमी हवाएं चल रही हैं, जो मध्य पाकिस्तान और राजस्थान की तरफ से आ रही हैं. ये हवाएं बेहद गर्म और शुष्क हैं, जिससे आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ेगा तथा हीटवेव की संभावना मजबूत हो गई है.

इन राज्यों में जारी रहेगा हीटवेव अलर्ट

आईएमडी के मुताबिक राजस्थान में 17 से 23 मई तक हीटवेव चल सकती है. वहीं पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 18 से 23 मई तक गर्मी का प्रकोप बना रहेगा. उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में 19 से 23 मई के बीच गंभीर हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है. इसके अलावा तेलंगाना में 17 से 21 मई तक हीटवेव की स्थिति रह सकती है. मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भी भीषण गर्मी पड़ने की संभावना जताई गई है.

पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में बारिश से राहत

जहां उत्तर भारत भीषण गर्मी से तपेगा, वहीं पूर्वोत्तर राज्यों असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. दक्षिण भारत के केरल और आंध्र प्रदेश में भी तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है. उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश हो सकती है. तमिलनाडु में बारिश हुई है.

क्या होती है हीटवेव?

आईएमडी के मुताबिक जब किसी क्षेत्र में तापमान सामान्य से काफी ज्यादा बढ़ जाता है, तब उसे हीटवेव घोषित किया जाता है. मैदानी इलाकों में, जिनमें दिल्ली भी शामिल है, हीटवेव की स्थिति तब मानी जाती है जब तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा हो और सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री तक अधिक दर्ज किया जाए.

वहीं यदि तापमान सामान्य से 6.4 डिग्री से ज्यादा ऊपर पहुंच जाए तो उसे गंभीर हीटवेव माना जाता है. इसके अलावा यदि तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो जाए तो भी हीटवेव घोषित की जाती है, चाहे सामान्य तापमान से अंतर कितना भी हो. विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल सामान्य गर्मी नहीं बल्कि खतरनाक स्थिति होती है, जो बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है.

स्वास्थ्य को लेकर बरतें सावधानी

विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. लंबे समय तक धूप में रहने से हीट एक्सॉशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है. लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर या छांव में रहने, ज्यादा से ज्यादा पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है. बाहर निकलते समय छाता, टोपी या गमछे का इस्तेमाल करने को कहा गया है. इसके साथ ही बुजुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले लोगों का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है.

PM Narendra Modi Sweden Visit: स्वीडन पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी…

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PM Narendra Modi Sweden Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच देशों की यात्रा के तीसरे चरण में स्वीडन के गोथेनबर्ग पहुंचे, जहां स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने उनका स्वागत किया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच देशों की अपनी यात्रा के तीसरे चरण में रविवार शाम स्वीडन पहुंचे. नीदरलैंड दौरे के बाद जब प्रधानमंत्री मोदी का विमान स्वीडन के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ, तब स्वीडिश ग्रिपेन लड़ाकू विमानों ने उनके विमान को एस्कॉर्ट किया. गोथेनबर्ग एयरपोर्ट पहुंचने पर स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने खुद प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया.

स्वीडन की दो दिवसीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी अपने स्वीडिश समकक्ष उल्फ क्रिस्टर्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. दोनों नेता भारत और स्वीडन के बीच संबंधों के सभी प्रमुख पहलुओं की समीक्षा करेंगे. दोनों देशों के बीच व्यापार, हरित परिवर्तन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नई तकनीक, स्टार्टअप, मजबूत सप्लाई चेन, रक्षा, अंतरिक्ष, जलवायु परिवर्तन और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर भी चर्चा होगी.

यूरोपीय उद्योग मंच को करेंगे संबोधित

प्रधानमंत्री मोदी और स्वीडन के प्रधानमंत्री संयुक्त रूप से यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री को भी संबोधित करेंगे. इस कार्यक्रम में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी मौजूद रहेंगी. यह मंच यूरोप के बड़े उद्योग समूहों का प्रमुख व्यापारिक मंच माना जाता है.

स्वीडन रवाना होने से पहले नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन खुद एम्स्टर्डम एयरपोर्ट पहुंचे और प्रधानमंत्री मोदी को विदाई दी. नीदरलैंड की दो दिवसीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अपने डच समकक्ष के साथ द्विपक्षीय वार्ता की. इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 17 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए. दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति और उसके वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा व्यापार नेटवर्क पर पड़ने वाले असर को लेकर भी चिंता जताई.

प्रधानमंत्री मोदी बोलेभारत और नीदरलैंड के रिश्तों को मिली नई गति

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उनकी नीदरलैंड यात्रा से दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती मिली है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाते हुए जल संसाधन, सेमीकंडक्टर, नवाचार, रक्षा, स्थिरता और मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में भविष्य का महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया है. प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत और नीदरलैंड की दोस्ती और मजबूत होगी. उन्होंने प्रधानमंत्री रॉब जेटन को गर्मजोशी से स्वागत और एयरपोर्ट पर विदाई देने के लिए धन्यवाद भी दिया.

अफ्सलाउटडाइक डैम का भी किया दौरा

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने डच समकक्ष के साथ प्रसिद्ध अफ्सलाउटडाइक डैम का भी दौरा किया. इस दौरान दोनों देशों ने जल प्रबंधन और जलवायु अनुकूल बुनियादी ढांचे में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की. यह यात्रा गुजरात के महत्वाकांक्षी कल्पसर प्रोजेक्ट के लिए भी अहम मानी जा रही है. इस परियोजना के तहत खंभात की खाड़ी पर करीब 30 किलोमीटर लंबा बांध बनाकर विशाल मीठे पानी का जलाशय तैयार करने की योजना है.

डच कंपनियों को भारत में निवेश का न्योता

प्रधानमंत्री मोदी और उनके डच समकक्ष ने ऊर्जा, बंदरगाह, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार और तकनीक क्षेत्र की प्रमुख डच कंपनियों के सीईओ के साथ भी बातचीत की. प्रधानमंत्री मोदी ने डच कंपनियों को भारत में समुद्री बुनियादी ढांचा, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश और सहयोग के अवसर तलाशने का निमंत्रण दिया. प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा पूरी करने के बाद दो दिवसीय दौरे पर हेग पहुंचे थे.

Diary Farming Tips: पशुओं के लिए वरदान हैं ये हरे चारे, मात्र 30-40 दिनों में तैयार होने वाली ये फसलें पशुओं को लू से बचाती हैं…

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Diary Farming Tips: गर्मियों में लोबिया, मक्का और ज्वार जैसे हरे चारे पशुओं के लिए वरदान हैं. मात्र 30-40 दिनों में तैयार होने वाली ये फसलें पशुओं को लू से बचाती हैं और दूध का उत्पादन अच्छा रखती हैं.

तपती गर्मियों का मौसम शुरू होते ही हम सब के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि अपने दुधारू पशुओं को लू और भीषण गर्मी की मार से कैसे बचाएं. इस मौसम में अक्सर देखने को मिलता है कि सही पोषण न मिलने के चलते पशु बीमार पड़ने लगते हैं और उनका दूध उत्पादन भी अचानक बहुत कम हो जाता है. इसलिए गर्मियों के इस कठिन समय में सही और पौष्टिक हरे चारे का चुनाव पशुओं के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा वरदान साबित हो सकता है.

अगर इस समय हम अपने पशुओं के खान-पान में कुछ खास हरे चारों को शामिल कर लें तो न केवल उनकी सेहत एकदम दुरुस्त रहेगी बल्कि इस चिलचिलाती धूप में भी दूध की लगातार बारिश होती रहेगी. जान लीजिए एक्सपर्ट्स टिप्स

कम समय में बंपर पैदावार देने हरे चारे

एक्सपर्ट्स के मुताबिक पशुपालकों के लिए गर्मियों के मौसम में लोबिया, मक्का, बरसीम, नेपियर घास और ज्वार जैसे हरे चारे सबसे ज्यादा फायदेमंद और असरदार साबित होते हैं. इन फसलों की सबसे बड़ी और मजेदार खासियत यह है कि ये बहुत तेजी से बढ़ती हैं और मात्र तीस से चालीस दिनों के भीतर कटाई के लिए पूरी तरह तैयार हो जाती हैं.

कम समय में पर्याप्त मात्रा में चारे की उपलब्धता हो जाने के कारण आपके फार्म पर कभी भी फीड की कमी नहीं होती है. अगर किसान भाई अपने खेतों में लोबिया, मक्का और ज्वार की समय पर बुवाई कर दें तो वे गर्मियों के महीनों में होने वाली चारे की किल्लत को काफी हद तक हमेशा के लिए दूर कर सकते हैं.

पशुओं की सेहत रहेगी तंदुरुस्त

ये समर स्पेशल हरे चारे न केवल हमारे गाय और भैंसों के शरीर को अंदर से ठंडा और हाइड्रेटेड रखते हैं बल्कि उन्हें भरपूर मात्रा में जरूरी प्रोटीन और विटामिंस भी प्रदान करते हैं. इससे पशुओं की पाचन शक्ति बहुत मजबूत होती है जिससे उनका दूध उत्पादन और फैट का स्तर गर्मियों में भी बिल्कुल कम नहीं होता है.

यह हरे चारे इस चीज में भी फायदेमंद

इसके साथ ही इन फसलों की एक और छिपी हुई सबसे बड़ी खूबी यह है कि ये मिट्टी की उर्वरता यानी उसकी उपजाऊ शक्ति को भी प्राकृतिक रूप से बहुत बढ़ा देती हैं जिसका सीधा फायदा किसानों को अपनी अगली फसल में देखने को मिलता है. तो फिर देर किस बात की इन हरे चारे की खेती अपनाएं अपने पशुओं को चुस्त-दुरुस्त रखें और डेयरी से अपनी आय में छप्परफाड़ बढ़ोतरी करें.

Eid al Adha 2026: सउदी में आज (Dhul Hijjah) का चांद देखने की अपील, जानें भारत में बकरीद कब…

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सऊदी अरब समेत दुनियाभर में रविवार 17 मई को आज धुल हिज्जा या जिलहिज्जा का चांद देखने का प्रयास किया जाएगा. आज चांद नजर आता है तो 18 मई से माह-ए-जिलहिज्जा शुरू हो जाएगा.

धुल हिज्जा (Dhul Hijjah) इस्लामिक चंद्र कैलेंडर 1447 का 12वां और आखिरी महीना है, जिसे बहुत ही पवित्र माना जाता है. इसे जिलहिज्जा के नाम से भी जाना जाता है. इस्लाम धर्म के लिए यह कुर्बानी और तीर्थयात्रा का महीना होता है. क्योंकि जिलहिज्जा में भी कुर्बानी का त्योहार ईद-अल-अदहा (बकरीद) मनाई जाती है और हज यात्रा की शुरुआत होती है.

सऊदी कोर्ट ने की चांद देखने की अपील

दुनियाभर के मुसलमान धुल हिज्जा या जिलहिज्जा का चांद देखने का प्रयास कर रहे हैं. प्रमुख चांद कमेरियों द्वारा चांद दिखने की आधिकारिक पुष्टि के ऐलान के बाद ही जिलहिज्जा महीने की शुरुआत होगी. सऊदी अरब ने भी पूरे राज्य के मुसलमानों से रविवार, 17 मई की शाम धुल हिज्जा का अर्धचंद्र देखने की अपील की है, जो उम्म अल-कुरा कैलेंडर के अनुसार धुल क़दाह की 29 तारीख के बराबर है.

सऊदी अरब के सर्वोच्च न्यायालय ने एक बयान जारी कर लोगों से आग्रह किया है कि, वे चांद को देखें, चाहे नंगी आंखों से या दूरबीन से. अगर चांद नजर आता है है तो वे इसकी सूचना निकटतम न्यायालय को जरूर दें और अपना बयान दर्ज कराएं.

अर्धचंद्र को देखने के बाद ही इस्लामिक कैलेंडर के नए महीने की शुरुआत होती है. लेकिन सऊदी अरब में जिलहिज्जा के अर्धचंद्रमा को देखना एक उच्च धार्मिक महत्व रखता है. इसका कारण यह है कि, किंगोम वार्षिक हज सीजन की लिए हजारों की संख्या में तीर्थयात्रों की मेजबानी की तैयारियां शुरू हो जाती है.

धुलहिज्जा कब शुरू होगा

रविवार 17 मई की शाम अगर चांद की दीदार होता है तो, धुल हिज्जा का पहला दिन सोमवार, 18 मई को रहेगा. इसके अनुसार अराफा का दिन मंगलवार, 26 मई को बकरीद (ईद-अल-अदहा) बुधवार, 27 मई को मनाई जा सकती है. लेकिन 17 मई को चांद नजर नहीं आता तो जुलहिज्जा की शुरुआत 19 मई 2026 से होगी.

बकरीद की संभावित तिथि

आज 17 मई की शाम में जिलहिज्जा का नया चांद (हिलाल) देखने की कोशिश होगी. अगर आज चांद देखने की तस्दीक (पुष्टि) हो जाती है, तो ईद-उल-अजहा 27 मई 2026 को मनाया जा सकता है. वहीं अगर चांद नजर नहीं आता, तो कल शाम फिर से चांद देखने की कोशिश होगी और बकरीद 28 मई को हो सकती है. हालांकि चांद दिखने की सटीक जानकारी के लिए मगरिब की नमाज के बाद शहर की मरकजी चांद कमेटी या फिर स्थानीय मस्जिदों में इसका आधिकारिक ऐलान का इंतजार करें.

Petrol-Diesel Prices: होर्मुज संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बड़े फैसले ने वैश्विक तेल बाजार में हलचल…

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी कच्चे तेल की खरीद पर दी गई अस्थायी छूट को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया है.

होर्मुज संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बड़े फैसले ने वैश्विक तेल बाजार में हलचल बढ़ा दी है. आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल और अन्य ईंधन के दाम फिर बढ़ सकते हैं. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से भारत समेत दुनिया भर में महंगाई बढ़ने का खतरा भी गहरा गया है.

दरअसल, ट्रंप प्रशासन ने रूसी कच्चे तेल की खरीद पर दी गई अस्थायी छूट को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया है. इसके साथ ही यह छूट अब समाप्त हो चुकी है. इसे भारत के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बीच भारत रूस से लगातार तेल खरीद रहा था.

वैश्विक तेल बाजार पर बढ़ा दबाव

रूस दुनिया के बड़े कच्चे तेल निर्यातकों में शामिल है. ऐसे में अमेरिकी फैसले के बाद वैश्विक बाजार में तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है. इससे दुनिया भर में पेट्रोल, डीजल और अन्य ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहीं तो इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा.

रूसयूक्रेन युद्ध के बाद लगाए गए थे प्रतिबंध

रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद अमेरिका और यूरोपीय देशों ने रूसी तेल पर कई कड़े प्रतिबंध लगाए थे. हालांकि मार्च 2026 में ईरान युद्ध शुरू होने और होर्मुज ब्लॉकेड के कारण वैश्विक बाजार में तेल संकट गहरा गया था. तेल की कमी को देखते हुए ट्रंप सरकार ने मार्च 2026 में एक विशेष छूट दी थी. बाद में इसे 16 मई तक बढ़ाया गया. यह छूट सिर्फ उन तेल खेपों पर लागू थी, जिन्हें पहले ही टैंकरों पर लोड किया जा चुका था.

यूरोपीय देशों के दबाव के बाद खत्म हुई छूट

बताया जा रहा है कि यूरोपीय देश लगातार इस छूट का विरोध कर रहे थे. उनका कहना था कि रूसी तेल की बिक्री से मिलने वाला पैसा रूस के युद्ध फंड को मजबूत कर रहा है. इसी दबाव के बाद ट्रंप प्रशासन ने शनिवार को यह छूट समाप्त करने का फैसला लिया.

भारत ने बढ़ाया था रूसी तेल आयात

रिपोर्ट्स के मुताबिक मार्च 2026 में पश्चिम एशिया संकट और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बढ़ने के बाद भारत ने रूसी तेल आयात में भारी बढ़ोतरी की थी. मार्च 2026 में भारत ने हर दिन करीब 4.5 मिलियन बैरल कच्चे तेल का आयात किया. इसमें लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा रूस से आया था, जबकि मिडिल ईस्ट से सप्लाई करीब 61 फीसदी तक घट गई थी. अप्रैल 2026 में भी रूस भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल सप्लायर बना रहा. अप्रैल में भारत का रूसी तेल आयात करीब 1.57 मिलियन बैरल प्रतिदिन रहा, हालांकि यह मार्च के मुकाबले करीब 20 फीसदी कम था.

भारत में फिर बढ़ सकते हैं ईंधन के दाम

कुछ दिन पहले ही भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी की गई थी. वहीं सीएनजी के दाम भी बढ़ाए गए थे. अब विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें लगातार ऊपर बनी रहती हैं तो भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में एक बार फिर इजाफा हो सकता है.

CG: पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के बाद पेट्रोल पंपों पर गाड़ियों की लंबी कतारें…

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रायपुर में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के बाद सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई और कई पेट्रोल पंप बंद भी रहे. जिससे अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है.

देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन-तीन रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद छत्तीसगढ़ में भी इसका बड़ा असर देखने को मिल रहा है. राजधानी रायपुर में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 103.58 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल 96.57 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है. कीमतों में बढ़ोतरी के बाद दूसरे दिन भी प्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा.

रायपुर के कुल 326 पेट्रोल पंपों में से 35 पंप ड्राई आउट

रायपुर, बिलासपुर, बस्तर, कोरबा और अंबिकापुर समेत कई शहरों के ज्यादातर पेट्रोल पंप ड्राई आउट हो गए हैं. शुक्रवार (15 मई) को पेट्रोल और डीजल के दाम 3-3 रुपए बढ़ाने के बाद सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें लग गई और कई पेट्रोल पंप बंद भी रहे. खाद्य सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले के मुताबिक प्रदेश में कुल 2516 पेट्रोल डीजल पंप है. वहीं अकेले रायपुर शहर में 326 पेट्रोल पंप हैं, जिनमें से 35 पंप ड्राई आउट हो चुके हैं.

बिलासपुर में कुल 156 पेट्रोल पंपों में से 9 पंपों पर ईंधन खत्म हो गया है. प्रशासन का कहना है कि कोरबा समेत कुछ अन्य जिलों में स्थिति फिलहाल सामान्य बनी हुई है, लेकिन लोगों की बढ़ती भीड़ और अचानक बढ़ी मांग के कारण कई जगहों पर दबाव की स्थिति बनी हुई है.

छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों में पेट्रोल डीजल के नए रेट-

  • रायपुर में पेट्रोल 103.58 रु. डीजल 96.57 रु
  • बिलासपुर में पेट्रोल 104.26 रु. डीजल 97.25 रु
  • अम्बिकापुर में पेट्रोल 104.60 रू. डीजल- 97.66रु
  • रायगढ़ में पेट्रोल 104.53रु और डीजल – 97.52रु
  • कोरबा में पेट्रोल 103.24 रु और डीजल – 96.25 रु
  • जगदलपुर में पेट्रोल 105.22रु और डीजल- 98.22रु प्रति लीटर

गुरुवार से ही पेट्रोल पम्पों पर लगी लंबी कतारें

सरकार में पेट्रोल डीजल की कीमतों में तीन-तीन रुपए की वृद्धि शुक्रवार (15 मई) सुबह 6 बजे की है .लेकिन छत्तीसगढ़ के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर गुरुवार (14 मई) से ही लंबी-लंबी लाइन लगा शुरू हो गई थी. दरअसल गुरुवार से कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल की सप्लाई बंद हो चुकी थी, जिसके चलते ज्यादातर पेट्रोल पंप ड्राई हो गए और जैसे ही यह खबर फैली पब्लिक ने पैनिक के चलते पेट्रोल पंपों पर लाइन लगाना शुरू कर दिया.

‘राज्य में पेट्रोल-डीजल की कोई किल्लत नहीं’- CM

इस बीच लोगों की मुसीबत को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनता को भरोसा दिलाया की छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की कोई किल्लत नहीं है और लोगों को सुचारू रूप से आगे भी पेट्रोल और डीजल उपलब्ध होता रहेगा. मुख्यमंत्री ने कहा की अफवाहों पर ध्यान ना दें और पैनिक में आकर पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारे ना लगाएं. सरकार ने भरोसा दिलाया है कि जल्दी सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पहले की तरह सुनिश्चित की जा रही है.

रायपुर कलेक्टर ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

स्पीच स्थिति संभालने के लिए रायपुर कलेक्टर ने अपने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं. शहर में यदि पेट्रोल की ब्लैक मार्केटिंग हो रही हो तो लोग कलेक्टर कॉल सेंटर के नंबर 9977222564, 997722574 997722584 और 997722594 पर सूचना दे सकते हैं.

तीन दिन तक रहेंगे छत्तीसगढ़ दौरे पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह…

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर रायपुर और बस्तर में सुरक्षा व्यवस्था, नक्सल विरोधी अभियानों और विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। यह दौरा सुरक्षा और विकास रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज से तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे। 17 से 19 मई तक प्रस्तावित इस दौरे में वे रायपुर और बस्तर संभाग में सुरक्षा व्यवस्था, नक्सल विरोधी अभियानों और विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा करेंगे। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब केंद्र और राज्य सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा अभियानों के साथ-साथ विकास योजनाओं को भी तेज गति से आगे बढ़ा रही हैं। गृह मंत्री का यह दौरा सुरक्षा रणनीति और प्रशासनिक समन्वय के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बस्तर में जनसुविधा केंद्र का करेंगे उद्घाटन

तय कार्यक्रम के अनुसार, अमित शाह 18 मई को बस्तर पहुंचेंगे। यहां वे नेतानार स्थित सुरक्षा केंद्र को जनसुविधा केंद्र के रूप में जनता को समर्पित करेंगे।सरकार का उद्देश्य सुरक्षा कैंपों को केवल सुरक्षा गतिविधियों तक सीमित न रखते हुए उन्हें स्थानीय लोगों के लिए जनसेवा और विकास के केंद्र के रूप में विकसित करना है।

इस पहल के तहत क्षेत्रीय नागरिकों को स्वास्थ्य, संचार, प्रशासनिक सहायता और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। अधिकारियों का मानना है कि इससे सुरक्षा बलों और स्थानीय ग्रामीणों के बीच विश्वास मजबूत होगा तथा नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

नक्सल उन्मूलन और विकास कार्यों पर होगी समीक्षा

दौरे के दौरान राज्य के मुख्य सचिव द्वारा गृह मंत्री को बस्तर क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों, सड़क निर्माण, मोबाइल नेटवर्क विस्तार, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और नक्सल उन्मूलन से जुड़े अभियानों की विस्तृत प्रस्तुति दी जाएगी। सूत्रों के अनुसार, समीक्षा बैठक में सुरक्षा बलों द्वारा हाल के महीनों में चलाए गए ऑपरेशनों, नक्सल गतिविधियों की स्थिति और भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा होगी। केंद्र सरकार लगातार यह संकेत देती रही है कि नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा अभियान के साथ-साथ विकास आधारित रणनीति पर भी समान रूप से जोर दिया जाएगा।

शहीद जवानों के परिजनों और प्रभावित लोगों से करेंगे मुलाकात

अपने दौरे के दौरान अमित शाह नक्सल हिंसा में शहीद हुए जवानों के परिजनों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वे नक्सल प्रभावित परिवारों और हिंसा से प्रभावित नागरिकों से चर्चा कर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुनेंगे। बताया जा रहा है कि गृह मंत्री उन सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात कर सकते हैं, जो लंबे समय से नक्सल उन्मूलन, पुनर्वास और आदिवासी क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। सरकार इस संवाद के माध्यम से स्थानीय स्तर पर शांति और विकास के प्रयासों को और मजबूत करना चाहती है।

मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में होंगे शामिल

दौरे के अंतिम दिन 19 मई को गृह मंत्री मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में छत्तीसगढ़ सहित चार राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। बैठक में आंतरिक सुरक्षा, सीमावर्ती समन्वय, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास, आधारभूत संरचना, कानून-व्यवस्था और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। यह बैठक केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग को मजबूत करने तथा क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान के लिए साझा रणनीति तैयार करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सुरक्षा और विकास दोनों पर केंद्र का फोकस

विशेषज्ञों का मानना है कि गृह मंत्री का यह दौरा केवल सुरक्षा समीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास मॉडल को मजबूत करने की दिशा में भी एक बड़ा संकेत है। पिछले कुछ वर्षों में बस्तर क्षेत्र में सड़क, मोबाइल नेटवर्क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ सुरक्षा अभियानों को तेज किया गया है।

केंद्र सरकार अब इन प्रयासों को और प्रभावी बनाने के लिए प्रशासनिक और सुरक्षा स्तर पर समन्वय बढ़ाने पर जोर दे रही है। गृह मंत्री के दौरे से आने वाले समय में बस्तर और अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए नई योजनाओं और रणनीतियों की घोषणा की भी संभावना जताई जा रही है।

Rain Alert: रायपुर समेत राज्य के कई हिस्सों में तेज अंधड़ और गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश, इन जिलों में अलर्ट जारी….

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रायपुर समेत राज्य के कई हिस्सों में तेज अंधड़ और गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश हुई। अचानक मौसम बदलने से कई जगह पेड़ गिर गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत राज्य के कई हिस्सों में शनिवार को तेज अंधड़ और गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश हुई। अचानक बदले मौसम के कारण कई स्थानों पर बड़े पेड़ गिर गए, जिससे यातायात बाधित हुआ और कुछ वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। रविवार सुबह तक कई जगहों पर गिरे हुए पेड़ों को हटाने का काम पूरा नहीं हो सका। इसके चलते लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा।

शाम को फिर बिगड़ सकता है मौसम

मौसम विभाग के अनुसार रायपुर में आज शाम एक बार फिर मौसम बिगड़ने की संभावना है। आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और तेज हवाओं के साथ बारिश या गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खुले स्थानों पर सावधानी बरतने की सलाह दी है।

प्रदेश में मौसम का बदलता मिजाज

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार छत्तीसगढ़ में बस्तर संभाग को छोड़कर बाकी हिस्सों में सोमवार से मौसम साफ होने लगेगा। आसमान अपेक्षाकृत साफ रहने के साथ तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। मई के अंतिम सप्ताह तक कई क्षेत्रों में लू चलने की स्थिति भी बन सकती है, जिससे गर्मी का असर तेज होगा।

मौसम बदलाव के पीछे सक्रिय सिस्टम

मौसम विभाग के अनुसार पूर्व-पश्चिम द्रोणिका और विभिन्न चक्रवाती परिसंचरणों के कारण प्रदेश में नमी की मात्रा बढ़ी है। इसी वजह से स्थानीय स्तर पर बादल बनने और बारिश की स्थिति बनी। इसके अलावा दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय सिस्टम के कारण भी मौसम में बदलाव देखने को मिला है।

कई जिलों में अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के कई जिलों में बारिश, अंधड़ और वज्रपात का यलो अलर्ट जारी किया है।इनमें नारायणपुर, कांकेर, बालोद, राजनांदगांव, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर और कोरिया सहित कई जिले शामिल हैं।

रायपुर का आज का मौसम

रायपुर में आज आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान लगभग 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

आने वाले दिनों में बढ़ेगी गर्मी

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 20 मई के बाद पूरे छत्तीसगढ़ में तापमान में लगातार बढ़ोतरी शुरू हो जाएगी और गर्मी का असर तेज महसूस किया जाएगा। दिन के समय तेज धूप और शुष्क हवाओं के कारण लोगों को अधिक गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, कुछ इलाकों में लू चलने की संभावना भी जताई गई है, जिससे स्वास्थ्य पर असर पड़ने का खतरा बढ़ सकता है। विशेषज्ञों ने लोगों को गर्मी से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है।

सुशासन तिहार में माता कौशल्या मंदिर पहुंचे सीएम विष्णुदेव साय…

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुशासन तिहार के तहत जांजगीर-चांपा के कोसला गांव पहुंचे। उन्होंने माता कौशल्या मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की और ग्रामीणों से संवाद कर सांस्कृतिक विरासत संरक्षण पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज सुशासन तिहार के तहत जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड स्थित ग्राम कोसला पहुंचे। यहां उन्होंने माता कौशल्या मंदिर में विधिपूर्वक पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली, शांति और निरंतर विकास की कामना की। मुख्यमंत्री ने माता कौशल्या और प्रभु श्रीराम से छत्तीसगढ़वासियों के सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना भी की।

माता कौशल्या मंदिर पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत

मुख्यमंत्री श्री साय के मंदिर परिसर पहुंचने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, मंदिर सेवा समिति के सदस्यों और ग्रामीणों ने आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी भी उनके साथ मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के आगमन से पूरे क्षेत्र में उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्रामीणों और श्रद्धालुओं से किया संवाद

मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्रद्धालुओं और ग्रामीणों से मुलाकात कर आत्मीय बातचीत की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, धार्मिक आस्था और परंपराएं राज्य की सबसे बड़ी पहचान और ताकत हैं। राज्य सरकार विकास कार्यों के साथ-साथ सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार काम कर रही है।

मंदिर सेवा समिति ने मुख्यमंत्री को भेंट किया स्मृति चिन्ह

इस अवसर पर मंदिर सेवा समिति द्वारा मुख्यमंत्री श्री साय को माता कौशल्या मंदिर का आकर्षक छायाचित्र स्मृति स्वरूप भेंट किया गया। मुख्यमंत्री ने समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए मंदिर परिसर के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को भी रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री के अचानक दौरे से ग्रामीणों में दिखा उत्साह

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के अचानक कोसला आगमन की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण, श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक मंदिर परिसर पहुंच गए। पूरे क्षेत्र में उल्लास और उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।

सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का दिखा अलग अंदाज़…

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  • पीपल के पेड़ के नीचे लगाई जन चौपाल’
  • शनिवार को अचानक जांजगीर – चांपा के कोसला गांव पहुंचे सीएम साय ‘
  • जांजगीर चांपा के कोसला गांव में जब अचानक उतरा सीएम का हेलीकॉप्टर ‘
  • जनता की समस्याओं का मौके पर किया निराकरण ‘
  • कलेक्टर और एसपी की मौज़ूदगी में जनता से लिया फीडबैक ‘
  • जनता से सीएम ने पूछा योजनाओं का हाल ‘
  • जब सीएम ने जनता से पूछा पटवारी गांव आते हैँ या नहीं!’
  • पामगढ़ विकासखंड़ के कोसला गांव पहुंचे थे सीएम साय’