भारतीय तटीय अधिकारियों ने इस महीने की शुरुआत में ईरान से जुड़े और अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित तीन तेल टैंकरों को जब्त कर लिया है. सूत्रों के अनुसार, ये टैंकर स्टेलर रूबी, डामर स्टार और अल जाफजिया है.
जानकारी के अनुसार, ये टैंकर 6 फरवरी को भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों के बाद रोके गए थे.
भारतीय अधिकारियों ने मुंबई से लगभग 100 समुद्री मील पश्चिम में इन जहाजों को इंटरसेप्ट किया था. हालांकि इस संबंध में एक्स पर की गई आधिकारिक पोस्ट बाद में हटा दी गई. बताया गया है कि ये जहाज तथाकथित ‘शैडो फ्लीट’ का हिस्सा थे, जो प्रतिबंधों से बचने के लिए बार-बार अपनी पहचान और पंजीकरण बदलते रहे हैं.
अमेरिका भी तीनों जहाजों पर लगा चुका है बैन
वॉशिंगटन डीसी स्थित शोध संस्थान फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज (FDD) के अनुसार, इन तीनों जहाजों पर पहले ही अमेरिका द्वारा ईरान से संबंधों के कारण प्रतिबंध लगाए जा चुके थे. रिपोर्ट में कहा गया है कि ये टैंकर यूएई-आधारित भारतीय नागरिक जुगविंदर सिंह बराड़ द्वारा प्रबंधित 30-जहाजों के बेड़े का हिस्सा थे. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने अप्रैल 2025 में उन्हें ईरानी पेट्रोलियम क्षेत्र में गतिविधियों के आरोप में नामित किया था. जब्ती के समय स्टेलर रूबी पर ईरानी झंडा फहरा रहा था.
बता दें कि ये कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब भारत और अमेरिका के संबंधों में हालिया सुधार देखा गया है. वाशिंगटन ने हाल ही में भारतीय वस्तुओं पर आयात शुल्क को 50% से घटाकर 18% करने की घोषणा की थी. इसी दिन दोनों देशों ने एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय व्यापार ढांचे का भी अनावरण किया था. इस घटना के बीच अमेरिकी सैन्य बलों ने वेनेजुएला से जुड़े अवैध तेल व्यापार के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए हिंद महासागर में एक अन्य प्रतिबंधित टैंकर पर चढ़ाई की.
पेंटागन के अनुसार, अमेरिकी सेना ने वेरोनिका III नामक जहाज को कैरेबियन सागर से ट्रैक करते हुए हिंद महासागर तक पीछा किया और राइट-ऑफ-विजिट, मैरीटाइम इंटरडिक्शन और बोर्डिंग की कार्रवाई की. अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा कि जहाज ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जारी क्वारंटाइन आदेश का उल्लंघन करने की कोशिश की थी.
इससे पहले वेनेजुएला के तेल पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को लागू करने के तहत कई टैंकरों को निशाना बनाया गया था. इस बीच, ईरान ने भी 8 दिसंबर को एमटी वैलिएंट रोअर नामक एक तेल टैंकर को जब्त किया था, जिसके चालक दल की रिहाई की मांग उनके परिवार कर रहे हैं.



