जर्मनी के पड़ोसी देश फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत पहुंच रहे हैं. मैक्रों 17 से 19 फरवरी तक भारत के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे.
फ्रांस, भारत का सदाबहार मित्र है. आजकल फ्रांस को भारत का रफाल वाला यार भी कहा जाता है. इसलिए आपको ये जानना चाहिए कि जिस वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड के मुद्दे पर मैक्रों के रुख से काफी नाराज हैं. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का ये चौथा भारत दौरा है. लेकिन वो पहली बार देश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले शहर मुंबई में जाएंगे. प्रधानमंत्री मोदी मुंबई में मैक्रों से मुलाकात करेंगे. ये दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब रक्षा सहयोग और एआई टेक्नोलॉजी वैश्विक एजेंडे में सबसे ऊपर है और दुनिया के प्रभावशाली देश अपने अपने सहयोगियों का चुनाव कर रहे हैं.
भारत-फ्रांस के बीच कौन से अहम समझौते हो सकते?
भारत-फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी पहले से मजबूत है. अब इसे नई तकनीकों, स्पेस, साइबर सिक्योरिटी और इंडो-पैसिफिक सुरक्षा तक बढ़ाने की तैयारी है. पहले दुनिया को दो अलग-अलग समुद्री क्षेत्रों हिंद महासागर और प्रशांत महासागर में देखा जाता था. अब रणनीतिक दृष्टि से इन्हें एक ही बड़े क्षेत्र के रूप में देखा जाता है. जिसे इंडो-पैसिफिक कहा जाता है.
भारत और फ्रांस इसी क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता और समुद्री सुरक्षा को लेकर एक जैसी सोच रखते हैं. इसीलिए भारत और फ्रांस हिंद महासागर क्षेत्र में संयुक्त नौसैनिक अभ्यास और लॉजिस्टिक सपोर्ट बढ़ाने पर समझौता करने वाले हैं. फ्रांस भारत का भरोसेमंद रक्षा साझेदार रहा है. इस दौरे में दोनों देशों के बीच हेलीकॉप्टर, पनडुब्बी और जेट इंजन टेक्नोलॉजी में नए समझौते संभव हैं.
मैक्रों के दौरे पर चीन-PAK-अमेरिका की नजर
इसके अलावा भारत अपने एयरक्राफ्ट कैरियर के लिए रफाल फाइटर जेट का मरीन वर्जन भी खरीद रहा है. इस दौरे में रफाल मरीन के दामों पर भी चर्चा हो सकती है. रफाल ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीनी फाइटर जेट से लड़ रहे पाकिस्तान के परखच्चे उड़ाए थे. इसलिए मैक्रों के भारत दौरे पर चीन और पाकिस्तान की भी नजर रहेगी.
भारत की योजना 10 साल के लिए फ्रांस के साथ रक्षा सहयोग समझौते का नवीनीकरण करने की भी है. इसके अलावा भारत और फ्रांस के बीच हैमर मिसाइलों के संयुक्त निर्माण के लिए समझौता हो सकता है. भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस मिसाइल का इस्तेमाल करने पाकिस्तान में जैश और लश्कर के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था.
मैक्रों AI इम्पैक्ट समिट में भी भाग लेंगे. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक और स्टार्टअप सहयोग पर भी कुछ बड़ा ऐलान हो सकता है.
भारत और फ्रांस के बीच छठा भारत-फ्रांस वार्षिक रक्षा संवाद होने जा रहा है. ये संवाद दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के बीच होगा. पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों कर्नाटक के वेमगल में टाटा एयरबस की एच 125 हेलीकॉप्टर असेंबली लाइन का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे. H125 हेलीकॉप्टर डिजाइन और मूल तकनीक फ्रांस की है. जिसका भारत में निर्माण किया जा रहा है. यानी मैक्रों का ये दौरा भारत के लिए रक्षा और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में गेमचेंजर साबित हो सकता है. इस दौरे के जरिए भारत और फ्रांस वैश्विक शक्तियों को संदेश भी देंगे. दोनों देश किसी भी स्थिति में आंख मूंदकर किसी महाशक्ति के पीछे चलने को तैयार नहीं है, बस इतनी सी बात ट्रंप को परेशान कर सकती है.



