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देश में जल्द खुलेगा पहला टेक म्यूजियम, बड़े पैमाने पर सरकार कर रही है तैयारी!

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भारत सरकार देश में टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए नए नए कदम उठा रही है। सरकार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में देश का पहला टेक म्यूजियम खोलने की तैयारी में है। सरकार इस टेक म्यूजियम को नव भारत उद्यान में स्थापित करेगी जो कि सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का हिस्सा है।

सरकार इस टेक म्यजियम के जरिए लोगों को भारत की भविष्य की योजना और आने वाली तकनीक को दर्शाएगी। इसके साथ ही इसमें कुछ फ्यूचरिस्टिक प्रोजेक्ट की भी झलक देखने को मिल सकती है।

इस टेक म्यूजियम को बनाने के लिए डिजाइन और विकास के लिए कंस्ट्रक्शन कंपनी CPWD ने सुझाव और प्रस्ताव मांगे है। इसमें आवेदन की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक देश के पहले टेक म्यूजियम सरकार देश में इस समय अलग अलग सेक्टर में उपयोग होने वाली टेक्नोलॉजी को दिखाएगी। केंद्र के इस कदम से लोग टेक्नोलॉजी के बारे में बेहतर और आसान तरीके से समझ पाएंगे।

लोगों को मिलेगी भविष्य की तकनीक की जानकारी

इतना ही नहीं सरकार इस टेक म्यूजियम में भविष्य में आने वाली टेक्नोलॉजी के बारे में भी जानकारी देगी। इसमें लोगों को तकनीक 3-डी मैप, टच एनेबल्ड डिस्प्ले, होलोग्राम, एलईडी प्रोजेक्शन, मल्टी टच टेबल की झलक देखने को मिलेगी। रिपोर्ट की मानें तो टेक म्यूजियम किसी भी एक स्पेसिफिक टेक्नोलॉजी पर काम नहीं करेगा।

आपको बता दें कि टेक म्यूजियम को नव भारत उद्यान में तैयार किया जाएगा। यह केंद्र के सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का हिस्सा है। यह प्रोजेक्ट राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट तक फैला हुआ है। सरकार के मास्टर प्लान के तहत सेंट्रल विस्टा एक्सिस को रिज से नदी तक वर्तनमान 2.9 किलोमीटर से 6.3 किलोमीटर तक एकीकृत किया जाएगा। देश का पहला टेक म्यूजियम काफी हाइटेक होने वाला है।

13 लाख LIC एजेंट्स के लिए बड़ी खबर, सरकार ने बढ़ाई ग्रेच्युटी, कमीशन और पेंशन को लेकर भी लिया बड़ा फैसला!

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देश की सबसे बड़ी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने अपने कर्मचारी और एजेंट्स को बड़ी सौगात दी है. दरअसल, सरकार ने इन लोगों के लिए कई बेनेफिट्स का ऐलान कर दिया है.

इनमें ग्रेच्युटी लिमिट में बढ़ोतरी, एजेंट रिन्युअल कमीशन, टर्म इंश्योरेंस कवर और एक समान फैमिली पेंशन की सुविधा शामिल है, जो कर्मचारियों के साथ एलआईसी एजेंट्स को भी मिलेंगे.

वित्त मंत्रालय की ओर से इस बारे में एक ट्वीट किया गया है, जिसमें यह जानकारी दी गई है. फाइनेंस मिनिस्ट्री ने बताया कि एलआईसी एजेंट्स और कर्मचारियों के लिए कल्याणकारी उपायों को मंजूरी दे दी गई है. सरकार के इस कदम से भारतीय जीवन बीमा निगम के 1 लाख से ज्यादा नियमित कर्मचारी और 13 लाख से अधिक एजेंट्स को फायदा होगा.

एजेंट्स की वर्किंग कंडीशन में सुधार लाना मकसद

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, ये कल्याणकारी उपाय एलआईसी (एजेंट) विनियम 2017 में संशोधन, ग्रेच्युटी लिमिट में वृद्धि तथा पारिवारिक पेंशन की समान दर आदि से संबंधित हैं. बयान में इसका विवरण साझा करते हुए कहा गया कि मंत्रालय ने एलआईसी एजेंट के लिए ग्रैच्यूटी सीमा को तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने को मंजूरी दे दी है, जिसका मकसद उनके लिए कामकाजी परिस्थितियों तथा लाभ में पर्याप्त सुधार लाना है.

इससे फिर नौकरी पर रखे गए एजेंट के नवीनीकरण कमीशन के तहत पात्र होने का भी प्रावधान है, जिससे उनकी वित्तीय स्थिरता में सुधार होगा. वर्तमान में एलआईसी एजेंट पुरानी एजेंसी के तहत पूरे किए गए किसी भी कार्य के आधार पर नवीनीकरण कमीशन के लिए पात्र नहीं हैं.

टर्म इंश्योरेंस कवर भी बढ़ा

बयान के अनुसार, एजेंट के टर्म इंश्योरेंस कवर की मौजूदा सीमा 3,000-10,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000-1,50,000 रुपये कर दी गई है. सावधि बीम में इस वृद्धि से वे एजेंट जो अब इस दुनिया में नहीं हैं उनके परिवारों को काफी फायदा होगा. इससे उन्हें अधिक महत्वपूर्ण कल्याणकारी लाभ मिलेगा.

एलआईसी कर्मचारियों के संबंध में मंत्रालय ने परिवारों के कल्याण के लिए 30 प्रतिशत की एक समान दर पर पारिवारिक पेंशन को भी मंजूरी दी है. बयान में कहा गया कि 13 लाख से अधिक एजेंट और एक लाख से अधिक नियमित कर्मचारी इन कल्याणकारी उपायों से लाभान्वित होंगे, जो एलआईसी के विकास तथा भारत में बीमा पैठ को गहरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

वर्ष 1956 में पांच करोड़ रुपये की शुरुआती पूंजी के साथ स्थापित एलआईसी के पास 31 मार्च, 2023 तक 40.81 लाख करोड़ रुपये की जीवन निधि के साथ 45.50 लाख करोड़ रुपये का परिसंपत्ति आधार था.

Lateast Rangoli Design; गणेश चतुर्थी पर गणपति आएंगे आपके द्वार, स्वागत के लिए बनाएं ये खूबसूरत रंगोली…

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Ganesh Chaturthi Rangoli designs;

हम भारतीय हर शुभ मौके पर रंगोली बनाते हैं इसे शुभ प्रतीक माना गया है. आप भी गणेश चतुर्थी पर विघ्नहर्ता के स्वागत के लिए खुशी और उमंग के साथ घर के द्वार पर खूबसूरत रंगोली बना सकते हैं.

Ganesh Chaturthi Rangoli designs

हरी पत्तियों की डिजाइन और विभिन्न रंगों का उपयोग करके आप इस रंगोली को बना सकते हैं. इसे बनाना बहुत आसान है . रंगोली के बाहर के हिस्से में दियों का आकर्षण जोड़ सकते हैं.Simple Rangoli

कई रंगों को मिलाकर बनई गई ये रंगोली बनाने में बहुत ही आसान है . गणपति के स्वागत में बनी ये सुंदर रंगोली आपके घर की शोभा बढ़ाएगी.Simple Rangoli

हरे रंग से गणेश जी की आकृति बनाने के साथ आप रंगोली में एक छोटा चूहा या अन्य आकर्षक डिज़ाइन जोड़ सकते हैं .Rangoli Design

इस तरह की रंगोली में आप अपनी आर्टिस्टिक क्षमता का प्रदर्शन करके बना सकते हैं. यह रंगोली एक मुक्त-हस्त अनुभव की ओर संकेत करती है .Easy Rangoli Designs

भगवान गणेश के स्वागत में आपके घर के मुख्य द्वार पर मोर डिजाइन की ये रंगोली आसान और सुंदर नजर आएगी.Rangoli designseasy rangoli designs

भगवान की चरणों में अर्पित करते ये सुंदर उड़हल के फूल की डिजाइन वाली रंगोली अपने चटक रंग से बहुत ही खूबसूरत दिखती है जिसे बनाना भी बेहद ही आसान है.flower rangoli design

गेंदे के फूलों के साथ अन्य फूलों का उपयोग करके आप एक बड़ी और आकर्षक रंगोली बना सकते हैं. इसके लिए कई तरह के फूलों का उपयोग करें ताकि रंगोली में जीवंतता और रंग का खेल हो.फ्री हैंड रंगोली

गेंदे के फूल के साथ रजनीगंधा के फूलों का मेल और उसपर एक खूबसूरत रंगोली डिजाइन, आप आसानी से बना सकती हैं. ये सुंदर रंगोली बप्पा के स्वागत में खूशबू भी बिखेर रही है.simple rangoli designs

इस डिज़ाइन के लिए, आप गोल आकार में रंगोली बना सकते हैं और उसमें गणेश जी की आकृति को शामिल कर सकते हैं. इसके बाद, रंगोली के बाहर के हिस्से में अलग-अलग डिज़ाइन बनाएं और उन्हें रंग से भरें.Rangoli designs

विघ्नहर्ता-दुखहर्ता गणपति आपके घर अपनी कृपा बरसाएं इसलिए उनका स्वागत घर के मेन एंट्री ये पूजा रूम तक फूलों की इस रंगोली से करें,Rangoli designs…

कच्चा तेल 95 डॉलर के पार, क्या पेट्रोल-डीजल सस्ता होगा सरकार?

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कच्चे तेल की कीमतें रॉकेट की रफ्तार के साथ भाग रही हैं. सोमवार को इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल के दाम 95 डॉलर के पार चली गई थी. मौजूदा समय में भी कच्चे तेल के दाम 95 डॉलर प्रति बैरल के काफी करीब हैं.

वास्तव में सऊदी अरब और रूस की ओर से किए जा रहे प्रोडक्शन कट के अलावा अमेरिकी शेल में प्रोडक्शन घटने और चीन की ओर से डिमांड में इजाफा होने की वजह से कीमतों में इजाफा हो रहा है. अमेरिका में लगातार तीसरे महीने प्रोडक्शन में कमी आई है. मई के बाद प्रोडक्शन सबसे होने के आसार है. दूसरी ओर बैंक ऑफ अमेरिका के बाद सिटी बैंक की ओर से चेतावनी दी गई है कि कच्चे तेल की कीमतें इस साल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती हैं.

अगर बात भारत की करें तो जैसे-जैसे कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा हो रहा है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की धड़कनें बढ़ती जा रही है. उसका कारण भी है. जहां सरकार नवंबर के महीने से पेट्रोल और डीजल को सस्ता करने का मन बना रही है, दूसरी ओर नवंबर के महीने से भारतीय ऑयल कंपनियों को बढ़ते कच्चे तेल की वजह से प्रति लीटर पेट्रोल और डीजल पर नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है. ऐसे में यह सरकार और आम लोगों के लिए बड़ा झटका हो सकता है. देश में मई 2022 के बाद से पेट्रोल और डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है. उस समय केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी को कम किया था. जिसकी वजह से फ्यूल की कीमत में कमी देखने को मिली थी. आइए आपको भी बताते हैं आखिर मौजूदा समय में कच्चे तेल के दाम क्या चल रहे हैं.

95 डॉलर के करीब कच्च तेल

ब्रेंट क्रूड ऑयल की बात करें तो सोमवार कच्चे तेल की कीमत 50 सेंट बढ़कर 94.43 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुई. वैसे मौजूदा समय में कच्चे तेल के दाम 94.74 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है. वैसे सोमवार को कच्चे तेल की कीमत 95 डॉलर प्रति बैरल के पार भी पहुंचने की बात कही गई है. यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड वायदा 71 सेंट बढ़कर 91.48 डॉलर हो गया. वहीं दूसरी ओर खबर लिखे जाने के दौरान 1.07 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ डब्ल्यूटीआई के दाम 92.46 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है. सितंबर के महीने में अमेरिकी क्रूड ऑयल के दाम में 10 फीसदी की तेजी देखने को मिल चुकी है.

एक फीसदी से ज्यादा तेज क्यों हुआ कच्चा तेल

वास्तव में लगातार तीसरे महीने अक्टूबर में ऑयल प्रोडक्शन में गिरावट का अनुमान लगाया गया है. अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन ने एक मासिक रिपोर्ट में कहा कि अक्टूबर में क्रूड ऑयल का प्रोडक्शन मई 2023 के बाद सबसे लोअर लेवल पर आने की उम्मीद है. वहीं दूसरी ओर सऊदी अरब और रूस ने इस महीने संयुक्त रूप से सप्लाई में 1.3 मिलियन बैरल प्रति दिन (बीपीडी) की कटौती को साल के अंत तक के लिए बढ़ा दिया है. सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान ने सोमवार को तेल बाजार की सप्लाई में ओपेक+ की कटौती का बचाव करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों को अस्थिरता को सीमित करने के लिए हल्के-फुल्के रेगुलेशन की जरूरत है, साथ ही मुद्रास्फीति से निपटने के लिए चीन की ओर से डिमांड, यूरोपीयन ग्रोथ और केंद्रीय बैंक की कार्रवाई के बारे में अनिश्चितता की चेतावनी भी दी.

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत

वहीं दूसरी ओर भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है. देश के महानगरों में आखिरी पेट्रोल और डीजल की कीमत में 21 मई के दिन बदलाव देखने को मिला था. उस वक्त देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेट्रोल और डीजल की कीमत में टैक्स को कम किया था. उसके बाद कुछ प्रदेशों ने वैट को कम या बढ़ाकर कीमतों को प्रभावित करने का प्रयास किया था. दिलचस्प बात ये है कि जब से देश में इंटरनेशनल मार्केट के हिसाब से पेट्रोल और डीजल की कीमत में रोज बदलाव होने की शुरुआत हुई है, तब से यह पहला मौका है जब पेट्रोलियम कंपनियों ने रिकॉर्ड टाइमलाइन के दौरान कोई बदलाव नहीं किया है.

देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमत

  1. नई दिल्ली: पेट्रोल रेट: 96.72 रुपये प्रति लीटर, डीजल रेट: 89.62 रुपये प्रति लीटर
  2. कोलकाता: पेट्रोल रेट: 106.03 रुपये प्रति लीटर, डीजल रेट: 92.76 रुपये प्रति लीटर
  3. मुंबई: पेट्रोल रेट: 106.31 रुपये प्रति लीटर, डीजल रेट: 94.27 रुपये प्रति लीटर
  4. चेन्नई: पेट्रोल रेट: 102.63 रुपये प्रति लीटर, डीजल रेट: 94.24 रुपये प्रति लीटर
  5. बेंगलुरु: पेट्रोल रेट: 101.94 रुपये प्रति लीटर, डीजल रेट: 87.89 रुपये प्रति लीटर
  6. चंडीगढ़: पेट्रोल रेट: 96.20 रुपये प्रति लीटर, डीजल रेट: 84.26 रुपये प्रति लीटर
  7. गुरुग्राम: पेट्रोल रेट: 97.18 रुपये प्रति लीटर, डीजल रेट: 90.05 रुपये प्रति लीटर
  8. लखनऊ: पेट्रोल रेट: 96.57 रुपये प्रति लीटर, डीजल रेट: 89.76 रुपये प्रति लीटर
  9. नोएडा: पेट्रोल रेट: 96.79 रुपये प्रति लीटर, डीजल रेट: 89.96 रुपये प्रति लीटर

फोटो सेशन और अभिभाषण आज, कैसा रहेगा नई संसद का पहला दिन? पढ़ें पूरा शेड्यूल!

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संसद के विशेष सत्र की शुरुआत हो चुकी है. आज से विशेष सत्र नए संसद भवन में चलेगा. विशेष सत्र को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. इस दिन को खास और यादगार बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को नए संसद भवन तक पैदल जाएंगे.

इस दौरान 783 सांसद उनके साथ मौजूद होंगे. इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में संविधान की पुस्तक भी होगी. पांच दिनों तक चलने वाले इस विशेष सत्र का पहला दिन सभी सांसदों और मंत्रियों ने पुराने भवन में बिताया और 75 सालों की खूबसूरत यादों को समेटने की कोशिश की. सोमवार को संसद की कार्यवाही को मंगलवार दोपहर तक के लिए स्थगित कर दिया गया है. मंगलवार दोपहर 1:15 बजे लोकसभा की कार्यवाही जबकि 2:15 बजे राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज संसद के विशेष सत्र की शुरुआत करते हुए कहा, यह सत्र बहुत छोटा है लेकिन समय के हिसाब से बहुत बड़ा, मूल्यवान और ऐतिहासिक निर्णयों को लेने वाला है. इसलिए इस सत्र में ज्यादा से ज्यादा समय देकर इसे ऐतिहासिक बनाने की कोशिश करें. उन्होंने कहा कि हमारा प्रण है कि साल 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर भी हमला बोला. उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि रोने-धोने के लिए अभी बहुत समय बचा है. पुरानी बुराइयों को छोड़कर, अच्छाइयों के साथ आगे आएं.

ग्रुप फोटो खिंचवाने के लिए इकट्ठा होंगे सभी सांसद

लोकसभा सचिवालय की ओर से जो जानकारी दी गई है, उसके मुताबिक मंगलवार को सुबह 9:30 बजे सभी सांसदों को ग्रुप में तस्वीर खिंचवाने के लिए आमंत्रित किया गया है. इस मौके को यादगार बनाने के लिए तीन तस्वीरें ली जाएंगी. पहली तस्वीर में लोकसभा के सभी सदस्य होंगे जबकि दूसरी तस्वीर में राज्यसभा के सभी सदस्य होंगे. वहीं तीसरी तस्वीर में लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों के सदस्य मौजूद होंगे. इसके बाद संसद के सेंट्रल हॉल में 11 बजे एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. वहीं नए संसद भवन में प्रवेश के लिए सभी सांसदों को नया पहचान पत्र भी जारी किया जाएगा.

कल नए संसद भवन में इनका होगा अभिभाषण

नए संसद भवन में शिफ्ट होने के बाद लोकसभा में नए स्पीकर ओम बिरला, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी बोलेगें. वहीं सेंट्रल हॉल में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस नेता अधीर रंजन, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, सांसद मेनका गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और झारखंड मुक्ति मोर्चा अध्यक्ष और झारखंड के पूर्व सीएम शिबू सोरेन अपनी बात रखेंगे.

सभी सासंदों को विशेष किट दी जाएगी

आज सदन के विशेष सत्र की कार्रवाई नए संसद भवन में की जाएगी. इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. इस दिन को यादगार बनाने के लिए सेंट्रल हॉल में आयोजित होने वाले कार्यक्रम के बाद सभी सांसदों को एक किट की जाएगी. इसमें संविधान की कॉपी, नए संसद को लेकर स्मारक सिक्का और डाक टिकट होगा.

नए संसद में मंत्रियों का मिलेगा नया कमरा

नए संसद भवन में कामकाज की शुरुआत कल से शुरू होने जा रही है. ऐसे में कल ही संसद भवन में मंत्रियों को कमरे में आवंटित किए जाएंगे. अभी तक की जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मेादी का कार्यालय ग्राउंड फ्लोर पर बनाया गया है. इसके साथ ही ग्राउंड फ्लोर पर पीएम मोदी के दफ्तर के आसपास अन्य 11 मंत्रियों के दफ्तर भी होंगे. मोदी कैबिनेट के 11 वरिष्ठ मंत्री राजनाथ सिंह, अमित शाह, पीयूष गोयल, एस जयशंकर, नितिन गडकरी, धर्मेंद्र प्रधान, निर्मला सीतारमण, स्मृति ईरानी, अश्विनी वैष्णव, अर्जुन मुंडा और नरेंद्र सिंह तोमर को नए संसद भवन में ग्राउंड फ्लोर पर कमरा आवंटित किया गया है.

7th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! तीन फीसदी डीए बढ़ने से इतनी हो जाएगी सैलरी!

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DA Hike : केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए खुशखबरी सामने आई है. सरकार जल्द ही महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी कर सकती है. महंगाई से लड़ने के लिए केंद्र सरकार समय-समय पर महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी करती है.

इसे हर साल जनवरी और जुलाई में संधोधित किया जाता है. अभी केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को 42 फीसदी ​महंगाई भत्ता दिया जा रहा है.

सरकार जनवरी और जुलाई के लिए महंगाई भत्ता कुछ देरी से संशोधित करती है. सितंबर का महीना आधा समाप्त हो चुका है और अभी तक महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का एलान नहीं किया गया है. मीडिया रिपोर्ट में कहा है कि जल्द ही सरकार इसे लेकर एलान कर सकती है.

कितनी होगी डीए में बढ़ोतरी

केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए डीए की गणना नवीनतम उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई-आईडब्ल्यू) के आधार पर की जाती है. केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते की गणना के लिए एक तय फॉर्मूला है. इस फॉर्मूला के आधार पर महंगाई भत्ता और महंगाई राहत में इजाफा किया जाता है. जुलाई के सीपीआई आंकड़ें के मुताबिक सरकार डीए में 3 फीसदी का इजाफा करेगी.

​अब कितना हो जाएगा महंगाई भत्ता

पीटीआई ने ऑल इंडिया रेलवेमेन्स फेडरेशन के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा के हवाले से बताया कि महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी तीन प्रतिशत अंक से थोड़ी अधिक होगी. सरकार दशमलव बिंदु से अधिक डीए बढ़ाने पर विचार नहीं करती है. इस प्रकार डीए तीन प्रतिशत अंक बढ़कर 45 फीसदी होने की संभावना है.

कितनी बढ़ जाएगी सैलरी

मान लीजिए अगर केंद्र सरकार के किसी कर्मचारी को प्रति माह 36,500 रुपये का मूल वेतन मिलता है. 42 फीसदी पर उनका डीए 15,330 रुपये था. अगर जुलाई 2023 से DA 3 फीसदी बढ़ जाता है, तो उनका DA बढ़कर 16,425 रुपये हो जाएगा. ऐसे में सैलरी में 1,095 रुपये बढ़ोतरी होगी.

Ayushman Card App; आयुष्मान योजना का तीसरा फेज शुरू, अब केवल मोबाइल पर मिल सकता है 5 लाख का बीमा, जानें कैसे!

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Ayushman Card App: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के द्वारा जरूरतमंद और गरीब लोगों के लिए महत्वकांक्षी स्वास्थ्य बीमा योजना की शुरूआत की गयी है. इस योजना का तीसरा चरण शुरू कर दिया गया है.

सरकार के द्वारा तीसरे चरण में कार्ड बनना के प्रोसेस को काफी आसान कर दिया गया है. इसके लिए लाभुक खुद से मोबाइल पर आयुष्मान कार्ड एप के माध्यम से रजिस्टर कर सकते हैं. बड़ी बात ये है कि लाभुकों को किसी भी तरह के परेशानी से बचाने के लिए सेल्फ रजिस्ट्रेशन मोड दिया गया है. इसमें लाभार्थियों के पास वेरीफिकेशन के लिए OTP, आइरिस और फिंगरप्रिंट और फेस-आधारित वेरीफिकेशन विकल्प हैं. इस पर रजिस्ट्रेशन घर बैठे मोबाइल से करा सकते हैं. आयुष्मान कार्ड एप को किसी भी मोबाइल पर गुगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है. आयुष्मान कार्ड के माध्यम से लाभार्थी सूचीबद्ध सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में पांच लाख तक का इलाज मुफ्त में करा सकते हैं.

आधार कार्ड से करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन

आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आपको कहीं दौड़ भाग करने की जरूरत नहीं है. आप अपने मोबाइल फोन के माध्यम से आयुष्मान कार्ड ऐप के जरिए कार्ड के लिए अप्लाई कर सकते हैं. कार्ड बनाने के लिए सबसे पहले एप में मोबाइल नंबर के माध्यम से लॉगइन करें. इसके बाद, आप ओटीपी, आइरिस और फिंगरप्रिंट और फेस-आधारित वेरीफिकेशन की मदद से रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को पूरा करें. कार्ड बनाने के लिए आपके पास राशन कार्ड, आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, पैन कार्ड आदि दस्तावेजों का होना जरूरी है. इसके बाद सरकार के द्वारा आपके द्वारा भेजा गया रिक्वेस्ट वेरिफाई किया जाएगा. इसके आधार पर आपका नाम आयुष्मान से जोड़ दिया जाएगा. हालांकि, आयुष्मान कार्ड के लिए अप्लाई करने से पहले सरकार की वेबसाइट पर जाकर चेक कर लेना चाहिए की आप योजना में शामिल होने के पात्र है या नहीं है.

कौन-कौन सी बीमारियां होंगी कवर

केंद्र सरकार के द्वारा शुरू की गयी इस योजना के तहत लगभग हर तरह की बीमारियों को कवर किया जाता है. इसमें कार्ड बनने से पहले की पुरानी बीमारी का भी इलाज कराया जा सकता है. साथ ही, बीमारी के कारण एडमिट होने से पहले और बाद के खर्च को भी कवर किया जाता है. योजना के तहत मेडिकल जांच, ऑपरेशन, इलाज, ट्रांसपोर्ट पर होने वाला खर्च, आदि को कवर किया जाता है. योजना की पात्रता की जांच करने के लिए 14555 पर काल कर सकते हैं. इसके अलावा, pmjay.gov.in पर भी अपनी पात्रता चेक कर सकते हैं. अब तक साढ़े 5 करोड़ से ज्यादा लोग अपना इलाज करा चुके हैं.

क्या है आयुष्मान भारत योजना

आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Yojana) भारत सरकार द्वारा चलाई जाने वाली सरकारी योजना है जिसका उद्देश्य है गरीब और जरूरतमंद वर्गों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाओं का लाभ प्रदान करना. यह योजना वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा 2018 के बजट में घोषित की गई थी. इस योजना के तहत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के उपक्रम में देशभर में गरीब और जरूरतमंद वर्गों को 5 लाख रुपये तक की चिकित्सा भत्ता की सुविधा प्रदान की जाती है. इस योजना में केवल विश्वसनीय और निदानशील चिकित्सा अस्पतालों को (Empanelled Hospitals) जोड़ा जाता है. इसके तहत, लाभार्थी को विभिन्न तरह की चिकित्सा सेवाएं जैसे बच्चों की चिकित्सा, मां का स्वास्थ्य, जनरल चिकित्सा, अस्थि तंत्र चिकित्सा, विशेषज्ञ चिकित्सा, न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी आदि का लाभ प्रदान किया जाता है. यह योजना भारत सरकार की निगमित बीमा कंपनियों के माध्यम से चलाई जाती है, जो योजना के लाभार्थियों की चिकित्सा खर्चों को सहायता करती हैं. यह योजना भारत सरकार का प्रयास है ताकि गरीब और जरूरतमंद वर्गों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ हो सके और उनके स्वास्थ्य को सुधारने में मदद कर सके.

Gold ETF में अगस्त में 1,028 करोड़ रुपये का हुआ निवेश, 16 माह के रिकार्ड स्तर पर पहुंचा…

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Gold ETF: चालू वित्त वर्ष में सोने में निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ती जा रही है. बताया जा रहा है कि अमेरिका में ब्याज दरों में वृद्धि जारी रहने के बीच गोल्ड ईटीएफ (Gold Exchange Traded Fund ) में अगस्त में 1,028 करोड़ रुपये का निवेश आया है, जो इसका 16 माह का उच्चस्तर है.

अमेरिका में ब्याज दर बढ़ने से आर्थिक वृद्धि की रफ्तार प्रभावित हुई है. एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (Amfi) के आंकड़ों के अनुसार, इसके साथ ही इस श्रेणी में सालाना आधार पर प्रवाह 1,400 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है. समीक्षाधीन अवधि में गोल्ड ईटीएफ में प्रवाह के अलावा इसका संपत्ति आधार और निवेशक खातों (फोलियो) की संख्या में भी वृद्धि हुई है.

अप्रैल-जून की अवधि के दौरान 298 करोड़ रुपये का निवेश देखा गया

आंकड़ों के अनुसार, गोल्ड ईटीएफ में अगस्त में 1,028 करोड़ रुपये का निवेश हुआ. इससे पहले जुलाई में इसमें 456 करोड़ रुपये का निवेश मिला था. इससे पहले, गोल्ड ईटीएफ में लगातार तीन तिमाहियों की बिकवाली के बाद अप्रैल-जून की अवधि के दौरान 298 करोड़ रुपये का निवेश देखा गया था. मार्च तिमाही में इस श्रेणी से 1,243 करोड़ रुपये, दिसंबर तिमाही में 320 करोड़ रुपये और सितंबर तिमाही में 165 करोड़ रुपये की निकासी हुई थी. अप्रैल, 2022 के बाद से अगस्त, 2023 में गोल्ड ईटीएफ में सबसे अधिक मासिक प्रवाह देखा गया. अप्रैल, 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण इस श्रेणी में 1,100 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था.

क्या है गोल्ड ईटीएफ?

गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) एक वित्तीय उपकरण है जिसका उद्देश्य सोने के मूल्यों के चलनों का उद्धारण करना है. ये इस्पत, वित्तीय उपकरण और विभिन्न अन्य स्रोतों के सम्बंधित राजस्वों के अनुसार डिजाइन किए जाते हैं. गोल्ड ईटीएफ की खरीदारी विभिन्न वित्तीय विनियमन विधियों के माध्यम से की जा सकती है और इसे विभिन्न व्यापारिक विनियमन प्लेटफार्मों पर बेचा जा सकता है. ये विनियमन प्लेटफार्म गोल्ड ईटीएफ के नेट निवेश की कीमत को सोने के वास्तविक बाजार मूल्य के हिसाब से संघटित करते हैं. गोल्ड ईटीएफ के निवेशकों को सोने के दानव के समानुपातिक हिस्सेदारी की संरचना के रूप में लाभ प्राप्त होता है, बिना वास्तविक सोने को खरीदने या उचित रूप से भंडारण किए बिना.

कैसा है आज सोने-चांदी का भाव

देश के सर्राफा बाजार में आज सोना और चांदी बढ़त के साख कारोबार कर रहे हैं. सोने के दाम में जहां तेजी देखी जा रही है. इसके साथ ही, चांदी के रेट में भी उछाल दर्ज किया जा रहा है. आज मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने का भाव 0.3 फीसदी ऊपर ट्रेंड कर रहा है. 10 ग्राम सोने का दाम आज 59162 रुपये है. जबकि, चांदी का दाम आज 326 रुपये या 0.45 फीसदी की तेजी के साथ 72480 रुपये प्रति किलो है.

शुक्रवार को भी बाजार में भी तेजी

ग्लोबल मांग के बीच में राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोना 210 रुपये की तेजी के साथ 59,810 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया. इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोना 59,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. चांदी की कीमत भी 700 रुपये बढ़कर 73,700 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गयी. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना तेजी के साथ 1,916 डॉलर प्रति औंस हो गया. चांदी की कीमत चढ़कर 23.02 डॉलर प्रति औंस हो गई. एचडीएफसी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ जिंस विश्लेषक सौमिल गांधी ने कहा कि डॉलर सूचकांक मार्च के बाद से अपने उच्चतम स्तर से नीचे आ गया और इसे सोने की कीमत की ओर कुछ प्रवाह बढ़ाने वाले प्रमुख कारक के रूप में देखा गया. उन्होंने कहा कि हालांकि, आगे की तेजी, अमेरिका में मजबूत वृहद आर्थिक आंकड़े की वजह से सीमित रही. ये आंकड़े मजबूत अमेरिकी अर्थव्यवस्था और इस साल फेडरल रिजर्व के नीतिगत रुख में में सख्ती का संकेत देते हैं.

झारखंड और छत्तीसगढ़ में दो दिन आंधी तूफान के साथ भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने दिया पूरे हफ्ते का अपडेट!

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झारखंड और छत्तीसगढ़ में मौसम खराब होने वाला है। मौसम विभाग ने इन दोनों ही राज्यों में 20 और 22 सितंबर को आंधी तूफान के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। IMD की ओर से साझा किए गए ताजा अपडेट के मुताबिक, झारखंड में 20 और 22 सितंबर को व्यापक रूप से हल्की से मध्यम बारिश होगी।

इस दौरान कुछ जगहों पर आंधी तूफान के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। वहीं छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में 20 से 22 सितंबर के दौरान व्यापक रूप से मध्यम बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं और वज्रपात के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग की ओर से जारी ऑल इंडिया वेदर बुलेटिन में कहा गया है कि एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी पर स्थित है। इसके प्रभाव से अगले 48 घंटों के दौरान उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। यह बेहद मजबूत होगा। इसका प्रभाव मैदानी इलाकों पर भी साफ नजर आएगा। दक्षिण पूर्व राजस्थान पर एक कम दबाव का क्षेत्र भी है जिससे होकर एक ट्रफ दक्षिण पूर्व अरब सागर तक जा रही है। एक अन्य मॉनसूनी ट्रफ राजस्थान के जैसलमेर, अजमेर और मध्य प्रदेश के शिवपुरी, सीधी, से होकर दक्षिण-पूर्व में बंगाल की पूर्व-मध्य खाड़ी तक जा रही है।

कुल मिलाकर राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ और झारखंड में जोरदार बारिश के लिए जबर्दस्त परिस्थितियां बनी हुई हैं। स्थानीय मौसम कार्यालय की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, एक मानसूनी ट्रफ लाइन डालटनगंज और जमशेदपुर से होकर गजर रही है। इससे झारखंड के विभिन्न हिस्सों में बारिश हो रही है। मौसम विभाग की ओर से झारखंड के अधिकांश हिस्सों में 21 सितंबर तक जोरदार बारिश बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। सूबे में 22 सितंबर को भी मूसलाधार बारिश की संभावना है। कुल मिलाकर झारखंड के लिए यह हफ्ता गीला ही रहने वाला है।

छत्तीसगढ़ चुनाव में आरक्षण बिल होगा बड़ा मुद्दा, BJP को कटघरे में खड़ा करेगी कांग्रेस!

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CHHATTISGARH CONGRESS: छत्तीसगढ़ में चुनाव हैं,लेकिन आरक्षण संशोधन विधेयक को राजभवन में 9 महीनों से अटका हुआ है। आदिवासी नेता और छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने इस मामले पर बयान जारी करके कहा कि अभी तक राजभवन ने इस पर हस्ताक्षर नहीं किया है।

प्रदेश में चुनावी दौरे पर भाजपा के बड़े-बड़े नेता आ रहे प्रधानमंत्री, भाजपा अध्यक्ष से लेकर केंद्रीय मंत्री तक आ रहे लेकिन राजभवन में रूके आरक्षण बिल पर सब मौन है। भाजपा के कारण आरक्षण बिल राजभवन में रूका हुआ है।

दीपक बैज ने भाजपा पर सियासी हमला तेज करते हुए हुए आगे कहा कि भाजपा के आरक्षण विरोधी रवैय्ये को कांग्रेस जनता के बीच लेकर जायेगी। भाजपा आरक्षित वर्ग के गरीबों के हितों में बाधक बनी हुई है। आरक्षण संशोधन विधेयक में आदिवासी समाज के लिये 32 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है। आरक्षण विधेयक राजभवन में रुका है तो इसका खामियाजा आदिवासी समाज को सबसे ज्यादा हो रहा। कांग्रेस पार्टी केंद्र सरकार से मांग करती है वह हस्तक्षेप कर आरक्षण विधेयक पर राज्यपाल को हस्ताक्षर करने को कहे।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि भाजपा अपने राजनैतिक हितों के लिये प्रदेश की जनता के हितों में बाधा पैदा कर रही है। कांग्रेस सरकार द्वारा पारित करवाये गये आरक्षण संशोधन विधेयक में ओबीसी के लिये भी 27 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव, नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ओबीसी वर्ग से आते है लेकिन ओबीसी वर्ग के हितों के खिलाफ जाकर वे लोग भी आरक्षण विधेयक को राजभवन में रोकवाये है। प्रदेश का सभी समाज भाजपा के षड़यंत्रों को समझ रहा है आने वाले चुनाव में आरक्षण बिल बड़ा मुद्दा होगा।