Home Blog Page 1150

Tax on Diesel Vehicle: डीजल गाडि़यां खरीदने में और ढीली होगी जेब, सरकार लगाने जा रही है एडिशनल टैक्‍स!

0

10% GST on Diesel Engine Vehicle: इकोनॉमिक टाइम्स की एक खबर के मुताबिक, केंद्र सरकार में सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, वित्त मंत्रालय को डीजल गाड़ियों पर 10 प्रतिशत का अतिरिक्त जीएसटी टैक्स लगाने के लिए एक प्रपोज़ल देने पर विचार कर रहे हैं.

जिसका मकसद ज्यादातर कार खरीदारों को ग्रीन एनर्जी पर चलने वाली गाड़ियों की तरफ मोड़ना है. नितिन गडकरी ने इस टैक्स को पॉल्यूशन टैक्स नाम दिया है. उनके मुताबिक, देश में डीजल गाड़ियों में कमी लाने का केवल यही एक तरीका है.

G20 Summit 2023; जी20 के सफल आयोजन पर विदेशी मीडिया ने की भारत की वाहवाही, क्या कुछ लिखा?

0

अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने जी20 शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए भारत की सराहना की है और इसके नतीजे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीतिक जीत बताया है, जो वैश्विक मंच पर देश का प्रभाव बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं.

भारत ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और इंडोनेशिया जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के साथ व्यापक वार्ताओं की एक सीरीज के माध्यम से विवादास्पद यूक्रेन युद्ध पर जी20 देशों के बीच अप्रत्याशित आम सहमति बनाने में कामयाब रहा. इस वजह से देश ने सम्मेलन के पहले दिन ‘नई दिल्ली समिट डिक्लेरेशन’ पर समझौते तक पहुंचने में अग्रणी भूमिका निभाई.

एसोसिएटेड प्रेस ने जी20 शिखर सम्मेलन में विभाजित वैश्विक शक्तियों के बीच समझौता को मोदी की कूटनीतिक जीत शीर्षक वाले लेख में कहा, ”कुछ विशेषज्ञों ने समझौते को रूस की जीत के रूप में देखा, जबकि अन्य ने इसे पश्चिम के लिए एक उपलब्धि करार दिया. हालांकि, अधिकतर विशेषज्ञ सहमत हैं कि यह प्रधानमंत्री मोदी के लिए विदेश नीति की जीत है क्योंकि वह वैश्विक मंच पर भारत के प्रभाव को बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं.”

ब्लूमबर्ग ने कहा, ”जी20 ने भारत के प्रधानमंत्री के वैश्विक नेता के दर्जे को मजबूत किया है.”

फाइनेंशियल टाइम्स में पत्रकार जॉन रीड ने अपने लेख में कहा, ”मुझे लगता है कि यह भारत और व्यक्तिगत रूप से मोदी दोनों के लिए एक निर्विवाद जीत थी.”
गल्फ न्यूज ने लिखा, ”भारत के लिए जी20 की अध्यक्षता ने बहुपक्षीय कूटनीति में देश की बढ़ती भूमिका और एक ऐसी आवाज के रूप में उभरने को रेखांकित किया है जिसे अवश्य सुना जाना चाहिए.”

अंग्रेजी भाषा के अखबार ‘चाइना डेली’ में प्रकाशित एक भारतीय प्रोफेसर के आलेख में इस बात पर जोर दिया गया है कि भारत ने अपनी जी20 अध्यक्षता के दौरान कई नए मानक गढ़े हैं.

ग्लोबल टाइम्स ने लिखा, ”जी20 का यह सफल कार्यक्रम भारत में पीएम मोदी और उनकी पार्टी बीजेपी को मजबूत करेगी. इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने से भारत को बहुत कुछ हासिल हुआ क्योंकि इसने अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में खुद को अत्यधिक आकर्षक बना लिया है.”

‘जन आशीर्वाद’ यात्रा! भारतीय जनता पार्टी (BJP) आने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर बनायीं यह रणनीति!

0

भारतीय जनता पार्टी (BJP) आने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर जमीनी स्तर पर जुटी हुई है। पार्टी ‘जन आशीर्वाद’ यात्रा के जरिए ना केवल अपने कार्यकर्ताओं की घर वापसी में लगी है बल्कि कांग्रेस और अन्य विरोधी दलों के बूथ लेवल कार्यकर्ताओं को भी अपने पाले में लाने का काम कर रही है।

भाजपा एक तीर से दो निशाने लगा रही है। एक तरफ पार्टी छोड़ चुके कार्यकर्ताओं को वापस लाने का प्रयास हो रहा है तो दूसरी तरफ नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने के लिए भी भाजपा दिन रात एक कर रही है। बता दें कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भाजपा ‘जन आशीर्वाद’ यात्रा कर रही है।

पिछले चुनावों से ली सीख
भाजपा ने मध्य प्रदेश और राजस्थान के पिछले विधानसभा चुनावों से सीख ली है। पार्टी ने फैसला किया है कि यात्रा जहां से भी गुजरेगी वहां के पुराने कार्यकर्ताओं को जोड़ा जाएगा साथ ही पंचायत और ब्लॉक लेवल पर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को भी शामिल किया जाएगा जिससे की कांग्रेस कमजोर हो जाए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर हो रही इस यात्रा का सकारात्मक परिणाम मध्य प्रदेश में दिखाई दे रहा है। बता दें कि यहां भाजपा को दो दशकों की एंटी इनकंबेंसी का भी सामना करना है।

मध्य प्रदेश के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक उन्हें लोगों तक पहुंचने के अलावा पूर्व कार्यकर्ताओं की घर वापसी कराने का भी जिम्मा दिया गया है। पार्टी कार्यकर्ताओं को विधानसभा के हिसाब से पंचायत लेवल और ब्लॉक लेवल के सक्रिय कार्यकर्ताओं की सूची दे दी गई है। इसमें कांग्रेस के भी कार्यकर्ता शामिल हैं। भाजपा चुपचाप मध्य प्रदेश में कार्यकर्ताओं को जोड़ रही है। वहीं टिकट को लेकर नाराज नेताओं को भी लुभाया जा रहा है। भाजपा का मानना है कि राज्य में कांग्रेस को कमजोर करने का यही सबसे अच्छा तरीका है।

भाजपा बड़े नेताओं को शामिल करने पर जोर ना देकर इस बार बूथ लेवल के कार्यकर्ताओं पर ध्यान दे रही है। सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक टीम बना दी गई है जो कि सीधे केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को रिपोर्ट करती है। मध्य प्रदेश में अब तक यह यात्रा जहां से भी गुजरी है वहां हर असेंबली सेगमेंट में कम से कम 50 से 100 नए कार्यकर्ताओं को जोड़ा गया है। जानकारों का कहना है कि आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए ही नहीं बल्कि लोकसभा चुनावों में भी भाजपा की यह रणनीति बहुत काम आने वाली है।

हर महीने 5000 रुपये लगाने पर बन गए 49 लाख रुपये, SBI की गजब म्यूचुअल फंड स्कीम!

0

एसबीआई म्यूचुअल फंड (SBI Mutual Fund) की एक स्कीम ने ताबड़तोड़ रिटर्न दिया है। यह स्कीम एसबीआई स्मॉल कैप फंड (SBI Small Cap Fund) है। यह स्कीम 9 सितंबर 2009 में लॉन्च हुई थी और अब इसके 14 साल हो गए हैं।

अगर किसी व्यक्ति ने इस स्कीम की शुरुआत से हर महीने 5000 रुपये लगाए होते तो मौजूदा समय में यह पैसा पढ़कर 49.44 लाख रुपये हो जाता। इन 14 साल में हर महीने 5000 रुपये के हिसाब से कुल 8.40 लाख रुपये ही एसबीआई स्मॉलकैप फंड में लगाने होते।

सीधे-सीधे 41 लाख रुपये का फायदा
एसबीआई स्मॉल कैप फंड (SBI Small Cap Fund) में कुल 8.40 लाख रुपये लगाने पड़ते और स्कीम में पैसा बढ़कर 49.44 लाख रुपये होता। यानी, आपको सीधे-सीधे 41.04 लाख रुपये का फायदा होता। एसबीआई स्मॉल कैप फंड ने सिस्टेमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान (SIP या हर महीने एक तय रकम लगाना) में 22.85 पर्सेंट सीएजीआर के हिसाब से रिटर्न दिया है। यह बात सीएनबीसी-टीवी 18 की एक रिपोर्ट में कही गई है। इस फंड को नवंबर 2013 से चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर-इक्विटी आर श्रीनिवासन ने मैनेज किया है।

एकमुश्त लगाए होते 10 लाख तो अब होते 1.37 करोड़ रुपये
अगर किसी व्यक्ति ने स्कीम के एनएफओ (NFO) के दौरान एकमुश्त 10 लाख रुपये लगाए होते तो मौजूदा समय में यह पैसा करीब 1.37 करोड़ रुपये होता। एसबीआई स्मॉल कैप फंड (SBI Small Cap) का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 20,000 करोड़ रुपये पहुंच गया है। एसबीआई की यह स्कीम, इंडस्ट्री में सबसे पुराने स्मॉल कैप फंड्स में से एक है। इस स्कीम के तहत 65 पर्सेंट एसेट्स को स्मॉल कैप स्टॉक्स में लगाया जाता है।

2024 की जंग में INDIA से आगे BJP, डेढ़ गुना तेज रफ्तार: 10 जोन, 300 कॉल सेंटर वाला क्या है मेगा प्लान?

0

Lok Sabha Election 2024: आगामी लोकसभा चुनावों के लिए बीजेपी ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। बूथ लेवल तक पार्टी की पहुंच बनाने के लिए और गांव के एक-एक मतदाता तक अपनी बात पहुंचाने के मकसद से बीजेपी ने न केवल देशभर को 10 जोनों में बांटा है बल्कि देशभर में 300 कॉल सेंटर स्थापित करने का फैसला किया है।

पार्टी ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन कॉल सेंटर के जरिए चुनाव प्रचार सामग्री के वितरण के अलावा चुनाव प्रचार का प्रबंधन भी किया जाएगा।

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि 1 सितंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बुलाई गई एक बैठक में देश को 10 क्षेत्रों में विभाजित करने और हरेक क्षेत्र के लिए एक-एक प्रभारी की नियुक्ति पर चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक, इनका काम अपने-अपने क्षेत्रों में चुनाव प्रचार का प्रबंधन और कॉर्डिनेशन होगा।

दूसरी तरफ, बीजेपी महासचिव अरुण सिंह ने 8 सितंबर को इन जोन प्रभारियों और राज्य के प्रभारियों को पत्र लिखकर उनसे कॉल सेंटर की स्थापना के लिए क्षेत्र और स्थान की जानकारी मांगी है। इसमें कहा गया है कि कॉल सेंटर की स्थापना में पार्टी के वैसे दफ्तरों को प्राथमिकता दी जाए, जहां इंटरनेट समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। पत्र में कहा गया है कि 27 सीटों पर कम से कम एक कॉल सेंटर की स्थापना की जानी है।

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि ये कॉल सेंटर पार्टी को जमीनी स्तर पर काम करने और चुनाव की तारीख तक स्थानीय टीम द्वारा मतदाताओं के साथ संपर्क स्थापित करने में मदद करेंगे, साथ ही उन्हें सही चुनाव अभियान सामग्री भी उपलब्ध कराएंगे। चुनाव के दिन, कॉल सेंटरों का उपयोग मतदाताओं को कॉल करने और यह जांचने के लिए किया जाएगा कि उन्होंने अपना वोट डाला है या नहीं?

2019 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने देशभर में ऐसे 190 कॉल सेंटर स्थापित किए थे, जो इस बार करीब डेढ़ गुणा बढ़कर 300 हो गए हैं। पार्टी ने बिहार बीजेपी के नेता देवेश कुमार को एमपी-छत्तीसगढ़ जोन का प्रभारी बनाया है, जबकि गुजरात के विधायक अमित ठाकर को तेलंगाना-एपी जोन का प्रभारी बनाया गया है। दिल्ली बीजेपी उपाध्यक्ष राजीव बब्बर यूपी-उत्तराखंड के प्रभारी बनाए गए हैं।

ऐसे ही प्रभार सात अन्य नेताओं को भी दिए गए हैं। ये सभी प्रभारी केंद्रीय कार्यालय में पांच नेताओं के संपर्क में रहेंगे। सभी प्रभारियों को 20 सितंबर को अपने-अपने जोन में जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित कराने को कहा गया है। उधर, विपक्षी गठबंधन INDIA अभी सीटों के बंटबारे पर भी तालमेल नहीं कर सका है।

ET की रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीजेपी ने कॉल सेंटर की स्थापना और प्रबंधन के लिए कम्युनिकेशन कंसल्टेशन कंपनी जार्विस को नियुक्त किया है। जार्विस पिछले कुछ सालों से पार्टी के लिए काम कर रही है। इस कंपनी की एक छोटी सी टीम नई दिल्ली में भाजपा मुख्यालय मैं बैठेगी और सभी कॉल सेंटर के बीच कॉर्डिनेशन सुनिश्चित करेगी। कॉल सेंटर अपने-अपने राज्यों की बीजेपी की मीडिया टीम, सरल पोर्टल टीम (जो निर्वाचन क्षेत्र-वार मतदाता विवरण पर काम करता है), राज्य डेटा प्रबंधन और आईटी टीम के बीच एक सेतु के रूप में कार्य करेगा। इसके अलावा पार्टी की केंद्रीय संचार और डेटा टीम की चुनाव प्रचार सामग्री रियल टाइम इनफॉरमेशन के साथ मतदाताओं तक पहुंचाएगा।

अगले चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सत्ता से विदाई पक्की : लालू प्रसाद

0

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सुप्रीमो लालू प्रसाद ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि एक बार फिर उन्होंने चुनाव से पहले लोगों को ठगना शुरू कर दिया है तथा अब सत्ता से उनकी विदाई पक्की है।

उन्होंने सवाल उठाया कि भारत के आम लोगों को जी20 सम्मेलन से क्या लाभ मिलेगा। झारखंड के देवघर में प्रसिद्ध बाबा वैद्यनाथ धाम मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद प्रसाद ने मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए देश की वर्तमान स्थिति पर चिंता प्रकट की। उन्होंने कहा, ‘‘ देश में स्थिति अच्छी नहीं है। महंगाई और बेरोजगारी चरम पर हैं।

लोग भुखमरी के शिकार हो रहे हैं। नरेन्द्र मोदी ने चुनाव करीब आते देख फिर लोगों को ठगना शुरू कर दिया है..लेकिन इस बार सत्ता से उनकी विदाई पक्की है।” मोदी को निशाना बनाते हुए उन्होंने कहा कि रसोई गैस के दामों में कटौती का मकसद चुनाव से पहले लोगों के साथ छल करना है। राजद प्रमुख ने कहा, ‘‘ यह आपके (प्रधानमंत्री के) घर का मामला नहीं है कि आपने उसे (रसोई गैस का दाम) घटा दिया। यह लोगों का पैसा है।

राशन या किरोसिन के लिए धनराशि नागरिकों के पैसे से आती है। क्या वह पैसा आपने कमाया है?” पिछले महीने केंद्र ने घरेलू रसोई गैस के दामों में 200 रुपये प्रति सिलेंडर की कटौती की घोषणा की थी। प्रसाद ने दावा किया कि हाल के विधानसभा चुनावों में भाजपा बुरी तरह हार गयी है तथा अन्य विधानसभा चुनावों में भी उसका सफाया हो जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘ हम संविधान, गरीबों, बेरोजगारों या बाबासाहब भीमराव आंबेडकर को किसी तरह नुकसान नहीं पहुंचाने देंगे।

वह (भाजपा) बाबासाहब भीमराव आंबेडकर का नाम मिटाना चाहती है।” भारत में जी20 शिखर सम्मेलन के आयोजन को छलावा करार देते हुए प्रसाद ने जानना चाहा कि आम नागरिकों को उससे क्या फायदा मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में इसके आयोजन पर बहुत भारी धनराशि खर्च की गयी। जी20 नेताओं का शिखर सम्मेलन 9-10 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित किया गया था। दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डी सिल्वा, जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी सहित विश्व के शीर्ष नेताओं ने भाग लिया। गैर भाजपाई गठबंधन ‘इंडिया’ के विषय पर राजद नेता ने कहा कि 28 विपक्षी दल 13 सितंबर को नयी दिल्ली में समन्वय समिति की पहली बैठक से काम करने लगेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस गठबंधन में एक ऐसे नेता का चयन किया जाएगा जिस पर एक राय हो। विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन की 14 सदस्यीय समन्वय समिति की पहली बैठक 13 सितंबर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राकांपा प्रमुख शरद पवार के निवास पर होगी जहां गठबंधन की रणनीतियां और भावी कार्यक्रम तय किये जाएंगे।

G20 Summit में सोने-चांदी के बर्तनों के इस्तेमाल को लेकर शरद पवार ने बोला सरकार पर हमला, कही यह बड़ी बात…

0

एनसीपी चीफ शरद पवार ने जी20 शिखर सम्मेलन में वैश्विक नेताओं को चांदी के विशेष बर्तनों और सोने की परत वाले बर्तनों में भोजन परोसे जाने को लेकर सरकार की आलोचना की.

उन्होंने, ‘इस तरह के आयोजन भारत में पहले दो बार हुए थे, एक बार जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं और वैश्विक नेता भाग लेने भारत आए थे. लेकिन, मैंने (प्रतिनिधियों के लिए) चांदी के बर्तनों और सोने की परत चढ़े बर्तनों के इस्तेमाल के बारे में कभी नहीं सुना.’

पीटीआई भाषा के मुताबिक रविवार को दक्षिण मुंबई में एनसीपी की एक बैठक के बाद पवार ने कहा, ‘मैं इस बात से सहमत हूं कि भारत आने वाले वैश्विक नेताओं के प्रति सम्मान दिखाया जाना चाहिए क्योंकि यह देश के लिए महत्वपूर्ण है. लेकिन, महत्वपूर्ण मुद्दों को दरकिनार करने और कुछ लोगों का कद बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजनों का दुरुपयोग करना गलत है.’

जो नए हैं उन्हें समर्थन दिया जाना चाहिए
वहीं पवार ने रविवार को संकेत दिए की वह पार्टी के बागी नेताओं संबंध में भी एक बड़ा बयान दिया. उन्हों संकेत दिया कि उनकी इच्छी बागी नेताओं को वापिस लेने की नहीं है. इसकी जगह वह नए चेहरों का समर्थन करना चाहते हैं.

पीटीआई भाषा के मुताबिक मुंबई के वाई बी चव्हाण सेंटर में एक सभा को संबोधित करते हुए एनसीपी संस्थापक ने कहा, ‘कुछ लोग मुझसे पूछते हैं कि अगर जो लोग सरकार में शामिल हो गए हैं वे वापस आने का प्रयास करें तो क्या करना चाहिए. हम इस बारे में कोई फैसला नहीं लेने जा रहे हैं. पार्टी के भीतर एक राय है कि जो नए हैं, उन्हें चुनाव से पहले समर्थन दिया जाना चाहिए.’

बता दें जुलाई में एनसीपी के सीनियर लीडर और शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने बगावत कर दी थी. वह आठ विधायकों के साथ एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना और भाजपा की गठबंधन सरकार में शामिल हो गए थे.

PM मोदी के जन्मदिन पर केंद्र सरकार देगी बड़ा तोहफा, शुरू होगा ‘आयुष्मान भव:’ कार्यक्रम!

0

Ayushman Bhava Program: केंद्र सरकार इस साल 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर ‘आयुष्मान भव:’ कार्यक्रम शुरू करेगा. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा, ‘इस साल पीएम मोदी के जन्मदिन के अवसर पर हम ‘आयुष्मान भव:’ कार्यक्रम शुरू करेंगे, ताकि अंतिम छोर तक के लोगों सहित हर इच्छित लाभार्थी तक सभी राज्य-संचालित स्वास्थ्य योजनाओं की अधिकतम डिलीवरी सुनिश्चित की जा सके.’

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि इस कार्यक्रम के दौरान शिविर लगाए जाएंगे और 60,000 लोगों को आयुष्मान भारत कार्ड दिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में हम स्वास्थ्य सेवाओं और कार्यक्रमों की बेहतर पहुंच के लिए इस कार्यक्रम को और अधिक बार चलाएंगे.

दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना
बता दें आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना है जो प्रति लाभार्थी परिवार को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करती है।

मंडाविया ने आगे कहा कि पिछले साल आपने देखा होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर हमने ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) के मुद्दे पर जोर दिया था. उन्होने कहा, ‘पीएम मोदी ने कहा था कि दुनिया का क्षय रोग (टीबी) को खत्म करने का लक्ष्य 2030 है लेकिन भारत का लक्ष्य 2025 के अंत तक टीबी को खत्म करना है.’

बीजेपी ने देशभर में चलाया था अभियान
2022 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने देश को क्षय रोग (टीबी) मुक्त बनाने के लिए एक साल का कार्यक्रम चलाया था, जिसके तहत हर कोई एक टीबी मरीज को गोद लेगा और एक साल तक उसकी देखभाल करेगा।

2025 तक टीबी मुक्त भारत के पीएम मोदी के दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए एक तपेदिक रोगी को एक वर्ष के लिए गोद लेने की योजना आयोजित की गई है।

पीएम मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था, जो उत्तरी गुजरात के मेहसाणा जिले का एक छोटा सा शहर है.

शाम में चाय के साथ बनाएं मजेदार ‘पोटैटो वेजेज’, मिनटों में होता है तैयार, आसान है बनाने का तरीका

0

How To Make Tasty Crunchy Potato Wedges: शाम के नाश्‍ते में अगर आप चाय के साथ स्‍नैक्‍स खाना पसंद करते हैं लेकिन हर बार बिस्‍कुट, पकोड़े या पोहा खाकर उक्‍ता चुके हैं तो आप आलू का बना वेजज एक बार जरूर ट्राई करें.

पोटैटो वेजेज आपने रेस्‍टोरेंट में तो जरूर खाया होगा, लेकिन आपको बता दें कि आप घर पर भी इसे बड़ी आसानी से बना सकते है और चाय के स्‍वाद को दोगुना कर सकते हैं. तो आइए जानते हैं कि आप घर पर मिनटों में इसे किस तरह बनाकर चाय के साथ सर्व कर सकते हैं.

पोटैटो वेजेज बनाने के लिए सामग्री

आलू – 4

नमक – 2 चम्मच

मैदा – 4 बड़े चम्मच

कॉर्नफ्लोर – 4 बड़े चम्मच

चावल का आटा – 2 बड़े चम्मच

नमक स्वादानुसार

चिली फ्लेक्‍स – 1 चम्मच

अजवायन – 1 चम्मच

अदरक और लहसुन का पेस्ट- 1 चम्‍मच

सॉस बनाने की सामग्री

मक्खन – 1 बड़ा चम्मच

तेल – 1/2 छोटा चम्मच

कटा हुआ लहसुन – 1 छोटा चम्मच

मैदा – 1 बड़ा चम्मच

दूध – 1/2 कप

चीज़ स्लाइस – 1

पोटैटो वेजेज बनाने का तरीका

सबसे पहले आप 4 नया आलू लें और इसे लंबे आकार में बोट कट शेप में 16 टुकड़ों में काट लें. आलू को छीलेने की जरूरत नहीं है. अब आप एक पैन को गैस पर रखें और इसमें करीब 1 लीटर पानी डालकर गर्म कर लें. जब पानी गर्म हो जाए तो आप इसमें 1 छोटा चम्मच नमक, आलू के टुकड़े डालकर 5 मिनट तक उबालकर छन्‍नी में निकाल लें. आलू को आधा पक जाना चाहिए.

एक कटोरे में 4 टेबल चम्‍मच मैदा, 4 बड़ा चम्‍मच कॉर्न स्टार्च, 2 बड़ा चम्‍मच चावल का आटा, स्वादानुसार नमक, 1 छोटा चम्‍मच लाल मिर्च पाउडर, 1 छोटा चम्‍मच अजवायन, 1/2 छोटा चम्‍मच मैदा और लहसुन का पेस्ट डालें और थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए अच्‍छा घोल तैयार कर लें. अब आलू जब थोड़ा गर्म हो तो उस पर 2 टेबल स्पून कोर्नफ्लोर छिड़क कर अच्छी तरह कोट बना दें.

अब एक पैन को गैस पर रखें और उसमें तलने के लिए तेल डालकर अच्छी तरह गर्म करें. जब तेल गर्म हो जाए तो आलू के टुकड़ों को एक-एक करके घोल में डुबोएं और फिर तेल में डालकर मध्यम आंच पर अच्छी तरह से भूनें. 1 मिनट में यह भुनकर तैयार हो जाएगा. आप इसे आप एक प्‍लेट में निकाल लें. आप इसे क्रंची बनाने के लिए डबल फ्राई कर सकते हैं.

चीज सॉस बनाने का तरीका

एक पैन को गैस पर रखें और इसमें टेबल स्पून मक्खन, 1/2 टीस्पून तेल डाल कर अच्छी तरह से पिघला लें. अब जब मक्खन पिघल जाए तो इसमें 1 छोटा चम्मच बारीक कटा लहसुन डाल कर कुछ सेकेंड्स भून लें. अब इसमें 1 टेबल-स्पून मैदा डालें और भूनें. अब इसमें आधा कप दूध डालें और मिलाते हुए आंच कम कर लें. कुछ देर बाद इसमें एक चीज स्लाइस डालें और नमक डालकर मिला लें. गाढ़ा होने पर गैस बंद करें और पोटैटो वेजेज और चाय के साथ सर्व करें.

चीन के विदेश मंत्री के बाद अब रक्षा मंत्री भी हुए गायब! 2 हफ्तों से कहीं नहीं आए नजर…

0

बीजिंग. चीन अपने मंत्रियों के गायब होने का नाटक कर रहा है. भले ही राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नई दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन में भाग न लेने का फैसला किया, लेकिन इससे अधिक एक और चीनी अधिकारी की गैर-मौजूदगी इंटरनेट पर चर्चा का विषय बनी हुई है.

चीन के रक्षा मंत्री ली शांगफू करीब दो हफ्तों से गायब हैं. किसी को नहीं पता कि वे कहां हैं.

अब सार्वजनिक जीवन में उनकी अनुपस्थिति को लेकर अफवाहें फैल रही हैं. इस बारे में जापान में संयुक्त राज्य अमेरिका के राजदूत रहम एमानुएल ने पिछले शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर टिप्पणी भी की थी.

यह चीन में दूसरी हाई-प्रोफ़ाइल गुमशुदगी है – इससे पहले, पूर्व विदेश मंत्री किन गैंग भी जनता की नजरों से गायब रहे हैं. बीजिंग में क्या चल रहा है? इस बारे में फिलहाल किसी को कुछ नहीं पता.