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राजनांदगांव। ग्राम ठेकवा में कांग्रेस के भरोसे का सम्मेलन, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंच पर पहुंचे।

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राजनांदगांव।  छत्तीसगढ़ के ग्राम ठेकवा में कांग्रेस के भरोसे का सम्मेलन शुरू हो गया है। सम्मेलन में मुख्य अतिथि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंच पर पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने हाथ दिखाकर लोगों का अभिवादन किया। इसके बाद राज्य गीत हुआ।मल्लिकार्जुन खरगे ने जय जोहार, जय छत्तीसगढ़ से संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार भरोसे की सरकार है। ये गरीबों, पिछड़ों, आदिवासी और किसानों की सरकार है। ये मोदी का गुजरात माडल नहीं है। कांग्रेस पार्टी और भूपेश बघेल सरकार का माडल है।

खरगे ने कहा, छत्तीसगढ़ के लोगों के आशीर्वाद से मैं कांग्रेस का राष्टीय अध्यक्ष चुना गया हूं। उन्होंने छत्तीसगढ़ में ईडी-आइटी के छापे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, जब रायपुर में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ उसी दिन पार्टी के लोगों के यहां ईडी का छापा डाला गया। ये छापे कांग्रेस के लोगों को डराने के लिए मारा गया। लेकिन छत्तीसगढ़ के लोग डरने वाले नहीं है। अगर हम कांग्रेस के लोग डरते तो इंदिरा गांधी, राजीव गांधी अपनी जान नहीं देते।

छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, पूरे प्रदेश में भरोसे का सम्मेलन हो रहा है। भरोसा करना बहुत बड़ी बात है। लेकिन कांग्रेस सरकार पर जनता ने भरोसा किया है। भरोसा है, क्योंकि किसानों का कर्जा माफ किया है। 25 सौ में धान खरीदी किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से जो कहा वो सरकार ने किया। कोटवारों का मानदेय दिया है।

इसके बाद सम्मेलन में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, गढ़बो छत्तीसगढ़ का सपना अभी पूरा नहीं हुआ है। इसलिए 2023 में कांग्रेस की सरकार बनाए। इसके बाद डिप्टी टीएस सिंहदेव ने सम्मेलन को संबोधित किया।

1867 कार्यों का भूमिपूजन व लोकार्पण किया जाएगा

राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम ठेकवा में भरोसे का सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में नेता प्रतिपक्ष राज्यसभा मल्लिकार्जुन खड़गे और कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी एवं खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले के लिए 355 करोड़ 23 लाख रुपये की लागत के कुल 1 हजार 867 के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया । जिसमें 177 करोड़ 86 लाख रुपये के 1 हजार 691 कार्यों का भूमिपूजन एवं 177 करोड़ 36 लाख रुपये के 176 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।

कच्चे तेल के 90 डॉलर पार होने का भारत के लिए क्या है मतलब, कितना किस पर होगा असर…

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भारत जैसी अर्थव्यवस्था में कच्चे तेल (crude oil) की बड़ी भूमिका है। मौजूदा समय में तेल की कीमत (crude oil price) में हुई बढ़ोतरी से हालांकि मैक्रो फंडामेंटल्स के लिए बड़ा रिस्क नहीं है, लेकिन अगर कीमत लगातार बढ़ती जाती है तब इसका आर्थिक विकास (Indian economy) पर असर देखने को मिल सकता है।

तेल उत्पादक देशों के समूह वाला ओपेक+ ब्लॉक द्वारा उत्पादन में कटौती को तीन और महीनों के लिए बढ़ाए जाने के बाद, ब्रेंट क्रूड 5 सितंबर को 90 डॉलर प्रति बैरल से पार हो गया। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, कीमत का यह लेवल नवंबर 2023 के बाद सबसे ज्यादा है, जो अभी भी इसी के आस-पास है।

भारत के लिए चुनौती इसलिए है, क्योंकि यह कच्चे तेल का तीसरा सबसे बड़ा खरीदार है। क्रूड का महंगा इम्पोर्ट चालू खाते के घाटे का भार और बढ़ा सकता है जीडीपी की रफ्तार को सुस्त कर सकता है। बावजूद, कुछ ऐसे फैक्टर्स भी हैं जो इकोनॉमी को सपोर्ट करते हैं।

चालू खाते का घाटा

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक,बैंक ऑफ बड़ौदा की अर्थशास्त्री दीपान्विता मजूमदार का कहना है कि चूंकि भारत अपनी कुल तेल जरूरत का 80% से ज्यादा इम्पोर्ट करता है, तो ऐसे में चालू खाते के घाटे और रुपये पर असर पड़ने की संभावना है. चालू वित्त वर्ष में जुलाई तक आवक तेल शिपमेंट 55 अरब डॉलर था।
मजूमदार ने कहा कि हमारा अनुमान है कि 80-85 डॉलर प्रति बैरल के आधार पर तेल आयात में 15 बिलियन डॉलर या सकल घरेलू उत्पाद का 0.4% की ग्रोथ होने की संभावना है।

विदेशी मुद्रा भंडार

आईडीएफसी बैंक की इंडिया इकोनॉमिस्ट गौरा सेन गुप्ता ने कहा कि आने वाले समय में विदेशी मुद्रा भंडार, डॉलर की ताकत बनी रहने की उम्मीद है। सेन गुप्ता ने कहा कि कच्चे तेल में उछाल से रुपये जैसी तेल इम्पोर्ट करने वाली मुद्राओं पर भी मूल्यह्रास का दबाव बढ़ेगा। ऐसे में बहुत कुछ आरबीआई के विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप पर निर्भर करता है जिसका मकसद दोनों पक्षों में अस्थिरता को कम करना है। दिसंबर तक डॉलर-रुपये की जोड़ी 82-84 के बीच सीमित रहने की उम्मीद है।

महंगाई

कच्चे तेल की कीमतों (crude oil price) में बढ़ोतरी से महंगाई के जोखिम की संभावना फिलहाल नहीं है। इसकी वजह है कि कच्चे तेल में अस्थिरता के बावजूद मई 2022 से घरेलू पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं हुई है। उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2024 में खुदरा महंगाई दर औसतन 5.8% रहेगी। माना जा रहा है कि घरेलू खुदरा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मार्च 2024 तक बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है। सीपीआई बास्केट में पेट्रोल और संबंधित उत्पादों का भार 2.4% है। कच्चे तेल में 10% बढ़ोतरी का सीधा अर्थ खुदरा महंगाई में 15 बेसिस प्वॉइंट की बढ़ोतरी से है।

जानकारों का कहना है कि कच्चे तेल (crude oil) की ऊंची कीमतें इम्पोर्ट पर दबाव बढ़ाकर सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी ग्रोथ को धीमा कर देती हैं। तेल की कीमतों में लगभग 10 डॉलर प्रति बैरल की लगातार वृद्धि से जीडीपी की ग्रोथ रेट लगभग 20 आधार अंकों तक कम हो जाती है।

PM मोदी और बाइडेन की आज होगी मुलाकात, द्विपक्षीय वार्ता में इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा…

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नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन शुक्रवार की शाम द्विपक्षीय वार्ता करेंगे जिसमें भारत-अमेरिका की व्यापक वैश्विक और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर जोर दिए जाने की संभावना है।

दोनों नेताओं के स्वच्छ ऊर्जा, व्यापार, उच्च-प्रौद्योगिकी, रक्षा जैसे क्षेत्रों में जारी द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा करने की उम्मीद है। शुक्रवार को मोदी की शेख हसीना के साथ द्विपक्षीय बैठक की संभावना इसके साथ ही वे इस बात पर भी चर्चा कर सकते हैं कि दोनों देश विश्व की कुछ गंभीर चुनौतियों से निपटने में किस प्रकार योगदान दे सकते हैं। प्रधानमंत्री के शुक्रवार को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ के साथ भी अलग-अलग द्विपक्षीय बैठक करने की संभावना है। बाइडेन जी20 समिट में भाग लेने आ रहे हैं दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन 9-10 सितंबर को होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए नई दिल्ली आ रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी।

इससे पहले, भारत का दौरा करने वाले आखिरी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प थे, जो वह फरवरी 2020 में भारत आए थे। बाइडेन के शुक्रवार शाम को नई दिल्ली पहुंचने का कार्यक्रम है और वह जी20 शिखर सम्मेलन के समाप्त होने के बाद रविवार को वियतनाम रवाना होंगे।  एक सूत्र ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति बाइडेन के बीच बातचीत में स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा और उच्च प्रौद्योगिकी, रक्षा सहित विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में जारी द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा पर जोर दिए जाने की संभावना है। दोनों पक्ष वीजा व्यवस्था को और उदार किए जाने के संबंध में भी विचार-विमर्श कर सकते हैं।

 राष्ट्रपति बाइडेन के भारत प्रस्थान करने से पहले व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरीन ज्यां-पियरे ने कहा, ‘‘हम इस वर्ष जी-20 के नेतृत्व के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सराहना करते हैं और हम यह सुनिश्चित करने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि भारत इस साल एक सफल सम्मेलन की मेजबानी करे।” उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘इसलिए यह हमारी प्रतिबद्धता बनी रहेगी। जून में प्रधानमंत्री मोदी की यहां की यात्रा के दौरान राष्ट्रपति (बाइडेन) और प्रधानमंत्री ने शिखर सम्मेलन में साझा प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए अपना दृढ़ संकल्प साझा किया था।” अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील समेत यह देश जी20 समूह में शामिल जी20 के सदस्य देश वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 85 प्रतिशत, वैश्विक व्यापार का 75 प्रतिशत से अधिक और विश्व जनसंख्या का लगभग दो-तिहाई प्रतिनिधित्व करते हैं। समूह में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किये, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) शामिल हैं।

सोशल मीडिया की लत ड्रग्स के नशे जैसी, बर्बाद हो जाएगी लाइफ, हो जाएं सतर्क

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आजकल मोबाइल का इस्तेमाल इतना ज्यादा बढ़ गया है कि लोग रोजाना कई घंटे इस पर ही बिताते हैं। स्मार्टफोन अब लोगों के मनोरंजन का बड़ा साधन भी बन गया है। स्मार्टफोन में लोग कई सोशल मीडिया ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं।

आजकल युवाओं में ही नहीं बल्कि टीनएजर और बुजुर्गों में भी सोशल मीडिया ऐप्स की लत देखने को मिलती है। सोशल मीडिया की लत बहुत बुरी होती है। इसकी आदत ड्रग्स की तरह होती है। कई रिसर्च में भी इस बात का खुलासा हो चुका है कि सोशल मीडिया की लत से मानसिक परेशानियां होती हैं। जैसे बिना नशे के नहीं रह पाते उसी तरह सोशल मीडिया की लत के लोगों को भी इसी तरह की लत लग जाती है। इतना ही इससे आपसी रिश्तों पर भी फर्क पड़ता है।

बन सकता है रिश्तों में दरार का कारण

लोगों को जब सोशल मीडिया की लत लगती है तो कई घंटों तक स्क्रॉल करते रहते हैं। आधे घंटे का यह शौक धीरे-धीरे 5—7 घंटे तक मे बदल जाता है। इसके साथ ही यह रिश्तों में दरार का कारण भी बन जाता है। ‘बेंगलुरु में लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे इस कपल के बीच सोशल मीडिया एडिक्शन आ गया। नॉर्मल लड़का पोर्नोग्राफी एडिक्ट बन गया। देर रात तक पोर्नोग्राफी देखता। नौबत ब्रेकअप तक आ गई। जब कपल को इसका अहसास हुआ कि रिलेशनशिप नहीं बचेगी तो वो सोशल मीडिया डिएडिक्शन सेंटर आए। छह महीने के ट्रीटमेंट के बाद लड़के के सिर से सोशल मीडिया का बुखार उतरा।’

ऐसे करें सोशल मीडिया एडिक्ट की पहचान
मेंटल हेल्थ पर काम करने वाली देश की सबसे बड़ी संस्था NIMHANS की ओर से 2014 में SHUT (सर्विस फॉर हेल्दी यूज ऑफ टेक्नोलॉजी) क्लिनिक की शुरुआत की गई थी। SHUT क्लिनिक के हेड डॉ. मनोज शर्मा के अनुसार फाइव C या फाइव सीक्रेट के जरिए सोशल मीडिया के बुखार की पहचान की जाती है।Social media addiction symptoms

हो जाएं सतर्क
—लगातार सोशल मीडिया एक्सेस करने की तलब उठे। सोशल मीडिया यूज करने में मजा आए।

—न चाहते हुए भी मन बार बार स्मार्टफोन की ओर खिंचे और हाथ उसकी ओर बढ़े।

—स्ट्रेस दूर करने और मनोरंजन के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेना।

—सोशल मीडिया पर समय का अंदाजा ना रहना। स्मार्टफोन पर लगातार स्क्रॉलिंग करना।

—सिर भारी,उंगलियों में दर्द, आंखों में कमजोरी, परिवार में झगड़े होना। प्रोफेशनल लाइफ पर बुरा असर।

सोशल मीडिया की लत सबसे अधिक इस उम्र में
सोशल मीडिया यूज करने में सबसे आगे 16 से 19 की उम्र के टीनेजर्स हैं। दोस्तों के साथ ऑनलाइन गेम खेलना, वॉट्सऐप चैट करना, रील्स बनाना, सेल्फी लेना, फेसबुक-इंस्टा पर लगातार बने रहना ये समस्या सबमें देखने को मिलती है।

इसके बाद 25 या इससे अधिक की उम्र के लोग हैं जिनमें सोशल मीडिया एडिक्शन देखा जा रहा। ये फोन पर पोर्नोग्राफी या वेब सीरीज देखने के एडिक्ट होते हैं।

‘जीरो इनबॉक्स टेंडेंसी’
सोशल मीडिया यूजर्स में एक आदत और देखने को मिलती है जिसे मनोवैज्ञानिक अपनी भाषा में ‘जीरो इनबॉक्स टेंडेंसी’ कहते हैं। यानी मैसेज के फ्लैश करते ही उसे खोलकर तुरंत पढ़ना और जवाब देना। टीनएजर्स की अपडेटेड रहने की चाहत उन्हें बार-बार सोशल मीडिया देखने की लत लगा देती है।

Radha Ashtami 2023 Date: कब मनाया जाएगा राधा रानी का जन्मोत्सव, जानें सही तारीख एवं पूजा का शुभ मुहूर्त

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भाद्रपद मास के कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि पर मनाए जाने वाले श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के ठीक 15 दिन बाद राधा रानी का जन्मोत्सव मनाया जाता है. सनातन परंपरा में श्री राधा जी को भगवान श्री कृष्ण की शक्ति माना गया है, जिनके बगैर न सिर्फ वो अधूरे हैं बल्कि उनके भक्तों की पूजा भी अधूरी मानी जाती है.

मान्यता है कि भगवान श्री कृष्ण के साथ राधा जी की पूजा करने पर सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है. जीवन के सभी दुखों को दूर करके सुख-सौभाग्य और सफलता का वरदान देने वाली देवी श्री राधा जी की पूजा इस साल कब और कैसे करनी चाहिए, आइए इसे विस्तार से जानते हैं.

राधा अष्टमी का शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार राधा अष्टमी का पावन पर्व इस साल 23 सितंबर 2023, शनिवार के दिन मनाया जाएगा. पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्लपक्ष की अष्टमी तिथि 22 सितंबर 2023 को दोपहर 01:35 बजे से प्रारंभ होकर 23 सितंबर 2023 को दोपहर 12:17 बजे तक रहेगी. पंचांग के अनुसार इस दिन राधा रानी की पूजा के लिए सबसे उत्तम मुहूर्त प्रात:काल 11:01 से लेकर दोपहर 01:26 बजे तक रहेगी.

राधा अष्टमी की पूजा का महत्व

हिंदू मान्यता के अनुसार राधा जी के बगैर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा अधूरी है. ऐसे में जन्माष्टमी की पूजा का पूरा फल पाने के लिए राधा अष्टमी की पूजा एवं व्रत करना जरूरी माना गया है. मान्यता है कि जो कोई व्यक्ति राधा अष्टमी पर विधि-विधान से उनकी पूजा एवं व्रत करता है, उस पर पूरे साल राधा-कृष्ण की कृपा बरसती है. उसके घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती है.

राधा अष्टमी की पूजा विधि

राधा अष्टमी का व्रत करने के लिए इस दिन प्रात:काल स्नान-ध्यान करने के बाद इस व्रत को विधि-विधान से करने का संकल्प करें. इसके बाद सबसे पहले गणेश जी की पूजा करें और उसके बाद राधा रानी को पुष्प, श्रृंगार की चीजें, फल, भोग आदि चढ़ाकर पूजा करें. राधा अष्टमी के व्रत में राधा जी के मंत्रों का जप जरूर करें. यदि ऐसा न कर पाएं तो राधे-कृष्ण का जप करें. पूजा के अंत में राधा जी की आरती करें और अधिक से अधिक लोगों को प्रसाद बांटें और स्वयं भी ग्रहण करें.

सऊदी से भारत तक बिछेगी रेलवे लाइन, चीन को काउंटर करने के लिए बना प्लान

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जी20 शिखर सम्मेलन के लिए दिल्ली में मंच तैयार है. अमेरिका से जो बाइडेन भारत के लिए निकल चुके हैं. सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान भी भारत आ रहे हैं. इस बीच बड़ी खबर ये है कि पीएम मोदी समेत इन दोनों नेताओं और जी20 के कुछ और देशों के बीच एक रेल डील हो सकती है.

इस डील की जरूरत इसलिए पड़ी, क्योंकि चीन मिडिल ईस्ट में अपने पांव पसारने की कोशिश कर रहा है.

चीनी बेल्ट एंड रोड इनीशियएटिव को काउंटर करने के नजरिए से इस डील को सम्मेलन के दौरान या इसके इतर मीटिंग में अंतिम रूप दिया जा सकता है. अमेरिका में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि अगर यह डील फाइनल होती है तो बाइडेन एडमिनिस्ट्रेशन के लिए मिडिल ईस्ट में अपनी नीति लागू करना आसान हो जाएगा. मसलन, इजराइल-सऊदी अरब के बीच संबंधों को ठीक करना आसान हो सकता है. चीन को भी एक नए प्रोजेक्ट के साथ जवाब दिया जा सकता है. एक तीर से दो निशाने साधे जा सकते हैं.

मिडिल ईस्ट से भारत तक बिछेगी रेलवे लाइन

चीन मिडिल ईस्ट देशों में तेजी से अपने पांव पसार रहा है. बेल्ट एंड रोड इनीशियेटिव के जरिए चीन ने दुनियाभर के देशों तक सड़क मार्ग से पहुंच बना ली. इस इनीशियेटिव के तहत रेल मार्ग भी शामिल है. इसी के जवाब में चीन विरोधी देशों का प्लान है कि एक रेल डील साइन किया जाए. इ़स प्रोजेक्ट के तहत अरब देशों को एशियाई क्षेत्र लेवांत से जोड़ा जाएगा जो इजराइल होते हुए अरब सागर के रास्ते भारत तक पहुंचेगा.

खाड़ी देशों में अपनी पहुंच बढ़ा रहा चीन

जी20 के इतर एक ग्रुप है I2U2 यानी इंडिया, इजराइल, युनाइटेड अरब अमीरात और युनाइटेड स्टेट्स. पिछले 18 महीने में इस ग्रुप की मीटिंग में खाड़ी और अन्य देशों को जोड़ने के लिए रेल प्रोजेक्ट की बात सामने आई. खाड़ी के कई देश चीन के बेल्ट एंड रोड इनीशियेटिव का हिस्सा हैं. ऐसे में चीन वहां अपना प्रसार कर रहा है, जो भारत-अमेरिका के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है. बाइडेन की कोशिश इस डील को फाइनल करने की है जो उनके लिए मिडिल ईस्ट का रास्ता आसान करता है और अमेरिकी सत्ता के रास्ते भी खोलता है.

सनातन धर्म विरोधी टिप्पणी : द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेता और तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन भाजपा नेताओं पर ”मुहतोड़ पेशकश”

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कथित सनातन धर्म विरोधी टिप्पणी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तीखे हमले के बाद द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेता और तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने बृहस्पतिवार को भाजपा नेताओं पर उनके बयानों को ”तोड़ मरोड़कर पेश” करने का आरोप लगाया और सभी मामलों का कानूनी रूप से सामना करने का संकल्प जताया।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भी तीखा हमला करते हुए कहा कि वह मणिपुर हिंसा को लेकर उठते सवालों का सामना करने से डरकर ‘‘दुनिया भर में घूम रहे हैं”। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले नौ वर्षों से आपके (भाजपा) सभी वादे खोखले रहे हैं। आपने वास्तव में हमारे कल्याण के लिए क्या किया है, यह सवाल वर्तमान में फासीवादी भाजपा सरकार के खिलाफ पूरा देश एकजुट होकर उठा रहा है। यह इसी पृष्ठभूमि में है कि भाजपा नेताओं ने टीएनपीडब्ल्यूएए सम्मेलन में मेरे भाषण को तोड़-मरोड़कर ‘नरसंहार भड़काने वाला’ बताया। वे इसे खुद को बचाने का हथियार मानते हैं।” उदयनिधि ने कहा कि आश्चर्य की बात यह है कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री ‘‘फर्जी खबर” के आधार पर मेरे खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पूरी निष्पक्षता से कहें तो मुझे उनके खिलाफ आपराधिक मामले और अन्य अदालती मामले दायर करना चाहिए क्योंकि उन्होंने सम्मानजनक पदों पर रहते हुए मुझे बदनाम किया। लेकिन मुझे पता है कि यह उनके अपने अस्तित्व को बचाए रखने का तरीका है। वे नहीं जानते कि अस्तित्व बचाने का और तरीका क्या है, इसलिए मैंने ऐसा नहीं करने का फैसला किया है।” वह द्रमुक के संस्थापक, द्रविड़ वरिष्ठ नेता दिवंगत सीएन अन्नादुरई के राजनीतिक उत्तराधिकारियों में से एक हैं। 

हम किसी भी धर्म के दुश्मन नहीं 

उन्होंने अन्नादुरई के कथन का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘हर कोई जानता है कि हम किसी भी धर्म के दुश्मन नहीं हैं। मैं धर्मों पर अन्ना की टिप्पणी बताना चाहूंगा जो आज भी प्रासंगिक है। अगर कोई धर्म लोगों को समानता की ओर ले जाता है और उन्हें भाईचारा सिखाता है, तो मैं भी एक अध्यात्मवादी हूं। अगर कोई धर्म लोगों को जातियों के नाम पर विभाजित करता है, अगर वह उन्हें अस्पृश्यता और गुलामी सिखाता है तो मैं ऐसे धर्म का विरोध करने वाला पहला व्यक्ति होऊंगा।” उन्होंने कहा कि द्रमुक उन सभी धर्मों का सम्मान करती है जो सिखाते हैं कि हर कोई जन्म से समान होता है। 

देश का नाम बदलकर खिलवाड़ करते हैं

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन प्रतीत होता है कि इनमें से किसी के बारे में उन्हें बिल्कुल भी समझ नहीं है। ‘मोदी और उनके सहयोगी’ संसदीय चुनावों का सामना करने के लिए पूरी तरह से इस तरह की बदनामी पर निर्भर हैं। मैं केवल उनके लिए खेद महसूस कर सकता हूं। पिछले नौ वर्षों से मोदी कुछ नहीं कर रहे। कभी वह नोटबंदी करते हैं, झोपड़ियों को छिपाने के लिए दीवार बनाते हैं, नया संसद भवन बनाते हैं, वहां सेंगोल (राजदंड) खड़ा करते है, देश का नाम बदलकर खिलवाड़ करते हैं, सीमा पर खड़े होकर सफेद झंडा लहराते हैं।” उन्होंने पूछा, ‘‘क्या पिछले नौ वर्षों में केंद्र सरकार की ओर से द्रमुक की ‘‘पुधुमई पेन” या मुख्यमंत्री नाश्ता योजना या कलैग्नार की महिला अधिकार योजना जैसी कोई प्रगतिशील योजना आई है? क्या उन्होंने मदुरै में एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) बनाया है? क्या उन्होंने कलैग्नार शताब्दी पुस्तकालय जैसे किसी ज्ञान मुहिम को आगे बढ़ाया है।

” दोस्त (गौतम) अडाणी के साथ दुनिया भर में घूम रहे हैं 

उन्होंने कहा, ‘‘भारत में मणिपुर के बारे में सवालों का सामना करने से डरकर वह अपने दोस्त (गौतम) अडाणी के साथ दुनिया भर में घूम रहे हैं। सच तो यह है कि लोगों की अज्ञानता ही उनकी नाटकीय राजनीति की पूंजी है।” उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘मोदी और उनके सहयोगी मणिपुर में भड़के दंगों में 250 से अधिक लोगों की हत्या और 7.5 लाख करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार समेत तथ्यों से ध्यान भटकाने के लिए ‘सनातन’ धर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए बहुत सारा काम है, जिसमें 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारी भी शामिल है और उन्होंने उनसे उस पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सूचित करना चाहूंगा कि हमारे पार्टी अध्यक्ष (तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन) के मार्गदर्शन और हमारी पार्टी आलाकमान की सलाह पर मैं अपने खिलाफ दायर मामलों का कानूनी रूप से सामना करूंगा।”

‘जब तक देश से नफरत खत्म नहीं हो जाती, यात्रा जारी रहेगी’, भारत जोड़ो यात्रा की सालगिरह पर बोले राहुल गांधी…

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कांग्रेस पार्टी आज ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की पहली वर्षगांठ मना रही है। भारत जोड़ो यात्रा की पहली सालगिरह पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि उनकी यात्रा देश में ‘नफरत मिटने और भारत के जुड़ने’ तक जारी रहेगी।

राहुल गांधी ने पार्टी के कई नेताओं के साथ करीब 4,000 किलोमीटर से अधिक की यात्रा की थी और इस दौराऩ उन्होंने समाज के विभिन्न वर्ग के लोगों से बातचीत की थी। यह यात्रा पिछले साल सात सितंबर को कन्याकुमारी से आरंभ हुई थी, जो इस वर्ष 30 जनवरी को श्रीनगर में समाप्त हुई थी। यात्रा 145 दिन चली थी।

भारत जोड़ो यात्रा के एकता और मोहब्बत की ओर करोड़ों कदम, देश के बेहतर कल की बुनियाद बने हैं। यात्रा जारी है – नफ़रत मिटने तक, भारत जुड़ने तक। ये वादा है मेरा! pic.twitter.com/8LqTx7ZupV— Rahul Gandhi (@RahulGandhi)

नफ़रत मिटने तक यात्रा जारी रहेगी, ये मेरा वादा है राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘भारत जोड़ो यात्रा के एकता और मोहब्बत की ओर करोड़ों कदम, देश के बेहतर कल की बुनियाद बने हैं। यात्रा जारी है- नफ़रत मिटने तक, भारत जुड़ने तक। ये वादा है मेरा!” कांग्रेस ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘हमारा देश बेलगाम महंगाई और बेरोजगारी से लगातार जूझ रहा है। सियासी रोटियां सेंकने के लिए नफरत की आग भड़काई जा रही है।  भाई को भाई से लड़ाया जा रहा है। अन्नदाता अपने हक के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं और युवा रोजगार के लिए परेशान। जनता की आवाज कुचली जा रही है। लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है। लोगों की सिसकियां और आह सुनने वाला कोई नहीं है।”

देश को जरूरी मुद्दों से भटकाया जा रहा कांग्रेस ने कहा, ‘‘हिंदुस्तान की फिजाओं में नफरत और डर का जहर घोलकर, देश को जरूरी मुद्दों से भटकाया जा रहा है। ऐसे में राहुल गांधी जी आगे आए और जिम्मेदारी उठाई। यह जिम्मेदारी देश से नफरत और डर को मिटाने की है।” मुख्य विपक्षी दल का कहना है, ‘‘हिंदुस्तान नफरत का नहीं, मोहब्बत का देश है। हां… और इसी जिम्मेदारी को आज पूरी दुनिया ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के नाम से जानती है।”

CG Weather Update: छत्‍तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदला, जानें ताजा अपडेट…

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मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश में अभी तक 14 जिलों में कम वर्षा, 12 जिलों में सामान्य वर्षा और एक जिले में अति कम वर्षा हुई है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा के आसार है। साथ ही शुक्रवार से अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी।

बीते कुछ दिनों से प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला है और विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो रही है। इसके चलते अधिकतम तापमान में गिरावट भी आ रही है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार मानसून द्रोणिका बीकानेर, गुना, मंडल, रायपुर और उसके बाद दक्षिण पूर्व की ओर पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी तक 2.1 किमी ऊंचाई तक है। इसके प्रभाव से गुरुवार को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा के आसार है। साथ ही कुछ क्षेत्रों में बिजली भी गिर सकती है।

बीजापुर में सर्वाधिक 1386.8 मिमी बारिश

प्रदेश में अभी तक बीजापुर में सर्वाधिक 1386.8 मिमी वर्षा हुई है,जो सामान्य से 18 फीसद ज्यादा है। इसी प्रकार सरगुजा में 412.2 मिमी वर्षा हुई है,जो सामान्य से 61 फीसद कम है और इस जिले में अति कम वर्षा हुई है। रायपुर जिले में वर्षा की स्थिति सामान्य है,यहां 966.8 मिमी बारिश हुई है।

International Literacy Day 2023: 8 सितंबर को मनाया जाएगा 58 वां विश्व साक्षरता दिवस, जानें इस साल क्या है थीम…

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International Literacy Day 2023। पूरी दुनिया में हर साल 8 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है। आपको बता दें कि International Literacy Day मनाने की शुरुआत साल 1966 में यूनेस्को द्वारा की गई थी और इसके बाद 8 सितंबर 1966 को दुनिया में पहली बार International Literacy Day दिवस मनाया गया था।

इस साल 8 सितंबर को 58वां साक्षरता दिवस मनाया जा रहा है।

किसलिए मनाते हैं विश्व साक्षरता दिवस

भारत सहित दुनिया के कई देशों में शिक्षा पाना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। ऐसे में देश के हर नागरिक को शिक्षा प्राप्त करने के लिए जागरूक करना ही International Literacy Day का मुख्य उद्देश्य है। भारत में इस दिशा में केंद्र सरकार की ओर से ‘सर्व शिक्षा अभियान‘ बीते कई सालों से चलाया जा रहा है और साक्षरता की दिशा में इस अभियान ने सराहनीय काम किया है।

ऐसे हुई थी विश्व साक्षरता दिवस की शुरुआत

1965 में तेहरान में दुनियाभर के शिक्षा मंत्रियों का एक विश्व सम्मेलन आयोजित किया गया था। इसी सम्मेलन में हर साल 8 सितंबर को International Literacy Day मनाने की सिफारिश की गई थी। इसके बाद इस प्रस्ताव को 1966 में यूनेस्को के 73वें सत्र में एग्जीक्यूटिव बोर्ड ने अपना लिया गया था।

International Literacy Day पर इस साल की थीम

दुनिया भर में साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए UNESCO द्वारा एक नई Theme घोषित की जाती है, जिसके आधार पर दुनिया भर में International Literacy Day मनाया जाता है। इस साल यूनेस्को ने विश्व साक्षरता दिवस 2023 की थीम ‘परिवर्तनशील दुनिया के लिए साक्षरता को बढ़ावा देना: टिकाऊ और शांतिपूर्ण समाजों की नींव का निर्माण करना’ घोषित की है। वहीं बीते साल 2022 में विश्व साक्षरता दिवस की थीम “ट्रांसफॉर्मिंग लिटरेसी लर्निंग स्पेसेस” थी।

डिसक्लेमर

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