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Indian Railway : रेलवे स्‍टेशनों पर मिलेगी 20 रुपये में खाने की थाली, क्‍या-क्‍या होगा खाने में, डिटेल में जान लें

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नई दिल्‍ली. अब रेलवे जनरल बोगी में सफर करने वाले यात्रियों को भरपेट भोजन बेहद सस्‍ती कीमत में कराएगा. स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर ही जनरल कोच के सामने इकॉनमी मील (Economy Meals) स्टॉल लगाए जाएंगे.

इन स्‍टॉल पर 20 रुपये में खाना मिल जाएगा और 3 रुपये में पीने का पानी उपलब्‍ध होगा. शुरुआत में देशभर के 64 रेलवे स्‍टेशनों पर यह सेवा शुरू की गई है. पहले इसे 6 महीने के लिए ट्रायल के तौर पर शुरू किया जाएगा. बाद में सभी रेलवे स्टेशनों पर यह स्कीम शुरू कर दी जाएगी. नॉर्थ जोन के 10, ईस्‍ट जोन के 29, साउथ सेंट्रल जोन के 3, साउथ जोन के 9 और वेस्‍ट जोन के 13 रेलवे स्‍टेशनों पर यह सुविधा शुरू हुई है.

उत्तरी जोन में फुलेरा, अजमेर, रेवाड़ी, आबू रोड़, जयपुर, अलवर, उदयपुर और मथुरा रेलवे स्‍टेशनों पर सस्‍ते खाने के स्‍टॉल शुरू हो गए हैं. इसी तरह पूर्वी जोन में दुर्गापुर, आसनसोल, सियालदह, मधुपुर, जसीडीह, बालासोर, खड़गपुर, हिजली, न्यू कूचबिहार, न्यू अलीपुरद्वार, कटिहार, न्यू तिनसुकिया, कामाख्या, धनबाद, रक्सौल, समस्तीपुर, बेतिया, नरकटियागंज, कियूल, बक्सर, मोकामा, बख्तियारपुर, टाटानगर, झारसुगुड़ा और रांची में यह सुविधा शुरू हो गई है.

मील टाइप 1 में 20 रुपये में पूड़ी, सब्जी और अचार रहेगा.

यहां भी मिलेगी सस्‍ती थाली

साउथ सेंट्रल जोन में बिलासपुर, रायपुर और गोदियां में यात्री 20 रुपये में भोजन की थाली और 3 रुपये में पानी की बोतल इकॉनमी मील स्‍टॉल से ले सकते हैं. इसी तरह साउथ जोन के नौ स्‍टेशनों पर यह सेवा शुरू हो चुकी है. वेस्‍ट जोन के सतना, पिपरिया, नागपुर, पुणे, खंडवा राजकोट और सुरेंद्रनगर रेलवे स्‍टेशनों सहित 15 स्‍टेशनों पर सस्‍ती थाली मिल रही है.

भारतीय रेलवे ने अपने हर जोन के कुछ स्‍टेशनों पर ट्रायल के तौर पर ये स्‍टॉल लगाए हैं.

रेलवे के इकॉनमी मील में क्या-क्या मिलेगा?

मील टाइप 1 में 20 रुपये में पूड़ी, सब्जी और अचार रहेगा. मील टाइप 2 में स्नैक्स मील (350 ग्राम) मिलेगी, जिसकी कीमत 50 रुपये होगी. 50 रुपये के सेनैक्स मील में राजमा-चावल, खीचड़ी, कुल्छे-छोले, छोले-भटूरे, पावभाजी या मसाला डोसा कुछ भी ले सकते हैं. इसके अलावा यात्रियों के लिए 200 मिलीमीटर पैकेज्ड के सीलबंद ग्लास उपलब्ध रहेंगे, जिनकी कीमत 3 रुपये रखी गई है. रेलवे की इस सेवा का जनरल कोच में यात्रा करने वालों को बहुत फायदा होगा. सस्‍ते खाने के स्‍टॉल उस जगह पर लगेंगे जहां जनरल कोच का ठहराव होता है.

खुशखबरी! सोना हो गया खूब सस्ता, गहने खरीदने पर कम होगा खर्च- चेक करें लेटेस्ट रेट्स

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Gold Price Reduced : सोने के दाम में आज जोरदार गिरावट देखी जा रही है और ये सस्ते रेट पर मिल रहा है. इससे जुड़ी अच्छी बात ये है कि सोने के रिटेल दाम आज घट गए हैं जिसका फायदा सोने की खुदरा खरीदारी करने वालों को मिलेगा.

आज सोने के दाम में ये कटौती देखी जा रही है क्योंकि ग्लोबल डिमांड में कमी आई है और डॉलर के रेट में इजाफा देखा जा रहा है जिसका असर कीमती कमोडिटी के दाम पर देखा जा रहा है.

रिटेल बाजार में कितना सस्ता हुआ है सोना

आज कमोडिटी बाजार में सोना और चांदी के रेट में इजाफा देखा जा रहा है और ये हल्की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं. हालांकि रिटेल बाजार में सोना खूब सस्ता हो गया है और इसके घटे रेट के बाद आप सोने के गहने, सिक्के या गोल्ड बार आदि की खरीदारी में पैसा बचा सकते हैं.

आपके शहर में सोने के दाम जानिए

आज भारत के अलग-अलग शहरों में सोना 300 रुपये से लेकर 440 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हुआ है. इसके रेट अलग-अलग शहरों में कुछ भिन्न हैं और आपके शहर में सोना किस रेट पर मिल रहा है ये आप यहां जान सकते हैं.

देश के चार महानगरों में जाने सोने के दाम क्या हैं

दिल्लीः 24 कैरेट शुद्धता वाला सोना 310 रुपये की गिरावट के साथ 60590 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट पर है.

मुंबईः 24 कैरेट शुद्धता वाला सोना 310 रुपये की गिरावट के साथ 60440 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट पर है.

कोलकाताः 24 कैरेट शुद्धता वाला सोना 310 रुपये की गिरावट के साथ 60440 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट पर है.

चेन्नईः 24 कैरेट शुद्धता वाला सोना 440 रुपये की गिरावट के साथ 60760 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट पर है.

जानें आपके शहर में कैसे हैं सोने के दाम

अहमदाबादः सोना 310 रुपये की गिरावट के साथ 60490 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट पर है.

बंग्लुरूः सोना 310 रुपये की गिरावट के साथ 60440 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट पर है.

चंडीगढ़ः सोना 310 रुपये की गिरावट के साथ 60590 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट पर है.

हैदराबादः सोना 310 रुपये की गिरावट के साथ 60440 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट पर है.

लखनऊः सोना 310 रुपये की गिरावट के साथ 60590 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट पर है.

जयपुरः सोना 310 रुपये की गिरावट के साथ 60590 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट पर है.

पुणेः सोना 310 रुपये की गिरावट के साथ 60440 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट पर है.

पटनाः सोना 310 रुपये की गिरावट के साथ 60490 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट पर है.

सूरतः सोना 310 रुपये की गिरावट के साथ 60490 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट पर है.

विशाखापट्नमः सोना 310 रुपये की गिरावट के साथ 60440 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट पर है.

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर कैसे हैं सोने के दाम

एमसीएक्स पर सोना 8 रुपये की तेजी के साथ 59560 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट पर कारोबार कर रहा है. इसके नीचे में दाम 59473 रुपये तक गए थे और ऊपर में ये 59587 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट पर गया था. सोने के ये दाम इसके अगस्त वायदा के लिए हैं.

एमसीएक्स पर चांदी के दाम

एमसीएक्स पर चांदी के दाम 74 फीसदी की तेजी के साथ 0.10 फीसदी की मजबूती के बाद 75523 रुपये प्रति किलो पर हैं. चांदी के ये रेट नीचे में 75246 रुपये और ऊपर में 75545 रुपये प्रति किलो तक गए थे. चांदी के ये रेट इसके सितंबर वायदा के लिए हैं.

विपक्ष के मोर्चे ‘India’ में क्यों शामिल नहीं हुईं मायावती,बीएसपी कितने राज्यों में बिगाड़ सकती है खेल

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18 जुलाई का दिन देश के आगामी लोकसभा चुनाव के लिए बड़ा दिन था. बेंगलुरु में 26 विपक्षी पार्टियों ने India नाम के गठबंधन का एलान किया. इसका पूरा नाम इंडियन नेशनल डिवेलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस रखा गया है.

इसके थोड़ी देर बाद बीजेपी ने दिल्ली के अशोका होटल में लोकसभा चुनाव 2024 के लिए एनडीए गठबंधन की तस्वीर की झलक पेश की. विपक्ष के पास कुल 26 पार्टियों की ताकत है तो बीजेपी की बैठक में 38 पार्टियां शामिल थीं.

एनडीए के साथ लगभग सभी छोटी क्षेत्रीय पार्टियां थीं. गणित के हिसाब से कुल 66 पार्टियों ने अपना रुख साफ किया कि आने वाले चुनाव में इंडिया के साथ चुनाव लड़ेंगी या एनडीए के साथ. लेकिन कुछ बड़ी पार्टियां दोनों ही खेमों से दूर रही हैं.

विपक्षी गठबंधन इंडिया से दूर रहने वाली पार्टी में मायावती की बीएसपी का नाम भी शामिल है. सवाल ये है कि मायावती ‘इंडिया’ से दूरी क्यों बना ली है, क्या उनका इरादा बीजेपी के साथ जाने का है, या फिर अकेले चुनाव लड़कर नुकसान पहुंचाना चाहती हैं लेकिन किसे?

बीजेपी के बचाव में मायावती, इशारा क्या?

बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने इस बार विपक्ष की बैठकों से खुद को दूर रखा. मायावती ने साफ कहा है कि वो इस गठबंधन का हिस्सा नहीं होंगी इसके साथ ही लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान कर दिया है.

भले ही मायावती विपक्ष से दूरी बनाते हुए लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने की बात कर रही हैं लेकिन वो खुलकर केंद्र सरकार के बचाव में भी आई हैं. इससे पहले भी 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद कई मुद्दों पर उन्होंने सरकार का समर्थन किया है.

वरिष्ठ पत्रकार ओम प्रकाश अश्क ने एबीपी न्यूज को बताया कि अब तक ये साफ नहीं है कि मायावती बीजेपी के साथ जाएंगी. ये जरूर साफ है कि वो विपक्षी गठबंधन के साथ नहीं हैं. मायावती का किसी भी दल में शामिल न होना दोनों ही दलों का नुकसान कराएगा.

अश्क ने का कहना है कि दोनों ही दलों में एक बहुत बड़ी कमी ये है कि उनके साथ गठबंधन में ज्यादातर ऐसी पार्टियां हैं जिनका कोई भी जनाधार नहीं है. लोकसभा में उनके एक भी सदस्य नहीं हैं. इन गठबंधनों का साफ मतलब यही है कि छोटे- छोटे क्षेत्रों में एक -दो प्रतिशत वोट को भी अपने पाले में लाया जाए. लेकिन ये प्रयोग फेल है क्योंकि जिन पार्टियों का वोट शेयर हैं वो मोटे तौर पर दोनों ही दलों में नहीं हैं. इसका उदाहरण मायावती की पार्टी बीएसपी है.

अश्क ने कहा कि विपक्षी गठबंधन ने मायावती, जगन मोहन रेड्डी, चन्द्रबाबू नायडु को छोड़ कर पहली और सबसे बड़ी गलती की है. ये सभी ऐसे नेता रहे हैं जिन्होंने अपने-अपने राज्यों की शासन किया है. इनका प्रभाव विपक्षी गठबंधन के साथ नहीं जुड़ने पर पूरे विपक्ष को नुकसान पहुंचाएगा.

अश्क ने कहा कि विपक्ष को सबसे ज्यादा नुकसान यूपी में होगा. मायावती दलितों की नेता हैं. जितना प्रभाव उनका यूपी के दलितों में है. बीएसपी का वोट प्रतिशत यूपी में 13 फीसदी के करीब है. बीजेपी जब एक-एक प्रतिशत वोट बैंक वाली पार्टियों को अपने पाले में ला रही है तो 10 फीसदी ज्यादा वोटबैंक रखने वाली बीएसपी को विपक्ष दलों का गठबंधन पीछे कैसे छोड़ सकता है.

क्या बीजेपी के साथ जा सकती हैं मायावती

वरिष्ठ पत्रकार ओम सैनी ने एबीपी न्यूज को बताया कि मायावती यूपी में एनडीए के साथ सरकार चला चुकी हैं. इसलिए ये मान के चलना चाहिए कि मायावती का मन एनडीए से मिल सकता है. मायावती ये जरूर सोच सकती हैं कि जब द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाया जा सकता है तो उन्हें क्यों नहीं. मायावती के साथ आने पर बीजेपी को भी फायदा होगा क्योंकि देश में कुल दलित आबादी 18 -20 प्रतिशत है. बीजेपी इन समुदायों को साधना चाहेगी.

एक तरफ जहां कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने ये मांग की थी कि नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से कराया जाए. बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने नए संसद भवन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कराए जाने का समर्थन किया था.

उन्होंने कहा कि संसद की नई इमारत का निर्माण सरकार ने कराया है, इसलिए प्रधानमंत्री को इसका उद्घाटन भी कराने का पूरा अधिकार है . मायावती ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से नए संसद भवन के उद्घाटन की मांग से भी असहमति जताई. बीएसपी सुप्रीमो मायावती विपक्ष से दूरी बनाते हुए खुलकर केंद्र सरकार के बचाव में आ गईं हैं. सैनी ने कहा कि निश्चित ही दोनोे ही अपना फायदा अभी से देख रहे हैं.

क्या मायावती के लिए ये फ़ायदे की राजनीति साबित होगी

मायावती ने तीन बार बीजेपी के समर्थन में अपनी सरकार बनाई है. साल 1995, 1997 और 2002 में बीजेपी के समर्थन में उनकी सरकार बनी, हालांकि तीनों बार उनकी सरकार को गिराने का काम भी बीजेपी ने ही किया. इस दौरान बीएसपी ने कई हिंदी भाषी राज्यों में भी आंशिक कामयाबी दर्ज की. नए सामाजिक समीकरण साधते हुए 2007 के विधानसभा चुनाव में बीएसपी ने पहली बार पूर्ण बहुमत हासिल कर सरकार बनाई जो पूरे पांच साल चली. 2007 के बाद बीएसपी का जनाधार लगातार सिकुड़ता गया. 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्हें महज एक ही सीट मिली. बीएसपी ने दलित और अति पिछड़ी जातियों का जो वोट बैक कांग्रेस से छीना था, उसका भी बहुत बड़ा हिस्सा अब बीजेपी के पास है.

मायावती के हाल के कई बयानों से भी बहुत कुछ ज़ाहिर होता है. मायावती अब राजनीतिक नारों से भी पीछा छुड़ाती दिख रही हैं. कभी इन्हीं नारों के सहारे वे उत्तर भारत में दलितों और अति पिछड़े वर्गों यानी बहुजन समाज की शीर्ष नेता बनी थीं.

वरिष्ठ पत्रकार ओम प्रकाश अश्क ने एबीपी न्यूज को बताया कि बीजेपी के साथ गठबंधन करना मायावती के लिए कोई नई बात नहीं होगी. जिस तरह से वो पुराने नारे से खुद को बचा रही हैं वो इस बात की तरफ एक इशारा हो सकता है.

मायावती की सियासी ताकत, कर सकती है विपक्ष को कमजोर?

बीएसपी प्रमुख मायावती देश में दलितों की सबसे बड़ी नेता हैं, ये भी सच है कि लगातार उनका सियासी आधार सिमटता जा रहा है. मायावती ने 2019 के लोकसभा चुनाव यूपी में सपा के साथ मिलकर लड़ा था. बीएसपी ने देश भर में 351 कैंडिडेट उतारे थे, लेकिन यूपी में ही उन्हें जीत मिली थी. हालांकि, एक समय बीएसपी यूपी से बाहर हरियाणा, पंजाब और एमपी में जीत दर्ज करती रही है.

बीएसपी के दलित वोटबैंक का बड़ा हिस्सा छिटक कर कुछ बीजेपी के साथ तो कुछ दूसरी पार्टियों के साथ चला गया है. यूपी में मायावती के पास अब भी 13 फीसदी के करीब वोट हैं. दूसरे राज्यों में भी दलित समुदाय के बीच उनका सियासी आधार है. बीएसपी के पास अभी 10 लोकसभा सांसद भी हैं.

क्या 2024 की इन सीटों पर बीएसपी की वजह से होगा विपक्ष को नुकसान

वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में मायावती के नेतृत्व वाली बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) 80 सीटों वाली उत्तर प्रदेश लोकसभा सीट में से 10 सीटों पर जीत हासिल की थी. इन 10 सीटों में अम्बेडकर नगर, अमरोहा, बिजनौर, गाजीपुर, घोषी, जौनपुर, लालगंज, नगीना, सहारनपुर, और श्रावस्ती शामिल हैं. चुनाव आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश में बीएसपी का कुल वोट शेयर 12. 77 प्रतिशत है. यूपी के अलावा इससे सटे राज्यों बिहार, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़, राजस्थान, में भी बीएसपी का कुछ इलाकों में मतदाताओं पर प्रभाव है.

चुनाव आयोग की रिपोर्ट उत्तराखंड में बीएसपी का कुल वोट शेयर 4. 70 प्रतिशत है. पंजाब में 1.88 प्रतिशत है.

वहीं हरियाणा में 2019 के चुनाव से पहले इनेलो और बीएसपी के बीच गठजोड़ रहा. इनेलो को बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ने के बाद ही मान्यता प्राप्त दल का दर्जा प्राप्त हुआ था. फरवरी 1998 में 12वीं लोकसभा के लिए हुए चुनाव में हरियाणा में इनेलो को चार और बीएसपी को एक सीट मिली थी.

ओम प्रकाश अश्क ने कहा कि जहां पर भी बीएसपी का वोट शेयर है अगर चुनावों से पहले सुप्रीमो के स्तर पर कोई फरमान जारी होता है तो उनके समर्थक उसे मानेंगे. मध्य प्रदेश या बिहार में भले ही मायावती का शासन नहीं रहा है लेकिन उनका एक समर्थक तबका है, मायावती के उम्मीदवार बिहार में भी जीतते रहे हैं. इस स्थिति में एनडीए या विपक्ष को मायावती को अपने साथ लाना चाहिए. मायावती जिसके खिलाफ गईं, नुकसान जरूर पहुंचाएंगी.

Priyanka Gandhi in Gwalior: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने आज ग्वालियर में आयोजित जनाक्रोश रैली को संबोधित किया

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Madhya Pradesh Elections 2023: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने आज ग्वालियर में आयोजित जनाक्रोश रैली को संबोधित किया.

उन्होंने अपने भाषण की शुरूआच स्थानीय भाषा में की. उन्होंने कहा भारतीय राजनीति की लड़ाई सत्य की लड़ाई है.इस दौरान उन्होंने महंगाई,बेरोजगारी, घोटालों और पटवारी भर्ती में कथित धांधली का मुद्दा उठाया.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जिस उद्योगपति को सारी संपत्ति सौंप दी है, वह एक दिन में 16 सौ करोड़ रुपये कमा रहा है. वहीं हमारा किसान एक दिन में 27 रुपये भी नहीं कमा पा रहा है.

प्रियंका टू सीएम शिवराज

प्रियंका गांधी ने कहा कि मैं अपने भाषण में 10 मिनट पीएम की आलोचना कर सकती हूं. मैं 10 मिनट शिवराज जी की आलोचना कर सकती हूं. मैं 10 मिनट सिंधिया पर बोल सकती हूं. लेकिन मैं यहां आपकी समस्याओं की बात करने आई हूं. मैं महंगाई की बात करने आई हूं. उन्होंने कहा कि आज जीवन पर बोझ बन गई है, महंगाई. उन्होंने कहा कि महंगाई का बोझ महिलाएं उठा रही है. ऐसे समय में मैं लोगों की आलोचना करना उचित नहीं लगता है. नेताओं को चुनाव में जनता के मुद्दे पर बात करनी होगी. उसे बताना होगा कि महंगाई क्यों है, बेरोजगारी है क्यों हैं.

कांग्रेस की सरकार बनने पर क्या-क्या होगा

रैली के दौरान प्रियंका गांधी ने उन वादों को दोहराया जिन्हें सरकार बनने के बाद कांग्रेस पूरा करेगी.उन्होंने कहा कि हमारी जिन राज्यों में सरकारें हैं, वहां पुरानी पेंशन योजना लागू की गई है, मध्य प्रदेश में भी सरकार बनने पर पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करेंगे. महिलाओं के बैंक खाते मे 15 सौ रुपये हर महीने डाले जाएंगे.रसोई गैस का सिलेंडर 500 रुपये में दिया जाएगा, 100 यूनिट बिजली मुफ्त मिलेगी और 200 यूनिट बिजली आधे दाम पर मिलेगी. इसके अलावा किसानों के कर्ज माफी का काम पूरा किया जाएगा. इसके अलावा प्रियंका ने कमलनाथ से कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर दिव्यांगों को मिलने वाली पेंशन को बढ़ाएं.

निशाने पर ज्योतिरादित्य सिंधिया

प्रियंका गांधी ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ ग्वालियर में हुंकार भरी. ग्वालियर में कांग्रेस ने सीधे-सीधे सिंधिया परिवार को टारगेट किया है. ग्वालियर में लगे कांग्रेस के पोस्टर में लिखा है,’वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई लड़ी थी गोरों से, प्रियंका दीदी अब लड़ना है चोरों से.’

इससे पहले कमलनाथ ने कहा कि बीजेपी की सरकार ने मध्य प्रदेश को झूठ की राजधानी बना दिया है, नौजवानों को झूठ बोला, आदिवासियों को झूठ बोला, मां नर्मदा को झूठ बोला, हमारे आदिवासियों को झूठ बोला. मैं पूछना चाहता हूं कि किसको इन्होंने झूठ नहीं बोला. शिवराज सिंह झूठ की मशीन हैं, घोषणाओं की मशीन हैं, घोटालों की मशीन हैं. चुनाव में चार महीने बचे हैं ये मशीन अब डबल स्पीड से चल रही है. उन्होंने कहा कि यह चुनाव मध्य प्रदेश का भविष्य तय करेंगा.

छत्तीसगढ़ में फिर से ED की रेड, कांग्रेस नेता और IAS अफसरों के घर में चल रही कार्रवाई

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Chhattisgarh ED Raid: छत्तीसगढ़ में एक बार फिर से ईडी ने दबिश दी है. राजधानी रायपुर में कांग्रेस के बड़े नेता और प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के घर ईडी की टीम पहुंची है.

इसके अलावा, रायपुर में आईएएस रानू साहू के घर भी ईडी की टीम पहुंची है. इसके बाद एक बार फिर छत्तीसगढ़ में हड़कंप मच गया है. रायपुर के अलावा कोरबा में भी ईडी की टीम पहुंची है.हालाकि ईडी किस मामले में ईडी रेड करने पहुंची है. ये अबतक इसकी जानकारी नहीं लगी है.

कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल और आईएएस रानू साहू के घर रेड
दरअसल शुक्रवार सुबह करीब 5 से 6 बजे के बीच ईडी की टीम प्राइवेट टैक्सी से अलग अलग जगहों में एक साथ पहुंची. राजधानी रायपुर में ऑफिसर्स कॉलोनी में आईएएस रानू साहू के घर ईडी के अफसर सुरक्षा बल के साथ पहुंचे है. इसके बाद रायपुर के अनुपम नगर में कांग्रेस के नेता और राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष राम गोपाल अग्रवाल के यहां ईडी की बड़ी टीम पहुंची है. जहां बड़ी संख्या में सीआरपीएफ के जवान घर के अंदर पहरा दे रहे है. घर के मेन गेट में ताला लगा दिया गया है. लोगों को आने जान नहीं दिया जा रहा है. हालही दोपहर के वक्त कुछ ईडी के अफसर घर के बाहर सीआरपीएफ के जवानों से बातचीत करते हुए दिखा.

छत्तीसगढ़ में आयकर के साथ ईडी की कार्रवाई
इसके अलावा कोरबा जिले में नगर निगम के आयुक्त प्रभार पांडे के घर भी आज एक टीम पहुंची थी. वहां भी घर के बाहर सुरक्षा बल दिखाई दे रहे हैं. खबर लिखे जाने तक छत्तीसगढ़ के 2 जिलों में 2 बड़े अधिकारियों के घर और एक कांग्रेस के नेता के यहां ईडी की कार्रवाई चल रही है.हालाकि ये भी कहा जा रहा है कि रायपुर – कोरबा के अलग कई और जिले में भी ईडी की टीम पहुंची है. वहीं अपको ये भी बता दें कि छत्तीसगढ़ बीते मंगलवार से आयकर विभाग की भी कार्रवाई चल रही है. रायपुर में नागरिक आपूर्ति निगम के एमडी मनोज सोनी और धमतरी,महासमुंद, बिलासपुर और दुर्ग जिलों में कई राइस मिलर्स के यहां आयकर विभाग ने कार्रवाई की है.

छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ के कोयला घोटाले से शुरू हुई है ईडी की कार्रवाई
आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ में चुनावी साल में सेंट्रल एजेंसियों की तरफ से लगातार कार्रवाई की जा रही है. पिछले साल अक्टूबर महीने में ईडी ने बड़ी करवाई की थी. इसके अनुसार कोयला ट्रांसप्रटिंग मामले में 500 करोड़ रुपए गड़बड़ी का खुलासा करते है. कई बड़े अफसरों का नाम सामने आया. इसमें सस्पेंड आईएएस समीर विश्नोई, मुख्यमंत्री सचिवालय में पदस्थ अफसर सौम्या चौरसिया, कोयला कारोबारी सूर्यकांत तिवारी, सुनील अग्रवाल और लक्ष्मीकांत तिवारी सहित 9 अभयुक्तों को ईडी ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

ईडी ने शराब में 2 हजार करोड़ रुपये के घोटाले का दावा किया
इसके बाद चुनावी साल यानी 2023 की शुरुआत होने के साथ ईडी ने शराब में 2 हजार करोड़ रुपए के घोटाले का खुलासा किया. इस मामले में ईडी ने कांग्रेस की महापौर ऐजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर को गिरफ्तार किया. इसके साथ अफसर एपी त्रिपाठी, नितेश पुरोहित, त्रिलोक सिंह ढिल्लों को गिरफ्तार का जेल भेज दिया है. वहीं ईडी ने कतिथ शराब घोटाले में 180 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच कर दिया है. इसमें आईएएस अनिल टुटेजा सहित 14 लोगों के नाम शामिल है.हालाकि ईडी के शराब घोटाले मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है.

Chhatishgarh : बारिश में जगह जगह जलजमाव

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News:  बीते चौबीस 24 घंटे में 2.6 इंच बारिश दर्ज की गई. शुक्रवार सुबह मौसम विभाग ने ये आंकड़ा जारी किया है. इसके मुताबिक, 66 मिलीमीटर पानी बरसा. इसमें सुबह की बारिश भी शामिल थी.

शुक्रवार अल सुबह हुई झमाझम बारिश ने शहर भर को तरबतर कर दिया. जगह जगह जलजमाव भी देखा गया. वहीं कलेक्टर ने भारी बारिश के कारण स्कूलों में अवकाश भी घोषित कर दिया.

हर चौराहे पर जलजमाव नजर आता और लोग बारिश के कारण हलकान होते हैं. बारिश लोगों को राहत कम आफत ज्यादा. शुक्रवार सुबह हुई भारी बारिश के कारण पश्चिमी औद्योगिक इलाकों में जलजमाव हुआ और सड़के जलमग्न हो गईं. लोगों को पैदल आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

आज स्कूलों में अवकाश, देरी से आया आदेश
बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो चुका है. झमाझम बारिश का दौर शुरू होगा ये ओरेंज अलर्ट मौसम विभाग पहले ही दे चुका था, लेकिन फिर भी जिला प्रशासन ने स्कूलों में अवकाश घोषित करने में देरी की. सुबह सात बजे के बाद जारी किए गए आदेश के कारण 80 फीसदी से ज्यादा बच्चे अपने स्कूलों में पहुंच चुके थे. इस बात को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा भी नजर आया. वहीं लोगों ने पूछा कि आखिर जब अवकाश घोषित करना ही था तो कल रात को अलर्ट मिलने के बाद या सुबह जल्दी ये अवकाश घोषित क्यों नही किया गया.

अब तक18 इंच बारिश
बता दें शुक्रवार अल सुबह हुई तेज बारिश के कारण चौबीस घंटे में बारिश का आंकड़ा ढाई इंच को भी पार कर गया. वहीं मौसम विभाग के मुताबिक, गुरुवार का अधिकतम तापमान 32.2 और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री दर्ज किया गया है. हवा की गति 18 किलोमीटर प्रति घंटे रही. अबतक 463 मिमी यानि 18 इंच से अधिक बारिश दर्ज की चुकी है. बारिश का औसत आंकड़ा 36 इंच के आसपास है.

Google । AI टूल, खबर लिखने में पत्रकारों की करेगा मदद।

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Genesis टूल करंट इवेंट्स की जानकारी निकालकर न्यूज कॉन्टेंट जनरेट करने का काम करता है। आइए जानते हैं इससे जुड़ी सभी डिटेल्स।

The New York Times की लेटेस्ट रिपोर्ट में जानकारी दी गई है कि Google जल्द ही Genesis कोडनेम वाला AI टूल लेकर आने वाला है। यह टूल पत्रकारों को खबरें लिखने में मदद करेगा। जैसे कि हमने बताया इस टूल का डेमोस्ट्रेशन The New York Times, The Washington Post और The Wall Street Journal पर दिया जा चुका है।

पर्सनल असिस्टेंट के तौर पर काम करेगा टूलरिपोर्ट के मुताबिक, इस डेमो से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि गूगल ने इस टूल को जर्नलिस्ट्स के लिए पर्सनल असिस्टेंट के तौर पर पेश किया है। यह टूल ऑटोमेटिकली कई टास्क अपने आप पूरे कर लेगा, ताकी जर्नलिस्ट अन्य जरूरी कामों में ज्यादा समय दे सकें।खबरों की विश्वसनीयता पर उठ सकता है सवालहालांकि, जहां गूगल इस टूल को पत्रकारों के लिए मदद करने के लिए पेश कर रहा है, वहीं कुछ लोगों का दावा है कि यह टूल आगे चलकर काफी परेशानियां पैदा कर सकता है। इस तरह के टूल के जरिए न्यूज आर्टिकल जनरेट करने पर तथ्यों से जुड़ी समस्या सामने आ सकती है और खबरों पर कई तरह के सवाल खड़े हो सकते है -गूगल प्रवक्ता ने इस टूल को लेकर कहा कि इस टूल का उद्देश्य केवल पत्रकारों के काम को आसान बनाना है। यह टूल पत्रकारों की जगह लेने के लिए नहीं बनाया गया है और न ही यह पत्रकारों की जगह ले सकता। इवेंट की रिपोर्टिंग, आर्टिकल क्रिएट करना और तथ्यों की जांच करने जैसे काम पत्रकारों तक ही सीमित है। यह टूल पत्रकारों को केवल राइटिंग स्टाइल देने में मदद करेगा। इसके अलावा, यह टूल पत्रकारों को खबरों के लिए हेडलाइन भी सजेस्ट करेगा।

Monsoon Updates: महाराष्ट्र और हिमाचल सहित 9 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें मॉनसून का ताजा हाल

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Monsoon and Weather Updates 21 July: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने उत्तराखंड, हिमाचल-प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और ओडिशा समेत विभिन्न राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी देते हुए अलर्ट जारी किया है।

मुंबई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। आपको बता दें कि यहां गुरुवार को भारी बारिश के कारण ट्रैफिक जाम हो गया। सेंट्रल और हार्बर लाइनों पर लोकल ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित हुईं। आईएमडी ने आज के लिए उपनगरों और रत्नागिरी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

मॉनसून का ताजा हाल:

>> 21 जुलाई को ठाणे, रायगढ़, पुणे और पालघर के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
>> आईएमडी ने उत्तराखंड के लिए 22 जुलाई को येलो अलर्ट और 21 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
>> मौसम एजेंसी ने कहा कि 20 जुलाई को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
>> 21 जुलाई को उधम सिंह नगर और हरिद्वार को छोड़कर उत्तराखंड के सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
>> हिमाचल प्रदेश में 22 जुलाई तक येलो अलर्ट जारी किया गया है। कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
>> आईएमडी ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लिए भी 22 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
>> मौसम विभाग ने कहा, “22 जुलाई को मध्य प्रदेश औप 18-22 जुलाई के दौरान छत्तीसगढ़ में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।”
>> मौसम कार्यालय ने अगले पांच दिनों के दौरान महाराष्ट्र में और अगले तीन दिनों के दौरान गुजरात में भारी से बहुत भारी वर्षा की भविष्यवाणी की है।
>> दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में 22 जुलाई तक भारी बारिश होने की संभावना है।
>> आईएमडी ने केरल के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट और कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
>> भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए तेलंगाना सरकार ने गुरुवार और शुक्रवार को शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी की घोषणा की है।
>> मंचेरियल, कामारेड्डी, मेडक, संगारेड्डी, कोमाराम भीम, यदाद्री भुवनगिरि, निज़ामाबाद, जगित्याल, राजन्ना सिरसिल्ला, करीमनगर, पेद्दापल्ली, जयशंकर भूपालपल्ली, मुलुगु, भद्राद्री कोठागुडेम और सिद्दीपेट सहित कई जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

मोदी सरनेम केस में अब 4 अगस्त को सुनवाई, SC ने राहुल गांधी की याचिका पर गुजरात सरकार को भेजा नोटिस

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सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली कांग्रेस नेता राहुल गांधी की याचिका पर गुजरात सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने 10 दिनों में जवाब देने के लिए भी कहा है।

इस मामले में अब चार अगस्त को अगली सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता पूर्णेश मोदी को भी नोटिस जारी किया है।

हाईकोर्ट ने आपराधिक मानहानि मामले में उनकी सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। सूरत की अदालत ने ‘मोदी सरनेम’ पर विवादित टिप्पणी के लिए उन्हें दो साल जेल की सजा सुनाई थी।

आपको बता दें कि राहुल गांधी ने गुजरात हाईकोर्ट के सात जुलाई के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें कि कोर्ट ने दोषसिद्धि (दो साल की सजा) पर रोक लगाए जाने का अनुरोध करने वाली उनकी याचिका खारिज कर दी थी। राहुल गांधी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट से याचिका को 21 जुलाई या 24 जुलाई को सूचीबद्ध किए जाने का अनुरोध किया था।

राहुल गांधी ने अपनी याचिका में कहा कि यदि हाईकोर्ट के फैसले पर रोक नहीं लगाई गई तो यह लोकतांत्रिक संस्थानों को व्यवस्थित तरीके से, बार-बार कमजोर करेगा और इसके परिणामस्वरूप लोकतंत्र का दम घुट जाएगा, जो भारत के राजनीतिक माहौल और भविष्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक होगा। उनकी याचिका में कहा गया, अत्यंत सम्मानपूर्वक यह दलील दी जाती है कि यदि विवादित फैसले पर रोक नहीं लगाई गई, तो इससे स्वतंत्र भाषण, स्वतंत्र अभिव्यक्ति, स्वतंत्र विचार और स्वतंत्र बयान का दम घुट जाएगा।

Petrol-Diesel Rates: आपके शहर में क्या है ताजा रेट पेट्रोल-डीजल के नए रेट्स

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ऑयल कंपनियों ने आज के लिए पेट्रोल-डीजल के नए रेट्स जारी कर दिए. हालांकि, कीमतों में कुछ बदलाव नहीं हुआ है. कई जगहों पर पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं. वहीं, इंटरनेशनल मार्केट में भी क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल आने से कच्चे तेल के दाम बढ़ बढ़कर 80 डॉलर बैरल के करीब पहुंच गए हैं.डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमत गिरकर 75.63 डॉलर बैरल और ब्रेंट क्रूड ऑयल 79.70 डॉलर बैरल के करीब पहुंच गए हैं.अब आइए आपको बताते हैं आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के दाम कितने हैं. साथ ही इस खबर में यह भी बताएंगे कि आप कैसे आज का रेट घर से बाहर निकले बिना जान सकते हैं.